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Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 08:48 PM
Punjab
07-09-2019 04:48 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 08:45 PM
Punjab
07-08-2019 10:14 PM
jekar tuhadi majjh heat vich nahi aa rehi tan tuci uss nu Flukarid-ds bolus pett de kiria lai deo, isde nal tuci Agrimin super powder 100gm rojana ate Minotas bolus rojana 1 goli deo ate 1 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Akshay Vyavahare
Maharashtra
08-07-2019 08:38 PM
Punjab
07-09-2019 12:17 PM
For proper growth and development of vine, provide vertical support in the form of concrete or wooden pole. Tie immature plant with this pole. Regular pruning is required to maintain perfect umbrella shape. Carry out pruning after every harvest.Apply, 10-15kg of organic manure/compost to per plant. Increased quantity of organic manure by 2kg every year. Along with organic manure, for good growth and yield it required inorganic manures. At vegetative stage, apply Urea@70gm/Plant, SSP@90gm/Plant and Muriate of Potash@40gm/plant. At the time of fruit bearing and development stage lower down Nitrogen dose and increased Potash amount. Apply Urea@50gm, SSP@50gm and MOP@100gm per plant, before flowering (in month of April), at fruit development stage and after harvesting of fruit.... (Read More)
For proper growth and development of vine, provide vertical support in the form of concrete or wooden pole. Tie immature plant with this pole. Regular pruning is required to maintain perfect umbrella shape. Carry out pruning after every harvest.Apply, 10-15kg of organic manure/compost to per plant. Increased quantity of organic manure by 2kg every year. Along with organic manure, for good growth and yield it required inorganic manures. At vegetative stage, apply Urea@70gm/Plant, SSP@90gm/Plant and Muriate of Potash@40gm/plant. At the time of fruit bearing and development stage lower down Nitrogen dose and increased Potash amount. Apply Urea@50gm, SSP@50gm and MOP@100gm per plant, before flowering (in month of April), at fruit development stage and after harvesting of fruits. Increased this dose by 220gm every year and make upto 1.5kg/plant.
Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 08:37 PM
Punjab
07-09-2019 03:44 PM
sukhchain ji fitkadi jhone vich seonk di roktham de layi varti jandi hai.isde layi tuc fitkadi nu kapde vich ban ke pani vale sadhan de kol rakho.dhanwad
Posted by Love Sandhu
Punjab
08-07-2019 08:30 PM
Punjab
07-08-2019 10:16 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਇਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾ Intavita-NH liquid 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ, ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਗਰੋਥ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਫੀਡ ਤੁਸੀ 1.5-2 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਦੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by
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08-07-2019 08:28 PM
Punjab
07-09-2019 05:09 PM
रत्नकांत सुंगुरवाड जी इसकी जो शीशी आती है वो 200 लीटर पानी में ही बनती है आगे आप इसको जैसे इस्तेमाल कारण चाहते है कर सकते है क्युकी यह खराब नहीं होता आप इसे किसी भी फसल में इस्तेमाल कर सकते है धन्यवाद
Posted by Deepak kumar
Haryana
08-07-2019 08:22 PM
Punjab
07-09-2019 01:10 PM
दीपक कुमार जी नमस्कार जी , ऐसी बात नहीं है जी अपनी खेती टीम सभी किसानो के सवालों के जवाब देगी जी , अगर कोई सवाल का जवाब आपको लेट मिला तो उसके कोई कारण हो सकते है जी इसलिए हम कोशिस करेंगे के सभी जवाब जल्दी सबको मिले जी , अगर आपको कोई सवाल का जवाब 24 जानते में नहीं मिला तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 9779977641 पर कॉल भी कर सकते .... (Read More)
दीपक कुमार जी नमस्कार जी , ऐसी बात नहीं है जी अपनी खेती टीम सभी किसानो के सवालों के जवाब देगी जी , अगर कोई सवाल का जवाब आपको लेट मिला तो उसके कोई कारण हो सकते है जी इसलिए हम कोशिस करेंगे के सभी जवाब जल्दी सबको मिले जी , अगर आपको कोई सवाल का जवाब 24 जानते में नहीं मिला तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 9779977641 पर कॉल भी कर सकते है जी , धन्यवाद्
Posted by nk
Uttar Pradesh
08-07-2019 08:09 PM
Punjab
07-09-2019 05:13 PM
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क.... (Read More)
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Lucknow Early: इसके फल लंबे और चमकदार होते हैं यह किस्म लखनऊ और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है स्थानीय किस्में Nasdar, Sikkim Kakadi आदि Pant sankar khira 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Khira – 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार और सफेद धारीदार होते हैं इसके फल 50-60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये 30 सैं.मी. चौड़े और आवश्यक लंबाई के बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 1.5 से 2 मीटर का फासला रखें उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 0.8-1.2 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं खेत की तैयारी के समय, 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल फास्फेट 150 किलो) और पोटाशियम 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) शुरुआत में खाद के रूप में डालें बिजाई के 32-3सप्ताह पहले गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली बिजाई के 25-30 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 45-50 दिनों के बाद डालें बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती है और गर्मी के मौसम में इसको बार-बार सिंचाई की जरूरत होती है 4 से 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तुड़ाई के दो दिन पहले सिंचाई करें, इससे फल ताजे, चमकदार और आकर्षित रहेंगे
Posted by Rajat kumar
Haryana
08-07-2019 07:57 PM
Punjab
07-08-2019 10:18 PM
उसे आप 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ,100 ग्राम सूखे आंवले और 50 ग्राम अज्वाइन उबाल कर फिर ठंडा करके 5—7 दिन दें बाकि उसे Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Milkout powder 2—2 चम्मच सुबह शाम, Lactomax bolus रोजाना 10 गोलियां दें इससे दूध बढ़ जाएगा
Posted by Md. Akbar
Bihar
08-07-2019 07:53 PM
Punjab
07-09-2019 05:17 PM
Md. Akbar ji kripya aap apana swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by gurveer singh
Punjab
08-07-2019 07:45 PM
Punjab
07-11-2019 03:45 PM
gurveer ji kirpa karke isde label di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Abhishek Sharma
Punjab
08-07-2019 07:36 PM
Punjab
07-09-2019 12:15 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Gora
Punjab
08-07-2019 07:30 PM
Punjab
07-09-2019 04:55 PM
gora ji eh zinc di ghat hai isde layi tuc zinc 21 ha 33 % vali di varto karo is to ilava tuc chelated zinc di varto kar sakde ho isdi matra 200 gram nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by Baljinder singh
Punjab
08-07-2019 07:28 PM
Punjab
07-11-2019 05:30 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਈ ਵਾਰ ਝੋਨਾ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਸੁੱਕਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜੇਕਰ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਸਿਉਂਕ ਜਾ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਏ ਫੇਰ ਵੀ ਇਹ ਸੁੱਕਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਸਿਉਂਕ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ chlorpyriphos @1 ਲਿਟਰ ਨੂੰ 60 ਕਿੱਲੋ ਰੇਤ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੱਟਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ fame ਜਾ coragen ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rahul
Haryana
08-07-2019 07:28 PM
Punjab
07-11-2019 05:34 PM
राहुल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Kuldeep Thakur
Rajasthan
08-07-2019 07:24 PM
Punjab
07-09-2019 12:31 PM
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध कि.... (Read More)
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद
Posted by sidharath
Himachal Pradesh
08-07-2019 07:23 PM
Punjab
07-08-2019 10:20 PM
आप 100 ग्राम मेहँदी, 50 ग्राम हल्दी और 200 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करके 3-4 लगातार दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by sachin
Madhya Pradesh
08-07-2019 07:23 PM
Punjab
07-08-2019 10:23 PM
Kripya aap apna swal vistar se btayen aap kis chij ke bare mai jankari lena chahte hai, yeh feed hai ya koi product hai jo aap bhains ko dena chahte hai, kirpya iski photo ya vistar se swal pushen tan jo apko sahi jankari di jaa ske.
Posted by Nirmaljeet singh
Punjab
08-07-2019 07:10 PM
Punjab
07-11-2019 05:37 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by gurpreet
Punjab
08-07-2019 07:09 PM
Punjab
07-08-2019 10:22 PM
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦ.... (Read More)
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਫੀਡ ਨਹੀਂ ਵਰਤਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਜ਼ਾਰ ਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਤੋਂ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ , ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-07-2019 07:09 PM
Punjab
07-11-2019 05:39 PM
beant ji tuc urea nu khade pani vich vi pa sakde ho par pani dooje khet val chalda nahi honi chaida isde nal khet nu isda poora asar nahi milda.dhanwad
Posted by Rajanpreet Singh
Punjab
08-07-2019 07:00 PM
Punjab
07-10-2019 04:00 PM
tuci uss nu sukka chara de skde ho uss vich tuci feed milla ke de skde ho, baki kosish kro ki hara chara thoda thoda v dita jawe, baki tuci Enerboost powder 50-50gm swere sham ate Vitum-h liquid 10ml rojana deo, iss nal kamjori door rehndi hai.
Posted by jaspreet singh
Punjab
08-07-2019 06:50 PM
Punjab
07-08-2019 10:26 PM
ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਥਣ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੈ, ਉਸ ਵਿਚ ਨਾੜ, ਗੰਢ, ਜਾ ਮਾਸ ਵਧਿਆ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਸਹੀ ਪਤਾ ਲਗੇਗਾ ਅਤੇ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋਵੇਗਾ
Posted by Pritpal Sandhu
Punjab
08-07-2019 06:48 PM
Punjab
07-11-2019 05:41 PM
ਜੇਕਰ ਝੋਨਾ ਉਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਝੋਨਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਝੋਨਾ ਉਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਝੋਨਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jaspreet singh
Punjab
08-07-2019 06:48 PM
Punjab
07-11-2019 01:58 PM
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ, .... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ, ਉਸ ਨੂੰ Masticin-B ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਰੋਟੀ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਤੇ ਰੱਖਕੇ ਜਾਂ 1 ਮਿਲੀ ਸਰਿਜ ਨਾਲ ਸਿਧੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਚਾਰਾ ਪਾਉਣ ਤੋਂ 1 ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾ ਜਾਂ ਚਾਰਾ ਪਾਉਣ ਤੋਂ 2 ਘੰਟਿਆਂ ਬਾਅਦ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬੰਗੀ
Punjab
08-07-2019 06:40 PM
Punjab
07-11-2019 05:46 PM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਚੇਪੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Prem Kumar
Rajasthan
08-07-2019 06:39 PM
Maharashtra
02-26-2020 04:48 PM
प्रेम जी, खाद का इस्तेमाल बिजाई से पहले ही किया जाता है, बिजाई से पहले नाइट्रोजन 9 किलो (यूरिया 20 किलो ) और फासफोरस 19 किलो (एस एस पी 120 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंचाई के समय किसी खाद का प्रयोग नहीं किया जाता धन्यवाद
Posted by gurjinderpal singh
Punjab
08-07-2019 06:25 PM
Punjab
08-01-2019 06:43 AM
kirpa kr ke photo dubara bhejo tan jo dekh ke iss di jankari ditti ja ske, tuhade dwaara bheji gyi photo clear nahi hai.
Posted by T s sandhu
Punjab
08-07-2019 06:07 PM
Punjab
07-11-2019 05:27 PM
tindar ji oh chelated zinc hundi hai isdi matra 200 gram nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by dhanesh
Maharashtra
08-07-2019 06:06 PM
Punjab
07-08-2019 06:35 PM
Posted by gurjit singh
Punjab
08-07-2019 06:04 PM
Punjab
07-08-2019 10:29 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੱਝ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੱਝ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by lakhan sharma
Madhya Pradesh
08-07-2019 05:45 PM
Punjab
07-08-2019 10:34 PM
राजा जी कृपया आप यह बताएं कि आपकी गाय हीट में नहीं आ रही है या गाभिन नहीं ठहर रही और तैयार कैसे नहीं हो रही कृपया विस्तार से अपना स्वाल पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by yatendra kumar
Uttar Pradesh
08-07-2019 05:31 PM
Maharashtra
02-25-2020 06:51 PM
Yatendra ji, kripya ap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemal kiya hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanwyad
Posted by पवन पाटीदार
Madhya Pradesh
08-07-2019 05:29 PM
Maharashtra
02-26-2020 04:21 PM
Shrimaan ji, kripya ap iski 7-8 leaves stage ki photo bhejein taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by tilkesh
Rajasthan
08-07-2019 05:25 PM
Punjab
07-09-2019 04:35 PM
Hibiscus - china rose
Posted by jagsir Singh
Punjab
08-07-2019 05:18 PM
Punjab
07-11-2019 04:59 PM
jagsir ji prali jaivik khaad de taur te kam kardi hai isde nal mitti vich humic acid vadh da hai jisde nal mitti di gunvatta vadh jandi hai.dhanwad
Posted by manjot grewal
Punjab
08-07-2019 05:07 PM
Punjab
07-08-2019 10:36 PM
Ehh HF nasal di vashi hai, iss nu tuci pett de kiria lai Albendazole bolus deo, isde nal tuci Cargrill di Heifer dry feed deni suru kro ate iss nu Cafplan powder 50-50 gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi.
Posted by sourabh saini
Haryana
08-07-2019 05:06 PM
Punjab
07-10-2019 04:16 PM
Isde lai tuahde kol training honi jrur hai , pig farm te total 8 lakh loan hunda hai ate uss vicho 2 lakh subsidy hundi hai, sab ton pehla jile de pashu palan vibag vich ja ke file teyar krwao uss ton bad kisi CA ton iss project di report teyar krwao ja cooperative bank vich gal kro jekar bank manager tuhanu uss loan di sarta vare dss dewega.
Posted by Anwar Jamal khan
Uttar Pradesh
08-07-2019 05:04 PM
Punjab
07-10-2019 04:18 PM
पूसा सदाबहार किस्म के तैयार होने में मात्र 60 से 70 दिनों का समय लगता है पूसा से विकसित की गई मिर्च की पूसा सदाबहार किस्म देश के किसी भी हिस्से में उगाई जा सकती है इस किस्म की बुवाई पूरे भारत में की जाती है, इसकी नर्सरी जून से जुलाई माह तक तैयार की जाती है यह किस्म एक हेक्टेयर में करीब 16 qtlकी पैदावार देती है पूसा स.... (Read More)
पूसा सदाबहार किस्म के तैयार होने में मात्र 60 से 70 दिनों का समय लगता है पूसा से विकसित की गई मिर्च की पूसा सदाबहार किस्म देश के किसी भी हिस्से में उगाई जा सकती है इस किस्म की बुवाई पूरे भारत में की जाती है, इसकी नर्सरी जून से जुलाई माह तक तैयार की जाती है यह किस्म एक हेक्टेयर में करीब 16 qtlकी पैदावार देती है पूसा सदाबहार मिर्च की नर्सरी तैयार करने के बाद सबसे ज़रूरी होता है फसल में खरपतवार नियंत्रण फसलों बोने के 25 से 30 दिनों के बाद खेत में अनावश्यक तौर पर उगे खरपतवार को हटाना बेहद ज़रूरी होता है इस किस्म में फल छेदक, थ्रिप्स और माहू जैसे कीट का खतरा रहता है कीटों के अधिक प्रभाव से फसल को बचाने के लिए 15 ग्राम एसीफेट या 10 एमएल इमीडाक्लोप्रिड दवा को 15 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए