Posted by Kuldeep Singh
Haryana
21-06-2019 10:33 AM
Kuldeep ji aap gende ki kisam jaise African Marigold, French Marigold, Pusa Basanti Gainda ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ
Punjab
21-06-2019 10:28 AM
tuci iss nu Ifer-h injection 5ml lgwane suru kro baki isdi ghath wali jgah te Iodex di malish krni suru kro. iss nal farak paa jawega.
Posted by SHARIF PATHAN
Madhya Pradesh
21-06-2019 10:21 AM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by Devin Rock
Madhya Pradesh
21-06-2019 10:13 AM
जरसी गाय 18—20 लीटर दूध वाली आपको लगभग 40—50 हज़ार तक मिल जाएगी
Posted by Rajkumar
Uttar Pradesh
21-06-2019 09:50 AM
Rajkumar ji Papaya seeds lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Beeru Singh
Punjab
21-06-2019 09:48 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin advance bolus ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਣਗੀਆਂ, ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਨਾ ਆਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by Nitish Darshan
Bihar
21-06-2019 09:46 AM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है

Posted by ratan singh
Rajasthan
21-06-2019 09:41 AM
ਰਤਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਦੇ ਉਪਰ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂ.... (Read More)
ਰਤਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਦੇ ਉਪਰ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
• ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ
• ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ
• ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ

Posted by lali Bachhal
Haryana
21-06-2019 09:34 AM
lali ji kirpa karke daso ke tuc isnu khaad de taur te ki kuch paya hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by kailashverma
Madhya Pradesh
21-06-2019 09:30 AM
मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है

Posted by Ravi
Madhya Pradesh
21-06-2019 08:56 AM
जी आप यदि इस काम को करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें क्योंकि ट्रेनिंग से इस काम के बारे में पूरी जानकारी मिलती है और इस काम को करने की सही समझ आती है , यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंग.... (Read More)
जी आप यदि इस काम को करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें क्योंकि ट्रेनिंग से इस काम के बारे में पूरी जानकारी मिलती है और इस काम को करने की सही समझ आती है , यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by ??????? ???? ?????
Punjab
21-06-2019 08:56 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡੋਗਰ ਪੂਸਾ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਜੂਨ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਤਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by bablu jangid
Rajasthan
21-06-2019 08:36 AM
bablu jangid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
bablu jangid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258.
Posted by Radhey Verma
Haryana
21-06-2019 08:29 AM
पशु को साइलेज 2-4 किलो तक दे सकते है, हरा चारा 30-35 किलो रोज़ाना दें, बाकि बच्चों को आप 1/2 किलो तक रोज़ दें सकते हैं, बच्चों को 6 महीने होने के बाद देना शुरू करें , साइलेज के साथ पशु की ग्रोथ बढ़िया होती है, और फीड देने से पशु के दूध में फायदा होता है, फीड आप 3 किलो दूध पर 1 किलो के हिसाब से दें सकते हैं

Posted by vinod yadav
Uttar Pradesh
21-06-2019 08:04 AM
विनोद जी कृपया आप बताये के अरबी में कोनसे कीट का हमला है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by sodhi
Punjab
21-06-2019 08:02 AM
Sodhi Sahb ਸਲਫਰ ਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਦਾ ਕੋਈ ਸੁਮੇਲ ਨਹੀਂ
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਸਲਫਰ ਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਪਾਓ ਜੀ
Posted by Sunil Yogi
Rajasthan
21-06-2019 08:02 AM
सुनील जी आप नींबू किन्नू, थाई एप्पल बेर, ड्रैगन फ्रूट की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप मोरिंगा की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Singhthakur Thakur
Madhya Pradesh
21-06-2019 07:54 AM
सिंह जी इसके ऊपर कीट का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
21-06-2019 07:54 AM
Yadi apki gaye heat mai aayi hai to app uski bachedani mai Lixin-iu dwai 2 din lagatr bhrwayen, iske sath app agrimin powder 50gm rojana aur Concimax bolus rojana 1 goli den aur 14 din tak dete rehen fir agli varr heat mai aane per usko tika bhrwa ke yeh golia 14 din tak aur dete rehen, isse woh gabhin ho jayegi.

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
21-06-2019 07:46 AM
Mycorrhiza ik jaivik khaad hai eh fasl de vadhe de layi istemal kiti jandi ai isdi matra ik acre de layi 4 killo da istemal kita janda hai.zinc tuc urea de nal rla ke khet vich pa sakde ho.dhanwad
Posted by RAVNEET SINGH
Punjab
21-06-2019 07:45 AM
ravneet ji isdi paniri nu june mahine vich beej sakde ho ate isnu mukh khet vich tuc july vich la sakde ho.dhanwad
Posted by Zakir Hasan
Uttar Pradesh
21-06-2019 07:37 AM
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली हो.... (Read More)
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली होनी शुरू हो जाती है

Posted by jagdeep kumar
Punjab
21-06-2019 07:32 AM
ਸੰਦ ਗਰੁੱਪ ਲਈ ਤਹਾਨੂੰ ਅੱਠ ਮੈਂਬਰ ਤਿਆਰ ਕਰਨੇ ਹੋਣਗੇ ਜਿਹਨਾਂ ਚ 4 ਜਨਰਲ,2 sc,2 ladies gen,
ਮੈਂਬਰ ਬਣਾਉਣੇ ਪੈਣਗੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨਹੀਂ ਕਿ sc ਕੋਲ ਜ਼ਮੀਨ ਹੀ ਹੋਵੇ ਤਹਾਨੂੰ ਤੁਹਾਡੇ ਬਲਾਕ ਦੇ ADO ਕੋਲ ਦਰਖ਼ਾਸਤ ਜਮਾਂ ਕਰਵਾਉਣੀ ਪਵੇਗੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਗਲੇਰੀ ਕਾਰਵਾਈ ਸੰਬੰਧਤ ਦਫਤਰ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by Surjit Warraich
Punjab
21-06-2019 07:15 AM
surjit ji is boote nu tuc 1.5 killo vermicompost pao ate 5-7 dina de antral te sinchai karo.isde nal boote di growth hona shuru ho jayegi.dhanwad

Posted by Raj Goutam
Uttar Pradesh
21-06-2019 07:13 AM
शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए .... (Read More)
शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें
Posted by Gurmeet Sidhu
Punjab
21-06-2019 06:43 AM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਮੇਰੇ ਨਾਲ Hardeep Singh (9781589637) ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ .

Posted by Md.Noor
Uttar Pradesh
21-06-2019 06:17 AM
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनो.... (Read More)
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है.

Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
21-06-2019 06:16 AM
ਅਮਰਬੀਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਪੂਰੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by मौ0 आसिफ
Uttar Pradesh
21-06-2019 05:57 AM
आप उसे Metra liquid 100ml और Anabolite liquid 100ml रोजाना दें बाकि आप 250 ग्राम गुड, 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम सूखे आंवले, 50 ग्राम अज्वैण और 50 ग्राम हल्दी रोजाना उबाल कर फिर ठंडा करके 5 दिन दें इससे दूध बढ़ेगा और सफाई होगी

Posted by kuldeep singh
Punjab
21-06-2019 05:47 AM
kuldeep ji kirpa karke bhindi di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.tuhade valo bheji gayi photo flower di hai.dhanwad
Posted by Sukhwinder Cheema
Punjab
21-06-2019 05:46 AM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by baljinder singh
Punjab
21-06-2019 04:57 AM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਲੇਬਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਜਾ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by deepak
Rajasthan
21-06-2019 01:45 AM
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनो.... (Read More)
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है,

Posted by Gopal Maru
Madhya Pradesh
21-06-2019 12:55 AM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने मे.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके मैदानी क्षेत्रों में सोयाबीन की बिजाई का उपयुक्त समय 20 जून से 10 जुलाई का है मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर बीज को बोया जाना चाहिए बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नमी की उचित मात्रा में, बीज को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें बारानी फसल होने के कारण इसे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की स्थिति के आधार पर सिंचाई का उपयोग करें फली बनने के समय सिंचाई आवश्यक है इस समय पानी की कमी उपज को काफी प्रभावित करती है
Posted by ramlal
Rajasthan
21-06-2019 12:46 AM
रामलाल जी यह फंगस के कारण होती है इसके लिए आप carbendazim @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by jugraj singh
Punjab
21-06-2019 12:10 AM
PR 122: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 147 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾਣੇ ਬਹੁਤ ਲੰਮੇ, ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚਾਵਲਾਂ ਨੂੰ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁਣਵੱਤਾ ਕਮਾਲ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
20-06-2019 11:43 PM
पौध को खेत में बीजने के 2-3 दिन बाद 1000 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें Bayer regent एक कीटनाशक है जो धान में पत्ता लपेट, तना शेदक, तेला और चेपा की रोकथाम करती है
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
20-06-2019 11:39 PM
ਪਿੰਡ ਲੈਵਲ ਤੇ ਕੁਨੈਕਸ਼ਨ ਮੁੱਲ ਲੈ ਕੇ ਮਾਲਕ ਵੱਲੋਂ ਅਸ਼ਟਾਮ ਤੇ ਲਿਖਵਾ ਲਓ ਤੇ ਆਪਣੇ ਜੇ.ਈ ਸਾਹਬ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ
Posted by yashpal kandhol
Haryana
20-06-2019 11:05 PM
Yashpal ji aap potash ko kaddu karte same daal sakte hai aur SSP aur zinc ko 18 din ke bad daal sakte hai.dhanywad

Posted by ROHIT
Haryana
20-06-2019 10:45 PM
rohit ji aap ise 4-5 killo vermicompost daale is se paudhe ki growth hona shuru ho jayegi.dhanywad

Posted by Prabh Saini
Punjab
20-06-2019 10:35 PM
ਸੁਹਾਂਜਣਾ ਦਾ ਵਿਗਿਆਨਿਕ ਨਾਮ moringa oleifera ਅਤੇ ਅੰਗਰੇਜੀ ਵਿੱਚ drum stick ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਦੱਖਣ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਤੋ ਬਣੀ ਹੋਈ ਚਾਹ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿਚ moringa tea ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਜਾਣੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਜੜ੍ਹਾਂ ਪੱਤੇ ਫਲੀਆਂ ਸਭ ਕੁਝ ਵਰਤੋਂ ਵਿਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ
ਇਸ ਦੇ ਪੱਤਿਆ ਵਿਚ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੁੱਧ ਤੋਂ ਚਾਰ ਗੁਣਾਂ ਜਿਆਦਾ, ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੁੱਧ ਤੋ .... (Read More)
ਸੁਹਾਂਜਣਾ ਦਾ ਵਿਗਿਆਨਿਕ ਨਾਮ moringa oleifera ਅਤੇ ਅੰਗਰੇਜੀ ਵਿੱਚ drum stick ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਦੱਖਣ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਤੋ ਬਣੀ ਹੋਈ ਚਾਹ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿਚ moringa tea ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਜਾਣੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਜੜ੍ਹਾਂ ਪੱਤੇ ਫਲੀਆਂ ਸਭ ਕੁਝ ਵਰਤੋਂ ਵਿਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ
ਇਸ ਦੇ ਪੱਤਿਆ ਵਿਚ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੁੱਧ ਤੋਂ ਚਾਰ ਗੁਣਾਂ ਜਿਆਦਾ, ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੁੱਧ ਤੋ ਦੁਗਣਾ, ਵਿਟਾਮਿਨ ਸੀ ਸੰਤਰੇ ਤੋਂ ਸੱਤ ਗੁਣਾ ਜਿਆਦਾ, ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਕੇਲੇ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਗੁਣਾ ਜਿਆਦਾ ਅਤੇ ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਗਾਜਰ ਨਾਲੋ ਚਾਰ ਗੁਣਾ ਜਿਆਦਾ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਹਰੀਆਂ ਫਲੀਆਂ ਆਚਾਰ ਅਤੇ ਸਬਜੀ ਬਣਾਓਣ ਦੇ ਕੰਮ ਅਾੳੁਂਦੀਆ ਹਨ ਅਤੇ ਸੁੱਕੀਆਂ ਫਲੀਆਂ ਦਾ ਪਾਓੂਡਰ ਪਾਣੀ ਸੋਧਣ ਦੇ ਕੰਮ ਅਓਂਦਾ ਹੈ
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਵਿਚ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਇਹ ਦਰਖਤ ਹੁਣ ਅਲੋਪ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਕ ਖਾਸ ਗੁਣ ਜੋ ਇਸ ਨੂੰ ਦੂਜੇ ਦਰਖਤਾਂ ਤੋਂ ਵੱਖ ਕਰਦਾ ਹੈ ਓਹ ਇਹ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਰਖਤ ਦੇ ਨੇੜੇ ਲਾਉਣ ਨਾਲ ੲਿਹ ਉਸ ਦਰਖਤ ਦੇ ਵਾਧੇ ਨੂੰ ਦੁੱਗਣਾ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਕਿਓਂਕਿ ਕੁਦਰਤ ਨੇ ਇਸ ਨੂੰ ਹਵਾ ਵਿਚਲੀ ਨਾਈਟਰੋਜਨ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਬੰਨਣ ਦੀ ਤਾਕਤ ਬਖਸ਼ੀ ਹੈ

Posted by Abhiyant singh thakur
Madhya Pradesh
20-06-2019 10:32 PM
Hf cow jyada manti hai, woh itne temprature mai duudh kam kr jatti hai, app usko rkhh skte hai per usko garmi se bache kr he rakhen, usko gurr ka sarbat v jruur pilayen, baki iske ilawa app jersi, sahiwal nasal v rkh skte hai yehh HF se kam garmi manti hai.

Posted by gurwinder singh
Punjab
20-06-2019 10:31 PM
eh nutranta company da beej hai isde paudheya da kadd 240-250 cm hunda hai ate eh 5-6 ktayian de dinda hai. isde layi 15-20 killo beej prati acre de hisab nal lod paindi hai. ate isdi bijai may- augist tak kiti jandi hai.dhanwad

Posted by gurwinder singh
Punjab
20-06-2019 10:29 PM
eh nutranta company da beej hai isde paudheya da kadd 240-250 cm hunda hai ate eh 5-6 ktayian de dinda hai. isde layi 15-20 killo beej prati acre de hisab nal lod paindi hai. ate isdi bijai may- augist tak kiti jandi hai.dhanwad

Posted by कन्हैया लाल माली
Rajasthan
20-06-2019 10:29 PM
जी हां आप गाभिन पशुओं को गुड़ खिला सकते है इससे पशु में आयरन की कमी पूरी होती है

Posted by gurwinder singh
Punjab
20-06-2019 10:24 PM
eh nutranta company da beej hai isde paudheya da kadd 240-250 cm hunda hai ate eh 5-6 ktayian de dinda hai. isde layi 15-20 killo beej prati acre de hisab nal lod paindi hai. ate isdi bijai may- augist tak kiti jandi hai.dhanwad

Posted by gurmeet singh
Haryana
20-06-2019 10:07 PM
tuci Metricef-iu dwai nu 2 din lagatar bachedani vich bhrwao, baki uss nu tuci Agrmin powder 50gm rojana deo isde nal Concimax bolus rojana 1 goli deo ate 14 din tak dinde rho, iss nal infection v khtm howega ate ohh dubara heat vich v awegi fir heat vich aunn te uss nu tika bhrwa ke tuci ehh golia 14 din tak dinde rho, ehh Intas company da product hai, iss trah rehh jawegi.
Posted by Radhey Verma
Haryana
20-06-2019 10:07 PM
पशु को साइलेज 2-4 किलो तक दे सकते है, हरा चारा 30-35 किलो रोज़ाना दें, बाकि बच्चों को आप 1/2 किलो तक रोज़ दें सकते हैं, बच्चों को 6 महीने होने के बाद देना शुरू करें , साइलेज के साथ पशु की ग्रोथ बढ़िया होती है, और फीड देने से पशु के दूध में फायदा होता है, फीड आप 3 किलो दूध पर 1 किलो के हिसाब से दें सकते हैं
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