
Posted by Sanju
Haryana
23-06-2019 10:59 AM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, biofloc में हमे पानी रोटेट करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बिजली की हमे कोई ज़रूरत नहीं, हमे केवल फीडिंग करनी है, इस पर अभी कोई सब्सिडी नहीं है, यदि अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमे 87290 13311 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by Sanju
Haryana
23-06-2019 10:56 AM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, biofloc में हमे पानी रोटेट करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बिजली की हमे कोई ज़रूरत नहीं, हमे केवल फीडिंग करनी है, इस पर अभी कोई सब्सिडी नहीं है, यदि अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमे 87290 13311 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by Vishal Tiwari
Uttar Pradesh
23-06-2019 10:54 AM
विशाल जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Harman Maan
Punjab
23-06-2019 10:53 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Harman Maan
Punjab
23-06-2019 10:51 AM
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ .... (Read More)
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ

Posted by pranay pancholi
Gujarat
23-06-2019 10:46 AM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 july 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या स.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 july 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g

Posted by pranay pancholi
Gujarat
23-06-2019 10:43 AM
घर की छत पर बगीची
शहरों में जहां घर के अंदर कृषियोग्य जगह बिलकुल नहीं होती वहां सब्जियों की काश्त गमलों में, बक्सों में, पुराने डिब्बे और कटे हुए ड्रम या तरपाल के कंटेनर में की जा सकती है घर छत बगीची में उन सब्जियों को पहल देनी चाहिए जहां कि एक ही पौधे को अधिक फल लगते हों जैसे खीरा, टमाटर, बेंगन, मिर्च, शिमला मि.... (Read More)
घर की छत पर बगीची
शहरों में जहां घर के अंदर कृषियोग्य जगह बिलकुल नहीं होती वहां सब्जियों की काश्त गमलों में, बक्सों में, पुराने डिब्बे और कटे हुए ड्रम या तरपाल के कंटेनर में की जा सकती है घर छत बगीची में उन सब्जियों को पहल देनी चाहिए जहां कि एक ही पौधे को अधिक फल लगते हों जैसे खीरा, टमाटर, बेंगन, मिर्च, शिमला मिर्च आदि विदेशी सब्जियां जोकि सलाद के रूप में प्रयोग की जाती हैं जैसे ब्रॉक्ली, सलाद, चीनी बंद गोभी को पहल देनी चाहिए पत्तेदार सब्जियां जैसे पुदीना, धनिया, मेथी जिसके पत्ते खुशबू के लिए प्रयोग किये जाते हैं को भी उगाना चाहिए इलाके की अनुकूलता, परिवार की पसंद और समय अनुसार सब्जियों का चुनाव करके इनकी काश्त सफलतापूर्वक कंटेनरों में की जाती है
कंटेनर का चुनाव
12-14 इंच (30-35 सेंटीमीटर ) गहराई के कंटेनर सब्जी उगाने के लिए अनुकूल है पर इनका चुनाव सब्जी जड़ की गहराई के अनुसार करना चाहिए हर कंटेनर में एक स्वास्थ्य पौधा लगाना चाहिए प्याज, सलाद, धनिया, पुदीना आदि के कई पौधे एक कंटेनर में लगाए जा सकते हैं चप्पन कद्दू के 2 पौधे काओ पीज और भिंडी और फ्रांस बीन के 4-5 बीज एक कंटेनर में लगाए जा सकते हैं मूली,शलगम, चकुंदर, पालक, मेथी, धनिये के कई बीज कंटेनर में लगाए जा सकते हैं
देखभाल
कंटेनर में पौधे बहुत ध्यान और देखभाल मांगते हैं इनकी सिंचाई मौसम, सब्जी की किस्म और कंटेनर के अकार पर निर्भर करती है कंटेनर यदि छत पर रखें हैं तो गर्मियों में दिन में 2 बार (सुबह और शाम) सिंचाई करनी चाहिए सर्दियों में अधिकतर और गर्मियों में कम सिंचाई नुकसानदायक है बरसात ऋतु में पानी के निकास बहुत जरुरी है और कंटेनर को टेढ़ा करके अनावश्यक पानी निकाल देना चाहिए पौधे के बढ़िया विकास और उत्पादन के लिए 2 किलो गली सड़ी रूडी या आधा किलो केंचुए की खाद प्रति वर्ग मीटर रकबे के हिसाब से बिजाई के 3 हफ्ते या पनीरी लगाने के 2 हफ्ते बाद डालनी चाहिए थोड़ी थोड़ी मात्रा में देसी रूडी या केंचुए खाद का प्रयोग बढ़िया परिणाम देता है
बेल वाली सब्जियां और काओ पीज के पौधे को सहारे की जरुरत होती है नदीनों की रोकथाम के लिए हाथ के साथ गुड़ाई करते रहें यदि घनी बिजाई की है तो हाथ के साथ नदीन की पुटाई करते रहें
*बेल वाली सब्जियों के लिए 2 बीज/ पौधे एक कंटेनर (अकार 40-40 सेंटीमीटर गहरे और 60 सेंटीमीटर चौड़े हों) में दोनों किनारे पर लगाएं और हर कंटेनर को 2 मीटर की आपसी दूरी पर रख कर बेल को तारों पर चढ़ा दें

Posted by Gagan Deep Singh Sahota
Chandigarh
23-06-2019 10:29 AM
Posted by Ramavtar
Uttar Pradesh
23-06-2019 10:16 AM
Ramavtar ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanwad

Posted by kulwinder singh
Punjab
23-06-2019 10:16 AM
Hanji kulwinder ji tuci ovulenta kit di varto kr skde ho, iss nal pashu puri trah heat vich aa jnda hai, iss vich 2 nilia ate 1 white goli hundi hai, pehla 2 nilia golia kutt ke powder bnna ke roti vich deo fir 10 mint badd 1 white goli deo, ehh 5 din denn nal pashu heat vich aa jnda hai..

Posted by ਗੁਰਬਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
23-06-2019 10:04 AM
ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਲਈ ਰੂੜੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੀ ਹੋਵੇ ਜੀ ਨਹੀ ਤਾਂ ਗੰਡੋਏ ਮਰ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੀ
Posted by robin singh
Rajasthan
23-06-2019 09:50 AM
बरबरी नसल का बकरा एक साल में लगभग 4000—5000 तक खुराक खा जाता है और यदि उसकी अच्छी ग्रोथ हो तो यह 8000—10000 तक बेचा जा सकता है क्योंकि इसको मीट के भार के हिसाब से खरीदा जाता है बाकि बीटल नसल पर इससे ज्यादा खर्चा होता है क्योंकि इसमें उसकी ग्रोथ के साथ साथ उसकी अच्छी नसल का ज्यादा महत्व होता है इसलिए इसमें खर्च भी ज्यादा ह.... (Read More)
बरबरी नसल का बकरा एक साल में लगभग 4000—5000 तक खुराक खा जाता है और यदि उसकी अच्छी ग्रोथ हो तो यह 8000—10000 तक बेचा जा सकता है क्योंकि इसको मीट के भार के हिसाब से खरीदा जाता है बाकि बीटल नसल पर इससे ज्यादा खर्चा होता है क्योंकि इसमें उसकी ग्रोथ के साथ साथ उसकी अच्छी नसल का ज्यादा महत्व होता है इसलिए इसमें खर्च भी ज्यादा होता है और उस हिसाब से रेट भी अच्छा मिल जाता है
Posted by arvind suthar
Rajasthan
23-06-2019 09:49 AM
Arvind ji mausam me badlav ke karn inki fruit setting kam hoti hai aur jo fal girta hai vo fungus ke karn hota hai iske liye aap planofix@4ml ko 15 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by robin singh
Rajasthan
23-06-2019 09:45 AM
बरबरी नसल 15 महीनों में लगभग 4—6 बच्चे दे देती है और बीटल नसल की बकरी 15 महीनों में 3—4 बच्चे दे सकती है बाकि उनकी ग्रोथ खुराक और देखभाल पर निर्भर करता है
Posted by Amrit Sandhu
Punjab
23-06-2019 09:32 AM
पनीरी 25 दिनों की होने पर लगाएं बड़ी पनीरी जल्दी पकना शुरू हो जाती है जिससे उपज कम हो जाती है पनीरी पीली होने पर यूरिया 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से छिड़काव कर सकते है

Posted by राजेश शर्मा
Haryana
23-06-2019 09:31 AM
राजेश शर्मा जी आप आम की कलम लगाने के लिए साथ में दी गयी वीडियो देख सकते है https://www.youtube.com/watch v=cf1JOAMh0Co

Posted by राजेश शर्मा
Haryana
23-06-2019 09:22 AM
राजेश जी आप इनकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by parminder singh
Punjab
23-06-2019 09:16 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by Sukhchain Singh
Punjab
23-06-2019 09:11 AM
इसके ऊपर एनपीके 130045 दो किलो या एनपीके 191919 एक किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by jagsir singh brar
Punjab
23-06-2019 08:48 AM
कदू की वेलों को लगाए हुऐ कितना समय हो गया है कृपया इसके बारे में बताएं

Posted by kala maan
Punjab
23-06-2019 08:37 AM
यदि पानी कम सूखता है तो यूरिया के साथ सल्फर मिलाकर डाल दें इसकी मात्रा 3 किलो प्रति एकड़ है

Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
23-06-2019 08:32 AM
Gupta ji kripya app apna swal vistar se pushen ki app kiske tikakaran ke vare mai jankari lena chahthe hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.

Posted by Krishnapal Singh Tomar
Madhya Pradesh
23-06-2019 08:32 AM
Krishnapal ji aap iske uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap isk euper quinalphos@400ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gyan Nath
Uttar Pradesh
23-06-2019 08:29 AM
इसमें थ्रिप की समस्या आ गई है इसकी रोकथाम के लिए rogor@400ml या actara@80 या imidacloprid@60ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by sunil
Haryana
23-06-2019 08:19 AM
jekar paneeri de patte sirrya ton peele pai rhe hnn tan iss de vich lohe di ghaat aa rhi hai iss di roktham de lyi ferrous sulphate 1% wala 1 kg prati acre de hisab nal spray kro. jekar chelated ferrous sulphate di spray kr rhe ho tan iss di maatra 200gm prati acre hundi hai. jekar ihh paneeri neecho ton halka peelapan dikha rhi hai ate aje tak urea da shitta nahi ditta hai tan urea@3kg kg prati kanal de hisab nal shitta deo. ihh paneeri kyi vaar nitrogen di ghaat de kaarn v peeli paini shuru ho jandi hai. urea de nal paneeri growth v kr lwegi.
Posted by jitendra kumar
Uttar Pradesh
23-06-2019 08:06 AM
Jitendra ji app iss AAP mai khetibadi aur pashupalan ke saband mai koi v swal pushen skte hai, kripya apna swal pushen tan jo apko sahi jankari di jaa skee.

Posted by Mahendra kirar
Madhya Pradesh
23-06-2019 08:04 AM
महेंद्रा जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसकी जानकारी दी जा सके

Posted by manveer
Punjab
23-06-2019 07:50 AM
जिंक की कमी के कारण पत्ते पीले पड़ते है दूसरी बात जो नए पत्ते निकलते है उनके ऊपर धब्बे पड़ जाते है और बड़े पत्तों का आकार छोटा रह जाता है इसकी कमी पूरी करने के लिए जिंक सल्फेट की स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Rmn Cheema
Punjab
23-06-2019 07:09 AM
पनीरी की ग्रोथ के लिए 3 किलो यूरिया प्रति कनाल, डीएपी 2.5 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें इसके इलावा hoshi@3ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Rmn Cheema
Punjab
23-06-2019 07:06 AM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ , ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ , ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ , ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ , ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ , ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ , ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ , Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
23-06-2019 06:57 AM
Posted by ਦਿਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
23-06-2019 06:51 AM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by jaswinder singh Jassa
Punjab
23-06-2019 06:44 AM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਈ ਹੈ
Posted by Amarjeet Kumar Pandit
Bihar
23-06-2019 06:44 AM
Amarjeet Kumar ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar sprya karen.dhanywad
Posted by sukhbeer singh
Punjab
23-06-2019 05:48 AM
सुखवीर जी आप यूरिया, डीएपी या ग्रोथ प्रोमोटर की जो मात्रा डाली है वो सही है कृपया पौधे के नज़दीक से फोटो भेंजे जिससे पत्ते और जड़ों की जांच हो जाए कई बार जड़ सड़ने लगती है

Posted by kamalpreet singh
Punjab
23-06-2019 04:48 AM
कमलप्रीत जी अगर धान में पानी नहीं रूकता है तो सल्फर ना डालें और इसमें 27 किलो डीएपी प्रति एकड़ के हिसाब से डालें
Posted by Ravinder Singh
Punjab
23-06-2019 04:09 AM
यदि ज़ेर गाय खा गई है तो कोई डर वाली बात नहीं है उसे आप Uteroton liquid आधा एक बार पिलायें और फिर 100 मि.ली. के हिसाब से दें बाकि उसे anabolite liquid 100ml, Lactomax bolus 10 गोलियां रोजाना दें इससे दूध भी बढ़ेगा और सफाई हो जाएगी

Posted by daler
Punjab
23-06-2019 01:44 AM
पूसा 44 की उपज 35 क्विंटल प्रति एकड़ है और यह 157 दिन का समय लेती है
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਘੁੰਮਣ
Punjab
22-06-2019 11:06 PM
ਅਮਨਦੀਪ ਜੀ Milkout ਪਾਊਡਰ Intas ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਇਹ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ Gog ਪਾਊਡਰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸਦਾ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪਾਉਚ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by gurmeet
Haryana
22-06-2019 10:55 PM
Gurmeet ji rathi ki breeding ke liye app Sukhvinder Dhamherhi 9781800637 se samprak kr skte hai, baki app khurak mai 35-40 kg hara chara rojana aur feed app ghr per tyar krke de skte hai ya fir jo apki cow ache trike se khati hai woh he de skte hai aur her 3 mahine ke badd deworming jrurr kren.

Posted by sanju
Haryana
22-06-2019 10:46 PM
संजू की कृपया ओडियो रिकॉर्डिंग करके भेंजे कि समस्या कब और कैसे आती है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by sanju
Haryana
22-06-2019 10:42 PM
अभी इसका समय निकल चुका है इसकी रोपाई आप ड्रिल मशीन से कर सकते है

Posted by ladi
Punjab
22-06-2019 10:35 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗਾਂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗਾਂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by kuldip singh patara
Punjab
22-06-2019 10:04 PM
Kuldip singh patara ji jalandhar vich Fruit plant len lai tusi Bhola Nursery Nakodar Rd, Near Satnam Singh Memorial Hospital, Jalandhar, Punjab 144026 Phone: 099143 32928 and My garden nursery Address: mukand villa near dav college, Jalandhar, Punjab 144008 Phone: 094171 88853 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
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