Posted by Tarun Sihag
Haryana
25-07-2019 06:47 AM
यह एक आम परिवर्तन है इसका कोई विशेष कारण नहीं होता इसका मुख्य कारण बहुत ज्यादा गर्मी में तेज़ कीटनाशकों या तत्वों की स्प्रे करना इसकी कटाई ही करनी पड़ेगी, मानसून के बाद कटाई करवा कर blitox 3 gm per litre + streptocycline 50 gm को 500 litres पानी में मिला कर स्प्रे करें
Posted by MANDEEPSINGH
Punjab
25-07-2019 06:26 AM
Mandeep ji kirpa karke daso ke isde vich tuc kehdi kehdi khaad payi hai ate isdi gobh vich sundi check karo ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Gurwinder singh
Punjab
25-07-2019 06:08 AM
uss nu tuci Anabolite liquid 100ml rojana ate Milkout powder 2-2 chamch swere sham deo ate Calcimust gold liquid 50ml rojana deo ji, iss nal vdia growth howegi ate dudh v vdia howega.

Posted by mohd noman
Haryana
25-07-2019 05:51 AM
mohd noman ji sojat or sirohi breed dono hi hareyana ke liye thik hai ji.
Posted by mahendra
Uttar Pradesh
25-07-2019 05:45 AM
यदि आपकी गाय दूध खुद पीती है तो आप उसके नाक में रिंग की तरह कड़ा डाल सकते है जिससे जब वो दूध पीने की कोशिश करेगी तो उसका मुंह खीच होगा और वो दूध नहीं पर सकेगी आप इस फोटो को देख सकते है
Posted by jagtar sidhu
Punjab
25-07-2019 05:19 AM
ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਤੋਂ ਚੀਕਣੀ ਦੋਮਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਡੂੰਘੀ, ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜੋ 2 ਮੀਟਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੱਕ ਸਖਤ ਨਾ ਹੋਵੇ, ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 8.7 ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜਨਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਇੱਕ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦਿ.... (Read More)
ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਤੋਂ ਚੀਕਣੀ ਦੋਮਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਡੂੰਘੀ, ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜੋ 2 ਮੀਟਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੱਕ ਸਖਤ ਨਾ ਹੋਵੇ, ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 8.7 ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜਨਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਇੱਕ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by ANKUR SINGH
Uttar Pradesh
24-07-2019 11:39 PM

Posted by Tarachand
Haryana
24-07-2019 11:37 PM
Tarachand ji apke sabhi swalo ke jwab diye ja chuke hai aap APP mai apne sabhi swalo ke jwab dekh skte hain.

Posted by ਦੀਪ ਉਟਾਲ
Punjab
24-07-2019 11:20 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Calcimust gold liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by Ram Paul Sharma
Himachal Pradesh
24-07-2019 11:09 PM
Ram Paul Sharma ji if you want to start milk production you need build a dairy farm. to start a dairy farm, there are 3 main points that should be kept in mind - Feed, Breed and Management. First you should have knowledge about balanced diet of the cattle. Second, farm should not be started with a large number of animals, rather you can increase the number of animals by interval of three months. Third you should start with proper training. Thank you

Posted by Ravindra bind
Uttar Pradesh
24-07-2019 11:08 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे

Posted by ranjit singh
Punjab
24-07-2019 10:18 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Udder-H liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੋਮੀਓਪੈਥਿਕ ਮੈਡੀਸਨ uddertone ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਰੋਟੀ ਦੇ ਪਾਕੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਖਵਾ ਦਿਆ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਲੇਵਾ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by ranjit singh
Punjab
24-07-2019 10:12 PM
ਗਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Metra liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Calcimust gold liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ.
Posted by Tejinder Singh
Punjab
24-07-2019 10:09 PM
ehh koi daran wali gal nhi hai tuci iss nu 200ml saro da tel ate 2 chamch haldi milla ke 3-4 din deo.
Posted by mahesh Bokade
Madhya Pradesh
24-07-2019 10:07 PM
Mahesh Bokade जी बटेर के चुजे लेने के लिए आप Bhumika ANIMAL Breeder farm 9229881876 से सम्पर्क करे धन्यवाद

Posted by Amit Kumar Singh
Uttar Pradesh
24-07-2019 10:00 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से सम्पर्क करे धन्यवाद
Posted by Narinder
Punjab
24-07-2019 09:44 PM
Narinder ji beetal goat len lai tusi mere nal Birbal Ram Sharma 7009579091 samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Narinder
Punjab
24-07-2019 09:42 PM
Narinder ji pure sahiwal cow len lai tusi Sukhvinder Dhamherhi 9781800637, Navroop Singh 9649038200 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Narinder
Punjab
24-07-2019 09:39 PM
Narinder ji Mushroom sbandi har ik sman lai tusi Nirmal singh 9878811157, 9876306548 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by satyabhan k shakya
Uttar Pradesh
24-07-2019 09:39 PM
barish ki wjah se fungus ka hamla hota hai iske liye aap carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by deep
Punjab
24-07-2019 09:30 PM
ਡਰੈਗਨ ਫਰੂਟ ਦੀਆਂ ਕਲਮਾਂ ਲਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ 1700 ਕਲਮਾਂ ਲੱਗਦੀਆਂ ਹਨ ਇਸਦੇ ਪੌਧੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Satnam Singh Aulakh :-9592806807 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
24-07-2019 09:25 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Zenvet bolus ਦਿਓ ਅਤੇ 3D red liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Enerboost powder 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-07-2019 09:21 PM
main jhone te zinc ate lohe di spray krni hai, ki nal urea paa skda ? je paa skda ta kini matra ch ?
gurjeet ji jekar tuc lohe di spray karna chahunde ho ta tuc isde vich ferrous sulphate@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray kiti jandi hai ate jekar zinc di varto karni hai ta tuc chelated zinc di varto kar sakde ho isdi matra 200 gram nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanywad

Posted by Manpreet singh
Punjab
24-07-2019 09:08 PM
Posted by Manpreet Singh brar
Punjab
24-07-2019 09:00 PM
manpreet ji tuhade valo bheji gai photo nu dekh ke dasna mushkal hai kirpa karke photo saff ate nere to bhejo ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake, Thankyou.
Posted by Manpreet Singh brar
Punjab
24-07-2019 08:56 PM
Gir cow per day lagbhag 12-14 liter tak dudh deti hai jo pure nasal ki cow hooti hai.

Posted by Ranjeet
Punjab
24-07-2019 08:53 PM
Ranjeet ji tuhade walo bejii gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke apna swal dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.

Posted by gurdeep kumar
Punjab
24-07-2019 08:40 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਸਿੰਗ ਕਿਸੀ ਸਿੰਗ ਘੜਨ ਵਾਲੇ ਨੂੰ ਬੁਲਾ ਕੇ ਘੜਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਸਿੰਗ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਘੜਦਾ ਹੈ ਉਸ ਤੋਂ ਸਿੰਗ ਤੁਸੀ ਸਹੀ ਆਕਾਰ ਵਿਚ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by गोबिन्द प्रसाद
Rajasthan
24-07-2019 08:36 PM
गोबिन्द प्रसाद जी, नमकीन पानी में खेती नहीं की जा सकती है, आप कृपया नहरी पानी का प्रयोग करें, अगर आप फसल की बिजाई करना चाहते हैं हो, धन्यवाद

Posted by Ramswarup kumar
Bihar
24-07-2019 08:34 PM
Ramswarup ji aap iske liye tata ralli gold ya biovita ka istemal kar sakte hai.dhanywad
Posted by jaspal singh
Punjab
24-07-2019 08:33 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਮਿਰਚ ਤੇ Dow ਕੰਪਨੀ ਦੀ Daligate 1 ਗ੍ਰਾਮ 1 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ

Posted by Damodar singh
Rajasthan
24-07-2019 08:33 PM
ihh ikk goond type product hunda hai. Jo spray nu pattya de nalo uttran nahi dinda hai. Tuc apsa 80 nu spray nal mix kr ke spray kr skte hain.
Posted by Nishan singh
Punjab
24-07-2019 08:14 PM
Nishan ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci Nili raavi nasal vare ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.

Posted by deepak patidar
Madhya Pradesh
24-07-2019 08:02 PM
भूमि तथा जलवायु अच्छे जल निकासवाली सभी प्रकार की भूमि तथा उष्ण जलवायु इस पौधे के लिए उत्तम होती है पोषक तत्व तथा नमी धारण की अधिक क्षमता वाली भूमि में यह पौधा अच्छा फलता है बादल छाने से या थोड़ी छायावाली जगह पर पौधे की वृद्धि अच्छी होती है जड़ की खेती है इसलिए खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए फिर मिटटी को भुरभुर.... (Read More)
भूमि तथा जलवायु अच्छे जल निकासवाली सभी प्रकार की भूमि तथा उष्ण जलवायु इस पौधे के लिए उत्तम होती है पोषक तत्व तथा नमी धारण की अधिक क्षमता वाली भूमि में यह पौधा अच्छा फलता है बादल छाने से या थोड़ी छायावाली जगह पर पौधे की वृद्धि अच्छी होती है जड़ की खेती है इसलिए खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए फिर मिटटी को भुरभुरी बना लेना चाहिए इसमें प्रति एकड़ 6॰7 टन कंपोष्ट खाद मिलानी चाहिए इसके बाद पाटा लगाकर खेत को समतल कर लेना चाहिए प्रति एकड़ 800 ग्राम बीज बोने के लिए पर्याप्त होते हैं उन्हें 8॰10 सेमी॰ की दूरी पर कतारबद्ध 1॰2 सेमी॰ गहरे में बोना चाहिए बीज ज्यादा नीचे नहीं बोने चाहिए क्योंकि अधिक गहराई में बीज का अंकुरण नहीं होता बीज में एझोबक्टर जीवाणु लगाने से अंकुरण जल्दी होता है तथा पौधे को ब़ने में सहायता मिलती है प्रति किलोबीज हेतु 20 ग्राम जीवाणु का प्रयोग करना चाहिए क्यारियों की फुहारे क्षरा हल्की सिंचारई प्रतिदिन करते रहना चाहिए 8॰10 दिनों में अंकुरण हो जाता है पौधे की जल्दी ब़वार के लिए 20॰22 दिन बाद 2 ग्राम यूरिया प्रति लीटर पानी के घोल का छिड़काव करना चाहिए 45॰50 दिन में पौधे रोपाई योग्य हो जाते हैं सभी पौधे एक साथ रोपारड योग्य नहीं होते केवल बड़े पौधों को ही जो 12॰15 से॰मी॰ ऊंचाई के तथा 6॰8 पत्तियों वाले होते हैं रोपाई योग्य समझना चाहिए अतः उनकी ही रोपाई करनी चाहिए रोपाई एवं देखभाल अगस्त माह में अच्छी तरह तैयार खेत में कतार से कतार की दूरी 45 सेमी॰ तथा पौधे से पौधे की दूरी 15 सेमी॰ रखकर रोपाई करनी चाहिए और रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करनी चाहिए रोपाई के 30॰35 दिन बाद प्रति एकड़ 15 किलो नत्रजन की मात्रा 25 किलो स्फुरद तथा 10 किलो पोटाष देना चाहिए तथा अतिरिक्त नत्रजन की मात्रा 15 किलो प्रथम मात्रा के 30 दिन बाद देनी चाहिए रासायनिक बाद की जगह पर प्रति एकड़ 40 किलो नीम की खली की खाद की प्रथम मात्रा रोपाई के पूर्व तथा 20 किलो अतिरिक्त मात्रा 20॰25 दिन बाद देने से पौधे स्वस्थ तथा अच्छे बढ़ते हैं जब पौधे छोटे होते हैं यानी रोपाई के 10॰12 दिन बाद निराई करके खरपतवार निकाल देना चाहिए अकरकरा के पौधों को छाया मिलने से इनके ऊंचा बढ़ने में मदद मिलती है अतः इसे ज्वार मक्का बाजरा सूर्यमुखी अरहर इत्यादि की फसलों की कतार के बीच बोना चाहिए उत्पादन अकरकरा की खेती से प्रति एकड़ 150॰250 किलो फूल 250॰400 किलो पंचांग तथा 80॰100 किलो जडें प्राप्त होती हैं औषधीय उपयोग रू आयुर्वेद में अकरकरा को वातनाशक पित्तनाशक तथा शोथ नष्ट करने में श्रेष्ठ माना गया है इसका पंचांग सर्दी खांसी जुकाम वायु विकार से होने वाले सिरदर्द तथा अनिद्रा अपस्मार मिरगी दांत दर्द सूजन जोड़ों का दर्द मज्जा तंतु विकार लकवा सफेद दाग मुंह का सूखना और जुबान का जड़त्व आना इत्यादि विकारों पर उपयुक्त माना गया है अकरकरा को स्तंभनकारी तथा रतिकिरया में देर तक आनंददायी माना गया है इसकी जड़ दांतों पर मलने से दातों का दर्द दूर होता है हकलाना या जुबान लड़खड़ाती हो तो फूलों का उपयोग लाभप्रद कहा गया है इसकी पत्तियों का रस श्वेत कुष्ठ पर लाभदायी है सर्दी से सिरदर्द होता हो तो इसे मुंह में दांतों के नीचे दबा रखने से शीघ्र लाभ होता है इसमें उत्तेजक गुण काफी मात्रा में होने से आयुर्वेद ने इसे कामोत्तेजक औषधीयों में प्रधान माना है, अकरकरा ओषधीय फसल के बीज बेचने के लिए आप C.B Yadav 6268536795 से संपर्क करें, धन्यवाद
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