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Posted by prabhat singh
Madhya Pradesh
29-06-2019 08:13 PM
Punjab
07-01-2019 08:47 PM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में .... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके मैदानी क्षेत्रों में सोयाबीन की बिजाई का उपयुक्त समय 20 जून से 10 जुलाई का है मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर बीज को बोया जाना चाहिए बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नमी की उचित मात्रा में, बीज को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 30-32 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-06-2019 08:11 PM
Maharashtra
07-01-2019 06:37 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by ਜਗਸੀਰ िਸੰਘ
Punjab
29-06-2019 08:08 PM
Maharashtra
07-01-2019 08:48 PM
ਜਗਸੀਰ ਜੀ 1121 ਨੂੰ ਮੁਖ ਖੇਤ ਵਿਚ ਤੁਸੀ 13 ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by waraich
Punjab
29-06-2019 08:07 PM
Punjab
07-02-2019 05:39 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Agrimin 50gm ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ Stimvet 21 bolus ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitum-h liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦੀ ਗਰੋਥ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗੀ .
Posted by Aman Sekhon
Punjab
29-06-2019 08:07 PM
Punjab
07-01-2019 08:50 PM
ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 -20 ਦਿਨ ਤਕ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,.... (Read More)
ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 -20 ਦਿਨ ਤਕ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
29-06-2019 08:04 PM
Punjab
07-30-2019 05:52 PM
sandeep ji tuc biovita di varto kar sakde ho growth de layi ate fungus di roktham de layi Saaf di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by Nagendr singh
Uttar Pradesh
29-06-2019 08:03 PM
Punjab
07-01-2019 08:52 PM
नागेंद्र जी इसके ऊपर एक तो कीट का हमला है उसके लिए आप इसके ऊपर quinalphos @400ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें और 3 दिन के बाद आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किल्लो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by deep sandhu
Punjab
29-06-2019 07:59 PM

?

Punjab
07-01-2019 08:53 PM
deep ji kirpa karke audio dubara bhejo tuhade dwara bheji gayi audio upload nahi hoyi hai.dhanwad
Posted by Govind Paul
Maharashtra
29-06-2019 07:40 PM
Maharashtra
07-30-2019 05:55 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल रेतली दोमट से जलोढ़ मिट्टी और लैटेराइट से तटीय रेतली मिट्टी में उगाया जाता है चिकनी मिट्टी में इसकी खेती ना करें नारियल की खेती के लिए मिट्टी 1.2-1.5 मीटर गहरी होनी चाहिए और उसकी अच्छी जल धारण क्षमता होनी चाहिए मिट्टी की पी एच 5.0-8.0 उपयुक्त रहती है
Posted by GURPINDER SINGH
Punjab
29-06-2019 07:27 PM
Punjab
07-01-2019 08:54 PM
gurpinder ji tuc 33% vali zinc di varto kar sakde ho isdi matra 16-17 killo di varto kiti jandi hai.isnu tuc urea nal rla ke vi khet vich pa sakde ho.dhanwad
Posted by brajesh rajoriya
Madhya Pradesh
29-06-2019 07:08 PM
Punjab
07-01-2019 08:55 PM
सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जब.... (Read More)
सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं
Posted by ASHOK KUMAR
Uttar Pradesh
29-06-2019 07:04 PM
Maharashtra
07-01-2019 08:55 PM
अशोक कुमार जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप carbendazim @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Sunil Kumar
Punjab
29-06-2019 06:47 PM
Rajasthan
06-29-2019 07:38 PM
सुनील कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और ज.... (Read More)
सुनील कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sukhdeep singh
Punjab
29-06-2019 06:47 PM
Punjab
07-01-2019 08:56 PM
Sukhdeep ji isde uper tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by Rahual Bhengra
Jharkhand
29-06-2019 06:47 PM
Punjab
07-01-2019 08:57 PM
rahul ji ched sundi karti hai iske liye aap quinalphos@4ml ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Sarvesh kumar
Uttar Pradesh
29-06-2019 06:40 PM
Punjab
07-01-2019 08:58 PM
सर्वेश जी आप पपीते की किस्मे जैसे Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं.... (Read More)
सर्वेश जी आप पपीते की किस्मे जैसे Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
Posted by kala maan
Punjab
29-06-2019 06:39 PM
Punjab
07-01-2019 08:59 PM
ਕਾਲਾ ਜੀ ਜਿਪਸਮ ਕਲਰ ਵਾਲੀ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਾ ਜਿਸ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਰੋਡ ਹੋਣ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕੁਇੰਟਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤੁਸੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਰਤਾਜ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sarvesh kumar
Uttar Pradesh
29-06-2019 06:34 PM
Maharashtra
07-01-2019 09:00 PM
रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटस.... (Read More)
रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by Sarvesh kumar
Uttar Pradesh
29-06-2019 06:33 PM
Punjab
07-01-2019 09:00 PM
रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटस.... (Read More)
रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by GURLEENPREET SINGH
Punjab
29-06-2019 06:26 PM
Punjab
07-03-2019 04:47 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @36 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @36 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਕੱਖ ਵਾਲੀ ਦਵਾਈ ਤੋਂ 3 ਤੋਂ 4 ਦਿਨ ਤਕ ਪਾਣੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ
Posted by pardeep kumar
Punjab
29-06-2019 06:13 PM
Punjab
07-02-2019 09:22 PM
इसके लिए आप Ceftraxone 1 gm इंजेक्शन लगवायें और लगातार तीन दिन लगायें बाकि आप थनों के जख्मों पर नीम के पानी को उबाल कर उससे थन धोकर फिर साफ करके जख्मों पर Tocoderm टियूब लगायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Ramdas
Maharashtra
29-06-2019 06:08 PM
Punjab
06-29-2019 07:45 PM
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/साल.... (Read More)
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/सालको दो हिस्सों में डालना चाहिए पहली डोज़ मार्च-अप्रैल महीने में और दूसरी डोज़ सितम्बर-अक्टूबर में दी जानी चाहिए इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप अरुण खुरमी 9878123123 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by goverdhan thakur
Madhya Pradesh
29-06-2019 06:05 PM
Punjab
07-30-2019 05:58 PM
Goverdhan thakur ji Chindwara sabji mandi me Vishnu Kahar Comm. 9981255610, Manish Trading & Company 9424666711, 8959581333 se samparak kar sakte hai, Thank you.
Posted by sachveer singh
Punjab
29-06-2019 05:54 PM
Punjab
07-01-2019 09:02 PM
ਗਾਜ਼ਰ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਹੀ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਯੂਰੋਪੀਅਨ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ- ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਵਧੀਆ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਅਤੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਢੰਗ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਦੇ ਚੰਗੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 1.5 ਸੈ:ਮੀ: ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ:ਮੀ: ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦ.... (Read More)
ਗਾਜ਼ਰ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਹੀ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਯੂਰੋਪੀਅਨ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ- ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਵਧੀਆ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਅਤੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਢੰਗ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਦੇ ਚੰਗੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 1.5 ਸੈ:ਮੀ: ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ:ਮੀ: ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 7.5 ਸੈ:ਮੀ: ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Hardeep singh
Punjab
29-06-2019 05:51 PM
Punjab
07-01-2019 09:03 PM
Hardeep ji tuc urea nu bijai to 18 din bad hi pauni shuru karo.jekar isnu pehlan paya janda hai ta eh labour de pair nu nuksaan kardi hai.
Posted by Harpreet Singh
Punjab
29-06-2019 05:51 PM
Punjab
07-01-2019 09:04 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 20 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by pramod kumar
Uttar Pradesh
29-06-2019 05:42 PM
Maharashtra
07-02-2019 03:36 PM
हाजी इसके बहुत सारे कारण हो सकते है जी इसके लिए आप मुझे 90968 43382 नंबर पर कॉल करे जी
Posted by कन्हैया लाल माली
Rajasthan
29-06-2019 05:42 PM
Punjab
07-02-2019 05:42 PM
यदि Lactomood होमियोपेथिक दवा नहीं मिल रही तो आप Lactin bolus 1-1 गोली सुबह शाम दें और आप Anabolite liqued 100ml रोजाना देना शुरू करें, उसे Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे दूध बढ़ जाएगा और फर्क पड़ जाएगा
Posted by Harpreet Singh
Punjab
29-06-2019 05:38 PM
Punjab
07-01-2019 09:05 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਵਧੀਆ result ਦੇਣਗੀਆਂ
Posted by sandy
Punjab
29-06-2019 05:38 PM
Punjab
07-01-2019 09:06 PM
sandy ji jekar kanak vich DAP di poori matra payi hai ta tuhanu hun DAP paun di lod nahi hai jekar nahi payi ta tuc hun 27 killo DAP prati acre de hisab nal vart sakde ho.dhanwad
Posted by ਰਸਪਰੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
29-06-2019 05:32 PM
Punjab
07-01-2019 09:06 PM
ਰਸਪਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਫ਼ਸਲ ਤੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵਾਧੇ ਦੇ ਸਮੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pukhraj Gorchiya Jat
Rajasthan
29-06-2019 05:30 PM
Punjab
07-01-2019 09:07 PM
पुकराज जी कृपया बताये कैसे कीड़े की रोकथाम के बारे में जानकारी लेनी है क्युकी हर कीड़े की रोकथाम का तरीका अलग होता है धन्यवाद
Posted by kamal
Punjab
29-06-2019 05:29 PM
Punjab
07-01-2019 09:08 PM
कमल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by sukhwinder singh
Punjab
29-06-2019 05:27 PM
Maharashtra
07-01-2019 09:09 PM
ਪੁਦੀਨੇ ਨੂੰ ਕਈ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਡੂੰਘੀ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸੋਖਣ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ, ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਵਧੀਆ ਨਮੀ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੇ ਨਤੀਜੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਫਸਲ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6-7.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ MAS-1: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਕੱਦ 30-45 ਸੈ.ਮ.... (Read More)
ਪੁਦੀਨੇ ਨੂੰ ਕਈ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਡੂੰਘੀ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸੋਖਣ ਦੀ ਸ਼ਕਤੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ, ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਵਧੀਆ ਨਮੀ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੇ ਨਤੀਜੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਫਸਲ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6-7.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ MAS-1: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਕੱਦ 30-45 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਧਕ ਹੈ ਅਤੇ ਛੇਤੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੈਂਥੋਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 70-80% ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 80 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜੜ੍ਹੀਆਂ-ਬੂਟੀਆਂ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਅਤੇ 50-60 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇਲ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਹੁੰਦੀ ਹੈ Hybrid-77: ਇਸਦੀ ਉੱਚਾਈ 50-60 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆ ਤੇ ਧੱਬੇ ਅਤੇ ਕੁੰਗੀ ਰੋਗਾਂ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਜਲਦੀ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੈਂਥੋਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 80-85% ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ ਜੜ੍ਹੀਆਂ-ਬੂਟੀਆਂ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ 100 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ 50-60 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ਕ ਮੌਸਮ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ Shivalik: ਇਹ ਕਿਸਮ ਚੀਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਲਈ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਉੱਤਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਉਤਰਾਂਚਲ ਦੇ ਨੀਵੇਂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਚੰਗਾ ਵਿਕਾਸ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੈਂਥੋਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 65-70% ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ ਜੜ੍ਹੀਆਂ-ਬੂਟੀਆਂ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ 120 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ 72 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਫੰਗਸ ਰੋਗ ਦੇ ਹਮਲੇ ਵਿੱਚ ਛੇਤੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਸਮਾਂ ਦਸੰਬਰ-ਜਨਵਰੀ ਮਹੀਨਾ ਹੈ
Posted by toqir
Madhya Pradesh
29-06-2019 05:27 PM
Rajasthan
07-02-2019 03:40 PM
जी आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सक.... (Read More)
जी आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं बीटल बकरियां लेने के लिए आप 7891847890 पर lucky goat farmer किसान को कॉल कर सकते हैं
Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-06-2019 05:23 PM
Punjab
06-29-2019 05:29 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਪੋਟਾਸ਼ ਤੱਤ ਹੈ ਇਹ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਵਿਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 20 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
29-06-2019 05:16 PM
Punjab
06-29-2019 05:27 PM
ji nahi tuc Dr.dlal ghol vich 33% vali zinc di varto nahi kar sakde. isde vich 21 % vali zinc di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by Ramdas
Maharashtra
29-06-2019 05:14 PM
Punjab
07-01-2019 03:50 PM
नींबू की खेती करने के लिये और उसमे ड्रिप सिस्टिम लगाने के लिये Ravi Choudhary 8003892293 9530002191 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by देव
Madhya Pradesh
29-06-2019 05:14 PM

?

Punjab
06-29-2019 05:26 PM
Dev ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko uske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by MANDEEP SINGH
Haryana
29-06-2019 05:04 PM
Punjab
06-29-2019 05:25 PM
mandeep ji eh tat di kami de nal vi pain lag jande han isde layi tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vihc mila ke spray karo.dhanwad
Posted by Gurpreet singh
Punjab
29-06-2019 04:52 PM
Punjab
06-29-2019 04:57 PM
gurpreet ji punjab vich anar di kheti kiti ja sakdi hai isde layi bhagwa kisam di bijai kiti jandi hai.
Posted by Tajinderpal Singh
Punjab
29-06-2019 04:47 PM
Punjab
06-29-2019 04:53 PM
tajinder ji you can spray NPK 19:19:19@ 7 gram per litre of water for fruit setting. Thank you
Posted by Harpreet Singh
Punjab
29-06-2019 04:36 PM
Punjab
06-29-2019 04:47 PM
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀ.... (Read More)
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਫੈਲਾਅ ਦਿਓ ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਮੈਟਸਲਫਰੋਨ 20 ਡਬਲਿਊ ਪੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦਿਓ ਅਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
29-06-2019 04:31 PM
Punjab
06-29-2019 04:48 PM
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ .... (Read More)
ਸਟੋਬਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੋਲੀਹਾਊਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾਂ ਖੁੱਲੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਕਰ ਸਕਦੇਂ ਹੋ ਚੀਕਣੀ , ਬਾਲੂ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਏਸਿਡਿਕ ਵਿੱਚ PH level 5.0 to 6.5 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਾਜੁਕਤਾ ਤੀਹ ਤੋਂ ਚਾਲ੍ਹੀ ਸੇਂਟੀਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਸਹੀ ਵਾਧੇ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25° ਡਿਗਰੀ ਅਤੇ ਰਾਤ ਵੇਲੇ 7-12° ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤਕ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੇ ਇਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲਗਭਗ ਇਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਮਲਚਿੰਗ ਵਿਧੀ ਰਾਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਮਲਚਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਡਰਿੱਪ ਲਾਈਨ ਫਿੱਟ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਬਾਅਦ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਕਿਆਰੀਆਂ ਉੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਵਿਛਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਲਚਿੰਗ ਲਈ ਹਲਕਾ ਅਤੇ ਲਚਕੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਲਵੋ ਤਾਂ ਜੋ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਉੱਤੇ ਅਸਰ ਨਾ ਪਵੇ ਜਿਸਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਦੋਨਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦਬਾ ਦਿਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹੁਣ ਇਸ ਸ਼ੀਟ ਵਿਚ ਮੋਰੀਆਂ ਕੱਢ ਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਵੇਲੇ ਜੜ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੇਟ ਕਰ ਦਿਓ ਜੜ ਬਹਾਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਸੁੱਕਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਜਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਨ ਲਈ ਇਸਦੇ ਊਪਰ ਛਾਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੋ ਤੁਸੀਂ ਲੋ ਟਨਲ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦਾ ਬਹੁਤ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਥੋੜੀ ਜਿਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੁੱਲ ਖਰਚਾ ਢਾਈ ਤੋ ਤਿੰਨ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਆ ਜਾਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਅਤੇ ਫੁਆਰਿਆਂ ਆਦਿ ਤੇ ਵੀ ਖਰਚ ਕਰਨਾ ਪੈਦਾ ਹੈ ਪਰ ਅਗਲੇ ਸਾਲਾ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਇਹ ਖਰਚ ਬਚ ਜਾਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40 ਬੈਡ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਬੈਡ ਤੇ 1000 ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ, ਇੱਕ ਪੌਦਾ 3 ਤੋ 4 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 50 ਤੋ 60 ਕੁਇੰਟਲ ਤੱਕ ਨਿਕਲ ਆਉਦਾ ਹੈ 25-30 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਇਹ ਖਾਦ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 20 : 40 : 40 NPK KG / ਹੇਕਟਏਰ ਪਾਉਣੀ ਹੈ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਯੂਰਿਆ ਦੋ ਫ਼ੀਸਦੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ , ਅੱਧਾ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਕੈਲਸ਼ਿਅਮ ਸਲਫੇਟ ਅੱਧਾ ਫ਼ੀਸਦੀ ਅਤੇ ਬੋਰਿਕ ਏਸਿਡ 0 . 2 ਫ਼ੀਸਦੀ ਚੰਗੀ ਫਸਲ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਛੇਤੀ ਛੇਤੀ ਪਰ ਹਲਕੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ ਪੱਤੇ ਗਿੱਲੇ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਨਾਲ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਲੱਗ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਪਕਾ ਸਚਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਰਹੇ ਤਾਂ ਕਿਆਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਚਾਲੇ ਪਾਣੀ ਖਾਲ ਵਿੱਚ ਹੀ ਲਗਾਓ ਨਦੀਨ ਹੱਥ ਨਾਲ ਹਟਾਓ ਜਾਂ ਕੀੜੇ ਮਕੋੜੇ ਅਤੇ ਦੂਜੀਆ ਬਿਮਾਰਿਆ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਪੋਦਾ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੈ ਉਹਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਫਲ ਦਾ ਰੰਗ 70% ਲਾਲ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਾਰਕਿਟ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਹੈ ਤਾਂ ਥੋੜ੍ਹਾ ਸਖ਼ਤ ਹੀ ਤੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੁੜਵਾਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੀਆਂ ਪਲੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸਨ੍ਹੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਜਗ੍ਹਾ ਉੱਤੇ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਤਾਪਮਾਨ ਪੰਜ ਡਿਗਰੀ ਹੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸਟਰਾਬੇਰੀ ਦੀ ਪੈਕਿੰਗ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ੀਰੋ ਡਿਗਰੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਔਸਤ 200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਤੱਕ ਵਿਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪੰਜ ਲੱਖ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋ ਇਸ ਦੀ ਆਮਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਭਰਪੂਰ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਦੇ ਪੌਦੇ ਸਤੰਬਰ ਤੋ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਲਾਏ ਜਾਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਇਹ ਫਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਚਲਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਹੀ ਹੈ ਉਹ ਏਲਨਾਬਾਦ,ਸਿਰਸਾ,ਹਨੂੰਮਾਨਗੜ,ਗੰਗਾਨਗਰ ਤੋ ਇਲਾਵਾ ਬਠਿੰਡਾ,ਮੋਗਾ ਜਲੰਧਰ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਜੇਕਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਟ੍ਰਾਬੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮਾਰਕੀਟ ਹੈ
Posted by ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
29-06-2019 04:30 PM
Maharashtra
07-01-2019 09:10 PM
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂ.... (Read More)
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ   • ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ   • ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ   • ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
Posted by जितेंद्र यादव
Rajasthan
29-06-2019 04:30 PM
Punjab
07-04-2019 06:06 PM
जितेंद्र यादव जी इस के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Dr Anil 9660669992 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by abdulgaffar
Maharashtra
29-06-2019 04:28 PM
Punjab
06-29-2019 06:12 PM
Abdul ji aap apna swal detial me pucho ji kya puchna chahte ho. aapke swal ki samaz nai aa rahi ji.
Posted by karmvir
Haryana
29-06-2019 04:26 PM
Punjab
07-01-2019 03:56 PM
Karmvir जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीन.... (Read More)
Karmvir जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by jaswinder singh
Punjab
29-06-2019 04:23 PM
Maharashtra
06-29-2019 04:54 PM
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿ.... (Read More)
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ