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Posted by Udeypunia Kuchrania
Haryana
22-07-2019 09:08 AM
Punjab
07-22-2019 01:56 PM
नरमे में जूं, तेले और थ्रिप्स है, इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Dinesh Kumar
Rajasthan
22-07-2019 09:06 AM
Rajasthan
07-23-2019 04:05 PM
दिनेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण का.... (Read More)
दिनेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Nishan Singh
Punjab
22-07-2019 08:59 AM
Punjab
08-16-2019 05:29 PM
ਨਿਸ਼ਾਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਛਾਂ ਦੇ ਲਈ ਪੌਦੇ ਜਿਵੇ ਪਿੱਪਲ, ਬਹੇੜਾ, ਜਾਮੁਣ, ਕਟਹਲ, ਡੇਕ, ਸੁਖਚੈਨ,ਅਸ਼ੋਕਾ, ਟਾਹਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by lovepreet Singh
Punjab
22-07-2019 08:57 AM
Punjab
07-22-2019 01:56 PM
lovepreet ji kirpa karke daso ke isde vich khaad kehdi kehdi varti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by rohit yadav
Uttar Pradesh
22-07-2019 08:54 AM
Punjab
07-22-2019 03:42 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by yashpal kandhol
Haryana
22-07-2019 08:50 AM
Punjab
07-22-2019 12:23 PM
Yashpal ji neem tel ko aap urea ke sath mila kar nahi khet me daal sakte hai iski spray ki jati hai iski matra 50 ml ko prati acre ke hisab se spray ki jati hai.dhanywad
Posted by Vedvias Sharma
Punjab
22-07-2019 08:47 AM
Maharashtra
07-22-2019 12:21 PM
Vedvias Sharma ji kirpa karke daso ke tuc isnu khaad kehdi kehdi payi hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by Ashok kumar
Rajasthan
22-07-2019 08:36 AM
Punjab
07-22-2019 12:18 PM
Ashok ji kripya aap iski photo bheje ya iske salt ka nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by khuspal
Punjab
22-07-2019 08:34 AM
Punjab
07-22-2019 12:17 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Manpreet singh
Punjab
22-07-2019 08:28 AM
Punjab
07-22-2019 12:12 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by dileep kumar
Uttar Pradesh
22-07-2019 08:25 AM
Punjab
07-22-2019 12:12 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
Posted by yashpal kandhol
Haryana
22-07-2019 08:24 AM
Punjab
07-22-2019 12:11 PM
yashpal ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Harpinder Singh
Punjab
22-07-2019 08:19 AM
Punjab
07-22-2019 11:57 AM
harpinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc kehde pani di gal kar rahe ho ta jo tuhanu osd ehisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Amritpal
Punjab
22-07-2019 08:17 AM
Punjab
07-22-2019 11:17 AM
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ .... (Read More)
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ   • ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ   • ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ   • ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
Posted by Anmol Kahlon
Punjab
22-07-2019 08:16 AM
Punjab
07-22-2019 10:58 AM
Anmol ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Vijender Pal
Himachal Pradesh
22-07-2019 08:15 AM
Punjab
07-22-2019 11:16 AM
विजेंदर जी यह फंगस के कारण होता है इसके लिए आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें.
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ
Haryana
22-07-2019 08:15 AM
Punjab
07-23-2019 06:37 PM
ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਦਰਜ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰੋਗੇ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੋਲਟਰੀ ਕਿੱਤੇ ਬਾਰੇ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਇੋੱਕ ਦੋ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆ ਖਰੀਦ ਕੇ ਪਾਲਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਤਜ਼ਰਬਾ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਦਰਜ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰੋਗੇ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੋਲਟਰੀ ਕਿੱਤੇ ਬਾਰੇ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਇੋੱਕ ਦੋ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆ ਖਰੀਦ ਕੇ ਪਾਲਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਤਜ਼ਰਬਾ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਫੀਡ ਵੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਪਤਾ ਚੱਲ ਜਾਵੇਗੀ ਜੀ ਬਾਕੀ ਕੋਈ ਸਵਾਲ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਐਪ ਤੇ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੋ ਅਸੀ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਸਹੀ ਸਲਾਹ ਦੇਣ ਦੀ ਜੀ
Posted by Vishal kamboj
Punjab
22-07-2019 08:12 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:54 AM
ਵਿਸ਼ਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Vishal kamboj
Punjab
22-07-2019 08:11 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:57 AM
vishal kamboj ji tuc isde uper pathiyan de pani di spray karo. isde nal isdi growth vadia hundi hai ate fal vi aunda hai.dhanwad
Posted by Gurdeep Gogi
Punjab
22-07-2019 08:08 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:55 AM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gurdeep
Punjab
22-07-2019 08:02 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:53 AM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
Posted by randhir singh rana
Himachal Pradesh
22-07-2019 08:01 AM
Punjab
07-23-2019 01:55 PM
Randhir singh rana ji iske liye aap sabse pehle aap apne nazdiki krishi vigyan kender se dairy farming ki training le or uske baad jo traning ka certificate milega uske sath apne disst ke pashu palan department se baat kare or project report bnaye. uske baad apne bank manager se baat kare jis bank me aapka account chal raha hai. uske baad bank aapke account ko dekhkar aage ki jankari aapko dega ji.
Posted by Kamal Singh Tanwar
Madhya Pradesh
22-07-2019 07:59 AM
Punjab
07-22-2019 11:00 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 3 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम .... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 3 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा. बाकि आप Anabolite liqued 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें
Posted by BHALARAM
Rajasthan
22-07-2019 07:53 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:53 AM
राजस्थान में खरीफ मौसम में तिल की खेती की जाती है तिल की खेती के लिए आखिरी जून से शुरूआती जुलाई का समय उपयुक्त होता है
Posted by kuldeep singh
Punjab
22-07-2019 07:38 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:50 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by daljit
Punjab
22-07-2019 07:33 AM
Punjab
07-22-2019 10:50 AM
Posted by amritpal jagal
Punjab
22-07-2019 07:30 AM
Punjab
07-22-2019 11:01 PM
uss nu tuci Minfa gold powder 100gm rojana ate ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi
Posted by gaurav rana
Haryana
22-07-2019 07:19 AM
Maharashtra
07-22-2019 10:41 AM
Gaurav ji yeh fungus hai iski roktham ke liye aap saaf@400-500 gram ko prati acre ke hisab se mitti me mila kar chinta de.dhanywad
Posted by sukhdeep singh
Punjab
22-07-2019 07:14 AM
Punjab
07-22-2019 10:39 AM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by prabhu
Haryana
22-07-2019 06:55 AM
Punjab
07-22-2019 10:41 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by Vishal kamboj
Punjab
22-07-2019 06:45 AM
Punjab
07-23-2019 03:58 PM
vishal kamboj ji tusi injection Avilin 1-2ml te injection Demons 1 ml nu I m lagwao ji. es nal thik ho javega ji.
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
22-07-2019 06:42 AM
Punjab
07-23-2019 02:50 PM
kulveer ji jekar neeche vale patte eda han ta isde vich koi tnsn vali gal nahi hai. jekar ganne de uprle patte khrab hunde han fer isd euper koi treatment di lod hundi hai jekar patte neeche vale eda han ta koi treatment di lod nahi hai ji.
Posted by Vishal kamboj
Punjab
22-07-2019 06:41 AM
Punjab
07-22-2019 10:45 AM
visahl ji isde uper tuc NPK 191919@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by mohsin khan
Uttar Pradesh
22-07-2019 06:20 AM
Punjab
07-22-2019 10:45 AM
Mohsin khan ji aap dhan ko khaad bijai ke 18 din bad daalni shuru karen.dhanywad
Posted by ਦੀਪ ਉਟਾਲ
Punjab
22-07-2019 06:05 AM
Punjab
07-22-2019 06:09 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Mifex 450ml ਵਿੱਚ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Metphos 20m,ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Nirokind 20ml ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ slowly IV ਲਗਵਾਓ ਜੀ ਨਾਲ ਹੀ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨMacbolt 400mg IM ਲਗਵਾਓ ਜੀ
Posted by TOGARAM LEGA
Rajasthan
22-07-2019 12:10 AM
Punjab
07-22-2019 10:49 AM
तोगाराम जी आप बाजरा की किस्मे जैसे RHB 121 (MH 892): यह हाइब्रिड किस्म 75-78 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HHB 67 (Unnat): यह किस्म कम और ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्.... (Read More)
तोगाराम जी आप बाजरा की किस्मे जैसे RHB 121 (MH 892): यह हाइब्रिड किस्म 75-78 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HHB 67 (Unnat): यह किस्म कम और ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HHB 60: यह किस्म 70-75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RHB 177: यह सूखे को सहने योग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ICMH 356: यह किस्म 70-75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म सूखे को सहने योग्य है और पत्तों के धब्बा रोग की प्रतिरोधक किस्म है Pusa 605: यह हाइब्रिड किस्म 70-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 3.6-4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है GHB 538: यह किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दानों की औसतन उपज 7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Raj 171: यह हाइब्रिड किस्म 85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म सामान्य वर्षा वाले हालातों में बिजाई के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Gautam
Punjab
21-07-2019 11:16 PM
Punjab
07-23-2019 06:34 PM
Gautam ji Peach ke plant lene ke lia aap Head Deptt. of Horticulture headhort@pau.edu te mail karke plant order kar sakte hai, Agar aap ka order approved hua to aap ko month December 2019 or January 2020 me plant mil jae ge. Thankyou.
Posted by kuljeet Singh
Punjab
21-07-2019 10:50 PM
Punjab
07-22-2019 04:54 PM
ਕੁਲਜੀਤ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by
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21-07-2019 10:49 PM

Posted by shivlal jat
Rajasthan
21-07-2019 10:48 PM
Punjab
07-22-2019 04:55 PM
Shivlal jat ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen,dhanywad
Posted by ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ
Punjab
21-07-2019 10:32 PM
Punjab
07-22-2019 04:58 PM
gurdas ji isde layi tuc NPK 191919@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.isde nal narme di growth ho jayegi.dhanwad
Posted by Rajesh banshal Banshal
Madhya Pradesh
21-07-2019 10:12 PM
Punjab
07-22-2019 05:02 PM
Rajesh ji yej keet ke hamle ke karn hota hai iski roktham ke liye aap quinalphos@4 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by raghuvir
Rajasthan
21-07-2019 10:02 PM
Punjab
07-22-2019 05:04 PM