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Posted by Ajay pal singh
Uttar Pradesh
03-07-2019 12:07 PM

?

Punjab
07-03-2019 12:20 PM
ajaypal ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap jankari kya lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by gk
Punjab
03-07-2019 12:07 PM
Punjab
07-03-2019 12:16 PM
gk ਜੀ ਹੁਣ ਬਾਸਮਤੀ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਹੈ ਪਰਮਲ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਨਿਕਲ ਚੁਕਿਆ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Mr monu thakur
Madhya Pradesh
03-07-2019 11:50 AM
Punjab
07-03-2019 12:14 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे दोमट रेतली से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है मक्की की खेती के लिए अच्छे निकास वाली, उपजाऊ रेतली दोमट से गारी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है अच्छी उपज के लिए उच्च जैविक पदार्थ युक्त मिट्टी, जिसमें पानी सोखने की क्षमता अच्छी हो, की आवश्यकता होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होन.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे दोमट रेतली से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है मक्की की खेती के लिए अच्छे निकास वाली, उपजाऊ रेतली दोमट से गारी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है अच्छी उपज के लिए उच्च जैविक पदार्थ युक्त मिट्टी, जिसमें पानी सोखने की क्षमता अच्छी हो, की आवश्यकता होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए भारी चिकनी मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती मिट्टी में किसी भी तत्व की कमी जानने के लिए मिट्टी की जांच जरूर करवायें प्रसिद्ध किस्में :- Ganga 2,Ganga-II,Tarun,Naveen खेती के लिए नदीन रहित और पिछली फसल से मुक्त खेत का ही चयन करें 10-15 सैं.मी. की गहराई पर जोताई करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 6-7 बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 4-6 टन प्रति एकड़ में डालें और खेत में 10 पैकेट एज़ोसपीरीलियम के डालें 45 से 50 सैं.मी. के फासले पर खालियां और मेंड़ तैयार करें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने से 10-15 दिन पहले करें इससे उपज में 10-15 प्रतिशत वृद्धि होगी बारानी क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने पर करें ताकि मिट्टी में उचित नमी विकसित हो सके उचित अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी होना आवश्यक है अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए पौधों में सही मात्रा का होना जरूरी है खरीफ की फसल के लिए कतार से कतार में 70 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 22 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें आसानी से अंकुरण के लिए समतल मिट्टी पर बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और सीड डरिल की सहायता से मेंड़ बनाकर की जा सकती है उद्देश्य, बीज का आकार, मौसम, पौधे की किस्म, बिजाई का तरीका आदि बीज की दर को प्रभावित करते हैं खरीफ के मक्की के लिए 7-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 24-50 किलो (यूरिया 52-110 किलो), फासफोरस 16-25 किलो (एस एस पी 100-160 किलो) और पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और 1/4 नाइट्रोजन बिजाई के समय डालें खादों को 5-7 सैं.मी. की गहराई पर डालें बाकी की नाइट्रोजन को दो भागों में, पहला फसल के घुटने तक आने की अवस्था में और दूसरा बालियां निकलने के समय डालें मक्की की फसल में जिंक और मैग्नीशियम की कमी होना सामान्य है इसे पूरा करने के लिए 10 किलो शुरूआती खुराक के तौर पर डालें जिंक और मैग्नीशियम के साथ ही आयरन की कमी भी देखी जा सकती है इसके कारण पूरा पौधा पीले रंग का दिखाई देता है इसे पूरा करने के लिए सूक्ष्म तत्व मिश्रण 25 किलो को 18 किलो रेत के साथ मक्की के बीज बोने के बाद डालें मक्की की फसल में हाथों से 1-2 गोडाई आवश्य करें पहली गोडाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 40-45 दिनों के बाद करें नदीनों की जांच के लिए एट्राज़िन 500 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद और नदीनों के अंकुरण से पहले स्प्रे करें गोडाई के बाद खादों को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और उसके बाद मेंड़ो पर मिट्टी चढ़ाएं छंटाई का अर्थ अत्याधिक पौधे को निकालना और सिर्फ सेहतमंद पौधों को ही रखना और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. के फासले को बनाकर रखना पहली गोडाई के समय छंटाई की प्रक्रिया की जाती है पहली सिंचाई के समय जब पौधे मुख्य फसल से 4-6 दिन के हो जाये, उस समय खाली जगहों को भरें बारिश की तीव्रता, आवृत्ति और तापमान के आधार पर सिंचाई करें नए पौधे, घुटने तक आने की अवस्था, फूल निकलना और दानें भरना सिंचाई के लिए बहुत गंभीर अवस्थाएं होती हैं इन अवस्थाओं पर पानी की कमी उपज में बहुत नुकसान कर सकती है पानी की कमी होने पर खालियां बनाकर सिंचाई करें यह पानी को भी बचाता है छल्लियों के बाहरले पर्दे हरे से सफेद रंग के होने पर फसल की कटाई करें तने के सूखने और दानों में पानी की मात्रा 17-20 प्रतिशत होने की सूरत में कटाई करना इसके लिए अनुकूल समय है प्रयोग की जाने वाली जगह और यंत्र साफ, सूखे और रोगाणुओं से मुक्त होने चाहिए
Posted by Mr monu thakur
Madhya Pradesh
03-07-2019 11:47 AM
Punjab
07-03-2019 04:01 PM
Monu ji kripya app apna swal vistar se btayen ki app kiss chijj per subsidy ke vare mai pushen rehen hai, app apna swal vistar se pushen tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Sonu
Haryana
03-07-2019 11:42 AM
Maharashtra
07-03-2019 12:05 PM
सोनू जी आप निमाटोड की रोकथाम के लिए नीम केक का इस्तेमाल करें धन्यवाद
Posted by Sonu
Haryana
03-07-2019 11:37 AM
Punjab
07-03-2019 12:03 PM
सोनू जी आप निमाटोड की रोकथाम के लिए नीम केक का इस्तेमाल करें धन्यवाद
Posted by ramanjeet singh kang
Punjab
03-07-2019 11:32 AM
Punjab
07-04-2019 02:08 PM
tuci usda Temprature check krwao jekar Temprature theek hai tan tuci uss nu Broton liquid 100ml, Tonakind Gold 50gm , Tonakind Herb 100gm rojana dena suru kro, iss nal farak paa jawega.
Posted by ramanjeet singh kang
Punjab
03-07-2019 11:31 AM
Punjab
07-04-2019 02:10 PM
Posted by Anurag Pandey
Uttar Pradesh
03-07-2019 11:14 AM
Punjab
07-04-2019 10:22 AM
अनुराग जी कृपया बताये कि आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Lovepreet bhullar
Punjab
03-07-2019 10:55 AM
Punjab
07-04-2019 02:06 PM
Lovepreet ji tuci uss nu Biotrim injection 10ml, Enrostrong-PZ 5gm, Vitamin-K 15ml, cromostate 20ml lgwao, ehh tuci 3 din lgwao, iss nal farak pann lgg jawega.
Posted by Ravindra patel
Madhya Pradesh
03-07-2019 10:48 AM
Maharashtra
07-04-2019 11:10 AM
यह paravilt नाम की बीमारी है इसके ऊपर 10mg cobalt chloride को प्रति लीटर पानी के हिसाब से मिलाकर स्प्रे करें यह बीमारी ठीक हो जायेगी
Posted by Manpreet singh
Punjab
03-07-2019 10:36 AM
Punjab
07-03-2019 11:54 AM
manpreet ji potash nu tuc akhri vhayi de same pa sakde ho. isdi matra 20 kilo prati acre de hisab nal pao.
Posted by Karamjit Singh
Punjab
03-07-2019 10:16 AM
Punjab
07-03-2019 01:19 PM
Karamjit Singh g Mushrooms di Training lyi Tusi Skill Development Centre PAU Ludhiana ch Training related form fill krke submit krva dio g . Jaa Apne Gurdaspur KVK ch form fill krke submit krwaao, jdo v training lgegi tuhanu Department vllo contact kita jaavega
Posted by sandeep upadhyay
Uttar Pradesh
03-07-2019 10:07 AM
Punjab
07-03-2019 11:53 AM
Sandeep ji dheemak ki roktham ke liye aap chlorpyriphos@1.5 litre ko 60 kilo mitti men mila kar prti acre ke hisab se chitta de.dhanywad
Posted by anmol
Punjab
03-07-2019 10:00 AM
Punjab
07-03-2019 11:46 AM
Anmol ji isde layi tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by Satnam Singh
Punjab
03-07-2019 09:42 AM
Punjab
07-03-2019 11:40 AM
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿ.... (Read More)
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by दुर्गे पाल
Uttar Pradesh
03-07-2019 09:37 AM
Punjab
07-03-2019 11:20 AM
दुर्गे पाल जी कृपया आप वताये के आप कोनसे कीट की रोकथाम के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको विस्तार से इसकी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Surendra
Rajasthan
03-07-2019 09:36 AM
Punjab
07-03-2019 11:14 AM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे निकास वाली गहरी जलोढ़, रेतली दोमट और काली मिट्टी चीकू की खेती के लिए उत्तम रहती है चीकू की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.0-8.0 उपयुक्त होती है चिकनी मिट्टी और कैल्शियम की उच्च मात्रा युक्त मिट्टी में इसकी खेती ना करें Chhatri: यह Kaalipatti किस्म से कम गुणवत्ता वाली कि.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे निकास वाली गहरी जलोढ़, रेतली दोमट और काली मिट्टी चीकू की खेती के लिए उत्तम रहती है चीकू की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.0-8.0 उपयुक्त होती है चिकनी मिट्टी और कैल्शियम की उच्च मात्रा युक्त मिट्टी में इसकी खेती ना करें Chhatri: यह Kaalipatti किस्म से कम गुणवत्ता वाली किस्म है यह अधिक उपज वाली किस्म है Dhola Diwani: यह किस्म अच्छी गुणवत्ता वाली उपज देती है इसके फल अंडाकार होते हैं Baramasi: यह किस्म उत्तरी भारत में प्रसिद्ध है इसके फल गोल और मध्यम होते हैं यह 12 महीने उपज देने वाली किस्म है Pot Sapota: पौधे गमले में ही फल देना शुरू कर देते हैं इसके फल छोटे होते हैं जो कि अंडाकार और शिखर से तीखे होते हैं फल मीठे और सुगंधित होते हैं Calcutta Round, Pala, Vavi Valsa, Pilipatti, Murabba, Baharu, and Gandhevi दूसरे राज्यों में उगाने वाली किस्म है चीकू की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए 2-3 बार जोताई करके ज़मीन को समतल करें बिजाई मुख्यत: फरवरी से मार्च और अगस्त से अक्तूबर महीने में की जाती है बिजाई के लिए 9 मी. फासले का प्रयोग करें सिंचाई की उपलब्धता और जलवायु के आधार पर अनानास और कोकोआ, टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, मटर, कद्दू, केला और पपीता को अंतरफसली के तौर पर उगाया जा सकता है नदीनों के अंकुरण से पहले शुरूआती 10-12 महीनों में स्टांप 800 मि.ली. या ड्यूरॉन 800 ग्राम प्रति एकड़ में डालें
Posted by bs.saini
Punjab
03-07-2019 09:36 AM
Punjab
07-03-2019 11:14 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by Pawan Gujjar
Rajasthan
03-07-2019 09:27 AM
Punjab
07-03-2019 11:34 AM
Pawan ji aap nehri pani ke sath sinchai kar sakte hai. iske ilava mausam vibhag ke anusar aapke ilake men barish hone ki smabhavna hai.dhanywad
Posted by ashok sharma
Rajasthan
03-07-2019 09:25 AM
Punjab
07-03-2019 04:05 PM
usse app LDM liquid 100-100ml subah sham dena suru kren, iske sath app Lactin bolus 1-1 subah sham aur Milkout powder 2-2 chamch subah sham den, isse farak padd jayega.
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
03-07-2019 09:18 AM
Punjab
07-03-2019 01:27 PM
Guardeep g NDRI ka Training schedule aapko bhej raha hoo.
Posted by bhinyaram
Rajasthan
03-07-2019 09:07 AM
Punjab
07-03-2019 11:39 AM
भींयाराम जी राशी जेट एक हाईब्रिड किसम है इसकी पैदावार अच्छी होती है यह Rasi कंपनी की तरफ से त्यार की गयी है धन्यवाद
Posted by guri singh
Punjab
03-07-2019 09:04 AM
Punjab
07-03-2019 10:47 AM
OS nu Powder Intalyt oral 300gm 30gm swere 30gm shame nu deo Liquid Livoferol 100ml rojana deo . Eh garmi Karen he eh Koi bimary Nhi eh garmi de stress Karan he is lai thande te hawa dar tha te rakho ji
Posted by Guru
Uttar Pradesh
03-07-2019 08:50 AM
Punjab
07-03-2019 11:10 AM
guru ji kripya btaye ke ganne men konse keet ka hamla hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by shergill
Punjab
03-07-2019 08:42 AM
Punjab
07-03-2019 04:06 PM
Shergill ji jekar cow sirf jalle krdi hai ate boldi nhi hai ate hor koi heat de lashan nhi hai tan tuci uss nu PG care bolus deni suru kro, isdi rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal pashu de gaban rehn vich help mildi hai ate jekar gaban naa hoi tan dubara heat vich v aa jawegi.
Posted by Vikram Singh
Punjab
03-07-2019 08:40 AM
Punjab
07-03-2019 11:06 AM
Vikram ji bajre di kisam PHBF1, PCB164, FBC 16 di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Mohit Rana
Haryana
03-07-2019 08:34 AM
Punjab
07-17-2019 05:57 PM
Mohit Rana ji Haryana me Medicinal Plants ke bare me puran jankari ke lia aap Dr. Rajesh arya 94660 35659 se samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by दुर्गे पाल
Uttar Pradesh
03-07-2019 08:34 AM
Maharashtra
07-03-2019 11:04 AM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी .... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
Posted by Mohit Rana
Haryana
03-07-2019 08:32 AM
Punjab
07-10-2019 10:19 AM
Mohit Rana ji Lemon grass seed lene ke liye aap Paritosh Gulati 9410312083 se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
03-07-2019 08:31 AM
Punjab
07-03-2019 10:56 AM
abhishek ji yeh tatv ki kami ke karn hai iski roktham ke liye aap ferrous sulphate@500 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.iske ilava yeh to dhabbe pad rahe hai ye leaf spot hai iski roktham ke liye aap tilt@200ml ko prtai acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
03-07-2019 08:29 AM
Punjab
07-03-2019 10:53 AM
इसकी रोकथाम के लिए राइनैक्सीपायर 20 एस सी 60 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें खेत में जल निकास का उचित प्रबंध करें, क्योंकि पानी के खड़ा होने से इसका हमला बढ़ जाता है
Posted by शाहरुख पटेल
Madhya Pradesh
03-07-2019 08:18 AM
Maharashtra
07-03-2019 10:55 AM
खेत को नदीन मुक्त करने के लिए, दो बार गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए, बिजाई के बाद, दो दिनो में, पैंडीमैथालीन 800 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by Keshi
Punjab
03-07-2019 08:14 AM
Rajasthan
07-03-2019 10:01 AM
Keshi जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने.... (Read More)
Keshi जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by jaswinder singh
Punjab
03-07-2019 08:08 AM
Punjab
07-03-2019 08:31 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਦਾਣੇਦਾਰ ਜਿੰਕ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰੰਤੂ ਜਿੰਕ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਛਿੱਟਾ ਦੇਣਾ ਬਿਹਤਰ ਹੈ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇਣ ਸਮੇਂ ਗਿਲ ਪੂਰੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
03-07-2019 07:54 AM
Punjab
07-03-2019 10:54 AM
kulveer ji dooji urea vich kuch vi milaun di lod nahi hai. tuc ikali urea di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
03-07-2019 07:51 AM
Punjab
07-03-2019 08:32 AM
Dr.dalal ghol da spray krn mal hi tuhanu benefit jyada milega..
Posted by makhan singh chttha
Haryana
03-07-2019 07:50 AM
Punjab
07-03-2019 10:46 AM
Makhan ji es hafte de akhir vich meeh pain di sambhavna hai.dhanwad
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
03-07-2019 07:38 AM
Rajasthan
07-03-2019 04:08 PM
ਜਿਥੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਣੀ ਪੀਂਦੇ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਜਗਾਹ ਤੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਹਫਤੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰ ਜਰੂਰ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਜਾਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਵੀ ਫਾਇਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by ਸੁਖਵਿਂਦਰ ਮਾਨ
Punjab
03-07-2019 07:29 AM
Punjab
07-03-2019 08:34 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਖਾਦ ਖੁਰਾਕ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਫੁਟਾਰਾ ਵਧੀਆ ਆਵੇਗਾ ਇਸ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਮਾਈਕੋਰਾਈਜਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by baljeet
Punjab
03-07-2019 07:14 AM
Punjab
07-03-2019 10:43 AM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
03-07-2019 06:45 AM
Punjab
07-03-2019 10:40 AM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਇਕ ਤਾ NPK 191919 @1 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਦੂਜਾ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਮ-45 @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ