Posted by Ajit singh
Punjab
06-07-2019 10:08 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by supinder jawandha
Punjab
06-07-2019 10:06 AM
ਸੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਕੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਖਾਦਾਂ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by akshay
Bihar
06-07-2019 10:05 AM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों जैसे भारी चिकनी दोमट और रेतली दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह उपजाऊ मिट्टी में भी अच्छी उगती है जलजमाव, नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में पान की खेती ना करें हल्की मिट्टी के साथ साथ अच्छी गहराई वाली भारी लाल दोमट मिट्टी भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है Deswari, Kapoori, Maghai and Bangla उत्तर .... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों जैसे भारी चिकनी दोमट और रेतली दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह उपजाऊ मिट्टी में भी अच्छी उगती है जलजमाव, नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में पान की खेती ना करें हल्की मिट्टी के साथ साथ अच्छी गहराई वाली भारी लाल दोमट मिट्टी भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है Deswari, Kapoori, Maghai and Bangla उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध किस्में है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की चार से पांच बार जोताई करें फिर पास के क्षेत्रों से 5-10 सैं.मी. की दूरी पर ज़मीन तैयार करें और दोनों भागों पर उचित ढलान दें इससे अतिरिक्त पानी के निकास में मदद मिलेगी फिर 15 सैं.मी. ऊंचे और 30 सैं.मी. चौड़े आवश्यक बैड तैयार करें पान की खेती के लिए जनवरी-फरवरी और अक्तूबर से नवंबर का समय उपयुक्त होता है भारत में पान की खेती के लिए दो प्रणालियों का प्रयोग किया जाता है खुली प्रणाली जिसमें दूसरे पौधे को सहारे के लिए प्रयोग किया जाता है
बंद प्रणाली जिसमें बनावटी आयताकार ढांचे होते हैं, जिन्हें बोरोजस कहा जाता है, उन्हें सहारे के लिए प्रयोग किया जाता है तने के काटे हुए भाग का रोपण किया जाता है खुली प्रणाली में एक एकड़ खेत के लिए 16000-3000 कटिंग का प्रयोग किया जाता है जबकि बंद प्रणाली में खेती के लिए 40000-48000 कटिंग का प्रति एकड़ में प्रयोग किया जाता हैं फसल को सूखे और बीमारियों से बचाव के लिए बीजों को 30 मिनट के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन 500 मि.ग्रा.+ बॉर्डीऑक्स मिश्रण 0.5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में भिगोयें प्रजनन उद्देश्य के लिए 3-5 गांठो वाली तने की कटिंग का प्रयोग करें इन कटिंग को इस तरह बोयें कि मिट्टी में 2-3 गांठे दफन हो जायें बेलों के ऊपरी भाग से 35-45 सैं.मी. लंबाई की तने की कटिंग का चयन करें उत्तर प्रदेश में रोपाई के लिए सिंगल गांठ वाली कटिंग के साथ मुख्य पौधे के पत्ते का प्रयोग करें एक एकड़ खेत के लिए 16000-30000 कटिंग का प्रयोग किया जाता है
3-5 गांठों वाली तने की कटिंग को प्रजनन के लिए प्रयोग किया जाता है और इन्हें इस तरह व्यवस्थित किया जाता है कि 2-3 गांठे मिट्टी में लग जाएं एक सिंगल कटिंग के साथ मुख्य पौधे के पत्ते को भी रोपित किया जाता है लगभग 30-45 सैं.मी. लंबी तने की कटिंग से बेलों का प्रजनन किया जाता है बेलों के ऊपरी भाग का कुछ हिस्सा लें इसे रोपित करना आसान होता है और इससे जड़ें जल्दी निकलती हैं एक एकड़ में रोपाई के लिए औसतन 100000 सैट की आवश्यकता होती है आमतौर पर एक हेक्टेयर में 40000-75000 कटिंग का प्रयोग किया जाता है पान की पूरी फसल को नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 40 किलो) और पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) प्रति एकड़ में प्रति वर्ष डालें शुरूआती खुराक के तौर पर नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 35 किलो) के साथ फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को तीन भागों में बांटे - पहले भाग को बेलों के चढ़ने के 15 दिन बाद और दूसरी और तीसरी मात्रा 40-45 दिनों के अंतराल पर डालें अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होनी चाहिए इसलिए जलवायु परिस्थितियों के आधार पर लगातार हल्की सिंचाई करें यह जल जमाव स्थिति के प्रति संवेदनशील है अतिरिक्त पानी के निकास का उचित प्रबंध करें 15-20 सैं.मी. के अंतराल पर बेल को केले के फाइबर से ढीला बांधकर सिधाई की जाती है बेल की वृद्धि के आधार पर प्रत्येक 15-20 दिनों के अंतराल पर सिंधाई की जाती है पान की फसल रोपाई के 2-3 महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जैसे कि जब बेल 1.2-1.8 मीटर की वृद्धि कर जाये तो इसके बाद प्रत्येक 15-25 दिनों के लिए तुड़ाई कर लें तने के निचले भाग से पत्तों की तुड़ाई करें पंखुड़ियों के भाग के साथ पके हुए पत्तों को तोड़ें तुड़ाई हाथों से से की जाती है एक एकड़ खेत से प्रतिवर्ष 30-40 लाख पत्ते प्राप्त किए जाते हैं

Posted by tikendra singha
Assam
06-07-2019 10:00 AM
Tikendra singha जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई म.... (Read More)
Tikendra singha जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Udeypunia Kuchrania
Haryana
06-07-2019 09:58 AM
Udeypunia Kuchrania ji har ilake ki bijai ka fark hota hai yeh samoohik taur par ek bijai ka tareeka btaya gya hai.dhanywad
Posted by Udeypunia Kuchrania
Haryana
06-07-2019 09:54 AM
उदयपूणिआ जी यह पूरी स्टेट के अनुसार जानकारी दी गयी है जो के आपके स्टेट की कृषि यूनिवर्सिटी और अदारो से प्रमाणित है अगर आपको इसमें कोई जानकारी गलत लग रही है या इसके इलावा कोई और जानकारी लेना चाहते है तो अपना सवाल पूछ सकते है.धन्यवाद

Posted by gurpreet singh
Punjab
06-07-2019 09:46 AM
gurpreet ji insect di photo clear nahi hai kirpa karke isdi saaf photo bhejo ta jo tuahnu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by praful vaidya
Maharashtra
06-07-2019 09:46 AM
मिट्टी परीक्षण के रिजल्ट के आधार पर खाद डालें अनुपस्थिति में, नाइट्रोजन @ 40-50 किलोग्राम (यूरिया @ 90 किलोग्राम-110 किलोग्राम), फास्फोरस @ 20-30 किलोग्राम (एस एस पी @ 125-190 किलोग्राम) और पोटाश @ 20-32 किलोग्राम (MoP @ 30-50 किलोग्राम) डालें
बीज की बिजाई के समय 20% नाइट्रोजन, फास्फोरस की पूरी मात्रा और पोटाश डालें नाइट्रोजन की बची मात्.... (Read More)
मिट्टी परीक्षण के रिजल्ट के आधार पर खाद डालें अनुपस्थिति में, नाइट्रोजन @ 40-50 किलोग्राम (यूरिया @ 90 किलोग्राम-110 किलोग्राम), फास्फोरस @ 20-30 किलोग्राम (एस एस पी @ 125-190 किलोग्राम) और पोटाश @ 20-32 किलोग्राम (MoP @ 30-50 किलोग्राम) डालें
बीज की बिजाई के समय 20% नाइट्रोजन, फास्फोरस की पूरी मात्रा और पोटाश डालें नाइट्रोजन की बची मात्रा को दो बराबर हिस्सों में बांटें और बिजाई के 30 वें, 60 वें दिन पर डालें
Posted by Ankit Ponia
Uttar Pradesh
06-07-2019 09:35 AM
खेत को साफ और नदीन रहित रखें बाजरे की बिजाई के बाद एट्राज़िन 400 ग्राम को 200 लीटर पानी में मिलाकर डालें बिजाई के 15-17 दिनों के बाद छंटाई की क्रिया करें और सिर्फ सेहतमंद फसल ही रखें

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
06-07-2019 09:33 AM
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਸੀ ਐੱਪ ਦੇ ਹੋਮ ਪੇਜ ਤੇ ਮੌਸਮ section ਵਿਚ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਐੱਪ ਚਲਾਉਣ ਵਿਚ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 9779977641 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੌਸਮ ਦੇਖਣ ਸੰਬੰਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਨਾਲ ਦਿਤੀ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by karambir singh Josan
Punjab
06-07-2019 09:31 AM
For maintaining a profitable fish farming business, you have to go through some step by step process. The steps for starting a fish farming business includes selecting suitable farm land or area, fish farm type (cage, tank or pond), cage or pond construction, selecting fish species, feeding, care & management, harvesting and marketing. We are shortly describing all the steps below. For running a successful fish farming business, follow every steps very carefully. ype (cage, tank or pond), cage or pond construction, selecting fish species, feeding, care & management, harvesting and marketing. We are shortly describing all the steps below. For running a successful fish farming business, follow every steps very carefully.

Posted by उपेंद्र कुमार
Uttar Pradesh
06-07-2019 09:25 AM
Upendra Kumar ji kirpya je btae ke aap kis vishe me Training lena chahte hai ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.

Posted by उपेंद्र कुमार
Uttar Pradesh
06-07-2019 09:23 AM
upendra ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap jankari kya lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Harpreet Singh
Punjab
06-07-2019 09:21 AM
ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਮੈਟਸਲਫਰੋਨ 20 ਡਬਲਿਊ ਪੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦਿਓ ਅਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ
Posted by Gagandeep Singh
Punjab
06-07-2019 09:17 AM
Gagandeep Singh ji eh bare tohade nal phone te jankri share kar diti hayi hai ji.

Posted by vicky
Haryana
06-07-2019 09:15 AM
vicky ji bilkul aap dheemak ki roktham ke liye aap fitkadi ka istemal kar sakte hai iske liye aap fitkadi ko kapde men bandh kar sinchai vali jgah par rakh de.dhanywad

Posted by deep
Punjab
06-07-2019 09:12 AM
tuci ohna nu pett de kiria lai Albendazole bolus deo, isde nal Cargill di heifer dry feed deni suru kro ate Cafplan powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi baki tuci her 3 mahine badd salt change krke deworming jrur kro ji.

Posted by Hardeep singh
Punjab
06-07-2019 09:07 AM
ਹਰਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sandeep upadhyay
Uttar Pradesh
06-07-2019 09:04 AM
फैट बढ़ाने के लिए फीड के साथ एक किलो सरसों की खल,1 किलो बड़ेवो की खल दें 50 ग्राम मिठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम और coolmax पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें उसे आप Broton liquid 50ml रोजाना दें इससे उसका पेट ठीक रहेगा

Posted by shaikh sarfaraz liyakat
Gujarat
06-07-2019 08:59 AM
jeh vaccine app alembic pharma company ki ya indian immunological company ki khridd skte hai.
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-07-2019 08:56 AM
kulveer ji saro di khal nu tuc drip nal na pao isdi spray kar sakde ho s to ilava isda chitta deo sakde ho. jekar khaadan di matra poori khet vich pa rahe ho ta isdi varto karn di lod nahi hai.dhanwad

Posted by boota singh
Punjab
06-07-2019 08:52 AM
ਬੂਟਾ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਸਾਫ @500 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-07-2019 08:51 AM
kulveer ji urea de nal chloro rla ke na pao chloro di varto tahi kro jekar seonk da hamla hunda hai.fatkadi vi seok di roktham de layi varto kiti jandi hai.eh fungus di roktham nahi kardi.dhanwad

Posted by Rajanpreet Singh
Punjab
06-07-2019 08:42 AM
tuci uss nu khurak de nal nal Vitum-h liquid 10-10ml swere sham dena suru kro ate sunn ton 1 mahina pehla Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, iss nal dudh ate lewa vdia howega..
Posted by Jatinder Singh
Punjab
06-07-2019 08:39 AM
Jatinder jisulphur di varto os khet vich kiti jandihai jithe mitti vich pani ghat jeerda hai.isdi matra 3 killo nu prtai acre de hisab nal varto kiti jandi hai.dhanwad

Posted by shameem Ahmad
Uttar Pradesh
06-07-2019 08:36 AM
shameem ji aap 3 bighe jameen men 1200 gram se 1800 gram tak beej ka istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by Ashish Kumar
Uttar Pradesh
06-07-2019 08:33 AM
Ashish ji aap iske uper quinalphos@400ml ko 150 litre pani men mila kar spray karen is se keet ki roktham ho jayegi.dhanywad
Posted by Aabid khan Khan.
Madhya Pradesh
06-07-2019 08:30 AM
आबिद खान जी अगर सुंडी है तो आप इसके ऊपर quinalphos @400 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Ashish Kumar
Uttar Pradesh
06-07-2019 08:29 AM
खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिनों के बाद, पर ज्यादा होने की सूरत .... (Read More)
खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिनों के बाद, पर ज्यादा होने की सूरत में एट्राज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों में मिट्टी लगाएं
Posted by Aabid khan Khan.
Madhya Pradesh
06-07-2019 08:28 AM
(मिट्टी की जांच के मुताबिक ही खाद डालें) सुपर फासफेट 75-150 किलो, यूरिया 75-110 किलो और पोटाश 15-20 किलो (यदि मिट्टी में कमी दिखे) प्रति एकड़ डालें एस. एस. पी और एम. ओ. पी की पूरी मात्रा और यूरिया का तीसरा हिस्सा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन पौधों के घुटनों तक होने और गुच्छे बनने से पहले डालें
मक्की की फसल में जिंक .... (Read More)
(मिट्टी की जांच के मुताबिक ही खाद डालें) सुपर फासफेट 75-150 किलो, यूरिया 75-110 किलो और पोटाश 15-20 किलो (यदि मिट्टी में कमी दिखे) प्रति एकड़ डालें एस. एस. पी और एम. ओ. पी की पूरी मात्रा और यूरिया का तीसरा हिस्सा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन पौधों के घुटनों तक होने और गुच्छे बनने से पहले डालें
मक्की की फसल में जिंक और मैग्नीश्यिम की कमी आम देखने को मिलती है और इस कमी को पूरा करने के लिए जिंक सलफेट 8 किलो प्रति एकड़ बुनियादी खुराक के तौर पर डालें जिंक और मैग्नीशियम के साथ साथ लोहे की कमी भी देखने को मिलती है जिससे सारा पौधा पीला पड़ जाता है इस कमी को पूरा करने के लिए 25 किलो प्रति एकड़ सूक्ष्म तत्वों को 25 किलो रेत में मिलाकर बिजाई के बाद डालें

Posted by ਪਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-07-2019 08:27 AM
ਪਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਲੋਰੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤਾ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਸਿਉਂਕ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਪਹਿਲੀ ਰਹਿ ਦੇ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਇਆ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਸਲਫ਼ਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤਾ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਘਟ ਜੀਰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 3 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
06-07-2019 08:20 AM
खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिनों के बाद, पर ज्यादा होने की सूरत .... (Read More)
खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिनों के बाद, पर ज्यादा होने की सूरत में एट्राज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों में मिट्टी लगाएं
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
06-07-2019 08:20 AM

Posted by Vinay Kamble
Maharashtra
06-07-2019 08:17 AM
हजी एक सेहतमंद बकरी 1 सूए में 2 बचे देती है कई बार 3 बच्चे भी देती है और यह 2 साल में लगपाग 5 बच्चे पैदा कर सकती है जी
Posted by navdeep singh
Haryana
06-07-2019 08:16 AM
navdeep ji isnu tuc khaad kehdi kehdi payi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
06-07-2019 08:09 AM
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ.... (Read More)
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਫੈਲਾਅ ਦਿਓ ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਮੈਟਸਲਫਰੋਨ 20 ਡਬਲਿਊ ਪੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦਿਓ ਅਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ
Posted by farmer
Punjab
06-07-2019 08:06 AM
ਗਾਂ ਨੂੰ Intavita-NH liquid 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ, ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਗਰੋਥ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਫੀਡ ਤੁਸੀ 1.5-2 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਦੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
06-07-2019 07:56 AM
tuci uss nu Vitum-h liquid 10-10ml swere sham ate Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, iss nal lewa v vdia howega baki usde suun ton badd dudh vdia howega..

Posted by harmander singh
Punjab
06-07-2019 07:49 AM
Harmander ji sidiyan jdan de vich seonk check karo jekar maujood hai ta tuc isde vich chlorpyriphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by vicky
Haryana
06-07-2019 07:43 AM
Vicky ji aap saaf ki matra 500 gram ko urea ke sath mila kar prati acre ke hidan se istemal karen.is se paudhe men fungus ki roktham ho jati hai.dhanywad

Posted by Buttar Saab
Punjab
06-07-2019 07:41 AM
PR 114: ਇਹ ਇੱਕ ਮਧਰੀ, ਸਿੱਧੀਆਂ ਮੁੰਜਰਾਂ (ਸਿੱਟਿਆਂ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਪਤਲੇ, ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਲੰਮੇ, ਚਿੱਟੇ ਅਤੇ ਸਾਫ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਪਕਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ .... (Read More)
PR 114: ਇਹ ਇੱਕ ਮਧਰੀ, ਸਿੱਧੀਆਂ ਮੁੰਜਰਾਂ (ਸਿੱਟਿਆਂ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਪਤਲੇ, ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਲੰਮੇ, ਚਿੱਟੇ ਅਤੇ ਸਾਫ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਪਕਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲੇਪਣ) ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by jitender jangid
Haryana
06-07-2019 07:35 AM
जीतेन्द्र जी आप इसके ऊपर कीट काम हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर quinalphos @400 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by jitender jangid
Haryana
06-07-2019 07:30 AM
जीतेन्द्र जी कई बार फूल और टिंडों का गिरना दिखाई देता है तो इन्हें रोकने के लिए और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और Micnelf-16 or 32@120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम NPK 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक ए.... (Read More)
जीतेन्द्र जी कई बार फूल और टिंडों का गिरना दिखाई देता है तो इन्हें रोकने के लिए और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और Micnelf-16 or 32@120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम NPK 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
06-07-2019 07:29 AM
ਸਾਡੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ 10-15 ਹਜ਼ਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by gurdip
Punjab
06-07-2019 07:26 AM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਯੂਰੀਆ ਦੇ ਨਾਲ ਰਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਪਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਇਸਦੀ ਅਲਗ ਤੋਂ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜਦੋ ਝੋਨਾ 12 -15 ਦਿਨ ਦਾ ਹੋ ਜਾਏ ਓਦੋ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਯੂਰੀਆ ਨੂੰ 18 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
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