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Posted by शाहरुख पटेल
Madhya Pradesh
07-07-2019 05:26 PM
Punjab
08-21-2019 02:25 PM
Sharukh patel ji aap ke duara bheji gai photo saf nai hai jis ke karan aap ko kuj bhi btana mushkal hai kirpya aap dubara or najdik se bheje, Thankyou.
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
07-07-2019 05:23 PM
Punjab
07-07-2019 07:40 PM
nahi g jhone de vich khal ate urea ikkathi mix kr ke na pao...ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾ.... (Read More)
nahi g jhone de vich khal ate urea ikkathi mix kr ke na pao...ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
Posted by शाहरुख पटेल
Madhya Pradesh
07-07-2019 05:21 PM
Punjab
07-13-2019 06:13 PM
बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नमी की उचित मात्रा में, बीज को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें मैदानी क्षेत्रों में सोयाबीन की बिजाई का उपयुक्त समय 20 जून स.... (Read More)
बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नमी की उचित मात्रा में, बीज को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें मैदानी क्षेत्रों में सोयाबीन की बिजाई का उपयुक्त समय 20 जून से 10 जुलाई का है मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर बीज को बोया जाना चाहिए
Posted by vikash meena
Rajasthan
07-07-2019 05:06 PM
Punjab
07-12-2019 05:28 PM
सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो)
Posted by ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-07-2019 04:59 PM
Punjab
07-07-2019 08:01 PM
Posted by kisan bhanak
Maharashtra
07-07-2019 04:56 PM
Punjab
07-18-2019 05:24 PM
Aap resham ke keede ke bare men poori jankari lene ke liye is video ko dekh sakte hai. https://www.youtube.com/watch v=-dJKcfhokK0
Posted by Amrik Singh
Haryana
07-07-2019 04:50 PM
Punjab
07-08-2019 06:36 PM
Posted by Rahul
Haryana
07-07-2019 04:44 PM
Punjab
07-10-2019 05:38 PM
Usko aap Vitum-h liquid 10-10ml subah sham dena shuru kren aur usko metabolite powder ki rojana 1 pudia deni suru kren, isse acha lewa teyar ho jayega.
Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
07-07-2019 04:41 PM
Punjab
07-11-2019 02:08 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਬੁਖਾਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਓ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸਦਾ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕੇ ਕਿਉਕਿ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by विनोद सीगड़
Rajasthan
07-07-2019 04:31 PM
Maharashtra
07-08-2019 12:15 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by Ravi yaduvanshi
Uttar Pradesh
07-07-2019 04:30 PM
Punjab
07-26-2019 05:28 PM
Ravi ji ji sabse pehle aap dairy ki training le or ho sake to 1-2 animals se shur kare ji. agar loan lena hai to training ka certificate bhi hona jaruri hai . certificate ke sath aap apne zile ke pashu palan department se baat kare or project report bhi teyar karwaye ji. uske baad jis bank me aapka account hai uske bank manager se baat kare aage woh aapko guide karege ji.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
07-07-2019 04:29 PM
Punjab
07-07-2019 07:53 PM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
Posted by Jairam Patel
Rajasthan
07-07-2019 04:26 PM
Punjab
07-09-2019 12:14 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Parmjit Singh
Punjab
07-07-2019 04:24 PM
Punjab
07-11-2019 02:09 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utriguard-iu ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by raman
Punjab
07-07-2019 04:15 PM
Punjab
07-17-2019 06:48 PM
ਰਮਨ ਜੀ ਪੁਦੀਨੇ ਦੇ ਤੇਲ ਦਾ ਰੇਟ 1200-1280/L de lagbhag hai. Thankyou.
Posted by jaspreet
Punjab
07-07-2019 04:09 PM
Punjab
07-08-2019 06:43 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੋਰ ਕਾਮਯਾਬ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਾਂ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਆਓ ਬਾਕੀ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲਣ ਬਾਰੇ ਰਾਇ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਸਾਡੀ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇ ਸਕੀਏ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਹ ਦੇਖੋ ਕਿ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨੀ ਹੈ ਬਰੈਲਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨੀ ਹੈ ਦੂਸਰੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੋਰ ਕਾਮਯਾਬ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਾਂ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਆਓ ਬਾਕੀ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲਣ ਬਾਰੇ ਰਾਇ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਸਾਡੀ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇ ਸਕੀਏ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਹ ਦੇਖੋ ਕਿ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨੀ ਹੈ ਬਰੈਲਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨੀ ਹੈ ਦੂਸਰੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਜਰੂਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੀਡ ਵਗੈਰਾਂ ਦਾ ਪਤਾ ਚੱਲੇਗਾ ਕਿਉਕੀ ਪੋਲਟਰੀ ਵਿੱਚ ਬਾਇਉਸਕਿਉਰਟੀ ਰੱਖਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਇੱਕ ਵਾਰ ਬਿਮਾਰੀ ਫਾਰਮ ਵਿੱਚ ਆ ਗਈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਸਾਰੇ ਫਾਰਮ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਸਾਰੀਆ ਗੱਲਾਂ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖ ਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਕਿ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਇਕਦਮ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇੱਕ ਵਾਰ ਥੋੜੀਆ ਮੁਰਗੀਆ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਲੇਇਰ ਵਿੱਚ ਅੰਡਿਆ ਲਈ BV 300 ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗੀ ਇਹ ਨਸਲ 18 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਆਂਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ 19 ਹਫਤਿਆ ਤੋਂ 80 ਵੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਲੱਗਭੱਗ 370 ਆਂਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਤੀ ਮੁਰਗੀ ਲਈ 1.5-2.0 ਫੁੱਟ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ 250-300 ਰੁਪਏ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਹਾਡੇ ਰੱਖ ਰਖਾਵ ਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆ ਤੇ ਟੀਕਾਕਰਣ ਦਾ ਖਰਚਾ ਅਲੱਗ ਹੈ ਇਹ ਕੁੱਝ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਰ ਨੂੰ ਜਰੂਰ ਮਿਲੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੋਰ ਬਹੁਤ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਤੇ ਬਰੀਕੀਆ ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਬਾਕੀ ਸਵਾਲ ਕਿ ਚੂਚੇ ਕਿੱਥੋ ਮਿਲਕਣਗੇ , ਇਸ ਲਈ ਦੋ ਹੀ ਭਰੋਸੇਮੰਦ ਅਦਾਰੇ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋਂ ਚੂਚੇ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੈ ਸੈਟਰਲ ਪੋਲਟਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਦੇ ਦਫਤਰ ਚੰਡੀਗੜ ਫੇਸ-1 ਤੇ ਬੱਚੇ ਬੁੱਕ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Central Poultry Development Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – Tel.No: 0172-2655391 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰਕੇ ਬੱਚੇ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਹੈਚਰੀ ਜਿਸ ਲਈ ਤੁਸੀ Dr Dubey 9888802905 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Nirbhay Gupta
Odisha
07-07-2019 04:04 PM
Madhya Pradesh
07-07-2019 10:26 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HBD
Posted by आदित्य खटकड़
Haryana
07-07-2019 04:02 PM
Punjab
07-08-2019 06:40 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by shambhu singh rajput
Madhya Pradesh
07-07-2019 03:58 PM
Punjab
07-26-2019 05:30 PM
Shambhu singh ji aapko training apne zile ke KVK se milegi ji. hum aapko KVK ka address bta rahe hai ji. aap waha se training le sakte ho ji. Krishi Vigyan Kendra, Near Vikram Nagar Railway Station, Ujjain 456010 (M.P.), Phone No.-0734-2526976
Posted by Gurmail sandhu
Punjab
07-07-2019 03:57 PM
Punjab
07-11-2019 02:11 PM
ਗੁਰਮੇਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਜਾਂਚ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਚ ਕਰਵਾਓ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਮੈਸਟਾਈਟਿਸ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਪਤਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕੇ
Posted by sanjay dewangan
Maharashtra
07-07-2019 03:57 PM
Madhya Pradesh
07-07-2019 10:25 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HBD
Posted by mahendra kumawat
Rajasthan
07-07-2019 03:50 PM
Punjab
07-13-2019 05:44 PM
अगेती किस्मों के लिए बिजाई के लिए मई-जून सबसे अच्छा समय है और रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सबसे अच्छा होता है मध्यम किस्मों की बिजाई के लिए मध्य जुलाई से अगस्त का पहला सप्ताह अनुकूल होता है इनकी रोपाई अगस्त से सितंबर महीने में पूरी कर लें पिछेती किस्मों की बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह अनुक.... (Read More)
अगेती किस्मों के लिए बिजाई के लिए मई-जून सबसे अच्छा समय है और रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सबसे अच्छा होता है मध्यम किस्मों की बिजाई के लिए मध्य जुलाई से अगस्त का पहला सप्ताह अनुकूल होता है इनकी रोपाई अगस्त से सितंबर महीने में पूरी कर लें पिछेती किस्मों की बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह अनुकूल होता है और रोपाई के लिए नवंबर से दिसंबर का महीना सही होता है अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों के लिए 60x60 सैं.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 1-2 सैं.मी. की गहराई में बीज बोयें बुआई के लिए डिबलिंग विधि और छींटे द्वारा विधि का प्रयोग किया जाता है पहले पौध लगाएं और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के नए पौधे लगाएं दरमियानी और पिछेती बिजाई वाली किस्मों के लिए 250-300 ग्राम बीज और अगेती बिजाई वाली किस्मों के लिए 300-500 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई करें मिट्टी और वातावरण के अनुसार गर्मियों में 7-8 दिनों के बाद और सर्दियों में 10-15 दिनों के बाद सिंचाई करें
Posted by mahendra kumawat
Rajasthan
07-07-2019 03:34 PM
Punjab
07-13-2019 05:46 PM
अगेती किस्मों के लिए बिजाई के लिए मई-जून सबसे अच्छा समय है और रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सबसे अच्छा होता है मध्यम किस्मों की बिजाई के लिए मध्य जुलाई से अगस्त का पहला सप्ताह अनुकूल होता है इनकी रोपाई अगस्त से सितंबर महीने में पूरी कर लें पिछेती किस्मों की बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह अनुक.... (Read More)
अगेती किस्मों के लिए बिजाई के लिए मई-जून सबसे अच्छा समय है और रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सबसे अच्छा होता है मध्यम किस्मों की बिजाई के लिए मध्य जुलाई से अगस्त का पहला सप्ताह अनुकूल होता है इनकी रोपाई अगस्त से सितंबर महीने में पूरी कर लें पिछेती किस्मों की बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह अनुकूल होता है और रोपाई के लिए नवंबर से दिसंबर का महीना सही होता है अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों के लिए 60x60 सैं.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 1-2 सैं.मी. की गहराई में बीज बोयें बुआई के लिए डिबलिंग विधि और छींटे द्वारा विधि का प्रयोग किया जाता है पहले पौध लगाएं और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के नए पौधे लगाएं दरमियानी और पिछेती बिजाई वाली किस्मों के लिए 250-300 ग्राम बीज और अगेती बिजाई वाली किस्मों के लिए 300-500 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई करें मिट्टी और वातावरण के अनुसार गर्मियों में 7-8 दिनों के बाद और सर्दियों में 10-15 दिनों के बाद सिंचाई करें
Posted by SÃñDËÈP gúrjãr
Madhya Pradesh
07-07-2019 03:32 PM
Maharashtra
02-25-2020 05:53 PM
Posted by Bikramjit singh
Punjab
07-07-2019 03:27 PM
Punjab
07-09-2019 02:27 PM
Bikramjit singh ji changi nasal diah murah kattia khreedan lai tusi Ajay Chopra 7009645902 (Chopra Dairy Farm) nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Gurwinder sidhu
Punjab
07-07-2019 03:25 PM
Punjab
07-10-2019 05:43 PM
Gurwinder ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-ds bolus deo ate tuci uss nu chara paun da time rkho jiwe tuci din vich 3 varr thoda thoda krke chara deo, iss nal uss nu chara time te khann di addat paa jawegi , jddo tuci uss nu chara paoo tan uss ton badd dubara hor chijj naa deo kyuki iss nal pashu di addat khrab hundi hai ate ohh binaa time ton v chara khnda rhenda hai, ehh tuhadi khurak te hai ke tuci kiss trike nal khurak dinde ho
Posted by Gurwinder sidhu
Punjab
07-07-2019 03:23 PM
Punjab
07-10-2019 05:44 PM
Gurwinder ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-ds bolus deo ate tuci uss nu chara paun da time rkho jiwe tuci din vich 3 varr thoda thoda krke chara deo, iss nal uss nu chara time te khann di addat paa jawegi , jddo tuci uss nu chara paoo tan uss ton badd dubara hor chijj naa deo kyuki iss nal pashu di addat khrab hundi hai ate ohh binaa time ton v chara khnda rhenda hai, ehh tuhadi khurak te hai ke tuci kiss trike nal khurak dinde ho
Posted by md shahid iqbal
Bihar
07-07-2019 03:22 PM
Punjab
07-10-2019 05:45 PM
Usko aap Albendazole bolus pett ke kiro ke liye den, iske sath aap Agrimin powder 50gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Naman jatt
Rajasthan
07-07-2019 03:04 PM
Punjab
07-10-2019 05:46 PM
Posted by muzaffar Ali
Uttar Pradesh
07-07-2019 02:58 PM
Punjab
08-01-2019 06:51 AM
इसके ऊपर quinalphos@4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, 7 दिन के बाद यही स्प्रे करें
Posted by amit Kumar
Punjab
07-07-2019 02:48 PM
Punjab
07-13-2019 06:13 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by Mahesh Kumar
Uttar Pradesh
07-07-2019 02:47 PM
Punjab
07-08-2019 06:44 PM
Posted by jatinder
Punjab
07-07-2019 02:39 PM
Punjab
07-09-2019 02:30 PM
Jatinder ji kirpa karke apna swal visthar nal pusho ji ta jo sahi answer dita ja sake, Thank you.
Posted by Dinesh Kumar
Haryana
07-07-2019 02:30 PM
Maharashtra
02-25-2020 05:51 PM
दिनेश जी, कृपया आप बिजेन्दर की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर इसके बारे में जानकारी दी जा सके. धन्यवाद
Posted by Satish Kaushik
Uttar Pradesh
07-07-2019 02:28 PM
Rajasthan
07-09-2019 02:31 PM
सतीश कौशिक जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जु.... (Read More)
सतीश कौशिक जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by bageecha singh
Punjab
07-07-2019 02:21 PM
Punjab
02-25-2020 05:56 PM
Bageecha ji, tusi is di roktham liye pani nu suka deyo , eh apne ap hi theek ho jaye gi, dhanwad