
Posted by varinder Maan
Punjab
05-07-2019 06:49 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਜਿੰਕ 21% 15 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਫਿਰ 33% 10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਤੁਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਜਿੰਕ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by harman
Rajasthan
05-07-2019 06:47 AM
हरमन जी आप इसे वर्मीकम्पोस्ट डाले आप इसकी मात्रा 4 किल्लो को प्रति एकर के हिसाब से डाले धन्यवाद
Posted by Balwinder Singh
Punjab
05-07-2019 06:42 AM
balwinder ji jekar biovita di gal kar rahe ho ta isda result vadia hai. tuc isdi varto kar sakde ho.dhanwad

Posted by vicky
Haryana
05-07-2019 06:07 AM
vicky ji sarso ki khali ke sath hi iska futav hoga.iske ilava aap biovita ka istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by Hemant Kusvah
Uttar Pradesh
05-07-2019 05:53 AM
खेत को अच्छी तरह जोतकर नर्म करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद आखिरी जोताई के समय डालें अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है
अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के .... (Read More)
खेत को अच्छी तरह जोतकर नर्म करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद आखिरी जोताई के समय डालें अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है
अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है
नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें

Posted by Hemant Kusvah
Uttar Pradesh
05-07-2019 05:51 AM
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं पिछेती बिजाई की किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है और जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए रेतली दोमट मिटटी की सिफारिश की जाती है मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए मिट्टी का pH कम होने पर उसमें चूना डालें अगेती किस्में Early Kunwari: यह जल्दी पकने वा.... (Read More)
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं पिछेती बिजाई की किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है और जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए रेतली दोमट मिटटी की सिफारिश की जाती है मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए मिट्टी का pH कम होने पर उसमें चूना डालें अगेती किस्में Early Kunwari: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल क्रीम रंग के और आकार में छोटे होते हैं यह किस्म 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 25-37.5 क्विंटल प्रति एकड़ है Pusa Deepali: यह किस्म IARI द्वारा विकसित की गई है यह जल्दी पकने वाली किस्म है और उत्तरी भारत में बिजाई के लिए उपयुक्त है इसकी खेती के लिए गर्म जलवायु (20-25°सै.) अनुकूल होती है इसकी औसतन पैदावार 42-62.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Summer King: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Paavas: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है और रोपाई जुलाई के महीने में की जाती है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की अच्छे से जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज और पिछेती मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज प्रति एकड़ के लिए आवश्यक है खेत में गली हुई रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें और साथ ही नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट), पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) गाय का गोबर, एस एस पी और म्यूरेट ऑफ पोटाश की पूरी मात्रा और युरिया की एक तिहाई मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें बाकी बची यूरिया को दो समान भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 45वें दिन डालें फूल के अच्छी तरह बनने और अच्छी वृद्धि के लिए, पानी में घुलनशील खाद NPK(19:19:19) 10 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर पौधे के शुरूआती विकास के दौरान स्प्रे करें रोपाई के 40 दिन बाद 12:61:00 4-5 ग्राम + सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम + बोरोन 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें फूल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पानी में घुलनशील खाद NPK 13:00:45 20 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर फूल के विकसित होने के समय डालें मिट्टी की जांच करें और यदि मैगनीशियम की कमी दिखे तो इसे पूरा करने के लिए मैगनीशियम सल्फेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद डालें कई बार खोखले और बेरंगे तने दिखाई देते हैं, जिससे फूल भी भूरे रंग का हो जाता है और पत्ते भी मुड़ जाते हैं यह सब बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरेक्स 250-400 ग्राम को प्रति एकड़ में डालें नदीनों को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन (बसालिन) 1-2 लीटर प्रति 800 मि.ली.को 200 लीटर पानी का छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें फसल को खेत में लगाने से 1 दिन पहले पैंडीमैथलीन 1 लीटर प्रति एकड़ में छिड़काव करें फसल को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई करें मिट्टी और वातावरण के अनुसार गर्मियों में 7-8 दिनों के बाद और सर्दियों में 10-15 दिनों के बाद सिंचाई करें पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फुलों की कटाई की जा सकती है और कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
05-07-2019 05:45 AM
kulveer ji chloro di varto seonk di roktham de layi kiti jandi hai. isdi matar 1 litre nu 60 killo ret vich mila ke chitta deo.dhanwad
Posted by Hari singh shekhawat
Rajasthan
05-07-2019 01:08 AM
यदि आप साहीवाल नसल की गाय लेते हैं तो 13—15 लीटर दूध वाली गाय आपको 35—40 हज़ार तक मिल सकती है इस हिसाब से आप गायों को खरीद सकते है यदि दूध ज्यादा है तो उसके दूध के हिसाब से रेट होता है बाकि खरीदने वाले और बेचने वाले पर निर्भर करता है और बाकि खुराक यदि आप हरा चारा खुद उगाते है और खुद ही दाना तैयार करके देते है जिसमें सा.... (Read More)
यदि आप साहीवाल नसल की गाय लेते हैं तो 13—15 लीटर दूध वाली गाय आपको 35—40 हज़ार तक मिल सकती है इस हिसाब से आप गायों को खरीद सकते है यदि दूध ज्यादा है तो उसके दूध के हिसाब से रेट होता है बाकि खरीदने वाले और बेचने वाले पर निर्भर करता है और बाकि खुराक यदि आप हरा चारा खुद उगाते है और खुद ही दाना तैयार करके देते है जिसमें सारा घर का सामान पड़ता है तो खर्चा कम होता है यदि आप सारा कुछ खरीद कर डालते है तो उसमें खर्चा भी ज्यादा होता है और बचत भी कम होती है
Posted by Hari singh shekhawat
Rajasthan
05-07-2019 01:03 AM
यदि आप एक देसी नसल तैयार करना चाहते है तो आप साहीवाल नसल या गिर नसल का टीका भरवा सकते है यह दोंनो अच्छी नसलें है और इनका दूध भी अच्छा होता है आप अपने नज़दीकी अस्पताल से ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरवा सकते हैं
Posted by Sonu
Haryana
04-07-2019 11:28 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं

Posted by Devendra Patidar
Madhya Pradesh
04-07-2019 11:20 PM
श्रीमान जी, आप इसकी ट्रेनिंग लेने के लिए अपने नजदीकी KVK Dhar, Near Sh C K Chandel School, Mandu Link Road, Dhar, (M.P.), Pin:- 454001 पर जा कर सम्पर्क कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by इमरान खान
Maharashtra
04-07-2019 11:14 PM
Imran Khan to get all information about pearl farming plz contact with me on 9770085381, 9407461361. Thankyou.
Posted by Mukesh Malik
Haryana
04-07-2019 10:53 PM
Mukesh Malik जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
Mukesh Malik जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Mukesh Malik
Haryana
04-07-2019 10:52 PM
Mukesh Malik जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
Mukesh Malik जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-07-2019 10:48 PM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਬੈੱਡ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਨਾਲ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 15 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 40 ਕਿਲੋ ( ਯੂਰੀਆ 90 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 20 ਕਿਲੋ ( ਐਸ ਐਸ ਪੀ 125 ਕਿਲੋ), ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 15 ਕਿਲੋ ( ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ.... (Read More)
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਬੈੱਡ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਨਾਲ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 15 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 40 ਕਿਲੋ ( ਯੂਰੀਆ 90 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 20 ਕਿਲੋ ( ਐਸ ਐਸ ਪੀ 125 ਕਿਲੋ), ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 15 ਕਿਲੋ ( ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਨੂੰ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨਾ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਉੱਪਰ ਪਾਓ ਜਾਂ ਟਾੱਪ ਡ੍ਰੈਸਿੰਗ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਦੇ ਲਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੇ ਵਾਧੇ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਗੋਡੀ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੁਰੰਤ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਮੌਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕੁੱਲ 9-10 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by girdhari sakh
Rajasthan
04-07-2019 10:30 PM
Girdhari sakh जी गाय के माँस को बीफ (Beef) कहा जाता है धन्यवाद

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
04-07-2019 10:24 PM
Hardeep Tiwana ji Abs company hai jo imported seman sale kardi hai ji . eh bohat vadiya company hai te ehna de seman da record sara online check kita ja sakda hai.
Posted by Peter
Gujarat
04-07-2019 10:24 PM
Peter ji chandan ke plant lene ke lia aap Arun Khurmi 9878123123 se samparak kar sakte hai. Thankyou.

Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-07-2019 10:21 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਜਿੰਕ 33% @10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ @25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਝੋਨਾ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 8 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
04-07-2019 10:18 PM
Hardeep ji verka de wallo fat de hissab nal 10 rupees tak rate vadeya hai ji. baki eh tohade dudh te fat he hissab nal pata lag sakda hai ji.

Posted by silender
Haryana
04-07-2019 10:11 PM
silender g kirpa apna swaal vistaar se btaayein aap kyaa jankari lena chahte ho. kirpa apni recording kr ke bheje tan jo apko iss ki sapooran jankari di ja ske.
Posted by Dharmendra Kushwaha
Madhya Pradesh
04-07-2019 09:47 PM
धरमिंदर जी टमाटर की पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें..https://www.apnikheti.com/hn/hr/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82/%E0%A4%9F%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%B0

Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-07-2019 09:41 PM
Ravinder g iss de upper khatti lassi 4 ltr prati acre ate 3 dina baad haldi 500gm prati acre de hisaab nal spray kro..
Posted by Janak Singh
Punjab
04-07-2019 09:26 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਸ਼ੁਰੁ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਵੀ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ, ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਅਗਲੀ 4 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 13-08-2019 ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਸ਼ੁਰੁ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਵੀ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ, ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਅਗਲੀ 4 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 13-08-2019 ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਇਟਰਵਿਓ 26-07-2019 ਨੂੰ ਹੈ ਜੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
04-07-2019 09:24 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਟ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਟ੍ਰੇਨਿੰਟ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.

Posted by kashmir singh
Punjab
04-07-2019 09:15 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ 18-45 ਸਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 5 ਦੁਧਾਰੂ ਪਸ਼ੂ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਲਿਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਮਿਲ ਜਾ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ 18-45 ਸਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 5 ਦੁਧਾਰੂ ਪਸ਼ੂ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਲਿਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ http://pddb.in/Content.aspx guid=CiJTeaYB2lQ= ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਲੋਨ ਦੇ ਲਈ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਯੂਟਿੳਬ ਤੇ apni kheti ਲਿ਼ਖ ਕੇ ਚੈਨਲ ਸਰਚ ਕਰੋ ਤੇ ਉਸ ਚੈਨਲ ਦੁਆਰਾ ਅੱਪਲੋਡ ਕੀਤੀਆ ਹੋਈਆ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਵੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਕ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਵਾਲੀ ਵੀਡਿਓ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by farmer
Punjab
04-07-2019 09:12 PM
ਉਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁ.... (Read More)
ਉਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ.

Posted by Bashisht Nishad
Uttar Pradesh
04-07-2019 09:11 PM
Paddy mein pani ka level kam rakho or ess mein fungicide dal skte ho g..
Posted by बिनोद लाल
Jharkhand
04-07-2019 09:10 PM
इसके लिए आप RIR नसल रख सकते हो यह1साल में लगभग300 अंडे देती है, इसका बच्चा 30-35 रूपये मिलता है इसकी कलगी बड़ी होती है और धुप में चमकती है, इसका भार ज़्यादा नहीं होता यह अंडों के लिए बढ़िया नस्ल है, इसका मीट के लिए ज़्यादा प्रयोग नहीं होता मार्किट में इसके नकली बहुत आते है, इसकी सही ढंग से पहचान कर ही खरीदें. इसके चूज़े लेने .... (Read More)
इसके लिए आप RIR नसल रख सकते हो यह1साल में लगभग300 अंडे देती है, इसका बच्चा 30-35 रूपये मिलता है इसकी कलगी बड़ी होती है और धुप में चमकती है, इसका भार ज़्यादा नहीं होता यह अंडों के लिए बढ़िया नस्ल है, इसका मीट के लिए ज़्यादा प्रयोग नहीं होता मार्किट में इसके नकली बहुत आते है, इसकी सही ढंग से पहचान कर ही खरीदें. इसके चूज़े लेने के लिए आप Tinku Prasad 9883609252 Sirvastav Hatchery Farm से संपर्क कर सकते हैं
Posted by Harjinder Tiwana
Punjab
04-07-2019 08:52 PM
tuci uss nu Agrimin super powder 100gm rojana dena suru kro ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by suresh Yogi
Rajasthan
04-07-2019 08:51 PM
यह केसर नहीं है असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, इरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है यह कुसुम है इसकी भी कई दवाइयां बनती हैं यदि कोई और शक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात कर लें जिनके पुरख भी केसर की खेती करते थे और ये भी केसर की खेती करते हैं Javid Ahmed- 95964 93260 . बाकी आप यह वीडियो दखें https://www.youtube.com/watch v=vl7c6L3ETnQ&t=8s
यदि आपको .... (Read More)
यह केसर नहीं है असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, इरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है यह कुसुम है इसकी भी कई दवाइयां बनती हैं यदि कोई और शक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात कर लें जिनके पुरख भी केसर की खेती करते थे और ये भी केसर की खेती करते हैं Javid Ahmed- 95964 93260 . बाकी आप यह वीडियो दखें https://www.youtube.com/watch v=vl7c6L3ETnQ&t=8s
यदि आपको फिर भी यकीन नहीं तो आप अमृत पाल सिंह बराड़ प्रोफेसर पी ए यू लुधियाना पर इस वीडियो से संबंधित विचार पढ़ सकते हैं
यह फसल केसर की नहीं है यह फसल कुसुम की है इसे अंग्रेजी में Safflower कहते हैं अैर विज्ञान में इसे Carthamus tinctorius कहते हैं यह फसल पोहली नदीन की फैमिली से है पोहली को जंगली कुसुम भी कहते हैं कुसुम के बीज की कीमत तीस से चालीस रूपये प्रति किलोग्राम होती है और एकड़ में 6 किलो बीज से अक्तूबर महीने के आखिरी सप्ताह से नवंबर महीने के पहले सप्ताह बिजाई की जाती है इस फसल के बीजों का तेल सफोला के नाम से बाजार में आम मिलता है जिसमें 74 प्रतिशत लाइनोलिक तेजाब होता है और दिल के रोगियों के लिए उत्तम माना जाता है इसके फूलों की केसर रंग की पत्तियों को खाद्य पदार्थों की रंगाई और कपड़े की रंगाई के अलावा कुछ दवाइयों के तौर पर भी प्रयोग किया जाता है इसके अलावा इन सूखी पत्तियों को केसर में मिलावट करके भी बेचा जाता है यह सूखी पत्तियां आठ सौ रूपये से एक हजार रूपये प्रति किलोग्राम के लगभग होते हैं भारत में केसर की खेती सिर्फ कश्मीर में ही होती है और इसके फूलों की इस्तरी केसरों को ही प्रयोग में लाया जाता है इसलिए किसान भाइयों धोखें से बचें अमृत पाल सिंह बराड़ प्रोफैसर, पी ए यू लुधियाना

Posted by Pardeep Katnauria
Himachal Pradesh
04-07-2019 08:43 PM
Pardeep Katnauria ji आप टमाटर और खीरा लगा सकते हैं धन्यवाद

Posted by satish
Haryana
04-07-2019 08:22 PM
धान में एक एकड के लिए 110 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड के हिसाब से डाली जाती है धान को मुख्य खेत में लगाने के 18 दिनों बाद यूरिया और डीएपी डालनी चाहिए इसके 27 किलो डीएपी डाल सकते हैं यदि गेहूं में डीएपी नहीं डाली है इसके इलावा इसमें 20 किलो पोटाश डालनी है जो यूरिया है इसे 3 हिस्सो में बांटकर डालें 18—45 दिन तक यूरिया क.... (Read More)
धान में एक एकड के लिए 110 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड के हिसाब से डाली जाती है धान को मुख्य खेत में लगाने के 18 दिनों बाद यूरिया और डीएपी डालनी चाहिए इसके 27 किलो डीएपी डाल सकते हैं यदि गेहूं में डीएपी नहीं डाली है इसके इलावा इसमें 20 किलो पोटाश डालनी है जो यूरिया है इसे 3 हिस्सो में बांटकर डालें 18—45 दिन तक यूरिया की सारी मात्रा डाल दें यदि खेत में जिंक डालनी चाहते है तो पहली यूरिया के साथ यूरिया मिक्स करके खेत में छिड़काव कर सकते हैं यह जिंक आप 21 प्रतिशत या 33 प्रतिशत वाली डाल सकते हैं 21 प्रतिशत जिंक की मात्रा 25 किलो प्रति एकड़ होती है और 33 प्रतिशत वाली जिंक की मात्रा 16—17 किलो प्रति एकड़ है ग्रोथ के लिए बायोविटा 8 किलो या राली गोल्ड 4 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते हैं

Posted by रविन्द्र कुमरावत
Madhya Pradesh
04-07-2019 08:07 PM
Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है उस समय आप जिंक भी साथ मिलाकर छि.... (Read More)
Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है उस समय आप जिंक भी साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते है यदि डीएपी का प्रयोग बिजाई के समय या बिजाई से पहले खेत तैयार समय नहीं करते है तो जब पानी के बाद NARMA 1 —1.5 फीट का हो जाए तो उस समय ड्रिल मशीन के साथ Narme के सियाडो में डाल सकते है I
Posted by Sumit Yadav
Rajasthan
04-07-2019 08:04 PM
सुमित यादव जी जयपुर में प्याज का भाव 800-1400/q चल रहा है धन्यवाद
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
04-07-2019 08:01 PM
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
04-07-2019 07:49 PM
tuci garmi vich sabal lai ehh video dekho ji ate sarida vich shedd bnnd rkho, bachia di jyada dekhbhal kro, subha jldi bache bhar ne kadne, dupph chddn te bhar kdne hai ate ratt nu jldi anndar bnn deo. baki tuci garmia vich bachav lai eh video dekho.
https://youtu.be/11oPCLwra0o
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