
Posted by chandru
Karnataka
01-08-2019 07:34 AM
Posted by Sanjay koli
Madhya Pradesh
01-08-2019 07:32 AM
Sanjay ji please send the picture of disease so that we can guide you properly. thank you
Posted by mani Jattana
Punjab
01-08-2019 07:21 AM
mani ji kirpa karke daso ke isde uper tuc kehdi kehdi khaad di varto kiti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Dhaliwal
Punjab
01-08-2019 07:21 AM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .
Posted by Deepak Bidhan
Haryana
01-08-2019 07:20 AM
नरमे में आवश्यक यूरिया और डी ए पी का प्रयोग करने के बाद इस पर ग्रोथ के लिए npk 130045@2kg या triacontanol@250ml या gibberellic acid@250ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें इनके प्रयोग से पहले यूरिया की मात्रा सारी पूरी कर दें क्योंकि यूरिया डालने से नरमे की ग्रोथ चल पड़ती है

Posted by davinder brar
Punjab
01-08-2019 07:11 AM
davinder ji eh gobh di sundi di rotkham nahi kardi tuc gobh di sundi de layi fame ja coragen di varto karo.dhanwad

Posted by lovepreet Singh
Punjab
01-08-2019 06:57 AM
lovepreet ji ehna di alag alag varto karo chloro nu tuc ret vich mix krke isdi varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by Satya
Uttar Pradesh
01-08-2019 06:50 AM
Satya ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi fasl men konse keet ki roktham ke liye jankari lena chahte hai ho sake to iski photo bhi bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Ashok Siddharth
Madhya Pradesh
01-08-2019 06:44 AM
Diversified Farming:- इस प्रकार की खेती का सम्बन्ध उन जोतों या फार्मों से है जिन पर आमदनी के स्रोत कई उद्यमों या फसलों पर निर्भर करते हैं और प्रत्येक उद्यम अथवा फसल से जोत की कुल आमदनी का 50% से कम ही भाग प्राप्त होता है ऐसे फार्म को विविध फार्म (general farm) भी कहते हैं

Posted by Rajinder singh
Punjab
01-08-2019 06:36 AM
hnji isda vdia result hai ji tuci isdi varto kr skde ho, iss nal pashu nu energy mildi ha ate vdia growth hundi hai ate ehh jldi hajam hundi hai, ehh pashu de suun ton 1 mahina pehla deo ate suun ton 1 mahine badd tak de skde ho..

Posted by shamsher singh
Punjab
01-08-2019 06:26 AM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ..
Posted by sikandrasulthan
Rajasthan
01-08-2019 06:25 AM
बकरी पालन ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र अजमेर से सकते है जी नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र अजमेर का पता आप नोट कर सकते है जी Krishi Vigyan Kendra
Tabiji Farm, N H No 8,
Beawar Road,
Ajmer - 305 206 , (Raj ) India
Phone : +91 9460089702
इसके इलावा हरयाणा के तारूआना गांव में भी बकरी पालन ट्रेनिंग SR Commercial Goat Farm पर 09 सितम्बर से शुरू हो रही है इसके लिए आप रजिस्टर्ड .... (Read More)
बकरी पालन ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र अजमेर से सकते है जी नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र अजमेर का पता आप नोट कर सकते है जी Krishi Vigyan Kendra
Tabiji Farm, N H No 8,
Beawar Road,
Ajmer - 305 206 , (Raj ) India
Phone : +91 9460089702
इसके इलावा हरयाणा के तारूआना गांव में भी बकरी पालन ट्रेनिंग SR Commercial Goat Farm पर 09 सितम्बर से शुरू हो रही है इसके लिए आप रजिस्टर्ड करवाने के लिए 93501 46903 पर कॉल कर सकते है जी
Posted by akash singh
Punjab
01-08-2019 06:24 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by सुभाष चन्द्र राजवंशी पासी
Uttar Pradesh
01-08-2019 06:08 AM
Mausam vibhag ke anusar aaj aapke ilake men barish hone ki sambhavna hai. dhanywad

Posted by pushpa
Madhya Pradesh
01-08-2019 05:57 AM
Pushpa Ji bhopal mein fresh fish seed lene ke leye ish number pe sampark kre Moh. Anis 9451411371, 6394520950

Posted by inderpal
Punjab
01-08-2019 05:45 AM
Inderpal ji minfa gold powder Intas company da ate pregstay gold powder Vetland pharma company de product hai.
Posted by Sharry Ahluwalia
Punjab
01-08-2019 04:56 AM
sharry ji isdi varto kar sakde ho par jekar tuc hun jhone vich khaadan di varto kar layi hai ta tuhanu sinu vartan di lod nahi hai kyuki isne vi fasl nu tat hi maujood kraune han jo tuc pehlan hi fasl nu de chuke ho. dhanwad

Posted by kaka
Haryana
01-08-2019 04:28 AM
kaka ji iski bijai july mahine me hi ki jati hai.dhanywad
Posted by Ashok Siddharth
Madhya Pradesh
01-08-2019 02:57 AM
Ranch ik bada khula sthan hota hai jaha par kisan apne janvar jaise ke gau, bains yan bakri ko charate hain, isi ko ranching kaha jata hai dhanywad
Posted by Ashok Siddharth
Madhya Pradesh
01-08-2019 02:56 AM
Ranch ik bada khula sthan hota hai jaha apr kisan apne janvar jaise ke gau, bains yan bakri ko charate hain, isi ko ranching kaha jata hai dhanywad

Posted by Manish Kumar
Haryana
01-08-2019 01:12 AM
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendaz.... (Read More)
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendazim 12% और mancozeb 63% वाला साल्ट हो, यह झंडे रोग की रोकथाम करता है
Posted by Aditya Singh Dhanraj
Uttar Pradesh
01-08-2019 12:59 AM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by parminder Singh
Punjab
01-08-2019 12:04 AM
parminder ji pusa kisam jyada time laindi hai eh pakkan de layi 155-160 din da sma laindi hai.dhanwad
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
31-07-2019 11:04 PM
गन्ने की ग्रोथ के लिए आप NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Rajnesh
Haryana
31-07-2019 10:58 PM
Bhains ko byane se 20-25 din pehle v deworming kr skde hai aur byane ke hafte ke badd deworming kr skte hai.
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
31-07-2019 10:43 PM
Hnji Gurbheg ji tuci ehna nu ekathe rkhh skde ho, iss vich koi smasia wali gl nhi hai.

Posted by vikas kumar
Uttar Pradesh
31-07-2019 10:41 PM
Doosri urea ke saath 10kg zinc 33% wali mix kr ke daalein. iss ke baad teesri urea ke saath tata ka tata rallis@4kg mila ke daal skte ho..

Posted by Birender Kujur
Jharkhand
31-07-2019 10:35 PM
Birender ji chicks lene ke liye aap Anuj Kumar Mehta 9534422915 S.K. Poultry feed and chicks center se sampark kr skte hai.
Posted by ਗਿਆਨ ਸਿੰਘ
Punjab
31-07-2019 10:30 PM
iss de vich 100gm urea 5-7ltr pani de nal mila ke pao. iss di jda de vich chloro jrur pao. ihh siyunkh di maar de vich aa janda hai.
Posted by Rajkumar Bishnoi
Punjab
31-07-2019 10:25 PM
iss ke upper quinlaphos@800ml ja proclaim@90gm ki prati acre ke hisaab se sray krein. yeh soondi ki roktham ka kaam krti hai.
Posted by ਗਿਆਨ ਸਿੰਘ
Punjab
31-07-2019 10:25 PM
ਗਿਆਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਦੱਸੋ ਕਿ ਲਾਉਦੇ ਸਮੇਂ ਟੋਆ ਕਿੰਨਾ ਡੂੰਘਾ ਪੁੱਟਿਆ ਸੀ

Posted by SOURABH
Madhya Pradesh
31-07-2019 10:16 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी .... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुम्ब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तह लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तह उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तह में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तह लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by SOURABH
Madhya Pradesh
31-07-2019 10:16 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी .... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुम्ब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तह लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तह उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तह में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तह लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
31-07-2019 10:10 PM
uss nu tuci albendazole bolus pett de kiria lai deo, isde nal Minfa gold powder 100gm rojana ate Min21 bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi.

Posted by Sumit Thakur
Himachal Pradesh
31-07-2019 10:06 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है

Posted by Hind Wala Qazi
Uttar Pradesh
31-07-2019 10:04 PM
Hind Wala Qazi ji yeh dekhkar hi pata chalega ke kis tarah ke dant hai ji. ya fir aapne photo bhi attact karni thik . or jo aapne than ki problam btayi hai bhi nazdiki doctor ko hi dikhaye ji. yeh dekhkar hi elaz ho sakta hai ji.

Posted by manjinder chhina
Punjab
31-07-2019 09:58 PM
iss di dosage 400gm prati acre hai. ihh daag dhabbe ate galan nu rokda hai. iss di spray tuc kise v fasal ja sbji te kr skte ho.
Posted by Ranjeet singh
Punjab
31-07-2019 09:48 PM
shalgam 55-60 dina de vich wdia tyaar ho janda hai.

Posted by gurmindear singh
Punjab
31-07-2019 09:41 PM
makki ja bajra jaldi hon wale chaare hnn ihna di tuc bijaai kr skde ho.

Posted by Ram Murti Singh
Punjab
31-07-2019 09:37 PM
iss de vich chloro@10ml prati 5ltr pani de hisab nal jda de vich pao. ihh siyunk de lyi sbh ton wdia dwaayi hai.

Posted by jyoti sharma
Punjab
31-07-2019 09:35 PM
jyoti sharma ji you can check the attachment for cost of production of wheat crop.

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
31-07-2019 09:27 PM
uss nu tuci Udder-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, iss nal lewa ate dudh vdia ho jawega.
Posted by Ranjeet singh
Punjab
31-07-2019 09:26 PM
ਸ਼ਲਗਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਤਬਰ ਮਹਿਨੇ ਚ ਕਰੋ ਵੱਟਾ ਬਣਾਉਨ ਵੇਲੇ DAP ਤੀਹ ਕਿੱਲੋ ਤੇ ਪੋਟਾਸ ਪੱਚੀ ਕਿੱਲੋ ਕਿਲੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉ,ਸ਼ਲਗਮ ਦੀ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਲਈ ਪਰਪਲ ਟਾਪ ਕਿਸਮ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਬੀਜ ਸਪੈਸਲ ਕਿਸਮ ਜੋ ਅਮਰੀਕਾ ਤੋਂ ਬੀਜ ਆਯਾਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਹ ਹੀ ਬੀਜੋ ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂ ਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਆਮ ਨਾਲ਼ੋਂ ਕਿਤੇ ਵੱਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਲਈ ਵੀ ਸੰਪਰਕ .... (Read More)
ਸ਼ਲਗਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਤਬਰ ਮਹਿਨੇ ਚ ਕਰੋ ਵੱਟਾ ਬਣਾਉਨ ਵੇਲੇ DAP ਤੀਹ ਕਿੱਲੋ ਤੇ ਪੋਟਾਸ ਪੱਚੀ ਕਿੱਲੋ ਕਿਲੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉ,ਸ਼ਲਗਮ ਦੀ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਲਈ ਪਰਪਲ ਟਾਪ ਕਿਸਮ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਬੀਜ ਸਪੈਸਲ ਕਿਸਮ ਜੋ ਅਮਰੀਕਾ ਤੋਂ ਬੀਜ ਆਯਾਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਹ ਹੀ ਬੀਜੋ ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂ ਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਆਮ ਨਾਲ਼ੋਂ ਕਿਤੇ ਵੱਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਲਈ ਵੀ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Kulvir Singh
Punjab
31-07-2019 09:25 PM
ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ Palam Samridhi ਅਤੇ Punjab Broccoli-1 ਕਿਸਮ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਅੱਧ-ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 45X45 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 1-1.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ 40 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 50 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾ.... (Read More)
ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ Palam Samridhi ਅਤੇ Punjab Broccoli-1 ਕਿਸਮ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਅੱਧ-ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 45X45 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 1-1.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ 40 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 50 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 155 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 25 ਕਿਲੋ(ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ 40 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਨਦੀਨਾਂ ਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਨ ਲਈ, ਟਰਾਂਸਪਲਾਂਟੇਸ਼ਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਫਲੁਕਲੋਰਾਲਿਨ (ਬੇਸਲੀਨ) 1-2 ਲੀਟਰ/ 600-700 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਤੇ ਪਾਓ ਅਤੇ ਟ੍ਰਾਂਸਪਲਾਂਟ ਕਰਨ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 40 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਬੰਦ ਕਰੋ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ @1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ, ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਮਿੱਟੀ, ਜਲਵਾਯੂ ਜਾਂ ਮੌਸਮ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਅਨੁਸਾਰ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ 7-8 ਦਿਨਾਂ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 10-15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਇਸਦੇ ਫਲ ਮੰਡੀਕਰਨ ਪੱਧਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁੜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਸੰਭਵ ਹੋਵੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਭੇਜ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਸਟੋਰ ਕਰਕੇ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਪਹਿਲੀ ਤੁੜਾਈ ਤੋਂ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਦੋਬਾਰਾ ਤੁੜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
31-07-2019 09:25 PM
jekar jhone de vich tela pai gya hai tan iss di roktham de lyi Glamore di dosage 50gm prati acre hai. chess di dosage 120gm prati acre hai ate dentop di dosage 35gm per acre hai. ihh saria jhone de vich tele di roktham krdia hnn. Chess ate glamore di spray 10-15% tela pain te kro ja iss ton v pehla kro. iss ton ilava ik oswal di black gold de nam te dwaayi aundi hai. Iss di matra 250ml per acre hai. Ihh sasti v hai ate result v wdia hai.
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