
Posted by sukhwinder singh
Punjab
17-07-2019 07:02 AM
Sundi check kro gobh Vich he haigi aa ta fame@20ml ja coragen@60 ml di spray krdo ias to ilava saaf@500 gram da chitta dedo.

Posted by rabindra Nath singh
Uttar Pradesh
17-07-2019 07:01 AM
Rabindra ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sunil kumar
Uttar Pradesh
17-07-2019 06:48 AM
Sunil kumar ji yeh keet ke hamle ke karn hota hai iske liye aap quinalphos@400ml ko prati acre ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Balwinder Singh
Punjab
17-07-2019 06:43 AM
ਸਪਰੇਅ ਲਈ ਚਿਲੇਟਿਡ ਜਿੰਕ 12% ਜਾਂ ਜਿੰਕ ਅਕਸਾਈਡ 39 % ਵਰਤੋ ਰਿਜਲਟ ਵਧੀਆ ਨੇ

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-07-2019 06:42 AM
ਪਾ ਸਕਦੇ ਓ ,ਪਰ ਸਪਰੇਅ ਚ ਵਧ ਰਿਜਲਟ ਮਿਲਦਾ । ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ 33% ਵਰਤੋ

Posted by Arsh
Punjab
17-07-2019 06:23 AM
ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਤੁਹਾਡੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-07-2019 06:07 AM
jatinder g tuc apne rukkhan di gal kr rhe ho ja fir jehde govt. ;gaundi hai ohna di gal kr rhe ho. kirpa kr ke ihh dso.

Posted by ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-07-2019 06:04 AM
ਜਤਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਹਿੰਦੇ ਬੂਟੇ ਲਾਉਣ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by amar sen sahu
Uttar Pradesh
17-07-2019 05:40 AM
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल ध.... (Read More)
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धान में प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं पहला तरीका है कि इसे ड्रम में भिगो लें और 5—6 दिन लगातार इसे हिलाते रहें और इस घोल को पानी देने वाले दिन खेत में डाल दें दूसरा तरीका यह है कि इसे बारीक कूटकर इसका छींटा ज़मीन में दे सकते हैं इसे प्रयोग करने का सही समय जब धान 15—20 दिनों का हो क्योंकि इस समय जड़ों का सबसे अधिक विकास होता है इसकी मात्रा एक एकड़ में सिर्फ 16 किलो का प्रयोग कर सकते हैं रेते वाले और बारानी ज़मीन में हम 20 किलो प्रयोग कर सकते हैं

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
17-07-2019 05:27 AM
Imran ahmad ansari ji desi chicks lene ke liye aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se samparak kar sakte hai. Thank you.

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
17-07-2019 05:25 AM
Imran ahmad ansari ji desi chicks lene ke liye aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ
Haryana
17-07-2019 04:27 AM
ਹਰਾ ਪਿਆਜ,ਜਾਂ ਗੋਭੀ ਵੀ ਲਾਉਂਦੇ ਨੇ ਕਿਸਾਨ ਮਟਰ ਚ । ਮਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਿੱਦਾਂ ਕਰਦੇ ਓ ਓਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੂਜੀ ਫਸਲ ਲੈ ਸਕਦੇ ਓ ।

Posted by hardeep singh
Punjab
17-07-2019 02:39 AM
ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Metricef-IU ਦਵਾਈ ਦੋ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ PG care bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ, ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਕੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ.
Posted by vikas tripathi
Uttar Pradesh
17-07-2019 12:42 AM
विकास त्रिपाठी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून औ.... (Read More)
विकास त्रिपाठी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Sourav Banerjee
Jharkhand
17-07-2019 12:18 AM
इसकी मार्किटिंग के लिए आपको खुद ही लिंक बनाने पड़ेगे जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसके लिए आप मीट वाले से भी बात कर सकते है इस प्रकार आप खुद इसके लिंक बना सकते हैं
Posted by jitendra phagna
Rajasthan
16-07-2019 11:10 PM
Jitendra ji jaivik khaad bnane ke liye sarkar ki tarf se koi bhi madad nahi miti hai ji.dhanywad
Posted by एम. के. रज़ा
Chattisgarh
16-07-2019 10:43 PM
आप उसे कुछ दिन सरसों का तेल 20 मि.ली. रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा बाकि उसे Broton liquid 15ml रोजाना देना शुरू करें इससे हाजमा भी ठीक हो जाएगा

Posted by shivam rathour
Uttar Pradesh
16-07-2019 10:43 PM
गुड की ओटी मे सरसों की खल अच्छे से पका कर दो-तीन दिन गाय को भाप रोककर हल्का गरम जैसे सर्दियों में डूबल से ताजा पानी निकलता है उस पोजीशन पर खिलाएं आपको मदद मिलेगी

Posted by shivam rathour
Uttar Pradesh
16-07-2019 10:34 PM
DAP के घोल में जिंक सल्फेट का घोल मिलाने पर थक्केदार घना अवशेष बनाया जाता है जबकिDAP के घोल में मैग्नीशियम सल्फेट का घोल मिलाने पर ऐसा नही होता है यदि हम जिंक सल्फेट के घोल में पतली कास्टिक का घोल मिलाएं तो सफेद मटमैला माड़ जैसा अवशेष बनता है यदि इसमें गाढ़ा कास्टिक का घोल मिला दे तो यह अवशेष पूर्णतया घुल जाता .... (Read More)
DAP के घोल में जिंक सल्फेट का घोल मिलाने पर थक्केदार घना अवशेष बनाया जाता है जबकिDAP के घोल में मैग्नीशियम सल्फेट का घोल मिलाने पर ऐसा नही होता है यदि हम जिंक सल्फेट के घोल में पतली कास्टिक का घोल मिलाएं तो सफेद मटमैला माड़ जैसा अवशेष बनता है यदि इसमें गाढ़ा कास्टिक का घोल मिला दे तो यह अवशेष पूर्णतया घुल जाता है किसान भाइयो इसी प्रकार यदि जिंक सल्फेट कि जगह मैग्नीशियम सल्फेट का प्रयोग किया जाय तो अवशेष नहीं घुलता है

Posted by shivam rathour
Uttar Pradesh
16-07-2019 10:29 PM
शिवम् जी आप गन्ने में N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by sukh kang
Punjab
16-07-2019 10:29 PM
sukh ji kirpa karke isdi nede di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by neeraj dwivedi
Uttar Pradesh
16-07-2019 10:28 PM
धान में यूरिया 36 किलोग्राम प्रति एकड़ में डाली जाती है, धान मुख्य खेत में लगाने से 18 दिन के बाद यूरिया और डीएपी डालनी शुरू करें, इसमें 27kg डीएपी डाल सकते हैं यदि गेहूं में डीएपी नहीं डाली है, इसके अलावा इसमें 20kg पोटाश डालनी है, जो यूरिया है उसे 3 हिस्सों में बाँटकर डालना है, 18-45 दिनों तक यूरिया की पूरी मात्रा डाल दें, .... (Read More)
धान में यूरिया 36 किलोग्राम प्रति एकड़ में डाली जाती है, धान मुख्य खेत में लगाने से 18 दिन के बाद यूरिया और डीएपी डालनी शुरू करें, इसमें 27kg डीएपी डाल सकते हैं यदि गेहूं में डीएपी नहीं डाली है, इसके अलावा इसमें 20kg पोटाश डालनी है, जो यूरिया है उसे 3 हिस्सों में बाँटकर डालना है, 18-45 दिनों तक यूरिया की पूरी मात्रा डाल दें, यदि खेत में ज़िंक डालना चाहते है तो पहले यूरिया के साथ ज़िंक मिलाकर खेत में छींटा दें, यह ज़िंक आप 21% वाली या 33% वाली डाल सकते हैं, 21% वाली ज़िंक की मात्रा 25kg प्रति एकड़ है और 33% ज़िंक की मात्रा 16-17 kg प्रति एकड़ है

Posted by singh dhaliwal
Punjab
16-07-2019 10:27 PM
gursharn ji kirpa karke isdi photo bhejo ja isde salt da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Harkirat Singh
Punjab
16-07-2019 10:24 PM
no ..fertera insecticide hai ..j apni fasl nu koi problm ni ta paisa khrab na kro ...
Posted by vikas kumar
Chattisgarh
16-07-2019 10:23 PM
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 .... (Read More)
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें
जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें
कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें
ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें

Posted by Manpreet singh
Punjab
16-07-2019 10:03 PM
tuci katti nu Albendazole bolus pett de kiria lai deo, isde nal tuci Agrimin super powder 100gm rojana ate Mintos bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.

Posted by Deore shashikant
Maharashtra
16-07-2019 09:50 PM
उसे Liquid Utrawin-OZ 30ml IU 3 दिन तक बच्चेदानी में भरें और साथ में Bovimin-B पाउडर 50 ग्राम रोजाना और Concimax गोलियां रोजाना एक गोली दें और 14 दिनों तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवाकर यह गोलियां 14 दिन ओर देते रहें टीका आप उसके खून गिराने के हिसाब से भरवायें जैसे एक टीका खून गिराने से पहले भरवायें और दूसरा टीका खून गि.... (Read More)
उसे Liquid Utrawin-OZ 30ml IU 3 दिन तक बच्चेदानी में भरें और साथ में Bovimin-B पाउडर 50 ग्राम रोजाना और Concimax गोलियां रोजाना एक गोली दें और 14 दिनों तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवाकर यह गोलियां 14 दिन ओर देते रहें टीका आप उसके खून गिराने के हिसाब से भरवायें जैसे एक टीका खून गिराने से पहले भरवायें और दूसरा टीका खून गिराने के बाद भरवायें
इससे वो गाभिन हो जाएगी

Posted by Rohit
Madhya Pradesh
16-07-2019 09:48 PM
रोहित जी कृपया आप बताएं कि इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको उसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Ganesh uike
Maharashtra
16-07-2019 09:46 PM
Ganesh uike जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
Ganesh uike जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by sohan dass
Punjab
16-07-2019 09:43 PM
tuci uss nu Flukarid-ds bolus pett de kiria lai deo, isde nal tuci Agrimin powder 50gm dinde rho ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Babloo Singh
Uttar Pradesh
16-07-2019 09:24 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

Posted by bunty
Punjab
16-07-2019 09:22 PM
50 kg urea +7 kg zinc 33% paao .hlka pani hove khet vich ..j long duration varity hai ta next urea 7 day baad fer paao

Posted by sunny
Punjab
16-07-2019 09:18 PM
sunny ji tuc is tra diyan ads apni kheti buy/sell app te pa sakde ho jo vi is vich interested hoyega tuhanu sidha sampark kar layega.dhanwad
Posted by amar sen sahu
Uttar Pradesh
16-07-2019 09:16 PM
अमर जी अगर आपने सरसो की खली डाली है तो आपको इसकी ग्रोथ के लिए कोई और खाद डालने की जरूरत नहीं है धन्यवाद

Posted by S S Thakur
Madhya Pradesh
16-07-2019 09:16 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए आप एचएफ नस्ल की गाय को रख सकते है इस नस्ल की गाय का दूध सबसे ज्यादा होता है
Posted by ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਵੱਟਸ ਐਪ +919524823000
Punjab
16-07-2019 09:06 PM
ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦਿਓ ਫਿਰ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਫਿਰ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ lixin-iu ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਹ ਹੀਟ ਖਾਲੀ ਛੱਡ ਕੇ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰ.... (Read More)
ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦਿਓ ਫਿਰ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਫਿਰ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ lixin-iu ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਹ ਹੀਟ ਖਾਲੀ ਛੱਡ ਕੇ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ.
Posted by pardeep singh
Punjab
16-07-2019 08:58 PM
carbedizm 50% ..500 gm nu mitti vich mila k ya urea ch mix krke shtta deo ..hlka pani hove khet ch ..osto baad pani suka k laao
Posted by Major Singh
Punjab
16-07-2019 08:57 PM
major ji isde uper tuc NPK 191919@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Ankit Ponia
Uttar Pradesh
16-07-2019 08:55 PM
ankit ji aap atrazine ki matra 500 gram ko prati acre ke hisab se spray kar sakte hai yeh nadeeno ki roktham ke liye istemal kiya jata hai.dhanywad

Posted by shomendra srivastava
Uttar Pradesh
16-07-2019 08:52 PM
Machli palan ke liye apko dungai 5 feet tak chahiye, talab mai 5 feet tak pani honna jruri hai kyuki yaddi isse kam pani hoga to uppar wala pani garm hota hai aur niche ka pani thnda hone ke karan machli marni suru ho jatti hai, iss liye aap iss batt ka jrruur dyan rakhen.
Posted by sukhi grewal
Punjab
16-07-2019 08:43 PM
last urea nal 12 :63 mix krke pa k dekho ...pani sukao khet cho ..os nl. new root aungiaa

Posted by Inderjit singh
Punjab
16-07-2019 08:40 PM
biofloc fish ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਮੈ ਇਸ ਤੇ ਜਲਦੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁ.... (Read More)
biofloc fish ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਮੈ ਇਸ ਤੇ ਜਲਦੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਤੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਿਹਾਂ ਹਾਂ ਜੀ , ਜਦੋਂ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ
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