Posted by sumit Kumar
Bihar
11-07-2019 10:44 AM
सुमित जी यदि गाय को ब्याने में दो महीने रह जाए तो उसके थनों और लेवे के लिए रोजाना 10 मि.ली. देना चाहिए क्योंकि इससे ही पशु के थन और लेवा अच्छा होता है इसलिए ब्याने से दो महीने पहले पशु को अच्छी खुराक के साथ उसका दूध, थन और लेवा अच्छा तैयार कर सकते है

Posted by Jagseer
Punjab
11-07-2019 10:43 AM
ਅਜੇ ਕਈ ਅਜਿਹੇ ਗਰੁੱਪ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜੀ ਜੇਕਰ ਪਤਾ ਚੱਲਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਗਰੁੱਪ ਦਾ ਲਿੰਕ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ
Posted by s. muniya
Madhya Pradesh
11-07-2019 10:35 AM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन .... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HBD

Posted by lohit ADHIKARY
Chattisgarh
11-07-2019 10:30 AM
अगर आपने डेयरी पालन करना है तो आप सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले .... (Read More)
अगर आपने डेयरी पालन करना है तो आप सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Rohan
Punjab
11-07-2019 10:29 AM
ਰੋਹਨ ਜੀ ਕੀਟ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿੱਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿੱਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰ.... (Read More)
ਰੋਹਨ ਜੀ ਕੀਟ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿੱਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿੱਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਕੀਟ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gaurav Rana
Uttar Pradesh
11-07-2019 10:27 AM
Gaurav ji aap hopper ki roktham ke liye imidacloprid ya buprofezin ka istemal kar sakte hai. nadeeno ki roktham ke liye aap nomnigold@100ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
11-07-2019 10:13 AM
ਜੇਕਰ ਉਸਦੇ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਛਿਦੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਉਸ ਨੂੰ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਖੰਡ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੀਂਬੂ ਨਿਚੋੜ ਕੇ 3 ਤੋਂ 5 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ FMC @ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ
Posted by JAGTAR SINGH
Punjab
11-07-2019 10:11 AM
ਜਗਤਾਰ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਅਤੇ ਫੰਗਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਕਈ ਤੁਸੀ ਬੂਟੇ ਨੂੰ 4 ਕਿੱਲੋ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ ਪਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬੂਟੇ ਉਤੇ copper oxychloride @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by rakesh vishvakarma
Uttar Pradesh
11-07-2019 10:05 AM
राकेश जी आप ज्यादा दूध के लिए एचएफ नसल की गायों को रख सकते है इनका दूध ज्यादा होता है इस नस्ल को बिमारियों भी ज्यादा लगती हैं और इसकी देखभाल ज्यादा करनी पड़ती है बाकि आप साहीवाल, जर्सी गाय भी रख सकते है इनका दूध भी अच्छा होता है और साहीवाल गाय के दूध में फैट भी ज्यादा होती है बाकि भैसों में से आप मुर्रा नस्ल की .... (Read More)
राकेश जी आप ज्यादा दूध के लिए एचएफ नसल की गायों को रख सकते है इनका दूध ज्यादा होता है इस नस्ल को बिमारियों भी ज्यादा लगती हैं और इसकी देखभाल ज्यादा करनी पड़ती है बाकि आप साहीवाल, जर्सी गाय भी रख सकते है इनका दूध भी अच्छा होता है और साहीवाल गाय के दूध में फैट भी ज्यादा होती है बाकि भैसों में से आप मुर्रा नस्ल की भैंस को रख सकते है इसका दूध अच्छा होता है इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से गायों और भैंसों को खरीद सकते है पहले आप थोड़ें पशु खरीदें जब आपको इस काम का अनुभव हो जाए तो आप इस काम को बढ़ा सकते हैं

Posted by lucky sharma
Punjab
11-07-2019 10:03 AM
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿੱਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿੱਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇ.... (Read More)
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿੱਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿੱਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿੱਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਸੁੰਡੀ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ladi
Punjab
11-07-2019 10:02 AM
ਲਾਡੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਦਾ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਮਿਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Inder singh
Punjab
11-07-2019 09:56 AM
ਇੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਨਾਲ ਵੀ ਪੀਲੇ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਝੋਨਾ ਚਲ ਪਏਗਾ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਸੁੰਡੀ ਅਤੇ ਸਿਉਂਕ ਦਾ ਸਰਵੇਖਣ ਕਰਦੇ ਰਹੋ

Posted by ਅੰਗਰੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
11-07-2019 09:54 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by kashmir singh
Punjab
11-07-2019 09:50 AM
kashmir ji jekar jhone vich tuhanu zinc di kami de lashan dikhai den ta tuc isdi varto kar sakde ho. jekar pichli var tuc 21% vali 25 killo zinc ja 33% vali 17-18 killo pay hai ta tuhanu 2-3 saal tak zinc paun di lod nahi hai.dhanwad
Posted by Bappa Chowdhury
West Bengal
11-07-2019 09:45 AM
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में )
2-मछली पालन
3- बतख पालन
4- कड़कनाथ मुर्गा पालन
5-जापानी बटेर पालन
6-मोती भस्म
7-सीप भस्म
8-शंक भस्म
प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person
# खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा
# सम्बंधित किताबे
# सैंपल मटेरियल
#सर्टिफिकेट
#शुभकामना पत्र
# जीवन भर सहयोग ( life time support )
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे ,
अमित बमोरिया 9770085381
9584120929
(सीट आरक्षित करने के लिए
1000/- एडवांस जमा कराये )
Amit kumar
Ac no. 50100079403714
Ifsc HDFC0003695
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म
(अमित बमोरिया ) #
@@@
केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
@@@
भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित..
@@@@
प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार..
प्रमुख कार्य
मोती सम्बर्धन (मोती पालन )
मछली पालन
बतख पालन
जापानी बटेर पालन
कड़कनाथ मुर्गा
सुगर फ्री स्टेविआ की खेती
विशेष उद्यानिकी
बमोरिया फार्म
सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई
से 5 किलोमीटर पहले
कामतीरंगपुर
सोहागपुर
स्टेशन कोड SGP
जिला होशंगाबाद HBD

Posted by jashanpreet Singh
Punjab
11-07-2019 09:44 AM
ਜਸ਼ਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shomendra srivastava
Uttar Pradesh
11-07-2019 09:43 AM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं,इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाल.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं,इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, biofloc में हमे पानी रोटेट करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बिजली की जरूरत होती है, हमे केवल फीडिंग करनी है, आप टैंक का पानी 10 बाद भी बदल सकते हो, टैंक में पानी और बैक्टीरिया को मेंटेन रखना पड़ता है यदि अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमे 90968 43382 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Bappa Chowdhury
West Bengal
11-07-2019 09:41 AM
बप्पा चौधरी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण का.... (Read More)
बप्पा चौधरी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Mandeep singh
Punjab
11-07-2019 09:35 AM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ B-complex 20ml/100 birds ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਅਤੇ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ 40ml/100birds ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ 5 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ.

Posted by Jagtar Singhj
Punjab
11-07-2019 09:31 AM
jagtar ji eh jaivik khaad hai isda asar hauli hauli hunda hai. eh jhone da boojha banund e vich madad karda hai.dhanwad
Posted by HARPREET SINGH KHARUD
Punjab
11-07-2019 09:26 AM
harpreet ji tuc ghar vich tulsi, suhajna, insulin de paude la sakde ho.ehna da sehat nu bahut vadia asar hunda hai.dhanwad

Posted by Sukhjeet singh
Punjab
11-07-2019 09:20 AM
sukhjeet ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Sk Rajuddin
Odisha
11-07-2019 09:14 AM
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में )
2-मछली पालन
3- बतख पालन
4- कड़कनाथ मुर्गा पालन
5-जापानी बटेर पालन
6-मोती भस्म
7-सीप भस्म
8-शंक भस्म
प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person
# खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा
# सम्बंधित किताबे
# सैंपल मटेरियल
#सर्टिफिकेट
#शुभकामना पत्र
# जीवन भर सहयोग ( life time support )
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे ,
अमित बमोरिया 9770085381
9584120929
(सीट आरक्षित करने के लिए
1000/- एडवांस जमा कराये )
Amit kumar
Ac no. 50100079403714
Ifsc HDFC0003695
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म
(अमित बमोरिया ) #
@@@
केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
@@@
भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित..
@@@@
प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार..
प्रमुख कार्य
मोती सम्बर्धन (मोती पालन )
मछली पालन
बतख पालन
जापानी बटेर पालन
कड़कनाथ मुर्गा
सुगर फ्री स्टेविआ की खेती
विशेष उद्यानिकी
बमोरिया फार्म
सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई
से 5 किलोमीटर पहले
कामतीरंगपुर
सोहागपुर
स्टेशन कोड SGP
जिला होशंगाबाद HBD
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
11-07-2019 08:53 AM
harpinder ji isde patteya de neeche mashar da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc isde uper imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Harpinder Singh
Punjab
11-07-2019 08:48 AM
harpinder ji kirpa karke daso ta jo tuhanu is bare jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Rahul verma
Uttar Pradesh
11-07-2019 08:43 AM
Rahul ji sujhav ke liye dhanywad hmari team ki tarf se jldi hi ise bhi upload kar diya jayega.dhanywad
Posted by sonu shah
Punjab
11-07-2019 08:40 AM
Sonu ji kirpya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by kuldeep singh
Punjab
11-07-2019 08:19 AM
Hello sir ਮੂਲੀ vare jankari deo ji ਝਾੜ kina hauga te saabdaniaa v ds do kine tym ch teyar hundi aa ?
Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਮੀਟਰ ਦਾ ਰੱਖੋ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ, ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 1.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਕਾ.... (Read More)
Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਮੀਟਰ ਦਾ ਰੱਖੋ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ, ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 1.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 55 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 12 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਅਤੇ ਕਹੀ ਜਾਂ ਕਸੀਏ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਦੇ ਬਾਅਦ ਵੱਟਾਂ ‘ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਚੜਾਓ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ, ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਬਾਕੀ ਦੀਆਂ ਸਿੰਚਾਈਆਂ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ‘ਤੇ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਦਾ ਆਕਾਰ ਵਧੇਗਾ ਅਤੇ ਫਲ ਉੱਤੇ ਬਾਲਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਤਾਜ਼ਾ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਬਦਬੂ ਘਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by virender singh
Haryana
11-07-2019 08:17 AM
खेत को साफ और नदीन रहित रखें बाजरे की बिजाई के बाद एट्राज़िन 400 ग्राम को 200 लीटर पानी में मिलाकर डालें बिजाई के 15-17 दिनों के बाद छंटाई की क्रिया करें और सिर्फ सेहतमंद फसल ही रखें
Posted by Thana singh
Punjab
11-07-2019 08:11 AM
thana ji eh jhone da boojha banun de kam aunda hai. isda result vadia hai tuc isdi varto kar sakde ho.dhanwad

Posted by singh padda
Punjab
11-07-2019 08:02 AM
Singh ji its a nutrient deficiency to overcome this do a spray of 13:00:45@1 kg in 150 litre of water. thank you
Posted by sanjeev kumar
Uttar Pradesh
11-07-2019 08:02 AM
Sanjeev ji yeh fungus hai iske liye aap saaf@400 gram ko urea ke sath mila kar prati acre ke hisab se daale.dhanywad
Posted by Arjun tyagi
Haryana
11-07-2019 07:59 AM
PAU Magaz Kaddoo-1: यह किस्म 2018 में जारी हुई है इस किस्म का प्रयोग खाने वाले बीज (मगज़ और स्नैक्स) बनाने के लिए किया जाता है इसके बीज छिल्के रहित, बेलें छोटी और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इस किस्म के फल दरमियाने, गोल और पकने के समय पीले रंग के हो जाते हैं इस किस्म के बीज में 32 प्रतिशत ओमेगा-6, 3 प्रतिशत प्रोटीन और 27 प्रतिशत त.... (Read More)
PAU Magaz Kaddoo-1: यह किस्म 2018 में जारी हुई है इस किस्म का प्रयोग खाने वाले बीज (मगज़ और स्नैक्स) बनाने के लिए किया जाता है इसके बीज छिल्के रहित, बेलें छोटी और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इस किस्म के फल दरमियाने, गोल और पकने के समय पीले रंग के हो जाते हैं इस किस्म के बीज में 32 प्रतिशत ओमेगा-6, 3 प्रतिशत प्रोटीन और 27 प्रतिशत तेल होता है इस किस्म के बीज का औसतन पैदावार 2.9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है CO 2: यह किस्म 1974 में तैयार की गई है प्रत्येक फल का औसतन भार 1.5-2 किलोग्राम होता है फल का गुद्दा संतरी रंग का होता है इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 135 दिनों में पक जाती है
Posted by Gaurav Bansal
Uttar Pradesh
11-07-2019 07:52 AM
Gaurav Bansal जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
Gaurav Bansal जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ravatmukesh
Gujarat
11-07-2019 07:48 AM
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
13 July 2019 आयोजित किया जा रहा है
एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में )
2-मछली पालन
3- बतख पालन
4- कड़कनाथ मुर्गा पालन
5-जापानी बटेर पालन
6-मोती भस्म
7-सीप भस्म
8-शंक भस्म
प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person
# खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा
# सम्बंधित किताबे
# सैंपल मटेरियल
#सर्टिफिकेट
#शुभकामना पत्र
# जीवन भर सहयोग ( life time support )
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे ,
अमित बमोरिया 9770085381
9584120929
(सीट आरक्षित करने के लिए
1000/- एडवांस जमा कराये )
Amit kumar
Ac no. 50100079403714
Ifsc HDFC0003695
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म
(अमित बमोरिया ) #
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केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
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भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित..
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प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार..
प्रमुख कार्य
मोती सम्बर्धन (मोती पालन )
मछली पालन
बतख पालन
जापानी बटेर पालन
कड़कनाथ मुर्गा
सुगर फ्री स्टेविआ की खेती
विशेष उद्यानिकी
बमोरिया फार्म
सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई
से 5 किलोमीटर पहले
कामतीरंगपुर
सोहागपुर
स्टेशन कोड SGP
जिला होशंगाबाद HBD
Posted by Sukhchain Singh
Punjab
11-07-2019 07:47 AM
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धा.... (Read More)
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धान में प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं पहला तरीका है कि इसे ड्रम में भिगो लें और 5—6 दिन लगातार इसे हिलाते रहें और इस घोल को पानी देने वाले दिन खेत में डाल दें दूसरा तरीका यह है कि इसे बारीक कूटकर इसका छींटा ज़मीन में दे सकते हैं इसे प्रयोग करने का सही समय जब धान 15—20 दिनों का हो क्योंकि इस समय जड़ों का सबसे अधिक विकास होता है इसकी मात्रा एक एकड़ में सिर्फ 16 किलो का प्रयोग कर सकते हैं रेते वाले और बारानी ज़मीन में हम 20 किलो प्रयोग कर सकते हैं
Posted by ravatmukesh
Gujarat
11-07-2019 07:46 AM
अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने के लिए प्रयोग नहीं होता है, पर इसका उद्योगिक स्तर पर काफी प्रयोग होता है इसके अलावा औषधीय और प्रकाश उद्देश्य से भी इसका उपयोग किया जाता है तेल निकालने के बाद बाकी बचे तेल केक को जैविक खाद के रूप में प्रयोग क.... (Read More)
अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने के लिए प्रयोग नहीं होता है, पर इसका उद्योगिक स्तर पर काफी प्रयोग होता है इसके अलावा औषधीय और प्रकाश उद्देश्य से भी इसका उपयोग किया जाता है तेल निकालने के बाद बाकी बचे तेल केक को जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है भारत अरंडी का मुख्य उत्पादक देश है और भारत में गुजरात, आंध्र प्रदेश और राजस्थान मुख्य अरंडी उत्पादक राज्य हैं व्यापारिक खेती के लिए कम उपजाऊ भूमि का प्रयोग अरंडी की खेती के लिए किया जाता है पर यह गहरी, अच्छे निकास वाली, उपजाऊ, हल्की तेजाबी रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5 से 8.5 होनी चाहिए गर्मियों में खेत की तीन से चार बार गहरी जोताई करें इससे नदीनों को खत्म करने और मिट्टी में नमी रखने में मदद मिलेगी डलियों को तोड़ने के लिए जोताई के बाद तवियों से जोताई करें फिर मिट्टी के स्तर को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा रह सके अरंडी को पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो अरंडी की खेती के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह से लेकर अगस्त का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है फासला किस्म और बिजाई के समय पर आधारित होता है सिंचित हालातों में 90सैं.मी.x60 सैं.मी. या 120 सैं.मी.x 60 सैं.मी.फासले का प्रयोग करें जब कि बारानी हालातों में 60 सैं.मी.x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को ज्यादा गहराई में बोने से परहेज़ करें इन्हें 5 सैं.मी. की गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है किस्म के आधार पर फसल 145-180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जब एक या दो फल सूखते या पीले होते दिखाई दें, तो अरंडी की गुच्छों में कटाई शुरू करें सभी गुच्छे समान समय पर नहीं पकते इसलिए दो-तीन तुड़ाइयां आवश्यक हैं तुड़ाई के बाद गुच्छों को धूप में चार से पांच दिन सुखाएं अच्छी तरह से सूखने के बाद बीजों को अलग कर लें फलों की जल्दी कटाई ना करें इससे तेल की प्रतिशतता कम हो जाती है यह बिजाई के ढंग पर आधारित होती है यदि बीजों को हल के पीछे डालना है तो ज्यादा बीजों की मात्रा 4.5 से 6 किलोग्राम प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है यदि गड्ढा खोदकर बिजाई की जाए तो 2.5 से 3.3 किलोग्राम प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है फसल को मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें अच्छी तरह से सूखे हुए फलों में से बीजों को अलग कर लें उसके बाद बीजों से अरंडी का तेल निकाल लें तेल निकालने के बाद तेल केक में 8-10 प्रतिशत अरंडी का तेल होता है तेल केक का प्रयोग खेत में जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है अरंडी की पूरी फसल को 17-20 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती शुरूआती अवस्था में नदीनों की रोकथाम बहुत महत्तवपूर्ण है बिजाई के 20वें और 50वें दिन बाद हाथों से दो बार गोडाई करें बिजाई के दूसरे और तीसरे दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 250 लीटर पानी में मिलाकर डालें यह घास और चौड़े पत्तों वाले नदीनों को रोकने में सहायक होगा

Posted by ਜਗਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
11-07-2019 07:40 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Bajrang Bihari
Bihar
11-07-2019 07:33 AM
मशरूम की फुल जानकारी लेने के लिए आप लोगों ने किसी भी संस्थान में या हमारे पास मशरूम की कम से कम 1 महीने का ट्रेनिंग लेना पड़ेगा उसके बाद आप लोगों को जानकारी हासिल होगी और जो प्रश्न आपका है यह जानकारी हमारी वेबसाइट पर भी है हमारी फेसबुक आईडी पर भी है और यूट्यूब पर भेजें और लोगों के द्वारा भी मशरूम के बारे में जा.... (Read More)
मशरूम की फुल जानकारी लेने के लिए आप लोगों ने किसी भी संस्थान में या हमारे पास मशरूम की कम से कम 1 महीने का ट्रेनिंग लेना पड़ेगा उसके बाद आप लोगों को जानकारी हासिल होगी और जो प्रश्न आपका है यह जानकारी हमारी वेबसाइट पर भी है हमारी फेसबुक आईडी पर भी है और यूट्यूब पर भेजें और लोगों के द्वारा भी मशरूम के बारे में जानकारी डाली गई है
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