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Posted by abhimanyu
Chattisgarh
21-07-2019 09:12 AM
Punjab
07-21-2019 09:35 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Kuldeep Singh Sidhu
Punjab
21-07-2019 09:05 AM
Punjab
07-21-2019 09:24 AM
कुलदीप जी इसमें फरटेरा 5—7 किलो या रीजेंट अल्ट्रा 4 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डालें यह समस्या दूर हो जाएगी यूरिया की पूरी मात्रा डालें
Posted by Rugnath choudhary pipleeya
Rajasthan
21-07-2019 08:56 AM
Punjab
07-21-2019 09:28 AM
Ragunath g इसमें आप यूरिया को पूरा करें Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकत.... (Read More)
Ragunath g इसमें आप यूरिया को पूरा करें Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है उस समय आप जिंक भी साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते है यदि डीएपी का प्रयोग बिजाई के समय या बिजाई से पहले खेत तैयार समय नहीं करते है तो जब पानी के बाद NARMA 1 —1.5 फीट का हो जाए तो उस समय ड्रिल मशीन के साथ Narme के सियाडो में डाल सकते है I
Posted by Veer
Punjab
21-07-2019 08:54 AM
Punjab
07-25-2019 04:37 PM
PARAMVIR ji jalandhar vich UPL de product bare puri jankri ate kitho mile is bare jankari lai tusi Lalit Kumar 7528967845 nal samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by Bhuvan Chandra
Uttarakhand
21-07-2019 08:37 AM
Punjab
07-23-2019 07:14 PM
भुवन चंद्र जी चूजे लेने के लिए आप सुनील सिंह 9905384910,9102737967 Sunil Singh Hatchery India Private Limited के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद
Posted by Pushphas Mishra
Madhya Pradesh
21-07-2019 08:36 AM
Punjab
07-23-2019 05:09 PM
पुष्पहास जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by monu rai
Madhya Pradesh
21-07-2019 08:34 AM
Punjab
07-21-2019 08:47 AM
मोनू जी यूरिया डालकर आपको पानी जरूर देना पड़ेगा नहीं तो वो ऐसे सूख कर अपना काम नहीं करेगी
Posted by gurmeet singh
Haryana
21-07-2019 08:30 AM
Punjab
07-21-2019 01:33 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋ ਖਾਰ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਲਮੀਸੋਰਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਰੀਕ ਪੀਸਾ ਲਉ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ, ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪੀਸਾ ਕੇ ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ੱਕਰ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by malik
Uttar Pradesh
21-07-2019 08:29 AM
Punjab
07-21-2019 08:57 AM
पौधे सूखे सूखे लग रहे है कृपया ये बताएं कि इसमें क्लोरो और पहली यूरिया डाली है या नहीं
Posted by vikarm
Uttar Pradesh
21-07-2019 08:25 AM
Punjab
07-25-2019 05:56 PM
Vikarm ji ashi nasal ki 15 liter dudh vali cow lene ke liye aap Ajay Chopra 7009645902 Chopra Dairy Farm se samparak kare. Thank you.
Posted by vishal mandor
Madhya Pradesh
21-07-2019 08:11 AM
Punjab
07-21-2019 09:00 AM
विशाल जी इसमें क्या समस्या आ रही है कृपया यह बताएं ताकि आपको पूरा इलाज बताया जा सके
Posted by Sarvoday Kumar Singh
Bihar
21-07-2019 08:10 AM
Punjab
07-21-2019 09:01 AM
इसमें रोगर 3 मि.ली. प्रति लीटश्र पानी के हिसाब से स्प्रे करें पत्तों में हल्का मच्छर है
Posted by Nirmal Sekhon
Punjab
21-07-2019 07:50 AM
Punjab
07-21-2019 09:02 AM
निर्मल जी क्लोरो आपको धान लगाने से दो दिन बाद डालनी चाहिए थी इसका यूरिया के साथ कोई संबंध नहीं होता पंप की बारीक धार करके 1 लीटर प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है
Posted by sukh sidhu
Haryana
21-07-2019 07:45 AM
Punjab
07-21-2019 09:21 AM
Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है उस समय आप जिंक भी साथ मिलाकर छि.... (Read More)
Narma में कुल 130 किलो यूरिया डाली जाती है इसके इलावा इसमें DAP@27 किलो , या SSP@ 75 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है I डीएपी और एसएसपी में से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते है I यूरिया को 3 बराबर हिस्सो में बांट कर डालना है I पहली यूरिया पहले पानी के साथ 50 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते है उस समय आप जिंक भी साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते है यदि डीएपी का प्रयोग बिजाई के समय या बिजाई से पहले खेत तैयार समय नहीं करते है तो जब पानी के बाद NARMA 1 —1.5 फीट का हो जाए तो उस समय ड्रिल मशीन के साथ Narme के सियाडो में डाल सकते है I
Posted by jajbir sibgh
Punjab
21-07-2019 07:22 AM
Punjab
07-23-2019 05:07 PM
jaibir ji kirpa karke isd elabel di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Sukhdev Singh
Punjab
21-07-2019 07:04 AM

?

Punjab
07-21-2019 07:24 AM
Sukhdev ji kirpa krke apna swal dubara pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske, tuhade walo bejji audio upload nhi hoi hai .
Posted by Yogesh Sharma
Rajasthan
21-07-2019 06:58 AM
Punjab
07-21-2019 07:25 AM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें उसकी हर 3 महीने बाद डीवॉर्मिंग जरूर करवाएं, इनके साथ साथ आप Calcimust gold liquid 50ml, anabolite liquid 100ml रोज़ाना Gog पाउडर 50 ग्राम रोज़ाना देना शुरू करें, इससे फर्क पड़ जाएगा .
Posted by sikander
Punjab
21-07-2019 06:57 AM
Rajasthan
07-21-2019 07:32 AM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ .... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by Vishnu
Madhya Pradesh
21-07-2019 06:54 AM
Punjab
07-21-2019 09:35 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Jaswant Ranu
Punjab
21-07-2019 06:45 AM
Punjab
07-21-2019 07:34 AM
Jaswant ji kirpa krke photo dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee tuhade walo bejji photo upload nhi hoi hai.
Posted by satwant singh
Punjab
21-07-2019 06:37 AM
Punjab
07-23-2019 05:04 PM
ਸਤਵੰਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋਤ ਉਹਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Balkar singh
Punjab
21-07-2019 06:02 AM
Punjab
07-21-2019 07:40 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-ds bolus ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Sharkoferol liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ.
Posted by madan
Rajasthan
21-07-2019 12:57 AM
Punjab
07-23-2019 05:02 PM
कद्दू की फसल को अच्छे निकास वाली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर होती है, की आवश्यकता होती है पेठा की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 उपयुक्त होती है Pusa vishwas: यह किस्म IARI द्वारा जारी की गई है यह उप नमी वाले मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फल गोलाकार होते हैं जो कि मध्यम आकार के होते हैं, प्रत्येक फल का औसत.... (Read More)
कद्दू की फसल को अच्छे निकास वाली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर होती है, की आवश्यकता होती है पेठा की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6-7 उपयुक्त होती है Pusa vishwas: यह किस्म IARI द्वारा जारी की गई है यह उप नमी वाले मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फल गोलाकार होते हैं जो कि मध्यम आकार के होते हैं, प्रत्येक फल का औसतन भार 5 किलो होता है यह किस्म 120 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Alankar: यह किस्म IARI द्वारा जारी की गई है यह अगेती हाइब्रिड किस्म है जो कि 40-50 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 95-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Chandan: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा जारी की गई है इसके फल गोल आकार में होते हैं जिसका संतरी रंग का गुद्दा होता है प्रत्येक फल का औसतन भार 2-3 किलो होता है यह किस्म 115-120 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है बीजों को बोने के लिए दिसंबर-जनवरी और जून-जुलाई का समय उपयुक्त होता है प्रत्येक जगह में दो बीज बोयें और क्यारियों में 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें हाइब्रिड किस्मों के लिए बीजों को बैड के दोनों ओर बोयें और 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें मिट्टी में बीजों को 1 इंच की गहराई में बोयें एक एकड़ खेत के लिए 400-500 ग्राम बीज की मात्रा पर्याप्त होती है खेत की तैयारी के समय गाय का गोबर 80-90 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पेठा की पूरी फसल को नाइट्रोजन 33-40 किलो (यूरिया 74-90 किलो), फासफोरस 15 किलो ( एस एस पी 90 किलो) और पोटाशियम 15 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 25 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाशियम की पूरी मात्रा को बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को वृद्धि के शुरूआती समय में डालें सही समय के अंतराल पर उचित सिंचाई आवश्यक होती है बीज बोने के तुरंत बाद सिंचाई की आवश्यकता होती है मौसम के आधार पर 6-7 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई की आवश्यकता होती है कुल 8-10 सिंचाई की आवश्यकता होती है नदीनों को रोकने के लिए लगातार गोडाई और मिट्टी चढ़ाने की प्रक्रिया की आवश्यकता होती है गोडाई कसी द्वारा या हाथों द्वारा की जाती है पहली गोडाई बिजाई के 2-3 सप्ताह बाद की जाती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए कुल 3-4 गोडाइयों की आवश्यकता होती है
Posted by Mukesh Rathod
Maharashtra
20-07-2019 11:37 PM
Maharashtra
07-21-2019 07:41 AM
Posted by Abhay singh
Uttar Pradesh
20-07-2019 11:08 PM
Punjab
07-21-2019 12:00 AM
Posted by Ajay kr Gupta
Uttar Pradesh
20-07-2019 11:03 PM
Punjab
07-21-2019 12:13 AM
आप डीएपी का प्रयोग तक करें अगर पिछली फसल में डीएपी नहीं डाली है अगर डाली है तो इसमें डीएपी ना डालें
Posted by Ved Maan
Rajasthan
20-07-2019 11:02 PM
Rajasthan
07-21-2019 07:52 AM
यदि आपके पशु को थनैला रोग है,थनैला रोग के उपचार के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, 20 ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ .... (Read More)
यदि आपके पशु को थनैला रोग है,थनैला रोग के उपचार के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, 20 ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं.
Posted by Hari Shankar
Uttar Pradesh
20-07-2019 10:43 PM
Punjab
07-21-2019 07:53 AM
इसे fortivir इंजेक्शन 10ml लगवाएं, इसके साथ biotrim DS bolus रोज़ाना 1 गोली सुबह 1 गोली शाम देनी शुरू करें, इससे फर्क पड़ जाएगा.
Posted by Anish yadav
Uttar Pradesh
20-07-2019 10:42 PM
Punjab
07-21-2019 07:55 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम .... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है ,उस ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन भी मिल जाएगा इसकी पूरी जानकारी आपको ट्रेनिंग में मिल जाएगी बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी, इस तरह आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है.
Posted by Ratish Kumar Jha
Bihar
20-07-2019 10:40 PM
Punjab
07-21-2019 09:41 AM
धान बास्मती है या परमल कृपया ये बताएं
Posted by bhagwant singh
Punjab
20-07-2019 10:31 PM
Punjab
07-21-2019 09:44 AM
यह ग्रोथ वाली दवाई है इसे यूरिया के साथ मिलाकर डाल सकते है इसमें सभी तत्त होते है यह एकड़ में एक किलो डाल सकते है इसका कोई नुक्सान नहीं है 60 दिनों से पहले डाल सकते है
Posted by sarafat ali
Uttar Pradesh
20-07-2019 10:28 PM
Punjab
07-24-2019 10:38 PM
Posted by Raman deep Singh
Punjab
20-07-2019 10:15 PM
Rajasthan
07-21-2019 07:56 AM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ), ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ), ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by sarafat ali
Uttar Pradesh
20-07-2019 10:14 PM
Punjab
07-21-2019 07:57 AM
Ali ji kripya app apna swal vistar se pushen ki app hari mirch ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Palwinder Singh
Punjab
20-07-2019 10:11 PM
Punjab
07-25-2019 01:34 PM
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ .... (Read More)
ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ