Experts Q&A Search

Posted by Kaptan singh
Punjab
18-07-2019 10:15 AM
Punjab
07-18-2019 02:41 PM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by amritpal singh
Punjab
18-07-2019 10:10 AM
Punjab
07-18-2019 02:24 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Metra liquid 100 ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
18-07-2019 09:59 AM
Punjab
07-18-2019 02:39 PM
harpinder ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake .dhanwad
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
18-07-2019 09:58 AM
Punjab
07-18-2019 02:34 PM
harpinder ji eh tat di kami de nal sukde han isde layi tuc boote nu 5-6 killo vermicompost pao isda asar haulu hauli hoyega par isde nal mitti di gunvata vi vadh di hai ate mitti upjau vi bandi hai.dhanwad
Posted by सुरेश राजपूत
Uttar Pradesh
18-07-2019 09:57 AM
Punjab
07-18-2019 02:24 PM
बंद गोभी:- अगेती किस्मों की बिजाई के लिए अगस्त के आखिरी सप्ताह से 15 सितंबर तक बिजाई पूरी कर लें, जबकि मध्यम मौसम और पिछेते मौसम की किस्मों के लिए 15 सितंबर से अक्तूबर में बिजाई पूरी कर लें फूल गोभी:- अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मो.... (Read More)
बंद गोभी:- अगेती किस्मों की बिजाई के लिए अगस्त के आखिरी सप्ताह से 15 सितंबर तक बिजाई पूरी कर लें, जबकि मध्यम मौसम और पिछेते मौसम की किस्मों के लिए 15 सितंबर से अक्तूबर में बिजाई पूरी कर लें फूल गोभी:- अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें
Posted by Rahul Rana
Uttar Pradesh
18-07-2019 09:56 AM
Punjab
07-18-2019 02:23 PM
Rahul ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Hardev Cheema
Punjab
18-07-2019 09:53 AM
Punjab
07-18-2019 02:22 PM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
Posted by gurchet singh
Punjab
18-07-2019 09:53 AM
Punjab
07-18-2019 02:21 PM
gurchet ji jekar gobh di sundi ja jad di sundi da hamla haiga ta tuc isdi varto karo.dhanwad
Posted by gurdeep atwal
Punjab
18-07-2019 09:52 AM
Maharashtra
07-18-2019 02:20 PM
ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਦੋ ਹਫਤਿਆਂ ਤੱਕ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਰਹਿਣ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਜਦੋਂ ਸਾਰਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਦੋ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਤੋਂ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 10 ਸੈ.ਮੀ. ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ I ਖੇਤ ਵਿੱਚੋਂ ਬੂਟੀਆਂ ਅਤੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਸਾਰਾ ਪਾਣੀ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅ.... (Read More)
ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਦੋ ਹਫਤਿਆਂ ਤੱਕ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਰਹਿਣ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਜਦੋਂ ਸਾਰਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਦੋ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਤੋਂ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 10 ਸੈ.ਮੀ. ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ I ਖੇਤ ਵਿੱਚੋਂ ਬੂਟੀਆਂ ਅਤੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਕੱਢਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਸਾਰਾ ਪਾਣੀ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦੇ ਪੂਰੇ ਹੋਣ ਪਿੱਛੋਂ ਖੇਤ ਦੀ ਫਿਰ ਤੋਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ I ਪੱਕਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨੀ ਬੰਦ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਵੱਢਿਆ ਜਾ ਸਕੇ I
Posted by gurchet singh
Punjab
18-07-2019 09:51 AM
Punjab
07-18-2019 02:20 PM
gurchet ji jekar gobh di sundi ja jad di sundi da hamla hai ta tuc isdi varto kar sakde ho.jekar nahi ta tuhanu isdi varto karn di lod nahi hai.dhanwad
Posted by shivam upadhyay
Uttar Pradesh
18-07-2019 09:49 AM
Punjab
07-18-2019 02:19 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by avinash shankar
Bihar
18-07-2019 09:40 AM
Punjab
07-18-2019 02:18 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे हल्की रेतली से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है जल निकास वाली दोमट ज़मीनों में इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है यह नमक वाली मिट्टी के प्रति बहुत संवेदनशील है लगभग 5.5-6 पी एच वाली ज़मीनों में इसकी पैदावार अधिक होती है VL Rajma 125: यह किस्म उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में समय से बो.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे हल्की रेतली से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है जल निकास वाली दोमट ज़मीनों में इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है यह नमक वाली मिट्टी के प्रति बहुत संवेदनशील है लगभग 5.5-6 पी एच वाली ज़मीनों में इसकी पैदावार अधिक होती है VL Rajma 125: यह किस्म उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में समय से बोयी जाती है इसकी फली में 4-5 बीज होते हैं और 100 बीज का भार लगभग 41.38 ग्राम होता है RBL 6: यह किस्म पंजाब में बोयी जाती है इसके बीज हल्के हरे रंग के होते हैं और फली में 6-8 बीज होते हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें, खेत को समतल रखें ताकि उसमें पानी ना खड़ा रहे यह फसल जल जमाव के प्रति काफी संवेदनशील होती है आखिरी जोताई के समय, 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें ताकि अच्छी पैदावार मिल सके बसंत की ऋतु में राजमांह की बिजाई फरवरी से मार्च और खरीफ की ऋतु में इसकी बिजाई मई से जून के महीने की जाती है पंजाब में कुछ किसान राजमांह की बिजाई जनवरी के आखिरी सप्ताह करते हैं अगेती किस्मों के लिए कतारों में 45-60 सैं.मी. और पौधों में फासला 10-15 सैं.मी. रखें पॉल जैसी किस्मों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में पौधे का फासला 3-4 मीटर प्रति पहाड़ी होना चाहिए बीज को 6-7 सैं.मी. गहरा बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है समतल क्षेत्रों में बीज पंक्तियों में बोयें जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी खेती बैड बनाकर की जाती है अगेती किस्मों के लिए 30-35 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ का प्रयोग करें पॉल किस्मों की बिजाई पहाड़ी क्षेत्रों में 1 मीटर के फासले पर 3-4 पौधे प्रति पहाड़ी पर लगाए जाते हैं बीज की मात्रा 10-12 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है फसल के शुरू में नदीनों की रोकथाम जरूरी है इस अवस्था में नदीनों का हमला ना होने दें खादें डालने और सिंचाई करने के साथ ही गोडाई कर दें नदीनों के अंकुरन से पहले फ्लूक्लोरालिन 800 मि.ली. प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग करें बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें फसल की वृद्धि के दौरान 6-7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के बाद 25वें दिन सिंचाई करें और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए 25 दिनों के अंतराल पर 3 सिंचाइयां जरूरी होती हैं फसल के खिलने, फूल निकलने के दौरान और फलियां विकसित होने की अवस्था में सिंचाई करें इन अवस्थाओं पर पानी की कमी ना होने दें जब इसकी फलियां पूरी तरह पक जायें और रंग पीला हो जाये तो इसकी तुड़ाई की जा सकती है इसके पत्ते पीले पड़ने के बाद गिरने शुरू हो जाते हैं किस्म के आधार पर इसकी फलियां 7-12 दिनों में पककर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं पूरी फसल 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं कटाई समय से करें काटी हुई फसल 3-4 दिनों के लिए धूप में रखें अच्छी तरह सूखने के बाद बैलों या छड़ों की मदद से छंटाई की जा सकती हैं
Posted by Narpinder singh
Punjab
18-07-2019 09:40 AM
Punjab
07-18-2019 02:15 PM
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ .... (Read More)
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ
Posted by HARISHANKAR
Uttar Pradesh
18-07-2019 09:29 AM
Punjab
07-18-2019 11:15 AM
Harishankar g kirpa batao moongfali mein kis problem ke liye spray karna hai.
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-07-2019 09:25 AM
Punjab
07-18-2019 02:13 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਪਾਥੀਆਂ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Manpreet singh
Punjab
18-07-2019 09:25 AM
Punjab
07-18-2019 02:08 PM
manpreet ji jhande rog da koi vi pakka hal nahi hai.jhanda rog nal prabhavit booteya nu khet vicho putt ke bahr sut deo.jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
Posted by navpreet singh khaira
Punjab
18-07-2019 09:21 AM
Punjab
07-18-2019 02:07 PM
navpreet ji tuc isnu khaadan 45 dina tak pooriyan pauniyan hundiyan han viase potash nu pehli urea de nal paya janda hai jekar tuc hale tak varto nahi kiti ta tuc 20 killo potash nu prati acre de hisab nal pao.dhanwad
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
18-07-2019 08:55 AM
Punjab
07-18-2019 02:06 PM
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला: • 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें • डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे   • इसके बाद छ.... (Read More)
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला: • 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें • डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे   • इसके बाद छिड़काव के समय यूरिया और जिंक को अलग अलग प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तनों में पानी में घोल लें इसके बाद 100 लीटर पानी में इन्हें घोलकर फसल पर छिड़कें या फिर एक पैमाना तैयार कर लें और हर टैंकी में उस पैमाने के अनुसार घोली हुई खाद डालते रहें और बाकी पानी मिला लें   • इस बात का खास ध्यान रखें कि यह घोल तैयार करने के लिए किसी धातु के बर्तन का प्रयोग ना किया जाये और इस घोल का प्रयोग सिर्फ 100 लीटर पानी में ही किया जाये, ना कम ना ज्यादा   • फसल पर घोल की प्रक्रिया साधारण रखें पौधे पर एक ही जगह ज्यादा घोल का छिड़काव ना करें इससे पौधे के पत्तों को नुकसान पहुंच सकता है इस स्प्रे से पौधों को भरपूर पोषक तत्व मिल जायेंगे
Posted by gurveer singh
Punjab
18-07-2019 08:51 AM
Punjab
07-18-2019 02:05 PM
gurveer ji tuc lagbhag sariyan khaadan pa ditiyan han hun isde vich kuch vi paun di lod nahi hai is to ilava jekar is vich kise tat di kami de lashan dikhai dite ta tuc isde vich varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by sagar
Madhya Pradesh
18-07-2019 08:49 AM
Maharashtra
07-18-2019 02:02 PM
Posted by sarbjeet singh
Punjab
18-07-2019 08:48 AM
Punjab
07-18-2019 02:01 PM
Posted by शाहरुख पटेल
Madhya Pradesh
18-07-2019 08:47 AM
Punjab
07-18-2019 01:54 PM
खेत को नदीन मुक्त करने के लिए, दो बार गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए, बिजाई के बाद, दो दिनो में, पैंडीमैथालीन 800 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by Majaz Ahmed
Madhya Pradesh
18-07-2019 08:41 AM
Punjab
07-18-2019 09:07 AM
Majaz Ahmed ji Mp me desi chicks lene ke liye aap Sumit Kumar 8006000291,7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm and Bhumika ANIMAL Breeder farm 9229881876 se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by समरथ कारपेंटर
Madhya Pradesh
18-07-2019 08:36 AM
Punjab
07-18-2019 02:28 PM
पशुओं की डालडा घी से मालिश करें, और पशुओं के आस पास सफाई रखें और आस पास चुना कली डालें, पशुओं को 100 ग्राम तारा मीरा का तेल रोज़ाना 20 दिन दें और पशुओं पर taktic 2ml को 1 लीटर पानी में डाल कर पशुओं पर छिड़काव करें.
Posted by gaurav
Uttar Pradesh
18-07-2019 08:35 AM
Rajasthan
07-18-2019 04:17 PM
गौरव जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
गौरव जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Baljinder singh
Punjab
18-07-2019 08:28 AM
Punjab
07-18-2019 01:53 PM
baljinde rji eh fungus de karn ho reha hai isde layi tuc saaf@500 gram nu mitti vich rla ke prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad
Posted by jagdeepsingh
Punjab
18-07-2019 08:13 AM
Punjab
07-18-2019 01:51 PM
Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-07-2019 08:11 AM
Punjab
07-18-2019 01:47 PM
kulveer ji jekar fungus de hamle de lashan dikhai dinde han ta tuc isdi varto kar sakde ho nai ta tuhanu isdi varto karn di lod nahi hai.dhanwad
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
18-07-2019 08:08 AM
Punjab
07-18-2019 02:29 PM
uss nu tuci Vitum-h liquid 10-10ml swere sham dena suru kro ate Cargill di Transition mix feed deni suru kro, feed tuci 1.5-2kg ek time di de skde ho, baki tuci suun ton 20 din pehla metabolite powder di rojana 1 pudi deo, ehna nal lewa ate dudh vdia howega.
Posted by Avtar singh
Punjab
18-07-2019 08:03 AM
Punjab
07-18-2019 01:44 PM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by rana ghuman
Punjab
18-07-2019 07:57 AM
Punjab
07-18-2019 01:43 PM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by surender chahar
Haryana
18-07-2019 07:51 AM
Punjab
07-18-2019 11:17 AM
सुरेंदर जी कृपया जड़ों की फोटो भेजें और जो खाद डाली है उसके बारे में बताएं
Posted by HANUMAN SINGH GURJAR
Rajasthan
18-07-2019 07:41 AM
Punjab
07-18-2019 01:40 PM
HANUMAN SINGH ji kripya btaein ke aapne isme kon kon si khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by kashmir singh
Punjab
18-07-2019 07:37 AM
Punjab
07-18-2019 11:18 AM
Posted by kashmir singh
Punjab
18-07-2019 07:35 AM
Punjab
07-18-2019 02:31 PM
hanji isda vdia result hai tuci isdi varto kr skde ho, iss nal pashuu da dudh vdia hunda hai, ehh calcium di kami puri krdi hai ate pashu di growth vdia hundi hai.
Posted by kashmir singh
Punjab
18-07-2019 07:34 AM
Punjab
07-18-2019 01:39 PM
kashmir ji kirpa karke daso ke isnu zinc payi hai ja nahi jekar nahi payi ta tuc urea de nal rla ke khet vich pao.dhanwad
Posted by Amrinder Singh
Punjab
18-07-2019 07:18 AM
Punjab
07-26-2019 05:44 PM
ਜੇਕਰ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੇ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Bikramjit singh
Punjab
18-07-2019 07:11 AM
Punjab
07-18-2019 02:32 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਕੁੱਲ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਉੱਥੋ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ CA (charted account) ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਖਾਤਾ ਹੈ ਜਾਂ ਕੋਅਪਰੇਟਿਵ ਬੈਕ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਕੁੱਲ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਉੱਥੋ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ CA (charted account) ਤੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜਿੱਥੇ ਤੁਹਾਡਾ ਖਾਤਾ ਹੈ ਜਾਂ ਕੋਅਪਰੇਟਿਵ ਬੈਕ ਵਿੱਚ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦੱਸੇਗਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆ ਲੋਨ ਦੇਣ ਲਈ ਹੋਰ ਕੀ ਸ਼ਰਤਾ ਹਨ ਜੀ
Posted by sures
Assam
18-07-2019 06:48 AM
Punjab
07-18-2019 01:31 PM
राजेंद्र जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hissar Lali.... (Read More)
राजेंद्र जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह जल्दी पकने वाली और रोपाई के बाद 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा और फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Lalit (NT 8): यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hissar Lalima (Selection 18): यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल बड़े लाल रंग के होते हैं रोपाई के बाद यह फसल 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: यह किस्म बीज रहित, नाशपाती के आकार की, लाल और मोटे छिल्के वाली होती है इसकी क्वालिटी कटाई के बाद 7 दिन तक मंडी में बेचनेयोग्य होती है इसलिए इसे लंबी दूरी वाली स्थानों पर लिजाकर नए उत्पाद तैयार करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है HS 110: इसके फल आकार में बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 101: यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HS 102: यह किस्म जल्दी पक जाती है इस किस्म के टमाटर छोटे और दरमियाने आकार के गोल और रसीले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 24: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-90 क्विंटल प्रति एकड़ होती है H 86: इसके फल मध्यम बड़े आकार के होते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी के प्रतिरोधक होती है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hisar Gaurav: इस हाइब्रिड किस्म की औसतन पैदावार 120-130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HTH-2-2: इस हाइब्रिड किस्म की औसतन पैदावार 120-146 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by manjinder chhina
Punjab
18-07-2019 06:43 AM
Punjab
07-18-2019 01:26 PM
ਪੂਸਾ 1401 ਨੂੰ ਪੂਸਾ ਬਾਸਮਤੀ -6 ਨਾਮ ਨਾਲ ਵੀ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੂਸਾ 1401 ਦਰਮਿਆਨੀ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ ਲਗਭਗ 150 -155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 17-18q/acre ਹੈ
Posted by Mukesh barde
Madhya Pradesh
18-07-2019 06:41 AM
Punjab
07-18-2019 02:33 PM
Mukesh ji kripya aap yeh btayen ki isse smasya kya aa rehi hai, aap vistar se apna swal pushen tan jo apko sahi jankari di ja ske.
Posted by हेमन्त कुमार सेन
Rajasthan
18-07-2019 06:41 AM
Chandigarh
07-18-2019 08:54 AM
हेमन्त कुमार सेन जी इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छि.... (Read More)
हेमन्त कुमार सेन जी इसे मिट्टी की विभिन्न श्रेणियों में अच्छे से उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी जिसमें जैविक तत्व अच्छी मात्रा में हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5.5-7 होनी चाहिए रंग के आधार पर इसकी तीन किस्में हैं: 1) लाल छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा 2) लाल छिल्के वाले फल के साथ लाल गुद्दा 3) पीले छिल्के वाले फल के साथ सफेद गुद्दा ड्रैगन फल की खेती के लिए मिट्टी भुरभुरी और अच्छी तरह से जोती गई हो खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या अच्छी मात्रा में जैविक पदार्थ डालें एक बार खेती के बाद, यह उसी खेत में 15-20 वर्षों तक रहती है इसलिए अच्छे से खेत तैयार करें यह बेल की तरह उगती है इसलिए इसे सहारे के लिए गोल आकार के फ्रेम की जरूरत होती है खंभो का प्रयोग करें क्योंकि वो मजबूत और ज्यादा देर तक चलते हैं मैटल के फ्रेम प्रयोग ना करें क्योंकि वे गर्म होकर पौधे को भी नुकसान पहुंचाते हैं इसकी खेती पूरे वर्ष में की जा सकती है रोपाई बड़े फासले की बजाय छोटे फासले पर करें छोटे फासले पर की गई बिजाई उच्च उपज देती है कतार से कतार में 3 मीटर और पौधे से पौधे में 2 मीटर का फासला रखें सहारे के लिए 2 मीटर लंबे खंभो का प्रयोग करें बेल की कटिंग को एक इंच की गहराई में बोयें बीजों को सीधे बो कर या बेल की कटिंग की रोपाई खेत में की जाती है एक एकड़ खेत में 1700 ड्रैगन पौधे उगाये जा सकते हैं इसका बीजों के द्वारा या कटिंग के द्वारा प्रजनन किया जा सकता है बीजों के द्वारा प्रजनन व्यापारिक खेती के लिए उपयुक्त नहीं होता क्योंकि यह ज्यादा समय लेता है और इसमें मुख्य पौधे के गुण भी नहीं होंगे कटिंग द्वारा प्रजनन अच्छी गुणवत्ता वाले मुख्य पौधे से पौधे के भाग को चुनें पौधे के इस भाग को पॉलीथीन के लिफाफों में जिसमें सूखा गाय का गोबर, मिट्टी और रेत 1:1:2 में हो, लगाएं इन लिफाफों को छांव में रखें जब ये भाग 20 सैं.मी. लंबे हो जायें तो इन्हें मुख्य खेत में रोपण कर दें इन भागों को 60x60x60 सैं.मी. आकार के खड्डों में रोपण करें इसमें मिट्टी, कार्बनिक पदार्थ और 100 ग्राम सुपर फास्फेट डालें 10-15 किलो जैविक खाद प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष जैविक खाद की मात्रा 2 किलो बढ़ा दें जैविक खाद के साथ ही अच्छी वृद्धि और उपज के लिए इसे अकार्बनिक पदार्थों की आवश्यकता होती है वानस्पति अवस्था में यूरिया 70 ग्राम, एस एस पी 90 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 ग्राम प्रति पौधे में डालें फूल निकलने से पहले, फलों के विकसित होने के समय और फलों की कटाई के बाद यूरिया 50 ग्राम, एस एस पी 50 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम प्रति पौधे में डालें प्रत्येक वर्ष इस मात्रा को 220 ग्राम से बढ़ा दें और 1.5 किलो प्रति पौधे में डालें बेल की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए वर्टीकल में लकड़ी के खंभों के रूप में सहारा दें अपरिपक्व पौधे को इस खंभे से बांध दें अच्छी तरह से छतरी के आकार की बनतर के लिए छंटाई करना आवश्यक होता है प्रत्येक कटाई के बाद छंटाई करें क्योंकि यह कैकटस के परिवार से संबंधित है इसलिए इसे कम पानी की आवश्यकता होती है यह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में आसानी से रह सकती है सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई का प्रयोग किया जाता है पानी को ज्यादा ना लगाएं क्योंकि इससे नदीनों की संख्या बढ़ जाती है क्षेत्र से क्षेत्र में जल की आवश्यकता भिन्न होती है यह मिट्टी, जलवायु, और पौधे के स्वास्थ्य पर आधारित होती है प्रति दिन प्रति पौधे को 1-2 लीटर पानी की आवश्यकता होती है ड्रैगन फल मई-जून के महीने में फूल निकालना शुरू करते हैं और फल अगस्त-दिसंबर के महीने में लगते हैं कटाई का सही समय तब होता है जब फल अपना रंग बदल कर हल्के हरे से लाल रंग का हो जाये रंग बदलने के 3-4 दिन बाद कटाई करें निर्यात के लिए रंग बदलने के एक दिन बाद कटाई करें कटाई हाथों से या दरांती से और तीखे चाकू से भी की जा सकती है इसकी औसतन उपज 5-6 टन प्रति एकड़ ली जा सकती है,अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए नंबर पर बात कर सकते हैं विजय कुमार 7065414241.धन्यवाद
Posted by Praveen Ji
Uttar Pradesh
18-07-2019 06:40 AM
Punjab
07-18-2019 04:34 PM
Praveen Ji Taiwan papaya seed lene ke liye aap Lukxman ji se 7706000333 sse samparak kar sakte hai. Thank you.