Posted by Jitu Patidar
Madhya Pradesh
26-06-2019 09:28 AM
खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है

Posted by vicky
Haryana
26-06-2019 09:26 AM
Vicky ji aap dhan men iski matra 28 gram ka istemal kar sakte hai. dhanywad
Posted by ਸਦੀਕ ਮੁਹੰਮਦ
Punjab
26-06-2019 09:21 AM
ਮੁਹੰਮਦ ਜੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕਿਸੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਨੂੰ ਬੁਲਾ ਕੇ ਉਸ ਉਪਰ ਪੱਟੀ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਿਉਕਿ ਉਸਦੇ ਜਖਮ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਹੀ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by Naresh kumar
Rajasthan
26-06-2019 09:20 AM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियों अपलोड नहीं हुई कृपया दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by आशीष यदुवंशी
Uttar Pradesh
26-06-2019 09:20 AM
आशीष यदुवंशी जी पोलीहाउस बनवाना के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप पुनीत गुप्ता 9780200996 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Kuldeep nagar
Rajasthan
26-06-2019 09:19 AM
kuldeep ji aap ise local mandi men bech sakte hai.waha aapko iska aacha price mil jayega.

Posted by darasingh
Haryana
26-06-2019 09:17 AM
दारा जी यह जड़ गलन रोग है यदि इस बीमारी का हमला दिखे तो प्रभावित पौधों और साथ के सेहतमंद पौधों के नीचे की ओर कार्बेनडाज़िम 1 ग्राम प्रति लीटर डालें

Posted by Kuldeep Dadwal
Punjab
26-06-2019 09:02 AM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by darasingh
Haryana
26-06-2019 08:57 AM
नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (गरामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी.... (Read More)
नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (गरामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए

Posted by veer Bahadur Singh
Uttar Pradesh
26-06-2019 08:56 AM
veer Bahadur Singh ji agar aapke bank training certificate hai or aap bank ki sabhi condition ke hissab se loan ke liye apply karte hai or bank loan nai deta to aap bank se loan na dene ka reasion likwa kar le sakte hai. agar bank manager likh kar deta hai or uska koe valid resion bhi nai deta to uske hissab se aage shikayet ki ja sakti hai ji.

Posted by sandeep
Uttar Pradesh
26-06-2019 08:48 AM
संदीप जी आप पहले साल में गाय के गले हुए गोबर 8 किलो के साथ यूरिया + एस एस पी 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें दूसरे और तीसरे साल के दौरान गाय का गला हुआ गोबर 10 किलो और 15 किलो यूरिया + एस एस पी 80 ग्राम और 150 ग्राम प्रति पौधे में डालें चौथे और अगले सालों में गाय का गला हुआ गोबर 15 किलो और यूरिया + एस एस पी 200 ग्राम प्रति पौधे में .... (Read More)
संदीप जी आप पहले साल में गाय के गले हुए गोबर 8 किलो के साथ यूरिया + एस एस पी 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें दूसरे और तीसरे साल के दौरान गाय का गला हुआ गोबर 10 किलो और 15 किलो यूरिया + एस एस पी 80 ग्राम और 150 ग्राम प्रति पौधे में डालें चौथे और अगले सालों में गाय का गला हुआ गोबर 15 किलो और यूरिया + एस एस पी 200 ग्राम प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष के जून, जुलाई और अगस्त के महीने में खादें डालें फसल के शुरूआती समय में नदीनों को हटाएं एक बार वृक्ष विकसित हो जाये फिर छांव के नीचे नदीन बहुत कम विकसित होते हैं
जब फसल दो से तीन साल की हो जाये तब वृक्ष के 1/3 हिस्से की छंटाई करें 4 से 5 वर्ष के पौधे के लिए 1/2 वृक्ष के हिस्से की छंटाई करें पूरी छंटाई सर्दियों के दिनों में करें छंटाई के बाद बॉर्डीऑक्स के पेस्ट को छांटे हुए हिस्सों में लगाएं पहले वर्ष में यदि पौधे की कली ना बनती दिखे तो वृक्ष के 1/3 निचले हिस्से को बाहर निकाल दें हिस्से को बाहर निकालते समय उसके साथ के हिस्सों को भी बाहर निकाल दें यही प्रक्रिया दूसरे वर्ष में दोबारा दोहरायें नर्सरी में पौधों की कटाई के बाद तुरंत सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 7 से 10 दिनों के अंतराल पर मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें सिंचाई के साथ तना गलन और नर्सरी में पानी के खड़े होने से रोकने के लिए निकास की सुविधा होनी चाहिए रोपाई से पहले 7-10 दिनों के अंतराल पर हल्की सिंचाई करें
पहले वर्ष के दौरान मॉनसून के शुरू होने तक 7 दिनों के अंतराल पर हल्की और लगातार सिंचाई करें अक्तूबर-दिसंबर महीने में प्रति महीना दो सिंचाई करें दूसरे वर्ष में सर्दियों के मौसम में 15-20 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों के महीने में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तीसरे वर्ष में और अगले वर्षों में गर्मियों में प्रति महीने दो सिंचाई करें
Posted by ishwar kumar
Haryana
26-06-2019 08:33 AM
ईश्वर जी किसानो के साथ जानकारी साँझा करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਘੁੰਮਣ
Punjab
26-06-2019 08:33 AM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ 3 ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਇਕ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਰੋ ਜੀ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 3 ਮਹੀਨੇ ਤਕ Calf starter ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਹ ਤੁਸੀ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜਾ ਵੈਸੇ ਹੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by Jay Shankar Kumar
Bihar
26-06-2019 08:31 AM
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चिं.... (Read More)
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चिंता का विषय है पंजाब की जलवायु मुताबिक रेतली और कंडियाली क्षेत्र क धरती इस फसल के लिए अधिक लाभदायक है इस फसल को पानी बहुत कम लगता है और एक बार पौधे लगाने के बाद 5 साल फसल की कटाई ही करनी होती है पहली फसल की कटाई तीन महीनों के बाद होने के कारण किसानों को आमदन जल्दी शुरू हो जाती है एक एकड़ ज़मीन में 30 से 40 हज़ार पौधे लगते हैं महत्तवपूर्ण तथ्य यह है कि इस फसल पर कीटनाशक या नदीननाशक दवाईयों का प्रयोग नहीं होता यूरिया या डी ए पी खाद के स्थान पर सिर्फ रूड़ी की खाद का ही प्रयोग होता है इस तरह से कुदरती खेती का हिस्सा भी कहा जा सकता है स्टीविया के पौधे में मीठास होने के काराण पशु भी मुंह नहीं लगाते यह फसल कम से कम एक कनाल रकबे में भी लगायी जा सकती है पर यदि 5 एकड़ में लगायी जाये तो भारत सरकार कुल लागत का 40 फीसदी सब्सिडी भी देती है फसल को प्रफुल्लित करने के लिए सरकार लगा रही ज़ोर इसलिए कंडियाली क्षेत्र के किसानों को स्टीविया लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है पंजाब के कमिश्नर खेतीबाड़ी डॉ.बलविंदर सिंह सिद्धू का कहना है कि स्टीविया की फसल धान और गेहूं का बदल बन सकती है, दूसरा इस फसल से गेहूं और धान के मुकाबले कमाई भी ज़्यादा होती है
Posted by ishwar kumar
Haryana
26-06-2019 08:30 AM
ईश्वर जी किसानो के साथ जानकारी साँझा करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

Posted by ,ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
26-06-2019 08:29 AM
Sir ji 1 kille vich 4 traliyan roodi sutti aa, ohde vich zinc ya potash paun da fayeda hai ya nahi ?
Pawan ji roodi di khaad nal nitrogen di bachat hundi hai. akhri kaddu de same tuc 20 killo potash prati acre de hisab nal pao. is to ilava tuc zinc jekar kami najr aaye tahi pao.dhanwad
Posted by Balkaran singh
Punjab
26-06-2019 08:14 AM
balkarn ji aap iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre pani men mila kar sprya kare.dhanywad
Posted by ashok sharma
Rajasthan
26-06-2019 07:59 AM
usko app Anabolite liquid 100-100ml subah sham dena suru kren aur Metabolite powder ki rojana 1 pudia den, isse kamjori v door hogi aur duudh v acha ho jayega.
Posted by प्रवीण शर्मा
Maharashtra
26-06-2019 07:54 AM
आप गाय को Flukarid-ds दवा पेट के कीड़ों के लिए दें इसके साथ आप sharkoferol liquid 50-50ml सुबह शाम और anabolite liquid 100ml रोजाना देना शुरू करें इससे गाय की सेहत और दूध अच्छा होगा बाकि आप बछड़ी को sharkoferol liquid 10-10ml सुबह शाम दें और broton liquid 10ml रोजाना दें इससे बछड़ी की भी अच्छी ग्रोथ होगी
Posted by parpinder singh
Punjab
26-06-2019 07:48 AM
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
26-06-2019 07:44 AM
Hnji gurdeep ji app bull ko sarso ka tel de skte hai aur nhate sme uske sarir per iski malish v kr skte hai, isse skin achi rehti hai aur usme chamak rehti hai ..

Posted by KHILESHWAR NETAM
Chattisgarh
26-06-2019 07:28 AM
खिलेश्वर जी अगर आपने गेंहू में DAP की पूरी मात्रा डाली है तो अभी आपको इसमें DAP डालें की जरूरत नहीं है अगर नहीं डाली तो आप 27 किल्लो DAP प्रति एकर के हिसाब से डाले धन्यवाद
Posted by Harpreet singh
Punjab
26-06-2019 07:24 AM
ਨਰਮੇ ਦੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ NPK 191919 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by davinder brar
Punjab
26-06-2019 07:21 AM
davinder ji eh 33% vali zinc hai isdi matar 16-17 killo prati acre de hisab nal varti jandi hai. jekar eni mtra ik var khet vich payi jandi hai ta dubara zinc paun di lod nahi hai.dhanwad

Posted by ਰਸਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
26-06-2019 07:20 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਮੀਠਾ ਸੋਡਾ 20-25gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹਾਜਮਾ ਵੀ ਸਹੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਪਸ਼ੂ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ਉਹ ਵੀ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਥਨਾ ਦੀਆ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਵੀ ਘਟ ਲਗਦੀਆਂ ਹੈ.

Posted by Mukhtyar
Haryana
26-06-2019 07:17 AM
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली हो.... (Read More)
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by ਡਾਕਟਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
26-06-2019 07:09 AM
PR 122: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 147 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾਣੇ ਬਹੁਤ ਲੰਮੇ, ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚਾਵਲਾਂ ਨੂੰ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁਣਵੱਤਾ ਕਮਾਲ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by ankit
Uttar Pradesh
26-06-2019 07:06 AM
ankit ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio men kuch saaf sunayi nahi de raha hai.dhanywad

Posted by deep
Punjab
26-06-2019 06:54 AM
deep ji sujav den layi dhanwad ji. hnji bilkul asi es bare pashu palan department nal gal karage ji jekar oh man gaye ta jarur training di video bnavage ji. Dhanwad
Posted by vikram singh thakur
Madhya Pradesh
26-06-2019 06:31 AM
Vikram ji kripya aap btaye ke aapne dhan ki bijai kis tareeke se ki hai taki aapko iske bar emen poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sra
Punjab
26-06-2019 06:02 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਡਾ ਬਲਵਿੰਦਰ ਲੱਖੇਵਾਲੀ 98142 39041 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
26-06-2019 05:51 AM
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਮੌਸਮ ਲਗਭਗ ਸਾਫ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by davinder brar
Punjab
26-06-2019 05:44 AM
davinder brar ji sat sri akal ji , ajehi koe gal nahi ji asi hun v tohanu puri service den di koshis karde ha ji. reply ta sare hi hunde hun ji par kai var kuj karana karke kuch swal de jwab late ho sakde hun. baki tusi feedback sujav sanu dinde raho ji. eh sanu vadiye service den layi prerit karde hun ji.
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
26-06-2019 04:35 AM
ਆਯੂਰਵੈਦ ਅਨੁਸਾਰ ਅਮਲਤਾਸ ਦੇ ਰਸ ਵਿਚ ਮਧੁਰਤਾ, ਤਾਸੀਰ ਵਿਚ ਠੰਡਾ, ਭਾਰਾ,
ਸਵਾਦ ਭਰਪੂਰ, ਕਫ ਦੂਰ ਕਰਨ ਵਾਲਾ, ਪੇਟ ਸਾਫ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਗੁਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋ
ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਬੁਖਾਰ, ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਬੀਮਾਰੀਆਂ, ਗੈਸ ਅਤੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਦੀਆਂ ਤਕਲੀਫਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੂਰ
ਕਰਨ ਵਿਚ ਸਹਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਯੂਨਾਨੀ ਮਤ ਅਨੁਸਾਰ ਅਮਲਤਾਸ ਦੀ ਪ੍ਰਕ੍ਰਿਤ ਗਰਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਇਹ ਬੁਖਾਰ, ਗਠੀਆ, ਗਲੇ ਦੀ ਬੀਮਾਰੀਆਂ, ਆਂਤਾਂ .... (Read More)
ਆਯੂਰਵੈਦ ਅਨੁਸਾਰ ਅਮਲਤਾਸ ਦੇ ਰਸ ਵਿਚ ਮਧੁਰਤਾ, ਤਾਸੀਰ ਵਿਚ ਠੰਡਾ, ਭਾਰਾ,
ਸਵਾਦ ਭਰਪੂਰ, ਕਫ ਦੂਰ ਕਰਨ ਵਾਲਾ, ਪੇਟ ਸਾਫ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਗੁਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋ
ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਬੁਖਾਰ, ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਬੀਮਾਰੀਆਂ, ਗੈਸ ਅਤੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਦੀਆਂ ਤਕਲੀਫਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੂਰ
ਕਰਨ ਵਿਚ ਸਹਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਯੂਨਾਨੀ ਮਤ ਅਨੁਸਾਰ ਅਮਲਤਾਸ ਦੀ ਪ੍ਰਕ੍ਰਿਤ ਗਰਮ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਇਹ ਬੁਖਾਰ, ਗਠੀਆ, ਗਲੇ ਦੀ ਬੀਮਾਰੀਆਂ, ਆਂਤਾਂ ਦਾ ਦਰਦ, ਖੂਨ ਦੀ ਗਰਮੀ ਘਟਾਉਣ ਲਈ
ਅਤੇ ਅੱਖਾਂ ਦੀਆਂ ਬੀਮਾਰੀਆਂ ਲਈ ਉਪਯੋਗੀ ਹੈ
ਵਿਗਆਨਕ ਮਤ ਅਨੁਸਾਰ ਇਸ ਦੀ ਰਸਾਇਣਕ ਖੋਜ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲੱਗਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ
ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਅਤੇ ਫੁੱਲਾਂ ਵਿਚ ਗਲਾਇਕੋਸਾਇਡ, ਤਣੇ ਦੀ ਛਿੱਲ ਵਿਚ 10 ਤੋ 20 %
ਟੈਨਿਨ, ਜੜ ਦੀ ਛਿੱਲ ਵਿਚ ਟੈਨਿਨ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਐਨਥ੍ਰਾਕਿਵਨੀਨ, ਫਲੋਵੇਫਿਨ ਅਤੇ ਫਲ ਦੇ ਗੁੱਦੇ
ਵਿਚ ਸ਼ਕਰਾਰਾ 60 ਪ੍ਰਤੀਸਤ , ਪੇਕਟੀਨ , ਗਲੂਟੀਨ, , ਭਸਮ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Hari singh shekhawat
Rajasthan
26-06-2019 01:52 AM
हरी जी आप ग्वार की किस्मे जैसे Durgajay, Durgapura Safed, Agaita Guara-111, Agaita Guara-112, FS-277, HFG-119, HG-75, Guara-80, HG-182 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Hariom gupta
Bihar
25-06-2019 11:59 PM
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनो.... (Read More)
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है.
Posted by Dinesh
Haryana
25-06-2019 11:18 PM
पौधों में ज्यादा फासला होने के कारण फसल पर नदीनों का गंभीर हमला होता है अच्छी पैदावार के लिए फसल की बिजाई के बाद 50-60 दिनों तक फसल का नदीन रहित होना जरूरी है, नहीं तो फसल की पैदावार में 60-80 प्रतिशत कमी आ सकती है नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई.... (Read More)
पौधों में ज्यादा फासला होने के कारण फसल पर नदीनों का गंभीर हमला होता है अच्छी पैदावार के लिए फसल की बिजाई के बाद 50-60 दिनों तक फसल का नदीन रहित होना जरूरी है, नहीं तो फसल की पैदावार में 60-80 प्रतिशत कमी आ सकती है नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए कपास के खेतों के आस पास गाजर बूटी पैदा ना होने दें, क्योंकि इससे मिली बग के हमले का खतरा ज्यादा रहता है
बिजाई के बाद नदीनों के पैदा होने से पहले ही पैंडीमैथालीन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (ग्रामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए
Posted by lekh Thakur
Chattisgarh
25-06-2019 10:46 PM
Lekh ji kirpya aap apna swal vistar se pooche taki apko iske bare men poori jankari di ja ske.dhanywad

Posted by Chet Ram Chauhan
Himachal Pradesh
25-06-2019 10:46 PM
Chet ram ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi registration ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja ske.dhanywad
Posted by lekh Thakur
Chattisgarh
25-06-2019 10:45 PM
Lekh ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja ske.dhanywad

Posted by Parmesh Nishad
Chattisgarh
25-06-2019 10:21 PM
Parmesh ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information. thank you

Posted by gurwinder
Punjab
25-06-2019 10:18 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੁੱਧ ਲਈ ਰੱਖਣੀ ਹੈ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਐਚ ਐੱਫ ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਹੀਵਾਲ ਨਸਲ ਦੀ ਗਾਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਵੀ ਘਟ ਲਗਦੀਆਂ ਹੈ
Posted by ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
25-06-2019 10:16 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਝੋਨੇ ਸਹੀ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਸੰਘਣਾ ਲੱਗ ਜਾਏ ਤਾ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਸਹੀ ਤਰਾਂ ਨਹੀਂ ਵੱਧ ਦੀਆਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵਿਰਲਾ ਲੱਗ ਜਾਏ ਤਾ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
25-06-2019 10:15 PM
Sandeep ji Miraculan ik growth regulator hai jisde vich triacontanol nam da salt maujood hunda hai. isdi matra 2-5 ml nu prati liter pani de hisab nal spray kiti jandi hai.Nasa ik biofertilizer hai jo fasl da boojha vadia bnaunda hai isdi matra 1-2 killo nu prati acre de hisab nal vartya janda hai. isnu tuc urea de nal rla ke beej sakde ho.dhanwad

Posted by Praveen yadav
Haryana
25-06-2019 10:09 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी दि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ा.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी दि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी.
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