Experts Q&A Search

Posted by Manoj Kumar Sahu
Jharkhand
03-08-2019 11:57 PM
Punjab
03-20-2020 05:43 PM
आप वहां सूखा चारा कोई भी डाल सकते है सूखे चारे को छोटा छोटा काट कर बिछा सकते है। आप वहां भूसा भी डाल सकते है।
Posted by kumar dhruv
Bihar
03-08-2019 11:55 PM
Punjab
08-12-2019 11:13 AM
Sir put 20 thousand small size seed after 12 to 14 month it\'s ready for sale
Posted by Raman sharma
Rajasthan
03-08-2019 11:15 PM
Rajasthan
08-05-2019 03:37 PM
कृप्या आप ये बताएं कि आप डेयरी फार्म बनाना चाहते है या वैसे घर पर रखने के लिए पूछ रहें है कृप्या विस्तार से अपना सवाल बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Uttam Nehra
Rajasthan
03-08-2019 10:38 PM
Punjab
08-05-2019 03:38 PM
Nehra ji kriypa aap apna swal vistar se pushen ki aap kapas ke bare me kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja ske.
Posted by Gopi Sarpanch
Punjab
03-08-2019 10:25 PM
Maharashtra
08-12-2019 02:30 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
03-08-2019 10:02 PM
Punjab
08-16-2019 02:14 PM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਝੋਨੇ ਉਪਰ ਬੋਰੋਨ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜਦੋ ਝੋਨਾ 5 % ਤਕ ਨਿਸਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ 130045 @10 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Deep singh
Madhya Pradesh
03-08-2019 09:56 PM
Maharashtra
08-27-2019 12:24 PM
मालाबार नीम (Meliaceae) परिवार से निकलती है और भारत दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया, जहां यह जलाऊ लकड़ी का एक स्रोत के रूप में खेती की गई है मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार न.... (Read More)
मालाबार नीम (Meliaceae) परिवार से निकलती है और भारत दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया, जहां यह जलाऊ लकड़ी का एक स्रोत के रूप में खेती की गई है मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा है साफ और सूखे बीजों को खुली हुई नर्सरी बेड में, ड्रिल किए गए लाइनों में, 5 सेमी अलग से बोना चाहिए रेत में बीज अंकुरित नहीं होते हैं उन्हें मिट्टी में बोया जाता है इसके लिए: खेत यार्ड खाद 2: 1 के अनुपात में या फिर 1: 1 अनुपात भी अपनाया जा सकता है एक मानक नर्सरी बेड के लिए लगभग 1500 की संख्या वाले 6-7 किलोग्राम सूखे ड्रिप की आवश्यकता होती है बोए गए बीजों को नियमित रूप से, दिन में दो बार पानी पिलाया जाना चाहिए उन स्थानों पर जहां दिन का तापमान बहुत अधिक नहीं है, या जहां नर्सरी बेड छाया में हैं, नर्सरी बेड को मध्यम में तापमान बनाए रखने के लिए तिरपाल शीट से ढंकना चाहिए ध्यान रहे 90 दिनों के भीतर बीज का अंकुरण होता है 5x5 मीटर का की दुरी को अच्छा माना गया है जबकि 8x8 मीटर का अंतर आदर्श है उर्वरकों की मदद से पौधे की वृद्धि और विकास को बढ़ाया जा सकता है वृक्षों के तेज विकास के लिए नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है शुरुआती विकास के लिए तीन महीने तक के लिए लगातार पानी देना और तीन महीने में एक बार उर्वरक का इस्तेमाल करने से काफी तेज़ी से विकास होता है, बारिश की स्थिति के तहत, पौधे के विकास की गति धीमी हो जाती है (लगभग 100% कम) जमीन से 8-10 मीटर पर पेड़ की शाखाएं हर छह महीने में प्रूनिंग करने से ब्रांचिंग नियंत्रित होती है मालाबार नीम की खेती के लिए मिट्टी की आवश्यकता: - यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी पर उगती है कभी-कभी गहरी उपजाऊ रेतीली दोमट मिट्टी इष्टतम विकास दिखाती है, जबकि उथली बजरी मिट्टी तुरंत विकास को दर्शाती है मेलिया नामक एक अच्छी एग्रोफोरेस्ट्री प्रजाति है, और इसकी खेती की अवधि में अनेक प्रकार की फसलों का समर्थन करती है ग्राउंड नट, मिर्च, हल्दी, काले चने, पपीता, केला, खरबूजा, गन्ना, इन फसलों की सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है बीजों को पकने, धोने और सुखाने के द्वारा पकने वाले फलों को (जनवरी - फरवरी) से एकत्र किया जाता है और सील किए गए टिनों में संग्रहित किया जाता है बीज की अंकुरण क्षमता 25% से कम होती है नर्सरी में, बीज को नर्सरी बेड में बोया जाता है सबसे अच्छा बीज उपचार एक दिन के लिए बीज को काऊडूंग घोल से उपचारित करना माना जाता है फिर उपचारित बीजों को उठे हुए नर्सरी बेड के ऊपर बोया जाता है बीज को अंकुरित होने में एक या दो महीने लगते हैं सिंचाई नियमित रूप से की जानी चाहिए अंकुर को अपनी नर्सरी अवस्था को पूरा करने में 6 महीने लगते हैं छह से नौ महीने पुरानी रोपाई 3x3m या 3x4m के अंतर पर लगाई जा सकती है सीधे बेलनाकार बोल्स प्राप्त करने के लिए वार्षिक छंटाई की जाती है पेड़ गैर-बरसात के मौसम में हर 10 - 15 दिनों में एक बार सिंचाई के लिए अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करता है यह एक अच्छी लकड़ी है और प्लाईवुड उद्योग के लिए सबसे पसंदीदा प्रजाति है लकड़ी का उपयोग पैकिंग के लिए, छत के तख्तों, भवन निर्माण के उद्देश्यों, कृषि उपकरणों, पेंसिलों, माचिस की डिब्बी, मोचियों, संगीत वाद्ययंत्रों और चाय के बक्सों के लिए भी किया जाता है क्योंकि लकड़ी स्वयं द्वारा दीमक रोधी होती है इस प्रकार, इसकी बहुउद्देशीय उपयोगिताओं के कारण प्रजाति का एक तैयार और सुनिश्चित बाजार है प्रजाति भी अत्यधिक अनुकूलनीय है प्लाईवुड उद्योगों द्वारा प्रजाति की अत्यधिक मांग है
Posted by Sachin Singh
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:51 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:24 PM
सचिन जी तना छेदक की रोकथाम के लिए आप fame@20ml या coragen@60ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Sachin Singh
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:48 PM
Punjab
08-22-2019 01:26 PM
धान में UPL saaf@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल करें, धन्यवाद
Posted by Chandra Bhan Rajput
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:47 PM
Maharashtra
08-26-2019 11:22 PM
Posted by Samndar banna
Rajasthan
03-08-2019 09:46 PM
Punjab
08-16-2019 03:25 PM
आप नीम को 50 ग्राम VAM, 20 ग्राम एज़ोसपाईरीलियम और फास्फोबैक्टीरिया जरूर डालें इस से पौधे की ग्रोथ होना शुरू हो जाएगी धन्यवाद
Posted by sharan
Punjab
03-08-2019 09:45 PM
Punjab
08-05-2019 03:23 PM
Sharan ji saal 2018-19 vich jhona 1750, jhona (Grade A) 1770 si, saal 2019-20 is vaar jhone da smarthan mull 1815 ate jhona (Grade A) 1835 hai Thankyou.
Posted by jai sharma
Madhya Pradesh
03-08-2019 09:42 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:32 PM
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendaz.... (Read More)
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendazim 12% और mancozeb 63% वाला साल्ट हो, यह झंडे रोग की रोकथाम करता है
Posted by harbansh singh
Rajasthan
03-08-2019 09:41 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:28 PM
Ukheda rog ki roktham ke liye isme 200gm ridomil gold ja 400gm saaf ja 400gm m-45 ko 150 ltr paani mein daal kar prati acre pe spray krein. yeh bimaari thk ho jayegi.
Posted by Chandra Bhan Rajput
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:41 PM
Punjab
08-22-2019 01:31 PM
चंद्रा जी कृपया बताएं कि आपके पास ज़मीन कितनी है और मिट्टी कैसी है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by jai sharma
Madhya Pradesh
03-08-2019 09:41 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:34 PM
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendaz.... (Read More)
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendazim 12% और mancozeb 63% वाला साल्ट हो, यह झंडे रोग की रोकथाम करता है
Posted by kuldeep singh
Madhya Pradesh
03-08-2019 09:40 PM
Punjab
08-05-2019 03:39 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्च.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं,
Posted by Gautam
Punjab
03-08-2019 09:36 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:36 PM
ਜੇਕਰ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 5 ਤੋਂ ਘੱਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਜਮੀਨ ਵਿੱਚ ਕਲੀ ਪਾਓ ਅਤੇ ਜੇਕਰ pH 9.5 ਤੋ ਵੱਧ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਜਿਪਸਮ ਪਾਓ
Posted by गुरजन्ट सिंह
Rajasthan
03-08-2019 09:35 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:39 PM
आप इसकी 3G cutting करें, यह बढ़िया ढंग के फल लेने के बढ़िया तरीका है इसकी कटाई के समय पौधे की पहले टहनी से फूल तोड़ दिए जाते हैं इस टहनी के फूल और फल लगभग नर ही होते हैं, फिर दूसरी टहनी जो पहली टहनी से बनी होती है उसके फूल भी तोड़ दिए जाते हैं, इसके फल और फूल कुछ नर और मादा होते हैं इन्हें भी नहीं रखा जाता, अब जो दूसरी शाखा से त.... (Read More)
आप इसकी 3G cutting करें, यह बढ़िया ढंग के फल लेने के बढ़िया तरीका है इसकी कटाई के समय पौधे की पहले टहनी से फूल तोड़ दिए जाते हैं इस टहनी के फूल और फल लगभग नर ही होते हैं, फिर दूसरी टहनी जो पहली टहनी से बनी होती है उसके फूल भी तोड़ दिए जाते हैं, इसके फल और फूल कुछ नर और मादा होते हैं इन्हें भी नहीं रखा जाता, अब जो दूसरी शाखा से तीसरी शाखा निकली हुई होती है उसके फूल रखे जाते हैं इसे तीसरी तोड़ाई कहते हैं इसके फूल और फल लगभग मादा ही होते हैं
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਘੂਮਾਣ
Punjab
03-08-2019 09:29 PM
Punjab
08-22-2019 01:40 PM
ਸਿਉਕ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦਾ ਤਰੀਕਾ:- ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ :8-10 ਮੱਕੀ ਦੀ ਛੱਲੀ ਦੇ ਭੁੱਠੇ ਜਾਂ ਟਾਹਲੀ ਦੀ ਕੱਚੀ ਲੱਕੜ,ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ,ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ ਵਰਤੋਂ ਦਾ ਢੰਗ :• ਇੱਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਓ, ਉਸ ਤੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਮੋਰੀਆ ਕਰੋ • ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਗਿੱਲੀਆਂ ਜਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ਮ ਦੀ ਲੱਕੜ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਤੇ ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ ਬੰਨੋ • ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰਾਂ ਗੱਡੋ ਕਿ ਉਸਦਾ ਮੂੰ.... (Read More)
ਸਿਉਕ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦਾ ਤਰੀਕਾ:- ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ :8-10 ਮੱਕੀ ਦੀ ਛੱਲੀ ਦੇ ਭੁੱਠੇ ਜਾਂ ਟਾਹਲੀ ਦੀ ਕੱਚੀ ਲੱਕੜ,ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ,ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ ਵਰਤੋਂ ਦਾ ਢੰਗ :• ਇੱਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਓ, ਉਸ ਤੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਮੋਰੀਆ ਕਰੋ • ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਗਿੱਲੀਆਂ ਜਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ਮ ਦੀ ਲੱਕੜ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਤੇ ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ ਬੰਨੋ • ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰਾਂ ਗੱਡੋ ਕਿ ਉਸਦਾ ਮੂੰਹ ਜ਼ਮੀਨ ਤੋਂ 1 ਇੰਚ ਉੱਪਰ ਹੋਵੇ • ਕੁੱਝ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀ ਸਿਉਂਕ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਇਸ ਨੂੰ ਖੇਤ ਤੋਂ ਦੂਰ ਲਿਜਾ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸਿਉਂਕ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by parmjit singh
Punjab
03-08-2019 09:29 PM
Punjab
08-05-2019 03:41 PM
uss nu Udder-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, iss nal lewa ate dudh vdia tyar ho jawega.
Posted by gamit alpesh
Gujarat
03-08-2019 09:29 PM
Punjab
08-05-2019 03:29 PM
Gamit alpesh जी मोरिंगा के बीज के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क करें, धन्यवाद
Posted by गुरजन्ट सिंह
Rajasthan
03-08-2019 09:27 PM
Punjab
08-04-2019 08:46 AM
यह ज़्यादा बारिश के कारण हो रहा है, इसके ऊपर M-45@400gm या upl ki saaf@500gm या Z-78@400gm की प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, हो सके तो यदि पानी खड़ा है तो निकाल दें
Posted by raghuvir
Rajasthan
03-08-2019 09:23 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:43 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Chandra Bhan Rajput
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:21 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:49 PM
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रय.... (Read More)
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रयोग एक साल में एक बार किया जा सकता है यदि इस खाद को हम मई या जून के महीने में प्रयोग करते है तो बहुत फायदेमंद होता है इलायची की फसल में लगने वाले रोग की रोकथाम करने के लिए :-इलायची की फसल में मुख्य रूप से फंगल रोग और पेड़ों की झुरमुट सड़ांध है इस रोग से इलायची का पौधा बिलकुल बेकार हो जाता है जिससे हमे उन्नत किस्म की उपज नही मिलती इसकी रोकथाम करने के लिए हमे बीजों को ट्राईकोडरमा कीटनाशक दवा से उपचरित करके बोना चाहिए इसके आलावा इलायची की बुआई उचित समय पर करनी चाहिए इलायची का जो पौधा वायरस के प्रभाव में आ जाता है उसके वायरस को और ना बढ़ने दें रोगग्रस्त पौधे को उखाड़कर जलाकर नष्ट कर दें इलायची की खेती करने के लिए 10 डिग्री से 30 डिग्री का तापमान सबसे उत्तम माना जाता है तापमान के साथ – साथ इलायची की अधिक उपज लेने के लिए नमी युक्त स्थान और छायादार स्थान का होना बहुत जरूरी है
Posted by mika
Punjab
03-08-2019 09:19 PM
Maharashtra
08-22-2019 01:49 PM
ਨੁਕਸਾਨੇ ਫ਼ਲ ਹਰ ਹਫਤੇ ਤੋੜ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਓ ਨਰਸਰੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 1 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰਾਈਜ਼ੋਫੋਸ 20 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਅਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਮ ਐਕਸਟ੍ਰੈਕਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ 10-15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਦੋਬਾਰਾ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਕੋਰਾਜੈੱਨ 18.5% ਐੱਸ.ਸੀ. 5 ਮਿ.ਲੀ. + ਟੀਪੋਲ 5 ਮਿ.ਲੀ. ਦਾ ਘੋਲ 12 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 20 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਦੋ ਵਾਰ ਸ.... (Read More)
ਨੁਕਸਾਨੇ ਫ਼ਲ ਹਰ ਹਫਤੇ ਤੋੜ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਓ ਨਰਸਰੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 1 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰਾਈਜ਼ੋਫੋਸ 20 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਅਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਮ ਐਕਸਟ੍ਰੈਕਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ 10-15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਦੋਬਾਰਾ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਕੋਰਾਜੈੱਨ 18.5% ਐੱਸ.ਸੀ. 5 ਮਿ.ਲੀ. + ਟੀਪੋਲ 5 ਮਿ.ਲੀ. ਦਾ ਘੋਲ 12 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 20 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਦੋ ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਹਮਲੇ ਵਿੱਚ 5% ਨਿੰਮ ਐਕਸਟ੍ਰੈਕਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਣ ਤੇ 25% ਸਾਈਪਰਮੈਥਰੀਨ 2.4 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧ ਜਾਣ ਤੇ ਸਪਾਈਨੋਸੈੱਡ 1 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਫਲ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰਾਈਜ਼ੋਫੋਸ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਨਾ ਕਰੋ
Posted by sudhir.Saharan
Haryana
03-08-2019 09:12 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:04 PM
धान के बढ़िया फुटाव के लिए अब आप यूरिया के साथ biovita @8 किलो या फिर टाटा की ralli gold @4 किलो को प्रति एकड़ में इसका छींटा दें, इससे आपका धान बढ़िया फुटाव कर लेगा
Posted by sudhir.Saharan
Haryana
03-08-2019 09:08 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:23 PM
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendaz.... (Read More)
झंडे रोग की रोकथाम के लिए UPL की saaf@400gm को यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं जो अब यूरिया डालोगे इसके साथ आप इसका छींटा दें, इसके इलावा आप oswal की combo 75@400gm प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया के साथ छींटा दे सकते हो यह कुछ हद तक कण्ट्रोल हो जाएगा यदि आप किसी और कंपनी की दवाई लेना चाहते है तो यह ध्यान रखें की उस दवाई में carbendazim 12% और mancozeb 63% वाला साल्ट हो, यह झंडे रोग की रोकथाम करता है
Posted by gurshminder singh
Punjab
03-08-2019 09:06 PM
Punjab
08-04-2019 09:25 AM
nahi ji theke di jameen te loan pas nai karde ji.
Posted by Avadhnath Singh
Uttar Pradesh
03-08-2019 09:06 PM
Punjab
08-05-2019 03:43 PM
Usko aap byane ke 1 hafte ke badd Flukarid-ds bolus de skte hai aur Broton liquid 50ml rojana de skte hai, isse liver achi trah kam krega aur khaya huaa assani se hajam ho jayega. baki uski khurak ka pura dhyan rkhen.
Posted by jagjeet singh jeet
Punjab
03-08-2019 09:05 PM
Punjab
08-05-2019 03:44 PM
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਮੂੰਹ ਖੁਰ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਦੂਜੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 gram, Nonavet injection 15ml ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ Goheal ਸਪਰੇ ਮਾਰਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਪਰੇ Goel vet pharma company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by satnam Singh
Punjab
03-08-2019 09:02 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:26 PM
ਫੁਲ ਗੋਭੀ:- ਇਹ ਫਸਲ ਹਲਕੀ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਦੇਰ ਨਾਲ ਬੀਜਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਭਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਨੂੰ ਮਹੱਤਤਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀਆਂ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਰਤੋ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 6-7 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਘੱਟ pH ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕਲੀ ਪਾਉ Pusa Snowball 1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾ.... (Read More)
ਫੁਲ ਗੋਭੀ:- ਇਹ ਫਸਲ ਹਲਕੀ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਦੇਰ ਨਾਲ ਬੀਜਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਭਾਰੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਨੂੰ ਮਹੱਤਤਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀਆਂ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਰਤੋ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 6-7 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਘੱਟ pH ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕਲੀ ਪਾਉ Pusa Snowball 1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲੇ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਨੂੰ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਸਫੇਦ ਬਰਫ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ Pusa Snowball K-1: ਇਹ ਕਿਸਮ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ 100 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਹਰਲੇ ਪੱਤੇ ਉੱਪਰ ਨੂੰ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਅਕਾਰ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਸਫੇਦ ਬਰਫ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਵਹਾਈ ਕਰਕੇ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਅਖੀਰਲੀ ਵਹਾਈ ਵੇਲੇ ਰੂੜੀ ਦੀ ਗਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਰਲਾ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਗੇਤੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਕਿਸਮ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਮੁੱਢਲੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਕਿਸਮ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੱਧ ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਪਿਛੇਤੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਮੁੱਢਲੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ 45x45 ਸੈ:ਮੀ: ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਅਗੇਤੀ ਅਤੇ ਪਿਛੇਤੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 45x30 ਸੈ:ਮੀ: ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 1-2 ਸੈ:ਮੀ: ਡੂੰਘਾ ਬੀਜਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜਰੂਰਤ ਅਨੁਸਾਰ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਪੌਦੇ ਜਾਂ ਪਨੀਰੀ ਨਵੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 3-4 ਹਫਤੇ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦੇ ਹੀ ਵਰਤੋ ਜਲਦੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਬੀਜ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਢਲੀ ਰੁੱਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਦੇਰ ਨਾਲ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਬੀਜ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਪੂਰਾ ਫੁੱਲ ਬਨਣ ਤੇ ਫਸਲ ਕੱਟ ਲਉ ਸਵੇਰ ਦੇ ਸਮੇਂ ਫੁੱਲ ਨੂੰ ਵੱਢ ਲਉ ਫੁੱਲਾਂ ਨੁੰ ਠੰਡੀ ਜਗਾ ਤੇ ਕੱਟ ਕੇ ਰੱਖੋ ਮੂਲੀ ਦੀ ਖੇਤੀ :-ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਦੀਆਂ ਕਈ ਕਿਸਮਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਭੁਰਭੁਰੀ, ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਨਤੀਜਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਭਾਰੀ ਅਤੇ ਠੋਸ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ(ਫਲ) ਟੇਢੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਫਸਲ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 5.5-6.8 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਹਲ ਨਾਲ ਜੋਤੋ ਅਤੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨਾਂ ਅਤੇ ਢੇਲਿਆਂ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਕਰੋ ਹਰ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 5-10 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਨੂੰ ਖੇਤ ਚ ਨਾ ਪਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੋ-ਮੂੰਹੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ:- Pusa Himani: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜਨਵਰੀ-ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ Japanese white: ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਵੰਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਮੀਟਰ ਦਾ ਰੱਖੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 55 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 12 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਹਵਾਦਾਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਅਤੇ ਕਹੀ ਜਾਂ ਕਸੀਏ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਦੇ ਬਾਅਦ ਵੱਟਾਂ ‘ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਚੜਾਓ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ, ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਬਾਕੀ ਦੀਆਂ ਸਿੰਚਾਈਆਂ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ‘ਤੇ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਦਾ ਆਕਾਰ ਵਧੇਗਾ ਅਤੇ ਫਲ ਉੱਤੇ ਬਾਲਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਤਾਜ਼ਾ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਬਦਬੂ ਘਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਕਿਸਮ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-60 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੁਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪੁਟਾਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਉਖਾੜ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਉਖਾੜੇ ਗਏ ਫਲਾਂ ਨੂੰ ਧੋ ਕੇ ਆਕਾਰ ਅਨੁਸਾਰ ਛਾਂਟ ਲਓ
Posted by Narinder
Punjab
03-08-2019 08:57 PM
Posted by sudhir.Saharan
Haryana
03-08-2019 08:47 PM
Punjab
08-22-2019 03:31 PM
Posted by Johal Saab
Punjab
03-08-2019 08:45 PM
Punjab
08-05-2019 03:46 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by Harveer Gill
Punjab
03-08-2019 08:40 PM
Maharashtra
08-13-2019 04:46 PM
Jhande rog di roktham de lyi UPL di saaf@400gm nu urea de nal mila ke shitta de deo. jo hun tuc urea paoge iss de nal iss da shitta de deo. iss ton ilaava tuc oswal di combo 75@400gm prati acre de hisaab nal urea de nal shitta de skde ho. ihh kuch hadd tak control ho jawega. jekar tuc ihna kise hor company di v dwaayi lainde ho tan ihh dhyan rakho ki uss dwaayi de vich carbendazim 12% ate mancozeb 63% wala salt howe. ihh jhande rog di roktham krda Hai.
Posted by ritik
Uttar Pradesh
03-08-2019 08:35 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:36 PM
ritik ji kripya btay eke aap dhan ke bare men kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad
Posted by Hardeep Sidhu
Punjab
03-08-2019 08:35 PM
Punjab
08-05-2019 10:51 AM
Hardeep Sidhu ji Aloo da rate 600-800/q tak chal reha hai. Thankyou.
Posted by ritik
Uttar Pradesh
03-08-2019 08:34 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:36 PM
Posted by vikash
Rajasthan
03-08-2019 08:33 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:40 PM
Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸ਼ਿੰਘ
Punjab
03-08-2019 08:31 PM
Rajasthan
08-05-2019 03:46 PM
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਲੋਨ ਦੇ ਲਈ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ .... (Read More)
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਲੋਨ ਦੇ ਲਈ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਯੂਟਿੳਬ ਤੇ apni kheti ਲਿ਼ਖ ਕੇ ਚੈਨਲ ਸਰਚ ਕਰੋ ਤੇ ਉਸ ਚੈਨਲ ਦੁਆਰਾ ਅੱਪਲੋਡ ਕੀਤੀਆ ਹੋਈਆ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਵੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਕ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਵਾਲੀ ਵੀਡਿਓ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by Jagmeet Singh
Punjab
03-08-2019 08:28 PM
Maharashtra
08-22-2019 03:46 PM
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ mancozeb @400 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Anup Kishore bara
Jharkhand
03-08-2019 08:22 PM
Posted by ਸਵਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
03-08-2019 08:20 PM
Punjab
08-05-2019 03:50 PM
ਤੁਸੀ Butox ਦਵਾਈ ਨੂੰ 2ml/1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਉਪਰ ਛਿੜਕਾਵ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਚੱਟ ਲਵੇ ਤਾਂ ਇਸਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸਰੀਰ ਤੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਓਹਨਾ ਦੇ ਚਾਰੇ, ਫੀਡ ਤੇ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਹ ਤੁਸੀ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਟਾਈਮ ਜਦੋ ਮੱਖੀਆਂ ਮੱਛਰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਉਦੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ