
Posted by shivaji
Maharashtra
02-07-2019 07:24 PM
पोल्ट्री फार्म में यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा.
Posted by vijay kumar
Haryana
02-07-2019 07:19 PM
Vijay ji aap bajre ki kisme jaise KBH 108, GHB 905, 86M89, MPMH 17, Kaveri Super Boss, Bio 448, MP 7872, MP 7792, 86M86, 86M66, RHB-173, HHB 67 ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by SEWAKGILL
Punjab
02-07-2019 07:04 PM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I

Posted by Kawaldhaliwal
Punjab
02-07-2019 07:00 PM
ਕੰਵਲ ਦੇਵ ਜੀ ਸਵੇਤਾ ਕਿਸਮ ਅਮਰੂਦ ਦੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 90 ਕਿੱਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਧਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harmandeep singh
Punjab
02-07-2019 06:57 PM
Harmandeep singh ji you can buy fish seed from govt fish hatchery which is in village Mohi near Ludhiana.
Posted by Baljeet sran
Rajasthan
02-07-2019 06:43 PM
Baljeet ji tuci uss nu Flukarid-ds bolus pett de kiria lai deo, isde nal tuci Agrimin super powder 100gm rojana ate minotas bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Bikramjit singh
Punjab
02-07-2019 06:41 PM
Bikramjit singh ji tusi ik var oh department daso ji jitho tusi eh suneya ya oh daso ji . asi koshis karage ke tohanu ehde bare detail vich pata karke daseya jave ji.

Posted by sukhdeep singh
Punjab
02-07-2019 06:35 PM
sukhdeep ji kirpya btaye ke jaha se aapne khet ko pani lgaya hai waha koi dwa mix hui hai kyuki yeh dwayi mix hone ke karn hi aisa ho raha hai.dhanywad

Posted by vijay
Uttar Pradesh
02-07-2019 06:29 PM
Vijay ji aap iske uper NPK 19:19:19@7 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by SUMAN KUMAR
Jharkhand
02-07-2019 06:28 PM
SUMAN KUMAR जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
SUMAN KUMAR जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Onkar Singh
Punjab
02-07-2019 06:21 PM
paneeri de upper nadeena di roktham de lyi Sathi@60gm ja pretilachlor @600ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. jekar kanal de hisab nal pauni hai tan sathi 7.5gm kanal di paindi hai ate pretilachlor@75ml prati kanal paa skde ho. Nomini gold di spray 25 dina ton baad spray kr skde ho. ih paneeri nu nuksaan phuncha dewegi kyuki iss de lyi paneeri vaddi honi chaidi hai ate paneeri de vich pani nahi khda hona chaida hai.

Posted by Onkar Singh
Punjab
02-07-2019 06:17 PM
Jhone di growth and jaad maarn lai urea naal ki paea jaave and sahi sma kado hai. 110 kisam hai ji ?
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by Ashish
Punjab
02-07-2019 06:02 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें

Posted by शुभम
Uttar Pradesh
02-07-2019 05:52 PM
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली हो.... (Read More)
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by Nitesh kumar
Madhya Pradesh
02-07-2019 05:51 PM
नितेश जी आप कंटोला के बीज ऑनलाइन मंगवा सकते है इसके लिए आप इस लिंक पर क्लीक करे :- https://agribegri.com/products/bansi_desi_kantola_500_seeds_buy_online.php

Posted by gurbhejsingh
Punjab
02-07-2019 05:40 PM
gurbhej ji chloro seonk di roktham de layi varti jandi hai jekar jdan vich seonk hove ta tuc 1 litre chlorpyriphos nu prati acre de hisab nal varto.dhanwad

Posted by shergill
Punjab
02-07-2019 05:38 PM
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੂਸਾ ਪੰਜਾਬ ਬਾਸਮਤੀ 1509 ਨੂੰ 54 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ
Posted by jaswinder singh
Punjab
02-07-2019 05:33 PM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਰਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਾ ਪਾਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਗਿੱਲੇ ਸੁਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਪਾਉਣ ਤੋਂ 48 ਘੰਟਿਆਂ ਤਕ ਦੂਜੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਹੀਂ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-07-2019 05:29 PM
kulveer ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc jankari ki laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. tuc isdi sinchai bar ejankari laina chahunde ho.dhanwad
Posted by lakhan patel
Madhya Pradesh
02-07-2019 05:19 PM
Lakhan ji aap iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litr e pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Laddi Sidhu
Punjab
02-07-2019 05:17 PM
laddi ji tuc isnu urea de nal rla ke khet vich pa sakde ho. isdi matra 25 killo prati acre d ehisab nal pao.
Posted by rajwinder singh
Punjab
02-07-2019 05:17 PM
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ :• 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ .... (Read More)
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ :• 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ 300-400 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਫੀਡ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਫੰਡਰ ਬੱਕਰੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by Deepak kumar
Haryana
02-07-2019 05:15 PM
दीपक जी यह गिर नस्ल का ही बच्चा है इसमें 50 प्रतिशत माता के गुण और 50 प्रतिशत पिता के गुण होते हैं जिसके कारण रंग भी कुछ अलग हो जाता है यह गिर नस्ल का ही बच्चा है
Posted by kulveer Dhandiwal
Punjab
02-07-2019 05:14 PM
ਕੁਲਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ SL44: ਇਹ ਮਿੱਠੀ, ਰਸੀਲੀ, ਪਤਲੇ ਤਣੇ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਵਿੱਚ ਸੇਂਜੂ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 240 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab Sudax: ਇਹ ਜਵਾਰ ਦੀ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਪੌਦੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਪੱਤੇ ਮੋਟੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਣਾ ਮਿੱਠਾ ਅਤੇ ਰਸੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਬੀਜੀ ਫਸਲ 3 ਵਾਰ ਕੱਟੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿ.... (Read More)
ਕੁਲਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ SL44: ਇਹ ਮਿੱਠੀ, ਰਸੀਲੀ, ਪਤਲੇ ਤਣੇ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਵਿੱਚ ਸੇਂਜੂ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 240 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Punjab Sudax: ਇਹ ਜਵਾਰ ਦੀ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਪੌਦੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਪੱਤੇ ਮੋਟੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਣਾ ਮਿੱਠਾ ਅਤੇ ਰਸੀਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਬੀਜੀ ਫਸਲ 3 ਵਾਰ ਕੱਟੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਲਾਲ ਧੱਬਾ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਧਕ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 480 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Rupinder Singh
Punjab
02-07-2019 05:05 PM
Rupinder ji tuc zinc nu pehli urea nal pa sakde ho. eh tat di kami nu poora kardi hai.isde nal jhone di growth vadia hundi hai.dhanwad

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-07-2019 05:01 PM
rajveer ji dona da alag alag mhatav hai jekar 33% vali paunde ho ta 16-17 killo di varto karde ho ta 3 saal tak zinc paun di lod nahi hai. jehda zinc solublizing bacteria hai eh mitti vich zinc tat di kami nu poora karda hai. tuc dona vicho kise di vi varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by ਭਜਨ ਸਿੰਘ
Punjab
02-07-2019 04:51 PM
ਭਜਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਰੀ ਖਾਦ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਠਹਿਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by satyendra ku verma
Bihar
02-07-2019 04:51 PM
Satyendra verma जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई म.... (Read More)
Satyendra verma जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by shergill
Punjab
02-07-2019 04:48 PM
ehh koi chakar wali gal nhi hai, jddo pashu suun de nazdik hunda hai tan ohh iss trah jalle krda rehnda hai, tuci iss nu Anabolite liquid 100ml rojana ate vitum-h liquid 10-10ml swere sham deo ji, iss nal lewa ate dudh vdia howega.
Posted by abdulgaffar
Maharashtra
02-07-2019 04:42 PM
jabb barki pregnant bakri hoti hai too woh 1.5-2 mahine tak dudh kam krne lgg jatti hai, jabb uske thano se dudh bhut he kam honne lgge too app duudh bnnd kr skte hai.

Posted by Gurshan Singh
Punjab
02-07-2019 04:39 PM
uss nu tuci Mifex 450ml botal lgwao, uss botal vich Tonophas injection 20ml paoo ate (IV) slow lgwao, baki uss nu Trineuosole-H injection 5ml, Nurokind 15ml, Mecvolt injection 400mg lgwao, ehna nal farak paan lgg jawega.
Posted by Gurnider Singh
Punjab
02-07-2019 04:39 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਿਚ ਝੰਡਾ ਰੋਗ ਦਾ ਕੋਈ ਵੀ ਪੱਕਾ ਇਲਾਜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜਦ ਵੀ ਇਹ ਰੋਗ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾ ਓਹਨਾ ਪੌਧਿਆ ਨੂੰ ਪੁੱਟ ਦਿਓ ਅਤੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਓ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜਦੋ ਵੀ ਪਨੀਰੀ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾ ਇਸਨੂੰ Bavistin @3gm /killo ਦੇ ਘੋਲ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਡਬੋ ਕੇ ਲਾਓ

Posted by Gurpinder Randhawa
Punjab
02-07-2019 04:38 PM
Gurprinder ji sundi di roktham de layi tuc fame@20ml ja coragen@60ml nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by kulwinder singh
Punjab
02-07-2019 04:33 PM
muurah nasal da katta len lai 9865300013 Harpal singh nal gal kr skde ho.
Posted by Anil Kumar
Haryana
02-07-2019 04:32 PM
Anil ji jhaag ka koi solution to yahi hai ke jab yeh hwa ke sath ek jgah par ikathi ho jaye to kisi kapde ki madad se ise bahr nikal de.dhanywad
Posted by गोपी धनगर
Madhya Pradesh
02-07-2019 04:25 PM
गोपी जी आप इसके ऊपर pretilachlor @1 लीटर को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by bawa
Punjab
02-07-2019 04:24 PM
bawa ji malwal pig farm vich tusi Dr. Manjeet singh ji nal 7837702800 number te contact kar sakde ho ji.

Posted by Ram Singh chohan
Punjab
02-07-2019 04:22 PM
ਤੁਸੀ ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਬੀਜ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਕਲ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿਚ ਹੀ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ram
Punjab
02-07-2019 04:15 PM
ਜੇਕਰ ਉਸਦੇ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਛਿਦੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਖੰਡ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੀਂਬੂ ਨਿਚੋੜ ਕੇ 3 ਤੋਂ 5 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ FMC ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ
Posted by Rajesh Kumawat
Rajasthan
02-07-2019 04:15 PM
Rajesh Kumawat ji Rajasthan me KVK jaipur ka address Krishi Vigyan Kendra Chomu (Jaipur), VPO – Tankarda,Chomu, Jaipur 303 702, (Raj.) India

Posted by suraj
Uttar Pradesh
02-07-2019 04:12 PM
Sahiwal cow 14 liter wali apko lagbhag 25-30000 tak mill skti hai ..

Posted by suraj
Uttar Pradesh
02-07-2019 04:09 PM
आप उसे 35-40 किलो हरा चारा रोज़ाना दें, इसके साथ उसकी हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग करवाएं, बाकि आप फीड घर में भी तैयार कर दे सकते हैं संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केव.... (Read More)
आप उसे 35-40 किलो हरा चारा रोज़ाना दें, इसके साथ उसकी हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग करवाएं, बाकि आप फीड घर में भी तैयार कर दे सकते हैं संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, 1 किलो हल्दी (सर्दियां में) इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है

Posted by Kawaldhaliwal
Punjab
02-07-2019 03:54 PM
ਜਦੋਂ ਪੌਦੇ 1 ਤੋਂ 3 ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਹੋ ਜਾਣ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿਚ 10 ਤੋਂ 25 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਦੇਸੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 155 ਤੋਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 500 ਤੋਂ 1500 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 100 ਤੋਂ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੌਦੇ ਦੇ 4 ਤੋਂ 6 ਸਾਲ ਦਾ ਹੋਣ ਤੇ ਇਸ ਵਿਚ 25 ਤੋਂ 40 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ), 300 ਤੋਂ 600 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 1500 ਤੋਂ 2000 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ .... (Read More)
ਜਦੋਂ ਪੌਦੇ 1 ਤੋਂ 3 ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਹੋ ਜਾਣ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿਚ 10 ਤੋਂ 25 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਦੇਸੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, 155 ਤੋਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 500 ਤੋਂ 1500 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 100 ਤੋਂ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੌਦੇ ਦੇ 4 ਤੋਂ 6 ਸਾਲ ਦਾ ਹੋਣ ਤੇ ਇਸ ਵਿਚ 25 ਤੋਂ 40 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ), 300 ਤੋਂ 600 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 1500 ਤੋਂ 2000 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 600 ਤੋਂ 1000 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ 7 ਤੋਂ 10 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਦੇ ਬੂਟਿਆਂ ਵਿਚ 40 ਤੋਂ 50 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ), 750 ਤੋਂ 1000 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 2000 ਤੋਂ 2500 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 1100 ਤੋਂ 1500 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ 10 ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਲਈ 50 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ), 1000 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ, 2500 ਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 1500 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ) ਦੀ ਪੂਰੀ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ, ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਅੱਧੀ ਖੁਰਾਕ ਨੂੰ ਮਈ ਤੋਂ ਜੂਨ ਅਤੇ ਮੁੜ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by Gurwinder Samra
Punjab
02-07-2019 03:54 PM
gurwinde rji tuc potash nu bijai to pehlan vi pa sakde ho ate isnu bijai to 18 din bad vi pao. is to ilava tuc jekar liquid zinc hai ta tuc usdi matra 200ml nu prati acre de hisab nal spray kar sakde ho.dhanwad
Posted by lakhwinder singh
Punjab
02-07-2019 03:51 PM
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀ.... (Read More)
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਫੈਲਾਅ ਦਿਓ
ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਮੈਟਸਲਫਰੋਨ 20 ਡਬਲਿਊ ਪੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦਿਓ ਅਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-07-2019 03:49 PM
rajveer ji tuc isdi varto kar sakde ho isda result vadia hunda hai.isnu tuc roodi di khad nal rla ke pa sakde ho.dhanwad
Posted by Rajesh Kumawat
Rajasthan
02-07-2019 03:47 PM
हांजी बिलकुल आपको लोन मिल सकता है लेकिन इसके लिए आपको सही तरीका पता होना चाहिए, जैसे के सबसे पहले आपके पासपशुपालन की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना चाहिए जो के आपको नज़दीकी कृषि विज्ञा केंद्र से पशु पालन की ट्रेनिंग लेने के बाद ही मिलेगा जी. उसके बाद अप्प जितने पशु लेने है उसकी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी पड़.... (Read More)
हांजी बिलकुल आपको लोन मिल सकता है लेकिन इसके लिए आपको सही तरीका पता होना चाहिए, जैसे के सबसे पहले आपके पासपशुपालन की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना चाहिए जो के आपको नज़दीकी कृषि विज्ञा केंद्र से पशु पालन की ट्रेनिंग लेने के बाद ही मिलेगा जी. उसके बाद अप्प जितने पशु लेने है उसकी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी पड़ेगी जिसमे आपका पशु पालन विभाग आपके हेल्प कर सकता है उसके बाद सबसे जरुरी है की जिस बैंक में आपका बैंक का खाता चलता है उसमे पैसे का लेन देन कैसा चलता है फिर बैंक की जो भी शर्ते होती है वह आप पूरी करते हो तो बैंक आपको लोन दे सकता है . बैंक की शर्ते आपके बैंक मैनेजर ही बता सकता है जी.
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