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Posted by Suresh Kumar Prajpat
Rajasthan
08-07-2019 01:57 PM
Punjab
07-08-2019 02:21 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by YAGYADEEP SHAKYA
Uttar Pradesh
08-07-2019 01:56 PM
Punjab
07-09-2019 05:43 PM
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शु.... (Read More)
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by Suryavanshi Sukhvinder Saini
Haryana
08-07-2019 01:55 PM
Punjab
07-09-2019 05:54 PM
Suryavanshi ji kirpya aap inki jaden check karen usme agar dheemak ka attack hai to aap iski jadon men chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani men milakar jadon men daale. dhanywad
Posted by jaskaran sekhon
Punjab
08-07-2019 01:54 PM
Punjab
07-09-2019 05:45 PM
Pesticide di shop kholan de lyi B.SC AGRICULTURE di degree kiti hoyi honi chaidi hai ate degree ton baad iss da dwaayian bechan da license bnda hai. iss da license bnaun de lyi tuhanu file kacheria de vicho mil jandi hai ate iss file nu tyaar kr ke chief of agriculture de sign krwa ke jmaa krwauni paindi hai ate ohh baad de vich location check krde hnn ate inquiry krde hnn ate 1 mahine de vich tuhada license bn janda hai. ihh jo chief of agriculture hunda hai ohh KVK de vich hunda hai. jile de vich iss officer di duty hundi hai.
Posted by gk
Punjab
08-07-2019 01:53 PM
Punjab
07-09-2019 05:53 PM
gk ji potash nu tuc akhri vhayi de same vi pa sakde ho is to ilava tuc isnu bijai to 18 din bad vi pa sakde ho.urea ate zinc nu mila ke pa sakde ho potash nu alg pao.potash nu pehli khurak vich hi paya janda hai.kyuki es tat di lod jhone nu shuruat vich jyada hundi hai paudhe nu grow karn de layi. potash di matra ik acre vich 20 killo paindi hai ate MOP di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by मनोज कुमार
Bihar
08-07-2019 01:52 PM
Maharashtra
07-09-2019 05:51 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का .... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का चयन करें उच्च नाइट्रोजन युक्त मिट्टी,पर्याप्त फासफोरस और उच्च स्तर की पोटाश वाली मिट्टी में केले की खेती अच्छी होती है जल जमाव, कम हवादार और कम पौष्टिक तत्वों वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें रेतली, नमक वाली, कैल्शियम युक्त और अत्याधिक चिकनी मिट्टी में भी इसकी खेती ना करें गर्मियों में, कम से कम 3 से 4 बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय, 10 टन अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ज़मीन को समतल करने के लिए ब्लेड हैरो या लेज़र लेवलर का प्रयोग करें वे क्षेत्र जहां निमाटोड की समस्या होती है वहां पर रोपाई से पहले निमाटीसाइड और धूमन, गड्ढों में डालें Grand Naine, Red Banana, Safed Velachi, Basarai, Rasthali, Dwarf Cavendish, Robusta, Poovan, Nendran, Ardhapuri, Nyali .केले की रोपाई के लिए मई-जून या सितंबर-अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है टिशू कल्चर से तैयार पौधों को पूरे साल में लगाया जा सकता है, जब तक कि तापमान के बहुत कम या बहुत अधिक होने पर पौधों की रोपाई नहीं की जा सकती केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें बिजाई के लिए, रोपाई ढंग या सीधी बिजाई ढंग का प्रयोग किया जाता है यदि फासला 1.8x1.5 मीटर लिया जाये तो प्रति एकड़ में 1452 पौधे लगाएं यदि फासला 2 मीटर x 2.5 मीटर लिया जाये, तो एक एकड़ में 800 पौधे लगाने की सिफारिश की जाती है रोपाई के लिए, सेहतमंद और संक्रमण रहित जड़ों या राइज़ोम का प्रयोग करें रोपाई से पहले, जड़ों को धोयें और क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 2.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी में डुबोयें फसल को राइज़ोम की भुंडी से बचाने के लिए रोपाई से पहले कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 33 ग्राम में प्रति जड़ों को डुबोयें और उसके बाद 72 घंटों के लिए छांव में सुखाएं गांठों को निमाटोड के हमले से बचाने के लिए कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 50 ग्राम से प्रति जड़ का उपचार करें फुज़ारियम सूखे की रोकथाम के लिए, जड़ों को कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में 15-20 मिनट के लिए डुबोयें
Posted by SUMIT
Haryana
08-07-2019 01:47 PM
Punjab
07-08-2019 06:10 PM
sumit ji kripya iski company ka nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by parvinder singh
Punjab
08-07-2019 01:40 PM
Punjab
07-08-2019 02:25 PM
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜੇਕਰ ਇਸਦੀ ਗੋਭ ਸੁੱਕ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਏਗਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਫੇਮ@20 ml ਜਾ ਕੋਰਾਜਨ@60 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Suresh Kumar Prajpat
Rajasthan
08-07-2019 01:35 PM
Punjab
07-08-2019 02:20 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Suresh Kumar Prajpat
Rajasthan
08-07-2019 01:32 PM
Punjab
07-08-2019 02:20 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Amrit sandhu
Punjab
08-07-2019 01:21 PM
Punjab
07-30-2019 06:22 PM
Kabuter palan wali jankari lai eh video dekho ji. https://www.youtube.com/watch v=5aULs-GZ9rc
Posted by chhina saab
Punjab
08-07-2019 01:15 PM
Punjab
07-08-2019 10:51 PM
tuci uss nu feed usde khann de hisab nal deo, uss nu ekk varr jyada feed na paao, kyuki jyada feed dena nal ohh hajam nhi hundi ate pashu mokk v lgdi hai ate pashu ann pachia gobar v krda hai, tuci uss nu Broton liquid 50ml rojana deo ate Halotas bolus 1-1 swere sham deo, iss nal mook ate hajma sahi rehegam bakii tuci usdi her 3 mahine badd deworming jrurr kro ji.
Posted by Manpreet
Punjab
08-07-2019 01:14 PM
Maharashtra
07-08-2019 02:12 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ
Posted by chanan
Punjab
08-07-2019 01:09 PM
Punjab
07-08-2019 02:29 PM
chanan ji pdan ik keetnashak hai isda kam sundi di roktham karna hai eh jhone di fot vich madad nahi kardi hai is layi isdi varto tahi karojekar sundi da hamla hunda hai.dhanwad
Posted by dapinder singh
Punjab
08-07-2019 01:01 PM
Punjab
07-08-2019 02:15 PM
ਦਪਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਜਿਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ 13:00:45 @1 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Shubham mourya
Madhya Pradesh
08-07-2019 01:00 PM
Punjab
07-08-2019 02:31 PM
शुभम जी किर्प्या आप बताये के आपने इसे खाद के तौर पर क्या डाला है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Ankit Ponia
Uttar Pradesh
08-07-2019 12:51 PM
Punjab
07-08-2019 02:32 PM
खेत को साफ और नदीन रहित रखें बाजरे की बिजाई के बाद एट्राज़िन 300 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर डालें बिजाई के 15-17 दिनों के बाद छंटाई की क्रिया करें और सिर्फ सेहतमंद फसल ही रखें
Posted by ranjit singh
Punjab
08-07-2019 12:49 PM
Punjab
07-08-2019 10:54 PM
ਉਸ ਨੂੰ Duraprogen 750mg ਲਵਾਉ ਇਹ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗਰਭ ਠਹਿਰਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਠੰਡਾ ਟੀਕਾ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ..
Posted by sunil bishnoi
Rajasthan
08-07-2019 12:46 PM
Punjab
07-17-2019 02:18 PM
Sunil bishnoi ji Dairy Diploma ke bare me puran jankari ke lia aap Dr Anil 9660669992 se samparak kare , Thank you.
Posted by Navdeep Pathania
Punjab
08-07-2019 12:37 PM
Punjab
07-09-2019 05:14 PM
Navdeep Pathania जी इस के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमे 87290 13311 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Navdeep Pathania
Punjab
08-07-2019 12:36 PM
Punjab
07-09-2019 04:40 PM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं, पर पंजाब में नई तकनीक है और गड़वासु यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी शुरू नहीं किया गया, जो नई तकनीक है इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, biofloc में हमे पानी रोटेट करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बिजली की हमे कोई ज़रूरत नहीं, हमे केवल फीडिंग करनी है, इस पर अभी कोई सब्सिडी नहीं है, यदि अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमे 87290 13311 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by dev sahu
Chattisgarh
08-07-2019 12:35 PM
Punjab
07-10-2019 04:34 PM
देव जी कृपया आप यह बताएं कि आपकी गाय का दूध नहीं बढ़ रहा या कोई ओर समस्या आ रही है आप अपना सवाल विस्तार से दोबारा पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Naveen kumar
Haryana
08-07-2019 12:30 PM
Punjab
07-17-2019 03:33 PM
डेयरी लोन के लिए डेयरी की ट्रेनिंग की होनी चाहिए बाकि डेयरी लोन का पूरा तरीका समझने के लिए यह वीडियो देखें, यदि आपको सी वीडियो और ऑडियो में कोई चीज़ समझ नहीं लगी तो आप अपना सवाल दोबारा पोस्ट कर दीजिये, कोशिश करेंगे कि आपको सही रास्ते डाला जाये https://www.youtube.com/watch v=L9dsW7iAdgw
Posted by Rajanpreet Singh
Punjab
08-07-2019 12:27 PM
Punjab
07-08-2019 10:56 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Gestaprojen ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਰਹਿਣ ਦੀ ਆਸ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂ ਖੂਨ ਅੰਡਾ ਟੁੱਟਣ ਕਰਕੇ ਕੱਢਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਪਾਊਡਰ 20 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਜੇਕਰ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋਈ ਤਾਂ ਠਹਿਰ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਨਾ ਹੋਈ ਤਾਂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ .
Posted by Rajpal singh
Punjab
08-07-2019 12:26 PM
Punjab
07-11-2019 02:03 PM
isde lai tuci 10 kilo saro, 10 kilo vdeme, 15 kilo cholle, 5kilo soyabeen, 30 kilo kanak ate 30 killo kanak da chokar lao , ehh sara kujj mila ke pisse lao ate uss nu dena suru kro , iss nal usda dudh ate fatt vdia howegi.
Posted by Amit verma
Uttar Pradesh
08-07-2019 12:25 PM
Punjab
07-08-2019 02:35 PM
Amit ji aap iske uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray akren.dhanywad
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 12:22 PM
Punjab
07-08-2019 02:06 PM
harpal ji tusi eh audi suno ji.
Posted by bhagirath Singh
Rajasthan
08-07-2019 12:22 PM
Punjab
07-08-2019 02:36 PM
Posted by RAJVIR SINGH
Uttar Pradesh
08-07-2019 12:21 PM
Punjab
07-08-2019 02:37 PM
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 .... (Read More)
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by jaspal singh
Punjab
08-07-2019 12:21 PM
Punjab
07-08-2019 02:37 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 12:20 PM
Punjab
07-08-2019 01:18 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਕੁੱਲ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਉੱਥੋ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ CA ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਖਾਤਾ ਹੈ ਜਾਂ ਕੋਅਪਰੇਟਿਵ ਬੈਕ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਕ ਮੈਨ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਕੁੱਲ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਉੱਥੋ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ CA ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਖਾਤਾ ਹੈ ਜਾਂ ਕੋਅਪਰੇਟਿਵ ਬੈਕ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦੱਸੇਗਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆ ਲੋਨ ਦੇਣ ਲਈ ਹੋਰ ਕੀ ਸ਼ਰਤਾ ਹਨ ਜੀ
Posted by bhagirath Singh
Rajasthan
08-07-2019 12:19 PM
Punjab
07-09-2019 05:50 PM
Bhagirath ji kirpya aap apna swal vistar se pooche ke aap kekar ke paudhe ke bare men jankari lena chahte hai ya kesar ke bare men taki apko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sandeep rajput
Haryana
08-07-2019 12:16 PM
Punjab
07-08-2019 02:42 PM
कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे गिरने से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाह.... (Read More)
कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे गिरने से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाहिए जब टिंडे 33 प्रतिशत खिल जायें उस समय आखिरी सिंचाई करें और इसके बाद फसल को सिंचाई के द्वारा पानी ना दें जब भी फसल की सिंचाई के लिए खारे पानी का उपयोग किया जाये, तो सिंचाई करने से पहले पानी की जांच प्रमाणित लैबोरेटरी से करवाएं और उनकी सलाह के अनुसार ही पानी में जिप्सम या पाइराइट का उपयोग करें सूखे वाली स्थितियों में खालियां बनाकर और एक क्यारी छोड़कर सिंचाई करें सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम अपनाएं (जहां भी संभव हो), इससे सिंचाई वाला पानी बचाने में सहायता होती है
Posted by Navjot Singh
Punjab
08-07-2019 12:15 PM
Maharashtra
07-08-2019 02:40 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by Navjot Singh
Punjab
08-07-2019 12:13 PM
Punjab
07-08-2019 02:41 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by Dharmendra Singh
Uttar Pradesh
08-07-2019 12:04 PM
Punjab
07-09-2019 05:49 PM
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शु.... (Read More)
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by yuvraj singh rajput
Madhya Pradesh
08-07-2019 11:51 AM
Punjab
07-08-2019 02:51 PM
युवराज जी आप सब्जियों की बिजाई कर सकते है जैसे खीरा-ककड़ी-लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, भिण्डी, टमाटर, चौलाई, मूली
Posted by RAJVIR SINGH
Uttar Pradesh
08-07-2019 11:48 AM
Maharashtra
07-09-2019 05:46 PM
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शु.... (Read More)
यदि धान ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी धान पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by Mangat Singh
Punjab
08-07-2019 11:41 AM
Punjab
07-09-2019 05:44 PM
ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by gaurav
Uttar Pradesh
08-07-2019 11:30 AM
Punjab
07-11-2019 02:04 PM
Aap usko Vitum-h liquid 5-5ml subah sham dena shuru kren aur Nutrich bolus 1 goli rojana den aur 30 din tak dete rehen, isse achi growth ho jayegi.
Posted by Tarjinder singh
Punjab
08-07-2019 11:27 AM
Punjab
07-09-2019 05:44 PM
ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by lakhwinder singh brar
Punjab
08-07-2019 11:26 AM
Punjab
07-09-2019 05:39 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
08-07-2019 11:24 AM
Punjab
07-11-2019 02:06 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Hitek ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 1ml/33kg ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by sukhwinder
Punjab
08-07-2019 11:24 AM
Punjab
07-09-2019 05:39 PM
sukhwinder ji tuc khaad paun to lagbhag 2 din tak pani khet vich rehn deo os to bad tuc agle khet nu pani la sakde ho. potash nu tuc akhri vhayi same vart sakde ho is to ilava tuc urea paun de 2-3 din tak pa sakde ho.dhanwad
Posted by Arjun Rana
Uttar Pradesh
08-07-2019 11:21 AM
Punjab
07-10-2019 04:52 PM
कृपया आप उस नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि उसकी जांच करके उसका सही इलाज हो सकता है क्योंकि कई बार पशु के मुंह में जख्म भी होते है या कोई ओर कारण हो सकता है जिसकी जांच करके सही पता लग जाएगा और सही इलाज हो जाएगा