Posted by AMANPREET SINGH
Punjab
19-07-2019 01:21 PM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
Posted by Amandeep singh
Punjab
19-07-2019 01:12 PM
amandeep ji tuc isnu biovita ja tata ralli gold di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by Akshay sangwan
Uttar Pradesh
19-07-2019 01:10 PM
Akshya ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake ke yeh kisi tatv ki kami ke karn ho raha hai ya kisi bimari ke karn taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by vijay pagar
Maharashtra
19-07-2019 01:08 PM
vijay ji aap thrips ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by satnam singh somal
Punjab
19-07-2019 01:05 PM
satnam ji isdi roktham de layi tuc imidacloprid @1.5ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ਅਮ੍ਰਿਤ ਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
19-07-2019 01:00 PM
6444 ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 23-25 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ 135-140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by sukhpreet singh
Punjab
19-07-2019 12:58 PM
Sukhpreet ji tuhade sare swala de jwab dite ja chukke hai tuci app vich apne swala de jwab dekh skde ho.

Posted by HåPpy JAwandha
Punjab
19-07-2019 12:54 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by Balwinder Singh
Punjab
19-07-2019 12:51 PM
ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅੰਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਗਸਤ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰ੍ਹਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰਕੇ ਮੱਕੀ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 2 ਬੀਜੋ ਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 1 ਹੀ ਢੁਕਵੀਂ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਮ.... (Read More)
ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅੰਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਗਸਤ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰ੍ਹਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰਕੇ ਮੱਕੀ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਦੋਗਲੀ ਕਿਸਮ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 2 ਬੀਜੋ ਪਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਪੀ ਐਮ ਐਚ 1 ਹੀ ਢੁਕਵੀਂ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਪੱਧਰੀ ਜਾਂ ਵੱਟਾਂ ਉਤੇ 6 ਤੋਂ 7 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਦੀ ਉਚਾਈ ਤੇ ਚੋਕੇ ਨਾਲ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜਦੋਂ ਫ਼ਸਲ ਗੋਡੇ-ਗੋਡੇ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਮਿੱਟੀ ਚੜ੍ਹਾ ਦਿਉ
Posted by Gurwinder singh
Punjab
19-07-2019 12:46 PM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.

Posted by ramji nishra
Uttar Pradesh
19-07-2019 12:44 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by ramji nishra
Uttar Pradesh
19-07-2019 12:43 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by RAAZ RANA
Madhya Pradesh
19-07-2019 12:40 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा.

Posted by Harman kamboj
Punjab
19-07-2019 12:38 PM
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ .... (Read More)
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ

Posted by rajesh kumar
Punjab
19-07-2019 12:33 PM
rajesh ji chloro seonk di roktham kardi hai isde nal jhone da futara nahi hunda jekar jhone vich seonk maujood hai ta tuc isdi varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by vikrant pathania
Punjab
19-07-2019 12:33 PM
ਵਿਕਰਾਂਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਫੈਦੇ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Eucalyptus camaldulensis, FRI 4 and FRI 6, Eucalyptus globules, Eucalyptus citriodora ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rahul Yadav
Uttar Pradesh
19-07-2019 12:22 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by shahabuddin
Rajasthan
19-07-2019 12:11 PM
Shahabuddin ji yeh fungus ke karn hote hai iski roktham ke liye aap planofix@4ml ko 15 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by हेमन्त कुमार सेन
Rajasthan
19-07-2019 12:06 PM
आप उसे अच्छी खुराक के साथ साथ Vitum-h liquid 10-10ml सुबह शाम देना शुरू करें यदि उसे ब्याने में कम समय है तो आप सरसों का तेल या डालडा घी ना दें इनमें से कोई भी एक उसके ब्याने के 20 दिनों के बाद देना शुरू करें और ब्याने के बाद Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम दें इससे दूध भी अच्छा होगा और उसकी कमज़ोरी भी दूर हो जाएगी
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਘੁੰਮਣ
Punjab
19-07-2019 12:06 PM
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਮਾਰਨ ਦੀ ਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਜਦੋ ਦਾਣਾ, ਚਾਰਾ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ,ਰੇਤ ਦੇ ਕਣ ਪੇਟ ਅੰਦਰ ਜਾਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਬਣਦੇ ਹੈ, ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਗੱਭਣ ਹੈ ਤਾਂ Albendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦੂਜਿਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ Fenbendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਡਿ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਮਾਰਨ ਦੀ ਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਜਦੋ ਦਾਣਾ, ਚਾਰਾ ਖਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ,ਰੇਤ ਦੇ ਕਣ ਪੇਟ ਅੰਦਰ ਜਾਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਬਣਦੇ ਹੈ, ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਗੱਭਣ ਹੈ ਤਾਂ Albendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦੂਜਿਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ Fenbendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by Ashok kumar
Rajasthan
19-07-2019 12:06 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटेशियम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Sharry Dhatterwal
Haryana
19-07-2019 11:58 AM
दरमियाने समय की किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश्यिम को 60:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 130 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें कम समय वाली किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश्यि.... (Read More)
दरमियाने समय की किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश्यिम को 60:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 130 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें कम समय वाली किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश्यिम को 48:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 105 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें खादों को डालने से पहले मिट्टी की जांच करवा लें और मिट्टी की जांच के अनुसार खेत में खादों का उपयोग करना चाहिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन का 1/3 हिस्सा और फासफोरस , पोटाश और जिंक की पूरी मात्रा आखिरी कद्दू करने के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा रोपाई के बाद तीसरे और 6वें सप्ताह में समान मात्रा में डालें नीम की परत चढ़े यूरिया का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इससे नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है पानी की कमी के कारण पनीरी लगाने के तीन सप्ताह बाद पत्तों का रंग पीला पड़ना शुरू हो जाता है पानी लगाने के तुरंत बाद एक किलोग्राम फैरस सल्फेट का 100 लीटर पानी में घोल तैयार करके प्रति एकड़ के हिसाब से प्रत्येक सप्ताह दो या तीन बार इसका छिड़काव करना चाहिए

Posted by samrat
Punjab
19-07-2019 11:57 AM
ਖਰਗੋਸ਼ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 1 ਯੂਨਿਟ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਕ ਯੂਨਿਟ ਵਿੱਚ 3 ਮੇਲ ਤੇ 10 ਫੀਮੇਲ ਖਰਗੋਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਯੂਨਿਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 30000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ 30X35 ਦਾ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਫੀਡ ਅਤੇ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਪੱਠੇ ਖਵਾਉਣੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੇਚਣ ਲਈ ਤਿ.... (Read More)
ਖਰਗੋਸ਼ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 1 ਯੂਨਿਟ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਕ ਯੂਨਿਟ ਵਿੱਚ 3 ਮੇਲ ਤੇ 10 ਫੀਮੇਲ ਖਰਗੋਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਯੂਨਿਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 30000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ 30X35 ਦਾ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਫੀਡ ਅਤੇ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ਪੱਠੇ ਖਵਾਉਣੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੇਚਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਲਈ ਪੈਰਾਡਾਈਜ਼ ਕੰਪਨੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਿੰਨਾਂ ਦਾ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ 9466419455 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਅਤੇ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਇਹ ਕੰਪਨੀ ਹੀ ਦੇਵੇਗੀ ਜੀ.
Posted by satnam lehri
Punjab
19-07-2019 11:53 AM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 191919 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਫੁੱਲ ਡਿਗਣਾ ਬੰਦ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Hari singh shekhawat
Rajasthan
19-07-2019 11:40 AM
Hari singh shekhawat ji credit balance aapki home screen par nazar aata hai ji. agar aap apne friends ke sath app share karege or aapke friend app download karege to har download pe aapko 10 point milege ji. agar aapko fir bhi kuch samaz nai lag raho to aap hamare helpline no. 9779977641 par call kar sakte hai ji.

Posted by Sachin saini
Uttar Pradesh
19-07-2019 11:34 AM
Sachin ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
19-07-2019 11:29 AM
बिवनेश जी यह फंगस के कारण आ रही है इसकी रोकथाम के लिए आप म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by deepak tomar
Uttar Pradesh
19-07-2019 11:25 AM
यदि आपकी भैंस पीछा दिखाती है तो आप उसे Mifex 450ml बोतल लगवायें बोतल में आप Injection Tonofas 20ml, Injection Avil 10ml डालें और इसे IV(slow) लगवायें बाकि उसे Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) लगवायें यह तीन दिन लगवाने है इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by mahesh Bokade
Madhya Pradesh
19-07-2019 11:18 AM
Mahesh Bokade जी बटेर चूज़े लेने के लिए आप Bhumika ANIMAL Breeder farm 9229881876 से संपर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-07-2019 11:15 AM
kulveer ji fungus de kayi tra de lashan hunde han kyuki fungus ik tra di nahi hundi isde nal patteya de uper dhabbe vi paind ehan jo gaala shuru hunda patteya vich oh vi fungus de karn hunda hai. jehdi seonk hundi hai oh jadan te hamla kardi hai jisde nal boota sukna shuru ho janda hai.

Posted by Parveen Kumar
Punjab
19-07-2019 11:12 AM
ਪ੍ਰਵੀਨ ਕੁਮਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਵਰਗੀਆਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shivam rathour
Uttar Pradesh
19-07-2019 11:11 AM
धान के बढ़िया फुटाव के लिए अब आप यूरिया के साथ biovita @8 किलो या फिर टाटा की ralli gold @4 किलो को प्रति एकड़ में इसका छींटा दें, इससे आपका धान बढ़िया फुटाव कर लेगा
Posted by Hari singh shekhawat
Rajasthan
19-07-2019 11:06 AM
Hari singh shekhawat ji beetal nasal ke bache lene ke liye aap Amrit Toshik 9680050016 Toshik Goat farm se samparak kare. Thank you.

Posted by lovepreet
Punjab
19-07-2019 10:49 AM
lovepreet ji isdiyan jdan check karo jekar seonk maujood hai ta chlorpyriphos@1 litre ko mitti men mila kar chitta de.dhanywad
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
19-07-2019 10:40 AM
Ravinder ji aap dono me se kisi ki bhi spray kar sakte hai kyuki dono hi fasl ko tatv dete hai. aap inme se kisi ka bhi istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by narayan sahu
Chattisgarh
19-07-2019 10:38 AM
नारायण साहू जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और ज.... (Read More)
नारायण साहू जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Pradeep yadav Yadav
Madhya Pradesh
19-07-2019 10:38 AM
अगर आपने डेयरी पालन करना है तो आप सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले .... (Read More)
अगर आपने डेयरी पालन करना है तो आप सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें

Posted by SHAKEEL
Uttar Pradesh
19-07-2019 10:37 AM
इसका रेट इलाके के हिसाब से होता है यदि आप डेयरी में लगाते है तो वहां फैट के हिसाब से रेट लगता है और यदि आप किसी घर में लगाते है तो वहां जो उसके इलाके में रेट होगा उसके हिसाब से बेचा जा सकता है

Posted by angrej singh
Punjab
19-07-2019 10:35 AM
angrej ji kirpa karke daso ke tuc isde vich hale tak ki kuch paya hai ta jo tuhanu osd ehisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by prabjit
Punjab
19-07-2019 10:27 AM
prabjit ji kirpa karke daso ke tuc isde vich kehdi kehdi khaad varti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Gurdeep chahal
Punjab
19-07-2019 10:21 AM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by jagtar sidhu
Punjab
19-07-2019 10:21 AM
Jagtar ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by lovepreet Singh
Punjab
19-07-2019 10:19 AM
iss semen da vdia record hai, isdi maa da dudh 10905 c. jo bhutt vdia record hai, iss ton aunn wale bachia da record v vdia howega, baki tuci ehh photo dekh skde ho .
Posted by Pankaj Dangi
Madhya Pradesh
19-07-2019 10:17 AM
Pankaj Dangi जी आप ड्रैगन फ्रूट की खेती कर सकते है इसकी पूरी जानकारी के लिए आप विजय शर्मा 7065414241 जी से संपर्क कर सकते है इन्हे इसका काफी अनुभव है यह आपको इसकी मार्केटिंग के बारे में भी जानकारी दे देंगे धन्यवाद
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