Experts Q&A Search

Posted by ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-07-2019 02:47 PM
Punjab
07-17-2019 02:48 PM
iss nu tuci Fortivir injection 3ml lgwao, isde nal biotrim-DS bolus rojana 1 goli deni suru kro , iss nal farak paan jawega,
Posted by surinder Brar
Punjab
17-07-2019 02:42 PM
Punjab
07-29-2019 03:48 PM
surinder ji khet vicho faltu pani bahr kado ate sulphur@3 killo prati acre de hisab nal chitta deo. isde nal pani mitti vich jeerna shuru kar dinda hai.dhanwad
Posted by sukhpreet singh
Punjab
17-07-2019 02:33 PM
Punjab
07-17-2019 04:12 PM
jekar paniri uper to peeli pai rahi hai ta isde vich lohe di kami hai. isdi roktham de layi ferrous sulphate 1% @1 killo nu prati aikad de hisab nal spray karen.jekar chelated ferrous sulphate di spray karni hai ta isdi matra 200 gram prati aikad hundi hai. jekar hale tak urea nahi payi ta 3 killo prati knal de hisab nal pao.kayi var paniri nitrogen di kami de karn vi paniri peeli honi shuru ho jandi hai.
Posted by Vinay Singh
Uttar Pradesh
17-07-2019 02:24 PM
Rajasthan
07-17-2019 05:10 PM
विनय सिंह जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुल.... (Read More)
विनय सिंह जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Deepak Sidhu
Punjab
17-07-2019 02:21 PM
Punjab
07-17-2019 02:25 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ
Posted by yash (agriculture ) b a c e
Uttar Pradesh
17-07-2019 02:15 PM
Punjab
07-17-2019 04:53 PM
Yash ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aapne konsi degree hai ta ke aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Rahul Yaduwanshi
Bihar
17-07-2019 02:13 PM
Rajasthan
07-17-2019 04:46 PM
Rahul Yaduwanshi जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई म.... (Read More)
Rahul Yaduwanshi जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by yash (agriculture ) b a c e
Uttar Pradesh
17-07-2019 02:12 PM

?

Punjab
07-17-2019 02:18 PM
कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहत हैं ताकि आपको सही जानकरी दी जा सके
Posted by Gurnaam Gujjar
Haryana
17-07-2019 02:06 PM
Punjab
07-17-2019 04:58 PM
गुरनाम जी आप आलू की किसम जैसे Kufri Ashoka: इस फसल की सी पी आई यू द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में खेती करने के लिए अनुकूल है इसका पौधा मध्यम लंबा और तना दरमियाना मोटा होता है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं य.... (Read More)
गुरनाम जी आप आलू की किसम जैसे Kufri Ashoka: इस फसल की सी पी आई यू द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में खेती करने के लिए अनुकूल है इसका पौधा मध्यम लंबा और तना दरमियाना मोटा होता है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू गोल, बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है बिजाई से दो सप्ताह पहले खेत की तैयारी के समय 200 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 50-60 किलो (110-130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40 किलो (68 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 25-30 दिन बाद जड़ों से मिट्टी लगाने के समय डालें
Posted by Vikram Sharma
Punjab
17-07-2019 02:02 PM
Punjab
07-17-2019 04:56 PM
Posted by lovepreet Singh
Punjab
17-07-2019 01:57 PM
Punjab
07-17-2019 04:54 PM
lovepreet ji tuc jhone de futare de layi biovita@4 killo ja tata ralli gold@4 killo nu prati acre d ehisab nal pao jekar sundi maujood hai ta tuc isde uper fame@20ml ja coragen@60 ml nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by veer Bahadur Singh Rajput
Rajasthan
17-07-2019 01:55 PM
Maharashtra
07-17-2019 04:52 PM
वीर बहादुर जी आप सरसो की किसम जैसे RH 30: यह सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 196 सैं.मी. होता है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Ravinder singh
Punjab
17-07-2019 01:50 PM
Punjab
07-17-2019 04:51 PM
ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕ.... (Read More)
ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by dev bisht
Uttarakhand
17-07-2019 01:39 PM
Punjab
07-17-2019 04:47 PM
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनो.... (Read More)
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें
Posted by sukhi grewal
Punjab
17-07-2019 01:38 PM
Punjab
07-17-2019 04:47 PM
sukhi ji eh ik keetnashakl hai jo gobh di sundi ja jad di sundi di roktham de layi varti jandi hai. isdi matra 4-5 killo di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
17-07-2019 01:37 PM
Punjab
07-17-2019 02:24 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵਧਿਆ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Grobiplex 20ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Broton 20ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by श्रवण कुमार
Rajasthan
17-07-2019 01:19 PM
Maharashtra
07-17-2019 01:27 PM
चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की 9.5 पी एच की आवश्यकता होती है इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है प्रसिद्ध किस्में :- Crimson Globe, Detrict Dark Red खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें बिजाई के लिए सितंबर के आखि.... (Read More)
चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की 9.5 पी एच की आवश्यकता होती है इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है प्रसिद्ध किस्में :- Crimson Globe, Detrict Dark Red खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें बिजाई के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से मध्य अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है बिजाई के लिए कतारों में 45-50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 3 सैं.मी. की गहराई में बोयें 1.5-2.5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 50 डब्लयू पी या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत की तैयारी के समय 5 टन गाय का गोबर प्रयोग करें खादों की मात्रा नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 25 किलो), फासफोरस 5 किलो (एस एस पी 12 किलो) और पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय मिट्टी में मिलायें इसी समय बोरैक्स पाउडर 2 किलो प्रति एकड़ में मिलायें बिजाई के दो महीने बाद नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा डालें चुकंदर को 8 सिंचाइयों द्वारा 80-100 सैं.मी. की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के 25 दिन बाद और अगली 4 सिंचाइयां 25 दिनों के अंतराल पर करें और बाकी की सिंचाइयां 20 दिनों के अंतराल पर करें अंकुरण के 25-30 दिनों के बाद कमज़ोर नए पौधों की गोडाई करें पौधे से पौधे में 15-20 सैं.मी. का फासला जरूर होना चाहिए दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 15-20 दिनों के बाद करें खरपतवार नियंत्रण के लिए 2-3 गोडाइयों की आवश्यकता होती है इस फसल की तुड़ाई अंत मार्च से मई महीने में की जाती है जब पत्तों की निचली सतह पीले रंग की हो जाये तब तुड़ाई की जाती है कटाई के 1-3 दिन पहले हल्की सिंचाई की आवश्यकता होती है यह चुकंदर की औसतन पैदावार 30- 40 क्विंटल प्रति एकड़ और हरे चारे की पैदावार 5-10 क्विंटल प्रति एकड़ देती है
Posted by Sachin Chouhan
Madhya Pradesh
17-07-2019 01:07 PM
Punjab
07-17-2019 02:40 PM
sachin ji aap mausam ki jankari app men hi mausam section men check kar sakte hai. iske liye aap sath me di gayi video check kar sakte hai.
Posted by Md mahbub Alam
Bihar
17-07-2019 01:07 PM
Punjab
07-17-2019 04:44 PM
Md mahbub Alam ji karele ki paidavar uski kisam par nirbhar karti hai iske liye aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by germandeep Singh bhangu
Punjab
17-07-2019 01:06 PM
Punjab
07-17-2019 03:24 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇਗਾ ਜੀ I
Posted by Manjay kumar singh
Bihar
17-07-2019 01:00 PM
Rajasthan
07-17-2019 05:18 PM
Posted by sanju thakur
Uttar Pradesh
17-07-2019 12:49 PM
Punjab
07-17-2019 02:27 PM
Chuze lene ke liye aap Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm se sampark kr skte hai.
Posted by Bikramjit singh
Punjab
17-07-2019 12:47 PM
Punjab
07-17-2019 02:30 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਣੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਣੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ, ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
17-07-2019 12:45 PM
Punjab
07-29-2019 04:37 PM
nirpal ji chloro dwayi danedar vich nahi aundi hai.dhanwad
Posted by Ranjan jayswal
Bihar
17-07-2019 12:28 PM
Rajasthan
07-17-2019 05:11 PM
रंजन जैसवाल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और ज.... (Read More)
रंजन जैसवाल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Mukesh kumar
Bihar
17-07-2019 12:25 PM
Rajasthan
07-17-2019 04:45 PM
मुकेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और ज.... (Read More)
मुकेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by m h hasanabadi
Karnataka
17-07-2019 12:13 PM

?

Punjab
07-17-2019 04:14 PM
m h hasanabadi जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकरी दी जा सके
Posted by pramod Mishra
Madhya Pradesh
17-07-2019 12:13 PM
Punjab
07-17-2019 04:09 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है .... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by Jassi
Punjab
17-07-2019 12:09 PM
Punjab
07-17-2019 04:06 PM
jassi ji isdiyan jdan check karo koi keet da hamla ta nahi hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
17-07-2019 12:09 PM
Punjab
07-29-2019 02:59 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें
Posted by Sharwan Choudhary
Rajasthan
17-07-2019 11:47 AM
Punjab
07-17-2019 03:44 PM
फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की .... (Read More)
फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
17-07-2019 11:43 AM
Punjab
07-17-2019 02:33 PM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਉਸ ਦੀ ਸਮੇ ਸਮੇ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਓ, ਫੀਡ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Calcimust bolus ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵਧਣ ਵਿਚ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ .
Posted by Baljinder Singh
Punjab
17-07-2019 11:39 AM
Punjab
07-17-2019 12:03 PM
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
17-07-2019 11:38 AM
Punjab
07-17-2019 03:35 PM
नेपियर बाजरा के बीज बहुत छोटे होते हैं, व्यापारक खेती के लिए इसका प्रजनन तने के भाग (दो-तीन गांठे) और जड़ के भाग (30 सैं.मी. लंबे) द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए 11000-14000 जड़ और तने के भागों का प्रयोग किया जाता है अंतरफसली के हालातों में 6000-7000 तने के भागों की आवश्यकता होती है बिजाई मार्च से सितंबर में की जा सकती है लेकिन.... (Read More)
नेपियर बाजरा के बीज बहुत छोटे होते हैं, व्यापारक खेती के लिए इसका प्रजनन तने के भाग (दो-तीन गांठे) और जड़ के भाग (30 सैं.मी. लंबे) द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए 11000-14000 जड़ और तने के भागों का प्रयोग किया जाता है अंतरफसली के हालातों में 6000-7000 तने के भागों की आवश्यकता होती है बिजाई मार्च से सितंबर में की जा सकती है लेकिन अच्छी उपज के लिए इसकी बिजाई का उपयुक्त समय मार्च या मॉनसून के शुरू होने पर है कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें अंतरफसली की स्थितियों में 100 सैं.मी. x 50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें तने के भाग को 7-8 सैं.मी की गहरी खालियों में बोयें इसकी बिजाई तने और जड़ के भागों को सीधे बो कर की जाती है गुलियों को गन्नों की तरह मिट्टी में बोया जाता है
Posted by sukh bhullar
Punjab
17-07-2019 11:37 AM
Punjab
07-17-2019 02:35 PM
ਉਸ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ Genta-D ਦਵਾਈ ਦੀਆ ਬੂੰਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 2-3 ਵਾਰ ਪਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਜਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਉਸਦੀ ਅੱਖ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧਿਆ ਇਲਾਜ ਹੋਵੇਗਾ
Posted by Utpal Kant Sharma
Punjab
17-07-2019 11:19 AM
Punjab
07-17-2019 02:42 PM
Dariy farming mai app jyada dudh ke liye HF nasal ki cow rkh skte hai, iska dudh sbse jyada hota hai.
Posted by pramod kumar patel
Madhya Pradesh
17-07-2019 11:11 AM
Rajasthan
07-17-2019 11:46 AM
प्रमोद कुमार पटेल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जू.... (Read More)
प्रमोद कुमार पटेल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Harpreet Sándhu
Punjab
17-07-2019 11:11 AM
Punjab
07-17-2019 03:33 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੋਭੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Pusa Snowball 1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲੇ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਨੂੰ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਸਫੇਦ ਬਰਫ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ Pusa Snowball K-1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ 100 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲ.... (Read More)
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੋਭੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Pusa Snowball 1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲੇ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਨੂੰ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਸਫੇਦ ਬਰਫ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ Pusa Snowball K-1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ 100 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲੇ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਨੂੰ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਸਫੇਦ ਬਰਫ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਇਹ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by s k
Rajasthan
17-07-2019 11:01 AM
Maharashtra
07-17-2019 03:02 PM
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 म.... (Read More)
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के फासले पर दो बार स्प्रे करें शुरूआती हमले में 5 प्रतिशत नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें ज्यादा हमला दिखने पर 25 प्रतिशत साइपरमैथरिन 2.4 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें कीटों की गिनती अधिक हो जाने पर स्पाइनोसैड 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल पकने के बाद ट्राइज़ोफॉस या किसी और कीटनाशक की स्प्रे ना करें
Posted by Jaspaul Singh
Punjab
17-07-2019 10:45 AM
Punjab
07-17-2019 03:01 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਖਾਦ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਪਾਉਣੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sukhdev Singh
Punjab
17-07-2019 10:42 AM
Punjab
07-17-2019 10:47 AM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I