
Posted by Manpreet singh
Punjab
18-07-2019 01:16 PM
tuci uss nu albomar liquid deo ji, uss vich v Albendazole salt hunda hai, iss nal vdia deworming howegi.

Posted by Manpreet singh
Punjab
18-07-2019 01:13 PM
ehh powder pashu di mineral di kami nu purra krda hai, jiss nal pashu di growth vdia hundi hai ate pashu time te nwe dudh ho jnda hai. tuci rojana 50 gm rojana de skde ho.
Posted by Aadi Sinha
Chattisgarh
18-07-2019 01:12 PM
आदि सिन्हा जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जु.... (Read More)
आदि सिन्हा जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Kapil Sharma
Haryana
18-07-2019 01:03 PM
1st weekurea bag .+10kg zinc 33%+Fungicide 500gm or Tricodrma 1kg
2nd week 1 bag urea+4kg micoraja

Posted by buttar
Punjab
18-07-2019 01:02 PM
jekar boota 3 saal ton shotta hai tan har hafte 5ltr pani de nal 100gm urea paa ke pani deo. boote nu har hafte godi krde rho tan jo mitti poli rhe ate jda wdia growth krn.

Posted by Satish Bains
Punjab
18-07-2019 12:39 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੁਣ ਜੋ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਤੀਜੀ ਟਾਹਣੀ ਨਿਕਲੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਰੱਖੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨੂੰ ਤੀਜੀ ਤੁੜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਫਲ ਲਗਭਗ ਮਾਦਾ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Posted by sanjay kumawat
Rajasthan
18-07-2019 12:31 PM
यदि आपने मछली पालन शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खु.... (Read More)
यदि आपने मछली पालन शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटायदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, बाकि प्राथमिक जानकारी आप नोट कर सकते हैं इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है
Posted by mahesh Bokade
Madhya Pradesh
18-07-2019 12:29 PM
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भ.... (Read More)
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं
Posted by Sharry Ahluwalia
Punjab
18-07-2019 12:29 PM
tuci uss nu Flukarid-ds bolus pett de kiria lai deo, isde nal tuci Anabolite liquid 100ml rojana, milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calcimust bolus 1-1 goli swere sham deo, baki ussnu vdia matra vich hara chara deo ate garmi ton bacha ke rkho ji.
Posted by HAJI MOHAMMAD
Rajasthan
18-07-2019 12:28 PM
मोहम्मद जी आप मटर की किस्म जैसे T 163 (1978): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 150 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RPG 3 (1982): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 125 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म T 163 किस्म से 2.... (Read More)
मोहम्मद जी आप मटर की किस्म जैसे T 163 (1978): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 150 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RPG 3 (1982): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 125 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म T 163 किस्म से 20-22 प्रतिशत अधिक उपज देती है यह व्यापक लैग्यूम किस्म है यह किस्म जड़ गलन और फली छेदक के प्रतिरोधक किस्म है
Rachna (1987): यह किस्म 135-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
DMR (1996): इस किस्म के पौधे का कद 105-110 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by sandhu
Punjab
18-07-2019 12:27 PM
sandhu g ihh tuc apni society ton v lai skde ho ja fir kise market de dealer ton v lai skde ho.

Posted by satvir singh.
Punjab
18-07-2019 12:25 PM
ਸਤਵੀਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਨਦੀਨ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਹਨ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by neeraj dwivedi
Uttar Pradesh
18-07-2019 12:18 PM
neeraj ji aap kripya aap swal vistar se pooche ke aap konse rog ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by HAJI MOHAMMAD
Rajasthan
18-07-2019 12:14 PM
खरीफ की फसल के लिए बीजों को मई-जून महीने में नर्सरी में बोयें गर्मियों के मौसम में नर्सरी फरवरी-मार्च महीने में तैयार करें खरीफ की फसल के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें, जबकि गर्मियों के मौसम की फसल के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फास.... (Read More)
खरीफ की फसल के लिए बीजों को मई-जून महीने में नर्सरी में बोयें गर्मियों के मौसम में नर्सरी फरवरी-मार्च महीने में तैयार करें खरीफ की फसल के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें, जबकि गर्मियों के मौसम की फसल के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें
Posted by Buta Singh
Punjab
18-07-2019 12:10 PM
buta ji kirpa karke daso ke tuc isnu gamle vich laya hoya hai ja isnu tuc directly bijai kiti hoyi hai.iate isnu december to january mahine vich laya janda hai.dhanwad
Posted by mahesh Bokade
Madhya Pradesh
18-07-2019 12:10 PM
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भ.... (Read More)
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं
Posted by Ranjeet singh
Punjab
18-07-2019 12:05 PM
ਨਹੀਂ ਜੀ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਭਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਵਿਚ ਆਸਾਨੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ

Posted by Gulshan
Punjab
18-07-2019 11:53 AM
Kuroiler murge di hybrid nasal hai jo Keggfarms Group, Gurgaon valon tiyar kiti gyi hai. Kuroilers nu red female nal cross krwaya jnda hai ate white Leghorn males nu female Rhode Island Reds nal cross kita jnda hai.

Posted by JITENDRA KUMAR KESHRI
Jharkhand
18-07-2019 11:50 AM
जतिंदर जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई .... (Read More)
जतिंदर जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Ashish
Haryana
18-07-2019 11:43 AM
Ashish ji aap iske uper growth ke liye hoshi@400ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.iske ilava aap iske uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper quinalphos@400ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ashok verma
Uttar Pradesh
18-07-2019 11:39 AM
अशोक वर्मा जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जु.... (Read More)
अशोक वर्मा जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by sampuran singh
Punjab
18-07-2019 11:35 AM
ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਗਸਤ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰ੍ਹਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰਕੇ ਮੱਕੀ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 2 ਬੀਜੋ ਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 1 ਹੀ ਢੁਕਵੀਂ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਪੱਧਰੀ ਜਾਂ ਵੱਟਾਂ ਉਤੇ 6 ਤੋਂ 7 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਦੀ ਉਚਾ.... (Read More)
ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਗਸਤ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰ੍ਹਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰਕੇ ਮੱਕੀ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 2 ਬੀਜੋ ਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 1 ਹੀ ਢੁਕਵੀਂ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਪੱਧਰੀ ਜਾਂ ਵੱਟਾਂ ਉਤੇ 6 ਤੋਂ 7 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਦੀ ਉਚਾਈ ਤੇ ਚੋਕੇ ਨਾਲ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜਦੋਂ ਫ਼ਸਲ ਗੋਡੇ-ਗੋਡੇ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਮਿੱਟੀ ਚੜ੍ਹਾ ਦਿਉ

Posted by Yadwinder Singh
Punjab
18-07-2019 11:22 AM
yadwinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by yashpal kandhol
Haryana
18-07-2019 11:12 AM
yashpal ji aap in dono ka alag alag istemal karen.dhanywad
Posted by बिनोद लाल
Jharkhand
18-07-2019 11:12 AM
वनराजा एक चिकन की किस्म है जो भारत के हैदराबाद में विकसित की गई थी वनराजा अंडे और मांस के लिए अच्छी किस्म है ग्रामप्रिया भी चिकन की किस्म है यह किसम 175 दिनों में अंडे देेने लगती है श्रीनिधि मुर्गी जल्दी ग्रोथ करती है इसे मीट के लिए प्रयोग किया जाता है ये तीनों ही अच्छी किस्में हैं
Posted by Arshad khan
Madhya Pradesh
18-07-2019 11:07 AM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by Avtar Singh Gill Avtar
Punjab
18-07-2019 10:55 AM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I

Posted by Jagseer
Punjab
18-07-2019 10:46 AM
Jagseer ji GADVASU (Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University) to chicks len lai tusi 7889239583 te samparak kar sakde ho. Thankyou.

Posted by rishi
Delhi
18-07-2019 10:37 AM
Rishi ji Suar palan ke bare me puri jankari or training ke lia aap Royal Green Pig Farm 9868601471,9868672301 se samparak kar sakte hai, Thank you.

Posted by abhi
Madhya Pradesh
18-07-2019 10:26 AM
Abhi ji mausam vibhag ke anusar MP me monsoon enter ho chuka hai.
Posted by sukh kang
Punjab
18-07-2019 10:22 AM
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