Posted by ganesh
Madhya Pradesh
13-07-2019 06:42 AM
ganesh ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by gurpreet singh
Punjab
13-07-2019 06:24 AM
Gurpreet singh ji mungi da MSP rate 7050/q hai, Thank you.

Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
13-07-2019 06:24 AM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by gurpreet singh
Punjab
13-07-2019 06:23 AM
gurpreet ji saro di khal ik jaivik hal hai ate urea chemical ta dona da koi mel nahi hai dona da kam alag hai ta ehna dona nu ikathe rla ke na pao. saro di khal di alag varto karo.dhanwad

Posted by Dalveer
Punjab
13-07-2019 06:23 AM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by gurpreet singh
Punjab
13-07-2019 06:06 AM
OS nu Injection Zoctim 2.5gm IV lagwao Injection Megludyne 20ml, Injection CRB 20ml,Injection vitam H 5ml, Injection Isoflud 5ml lwao ji baki tuci thana nu saff karo ji

Posted by 1095
Punjab
13-07-2019 05:14 AM
uss nu tuci pett de kiria lai Flukarid-ds bolus deo, isde nal tuc Cargill di Heifer dry feed pao ate Cafplan powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi, baki uss nu ek jgah bnn ke naa rkho usda torra ferra jruur krwao, kyuki gummn firrn nal sarir vdia growth krda hai.

Posted by 1095
Punjab
13-07-2019 05:10 AM
Markfed feed len lai tusi ane najdiki cooperative society nal samparak kar sakde ho, jekar utho nai mildi ta tusi Gidderbaha Plant Gurvir Isngh 01637-230071 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Deep
Punjab
13-07-2019 03:18 AM
ਪਰਮ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਜਿਵੇ ਬ੍ਰਾਹਮੀ,ਐਲੋਵੀਰਾ/ਕਵਾਰ,ਤੁਲਸੀ,ਨਿੰਮ,ਆਂਵਲਾ,ਕਲਿਹਾਰੀ,ਪੁਦੀਨਾ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਰਕੀਟ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ surinder Nagra 9814305864 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by pankaj chaurasiya
Madhya Pradesh
13-07-2019 03:02 AM
Pankaj chaurasiya ji Amrapali Mango plant lene ke lia aap Dharam raj Puri 9152602894 (Jai Krishak Agri Plant Pvt Ltd) se samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by Aslam Rehman
Goa
13-07-2019 01:51 AM
Haa kia ja sakta hai...delhi me kuch log kar bhi rahe..sirf aapko seed milna jaruri hai..agar aapko chahiyo ho to 9096843382 me call karlena aapko puri jankari mil jayegi

Posted by husanpreet singh
Punjab
13-07-2019 12:07 AM
आप उसे 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम सूखे आंवले और 50 ग्राम अज्वाइण उबाल कर फिर ठंडा करके 5—7 दिन दें बाकि आप Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Milkout powder 2—2 चम्मच सुबह शाम, Lactomax bolus रोजाना 10 गोलियां देनी शुरू करें इससे दूध बढ़ जाएगा

Posted by husanpreet singh
Punjab
13-07-2019 12:04 AM
husanpreet ji pusa44 pakkan vich 155-160 din da sma laindi hai.dhanwad
Posted by Rahul Chaudhary
Uttar Pradesh
12-07-2019 11:10 PM
मोती पालन एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग के प्रशिक्षण सम्बन्धी समस्त जानकरी के लिए संपर्क करे
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Posted by banna
Gujarat
12-07-2019 10:55 PM
बन्ना जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by दशरथ सिंह
Uttar Pradesh
12-07-2019 10:49 PM
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Posted by Sukhdev Singh
Punjab
12-07-2019 10:48 PM
sukhdev ji seonk di roktham de layi tuc chlorpyriphos@1 litre nu 60 killo mitti vich mila ke prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad

Posted by दशरथ सिंह
Uttar Pradesh
12-07-2019 10:45 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता हैकतारों में 2..... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता हैकतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 20-25 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 28 किलो (यूरिया 60 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) की पहली मात्रा को बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) को पहली तुड़ाई के समय प्रति एकड़ में डालें इस फसल को तुरंत सिंचाई की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें गर्मियों में फसल को 6—7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और बारिश के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी लगाएं इस फसल को कुल 9 सिंचाइयों की जरूरत होती है नदीनों की रोकथाम के लिए, पौधे की वृद्धि के शुरूआती समय में 2-3 गोडाई करें गोडाई खाद डालने के समय करें बरसात के मौसम में नदीनों की रोकथाम के लिए मिट्टी चढ़ाना भी प्रभावी तरीका है किस्म और मौसम के आधार पर, फसल 60-70 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है मार्किट की आवश्यकतानुसार, मध्यम और नर्म फलों की तुड़ाई करें बीज उत्पादन के लिए ज्यादातर पके फलों को स्टोर किया जाता है तीखे चाकू की मदद से फलों को बेलों से काटें मांग ज्यादा होने पर फल की तुड़ाई प्रत्येक 3-4 दिन में करनी चाहिए लौकी की अन्य किस्मों से 800 मीटर का फासला रखें खेत में से बीमार पौधों को निकाल दें बीज उत्पादन के लिए, फल की तुड़ाई पूरी तरह पकने पर करें सही बीज लेने के लिए खेत की तीन बार जांच आवश्यक है तुड़ाई के बाद, फलों के सूखाएं और फिर बीज निकाल लें

Posted by rajesh sarkar
Telangana
12-07-2019 10:36 PM
Rajesh ji aap iski paniri October se end November tak daal sakte hai.dhanywad
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
12-07-2019 10:31 PM
Sabse pehle usko ek antibiotic course Jo doctor ne Diya usko Pura Karen Jo uterus k infection ko control karega.
2. Dugdh Dan bolus/ Galactomax bolus: 2 goli rojana
3. Mineral mixture: 100 g daily
4 stim vet injection bhi de sakte hai
milking see pehle gungune paane see massage karein
Posted by Rahul Yadav
Uttar Pradesh
12-07-2019 10:29 PM
खरीफ की ऋतु में बिजाई करने के लिए बीज की मात्रा 5-6 किलोग्राम प्रति एकड़ डालें और गर्मियों की ऋतु में बिजाई के लिए 19-20 किलोग्राम बीज का प्रयोग करें

Posted by Vipin Gupta
Uttar Pradesh
12-07-2019 10:14 PM
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की.... (Read More)
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं

Posted by akash kumar
Haryana
12-07-2019 10:00 PM
akash ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Praveen Kumar
Uttar Pradesh
12-07-2019 09:57 PM
Praveen kumar ji aap ise vermicompost daale iski matra 3 killo ko prati paudhe ke hisab se daale.dhanywad

Posted by Paramjeet Gill
Punjab
12-07-2019 09:56 PM
Paramjit g, ਮੱਕੀ ਦਾ ਆਚਾਰ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕੋਈ ਰੋਕ ਨਹੀਂ
Posted by harpreet singh
Punjab
12-07-2019 09:52 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Ovumin advance bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਤ੍ਰਾਹ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਜਦੋ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦੀ ਸਫਾਈ ਕਰਵਾਓ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਕਰਵਾਓ ਜੀ .
Posted by pawan
Uttar Pradesh
12-07-2019 09:45 PM
पवन जी ज्यादा जल जमाव के कारण फंगस का हमला होना शुरू हो जाता है इसकी रोकथाम के लिए आप खेत से फ़ालतू पानी बाहर निकले और पौधे को म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by mohammed Farooque Khan
Rajasthan
12-07-2019 09:43 PM
राजस्थान में देसी चूज़े लेने के लिए आप मान सिंह 9649050050 (Shree Karni group) से संपर्क कर सकते है
Posted by Ramandeep singh
Punjab
12-07-2019 09:41 PM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉੱਚਾ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੂੜੀ ਘੱਟ ਪਾਓ..

Posted by Bhawan Preet ਸਿੰਘ
Punjab
12-07-2019 09:39 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by Dipanshu
Bihar
12-07-2019 09:37 PM
यह फंगस का हमला है इसे रोकने के लिए carbendazim@3 gram प्रति लीटर पानी में स्प्रे करें
Posted by Sandeep singh
Punjab
12-07-2019 09:19 PM
Sandeep G, ਇਹ ਝੋਟੀ ਆਪਣੇ ਸਰੀਰਕ ਬਣਤਰ ਅਤੇ ਗੁਣਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਮੁਰਹਾ ਨਸਲ ਦੀ ਹੈ
Posted by वीरू शर्मा
Madhya Pradesh
12-07-2019 09:18 PM
स फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट.... (Read More)
स फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

Posted by BALJIT SINGH
Punjab
12-07-2019 09:12 PM
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰ.... (Read More)
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by Anmol Singh Dhaliwal
Punjab
12-07-2019 08:52 PM
anmol ji isde vich mycorrhiza maujood hai eh jhone da boojha bnaun vich madad karda hai isdi matra 4 killo nu prati acre de hisab nal vart sakde ho.dhanwad

Posted by ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
12-07-2019 08:47 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਸਿੰਗਾ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਵਿਚ ਨਾਰੀਅਲ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਅਤੇ ਸਿੰਗਾ ਤੇ ਵੀ ਨਾਰੀਅਲ ਤੇਲ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗੇਗਾ

Posted by akshay
Bihar
12-07-2019 08:47 PM
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Posted by Amanpreet
Uttarakhand
12-07-2019 08:46 PM
amanpreet ji dharti da result vadhia hai isde vich sare mirco nutrient jive Zinc, Manganese, Iron, Copper, Boron hunde han tuc isdi varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by ਦੇਸ ਰਾਜ ਸੂਦ
Punjab
12-07-2019 08:45 PM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.

Posted by kamal nain
Haryana
12-07-2019 08:30 PM
कमल नयन जी हमने ज्यादा दवाइयों का प्रयोग करके हमारे खेतों को हमारे पर्यावरण को और उनको उपयोग करने वाले सभी जीव जंतुओं को बीमार बना दिया आपको गर्मी के बारे में पता है आपके क्षेत्र में बहुत ज्यादा गर्मी के वजह से अलका मच्छर हो जाता है यह फसल को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाएगा अगर फिर भी आपको लग रहा है तो 5 ली.... (Read More)
कमल नयन जी हमने ज्यादा दवाइयों का प्रयोग करके हमारे खेतों को हमारे पर्यावरण को और उनको उपयोग करने वाले सभी जीव जंतुओं को बीमार बना दिया आपको गर्मी के बारे में पता है आपके क्षेत्र में बहुत ज्यादा गर्मी के वजह से अलका मच्छर हो जाता है यह फसल को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाएगा अगर फिर भी आपको लग रहा है तो 5 लीटर लस्सी में 2 से 3 किलो गुड़ का सिरे का घोल बनाकर लगभग 100 लीटर पानी मैं मिलाकर 1 एकड़ के हिसाब से सपरे करें आपके फसल में बहुत ज्यादा सुधार होगा

Posted by harnek singh
Rajasthan
12-07-2019 08:28 PM
Narme de vich SSP@75kg ja DAP@27 kg prati acre de hisab nal paa skde ho. ihna de vicho kise v ikk di varto kr skde ho. ihna di varto krn nal jo narme de vich patte jamni rang de hunde hnn ohh nahi hunde..ihna di varto tuc shuru de vich v kr skde ho ja fir baad de vich narma uggran te v kr skde ho. Jo potash di varto krni hundi hai ohh mitti de vich iss di ghaat de anusaar kro. jekar iss di ghaat hai tan 20kg prati acre de hisaab nal paa skde ho. sulphur di iss de vich lod nahi hundi hai. iss di varto krn ton parhej kro.

Posted by manvir singh
Punjab
12-07-2019 08:23 PM
Manvir g, Saauni Dey maah beejn da sahi time June dey last week toh July da first week hai, Neem pahari area ch maah di fsl di bijaai 15-25 July tak kiti jaa skdi hai

Posted by gurlal singh
Punjab
12-07-2019 08:18 PM
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤ.... (Read More)
ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ 1121 ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 36 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
12-07-2019 08:17 PM
ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਵਿਸ਼ਾ ਦੱਸੋ ਕਿ ਕਿਸ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਨੀ ਹੈ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਤੁਹਾਡੀ ਗੱਲ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਅਧਿਕਾਰੀਆ ਤੱਕ ਪਹੁਚਾ ਈ ਜਾਵੇ ਜੀ
Posted by Kashinath Yadav
Uttar Pradesh
12-07-2019 08:12 PM
Kashinath ji iske vare mai jankari ke liye app mere sath sampark 9466419455 kr skte hai

Posted by GURWINDER SINGH
Punjab
12-07-2019 08:02 PM
ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax bolus ਰੋਜਾਨਾ 10 ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by Ravindra Tiwari
Uttar Pradesh
12-07-2019 07:58 PM
मोती पालन एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग के प्रशिक्षण सम्बन्धी समस्त जानकरी के लिए संपर्क करे
भारत के प्रसिद्ध बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पुरुष्कृत ) सहारा समय / बंसल न्यूज़ / दैनिक भास्कर / राजिस्थान पत्रिका आदि द्वारा सत्यापित फार्म
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9770085381
सुलक्षणा अमित बमोरिया
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Posted by gk
Punjab
12-07-2019 07:30 PM
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ ਆਉ.... (Read More)
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਰਸਤਿਆਂ ਅਤੇ ਨੁਕਸਾਨ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਵਿੱਚ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਅਨਾਜ ਨੂੰ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਮੂੰਹ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਰੱਖੋ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਗਿਝਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਜਰੇ ਅੰਦਰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਉੱਤੇ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾਣੇ ਅਤੇ ਨਾਲੀਦਾਰ ਦਾਖ਼ਲੇ ਤੇ ਚੁਟਕੀ ਭਰ ਦਾਣੇ ਰੱਖ ਕੇ ਮੂੰਹ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਜਿਹਾ ਕਰ ਕੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤਕ ਚੂਹੇ ਅਤੇ ਫੜੇ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁਬੋ ਕੇ ਮਾਰੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਦੁਬਾਰਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਲਈ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 30-35 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਵਕਫ਼ਾ ਜ਼ਰੂਰ ਰੱਖੋ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ: ਚੂਹਿਆਂ ਦੀ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਵਰਤਣ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਾਵਧਾਨੀ ਅਤੇ ਸਹੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤਣ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਚੂਹਿਆਂ ਦਾ ਇਸ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਖਾਣਾ, ਵਰਤੇ ਗਏ ਦਾਣਿਆਂ ਦਾ ਮਿਆਰੀਪਣ, ਸੁਆਦ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਹਿਕ ’ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਬਣਾਉਣਾ ਜਿੰਕ ਫਾਸਫਾਈਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਬਾਜਰਾ, ਕਣਕ, ਜਵਾਰ ਦਾ ਦਲੀਆ ਜਾਂ ਇਨਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ ਲੈ ਕੇ ਇਸ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਜੇ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਜਿੰਕਫਾਸਫਾਈਡ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾਓ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੀਆਂ ਪੁੜੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਗੇਝ ਵਾਲੀਆਂ ਜਗ੍ਹਾ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ 0 005 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 40 ਕੁ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਰੈਕੁਮਿਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੈਕੁਮਿਨ 0 0375 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਮੂੰਗਫਲੀ ਜਾਂ ਸੂਰਜਮੁਖੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਇਹ ਵੀ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਕਾਰਗਰ ਤਰੀਕਾ ਹੈ
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