
Posted by Rajesh kumar
Uttar Pradesh
15-07-2019 02:37 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद

Posted by Rajesh kumar
Uttar Pradesh
15-07-2019 02:37 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद
Posted by Gurnaam Gujjar
Haryana
15-07-2019 02:36 PM
Sir namaskar main dhan hybrid ki Swift gold Lgai Hui Hai Jiska Paudha apne aap sukne Lag Gaye Hain ?
gurnaam ji isme sundi ka hamla check Karen agar maujood hai to aap isme fame@20ml ja coragen@60 ml ko 150 litre Pani ke hisab se spray karen.
Posted by jaspreet singh
Punjab
15-07-2019 02:36 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Bolus Flukired DS 6gm ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ Genta-D ਦਵਾਈ ਦੀਆ ਬੂੰਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 3-4 ਵਾਰ ਠੰਡੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਛਿਟੇ ਜਰੂਰ ਮਾਰੋ ਜੀ

Posted by Rajesh kumar
Uttar Pradesh
15-07-2019 02:34 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद

Posted by harwinder
Punjab
15-07-2019 02:34 PM
harwinder ji tuc urea de nal rla ke nahi payi ja sakdi isdi varto alag to kro.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
15-07-2019 02:33 PM
uss nu tuci Biotrim injction 3ml lgwao ya tuci Enrofloxacin injection 3ml lgwa skde ho, baki tuci broton liquid 10-10ml dena suru kro.

Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 02:21 PM
amarbeer ji Dona de Kam ik hi Han Dona vicho kise di vi varto Kar sakde ho.

Posted by Ganesh
Maharashtra
15-07-2019 02:20 PM
Ganesh जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीन.... (Read More)
Ganesh जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Ganesh
Maharashtra
15-07-2019 02:16 PM
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भ.... (Read More)
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं

Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 02:16 PM
hanji tuc isdi varto Kar sakde ho.eh jhone da boojha bnaun de Kam aunda hai.

Posted by mamlesh kumar
Bihar
15-07-2019 02:12 PM
mamlesh ki kripya aap apna swal dubara pooche Taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.
Posted by Balwinder Singh
Punjab
15-07-2019 02:11 PM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ, ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ, ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ, ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ, ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ, ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ, ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ, Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.

Posted by chhina Saab
Punjab
15-07-2019 02:10 PM
chhina Saab ji tuc bengan men NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Ganesh
Maharashtra
15-07-2019 02:09 PM
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भ.... (Read More)
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं
Posted by Ranjeet singh
Punjab
15-07-2019 02:03 PM
tuci usdi Bachedani vich Lixin-iu dwai 2 din bhrwao fir agli varr heet vich aunn te tika bhrwao, iss nal usde anndar ton infection khttm howega.n-iu दवाई 2 दिन भरवाएं फिर अगली बार हीट में आने पर टीका भरवाएं, इससे उसकी अंदर से इन्फेक्शन खत्म हो जाएगी

Posted by gurpreet singh
Punjab
15-07-2019 02:02 PM
gurpreet ji virtako ik keetnashak hai isdi varto tahi kro jekar gobh di sundi ja jad di sundi da hamla hund hai.
Posted by Sachin Chouhan
Madhya Pradesh
15-07-2019 02:00 PM
sachin ji mausam vibhag ke anusar agle do din men sehore men barish hone ki sambhavna kam hoti hai.dhanywad

Posted by Harbhjan Singh
Punjab
15-07-2019 01:51 PM
harbhajn hi isme nematode ki dikkat hai Iski roktham ke liye aap furadon@1 killo ko prati knal ke hisab se daale.

Posted by Kulwinder Singh Brar
Punjab
15-07-2019 01:49 PM
kulwinder ji isdiyan jdan Vich seonk check kro jekar maujood hai ta tuc isde layi chlorpyriphos@4ml nu prati litre Pani de hisab nal Pao.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
15-07-2019 01:35 PM
Bikram ji jekar Pani mitti Vich ghat jeerda hai ta tuc sulphur@3kg nu prati acre de hisab nal Pao.dhanwad
Posted by chandan kandari
Uttarakhand
15-07-2019 01:29 PM
chandan ji kripya aap Iski photo bheje Taki aapko iske bare me. poori jankari di ja sake.
Posted by Mittu Bhardwaj
Haryana
15-07-2019 01:14 PM
गाय को जो भी आप लोग खिलाते हो उसके साथ में हर रोज ढाई सौ ग्राम से 500 ग्राम तक देसी गुड़ गाय को दें आपका दूध बढ़ जाएगा

Posted by Harjinder Singh
Punjab
15-07-2019 01:05 PM
harjinder ji tuc kine din ho gye isdi varto Keete hoye ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by RAJESH KUMAR
Haryana
15-07-2019 12:44 PM
फिलहाल नरमा की निराई गुड़ाई का ध्यान दो बारिश चलने के बाद नरमा के खेत में ढाई किलो यूरिया ढाई किलो डीएपी और ढाई सौ ग्राम सिंह का घोल बनाकर 25 लीटर गोमूत्र में 75 लीटर पानी के साथ बारिश फुवारे से सपरे करके 1 एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें
Posted by RAJESH KUMAR
Haryana
15-07-2019 12:42 PM
राजेश जी उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Albendazole bolus दें इसके साथ आप Agrimin पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें और Cafplan पाउडर 50-50gm सुबह शाम दें इससे ग्रोथ अच्छी होगी और वो जल्दी हीट में भी आएगी
Posted by Praveen Kumar
Uttar Pradesh
15-07-2019 12:38 PM
आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी दि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धं.... (Read More)
आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी दि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी.
Posted by ਗੁਰਦੀਪਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 12:25 PM
gurdeep ji aap iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre Pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gurwinder Samra
Punjab
15-07-2019 12:21 PM
gurwinder ji jehdi khaad hai oh 45 Dina Tak pauni hundi hai khet vicho Pani ght ho Jan dao fer isnu khaad Pao kyuki jekar Pani dooje khet Vich gya ta is nal khaad da asar nahi hoyega.

Posted by Ajaib sandha
Punjab
15-07-2019 12:20 PM
tuci uss nu V-5 injection lgwao isde tuci 3 injection 1-1 dina de farak nal lgwao isde nal tuci Potasium-iodied dwai deni suru kro , iss nu 10gm rojana deo ate 6 din tak deo, baki tuci usde thann vich Mamital tube 3 din lgatar chdwao , thann nu puuri tarah khali krke ehh tube chdwao. iss nal jldi farak paa jawega.
Posted by supinder jawandha
Punjab
15-07-2019 12:18 PM
ਉਸ ਨੂੰ Intavita-NH liquid 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ, ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਗਰੋਥ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਫੀਡ ਤੁਸੀ 1.5-2 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਦੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..

Posted by Ajaib sandha
Punjab
15-07-2019 12:17 PM
tuci uss nu V-5 injection lgwao isde tuci 3 injection 1-1 dina de farak nal lgwao isde nal tuci Potasium-iodied dwai deni suru kro , iss nu 10gm rojana deo ate 6 din tak deo, baki tuci usde thann vich Mamital tube 3 din lgatar chdwao , thann nu puuri tarah khali krke ehh tube chdwao. iss nal jldi farak paa jawega.

Posted by amrinder Dhillon
Punjab
15-07-2019 12:13 PM
jekar tuci meat lai rkhne hai tan tuci Barbari nasal rkh skde ho, jekar tuci bakri rkhni hai dudh ate meat dona lai beetal nasal rkhh skde ho.

Posted by shadab
Madhya Pradesh
15-07-2019 12:13 PM
Shadab ji fish farming ki training aapko apne zile ke Krishi Vigyan Kendra me milegi ji. aap KVK ka address note kare or waha par jakar training ke liye apna name likhwaye ji . Address-: Krishi Vigyan Kendra, Kasturba Gandhi National Memorial Trust Kasturabagram , Khandwa Road,Distt. Indore.

Posted by ਦੀਪ ਉਟਾਲ
Punjab
15-07-2019 12:13 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ .... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by Harmesh Singh
Haryana
15-07-2019 12:12 PM
harmesh ji kripya aap isme sundi ka hamla check karen.agar maujood hai to aap iske uper fame@20 ml ja coragen@60 ml ko prati acre ke hisab se spray karen.

Posted by ਹਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 12:05 PM
ਤੁਸੀ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਮਹਿੰਦੀ, 50 ਗ੍ਰਾਮ ਹਲਦੀ ਅਤੇ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 3-4 ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਅਜਮੇਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 12:00 PM
ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਹਾਲਾਂਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਫਲ ਗਰਮੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਚ ਉਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਦੇ ਲਈ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾ.... (Read More)
ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਹਾਲਾਂਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਫਲ ਗਰਮੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਚ ਉਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਦੇ ਲਈ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਖਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲੈਣ ਲਈ 20° ਤੋਂ 35° ਸੈ. ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ 25 ਤੋਂ 40 ਸੈ.ਮੀ. ਸਲਾਨਾ ਵਰਖਾ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by ਅਜਮੇਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 11:53 AM
ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਹਾਲਾਂਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਫਲ ਗਰਮੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਚ ਉਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਦੇ ਲਈ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾ.... (Read More)
ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਹਾਲਾਂਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਫਲ ਗਰਮੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਚ ਉਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨੋਨੀ ਦੀ ਫਸਲ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਖੜੋਤ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਾਰ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਦੇ ਲਈ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਖਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲੈਣ ਲਈ 20° ਤੋਂ 35° ਸੈ. ਤਾਪਮਾਨ ਅਤੇ 25 ਤੋਂ 40 ਸੈ.ਮੀ. ਸਲਾਨਾ ਵਰਖਾ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by mandip ghuman
Punjab
15-07-2019 11:52 AM
uss nu tuci pett de kiria lai Flukarid-ds bolus deo, isde nal Bovimin-b powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Mahipal Sagar
Madhya Pradesh
15-07-2019 11:47 AM
mahipal ji kripya aap Iski photo dubara bheje aapke dwara bheji gayi photo upload nahi Hui hai.dhanywad

Posted by jaswinder singh
Punjab
15-07-2019 11:39 AM
Jaswinder ji isde lai tuci apne nazdiki wale pashu farm te ja ke turi wala shanna dekh skde ho jekar tuhade kol pashu jyada hai tan tuci vddha chorra bnna skde ho jiss nal jyada turri shaan skde ho, jekar ghat hai tan chotta he bnna skde ho.

Posted by manoj
Haryana
15-07-2019 11:39 AM
Manoj ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi bimari ki jankari Lena chahte hai Taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.

Posted by amrinder Dhillon
Punjab
15-07-2019 11:36 AM
ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
• ਇਸ ਤੋਂ ਬ.... (Read More)
ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
• ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ
• ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ
• ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ

Posted by ਗੁਰਦਿਆਲ ਸਿੰਘ
Punjab
15-07-2019 11:32 AM
ਗੁਰਦਿਆਲ ਜੀ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਉਸਦੀ ਸਮੇ ਦੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ, ਵਧਿਆ ਫੀਡ, ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ, ਵਧਿਆ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਇਹਨਾਂ ਚੀਜਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹੁਣ ਗਾਵਾ ਬੈਠ ਗਈਆ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਵਿਚ Tonophas 20ml ਪਾਓ ਅਤੇ IV SLOW ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Prednislon injection(IM) 10ml 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਲਗਵਾ.... (Read More)
ਗੁਰਦਿਆਲ ਜੀ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਉਸਦੀ ਸਮੇ ਦੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ, ਵਧਿਆ ਫੀਡ, ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ, ਵਧਿਆ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਇਹਨਾਂ ਚੀਜਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹੁਣ ਗਾਵਾ ਬੈਠ ਗਈਆ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਵਿਚ Tonophas 20ml ਪਾਓ ਅਤੇ IV SLOW ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Prednislon injection(IM) 10ml 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਖੜੀਆ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ, ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਕਿਸੀ ਸਹਾਰੇ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਦਿਨ ਵਿਚ ਥੋੜੀ ਦੇਰ ਖੜੀਆ ਰਖਿਆ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਫਰਕ ਪਵੇਗਾ .
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