
Posted by nathusingh Norke
Madhya Pradesh
04-08-2019 08:54 AM
Nathu ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by maniraj kharwar
Uttar Pradesh
04-08-2019 08:53 AM
pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा

Posted by sachin
Madhya Pradesh
04-08-2019 08:52 AM
Usko aap pett ke kirro ke liye flukarid-ds bolus den, iske sath aap cargill ki hiefer dry feed ya jo apki cow khati hai wohi de skte hai, baki aap usko enerboost powder 50-50gm subah sham dena shuru kren, isse achi growth ho jayegi.

Posted by Deepak kumar gothwal
Rajasthan
04-08-2019 08:51 AM
yeg goli pashu ke pet ke kido ke liye hoti hai. ise pasu ke pet ki deworming karne ke liye use kiya jata hai ji.
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
04-08-2019 08:19 AM
sarbjit ji tuc isdi varto kar sakde ho.isdi matra 8 kilo prati acre de hisab nal vart sakde ho.dhanwad
Posted by Deeparam Dewasi
Rajasthan
04-08-2019 08:17 AM
Deeparam ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chathe hai tan jo apko sahi jankari di ja ske.
Posted by saddam hussain
Rajasthan
04-08-2019 08:08 AM

Posted by Pankaj Gagneja
Punjab
04-08-2019 08:07 AM
Posted by Manpreet Singh brar
Punjab
04-08-2019 08:06 AM
Manpreet Singh brar ji Kisan Credit Card (KCC) is Yojana da labh bharat vich majud kise vi bank to lea ja sakda hai, eh Credit tuhanu tuhadi Janeen ate fasal de anusar bank valo nirdharit kita janda hai is bare hor jeada jankari lai tusi apne najdiki bank ja fir jithe tuhada pehla bank khata chal reha hai nal samparak kar sakde ho. bank jan to pehla tusi apne nal apni jameen di Jamabandi, Farrd, Gardori ate Jmeen da naksha jrur nal le ke jao ta jo Bank tuhanu sahi jankari de sake.
Posted by Manpreet Singh brar
Punjab
04-08-2019 08:05 AM
manpreet ji tuc isdi varto kar sakde ho jekar tuc isdi spry karna chahunde ho ta isdi matra 2 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray kiti jandihai.dhnwad

Posted by sanjeev
Uttar Pradesh
04-08-2019 08:05 AM
इसमें आप Chelated zinc@200gm +loha@125gm मिलाकर स्प्रे करें, यूरिया के साथ नीचे भी जिंक 10kg 33% वाली दवाई डालें, यह पत्ते ठीक हो जाएंगे
Posted by gurshminder singh
Punjab
04-08-2019 07:58 AM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਣੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲ.... (Read More)
ਇਸਦੇ ਲਈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਣੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ.

Posted by gurinderpal singh
Punjab
04-08-2019 07:54 AM
isde uper NPK 191919 10 gram nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by gurinderpal singh
Punjab
04-08-2019 07:52 AM
isde uper tuc NPK 191919 ik kilo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by sandeep sidhu
Punjab
04-08-2019 07:39 AM
Sandeep sidhu to get all information about pearl farming please contect with me 9711858258, Thankyou.
Posted by AMANDEEP
Punjab
04-08-2019 07:31 AM
aman ji regent ik keetnashak hai jo jhone vich patta lapet ate gobh di sundi di roktham kardi hai.
Posted by AMANDEEP
Punjab
04-08-2019 07:21 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
04-08-2019 06:58 AM
Posted by udaylaldhaker
Rajasthan
04-08-2019 06:54 AM
Uday ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap papita ke bare mai kya jankari lena chathe hai tan jo apko sahi jankari di ja ske.

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
04-08-2019 06:53 AM
Posted by Jagmeet Singh
Punjab
04-08-2019 06:52 AM
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਇਹ ਸਕੀਮ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਆਈ ਸੀ , ਹੁਣ ਇਸ ਸਮੇ ਕੋਈ ਸਕੀਮ ਨਹੀਂ,
Posted by udaylaldhaker
Rajasthan
04-08-2019 06:50 AM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह .... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by mohd ashraf khan
Uttar Pradesh
04-08-2019 06:48 AM
Mohd ji agar iski gobh men sundi hai to aap iske uper fame@20ml ya coragen@60ml ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.
Posted by ਹਰਜੀਤ ਗਿੱਲ
Punjab
04-08-2019 06:47 AM
tuci usda bhukar check krwao jekar uss nu bhukar hai tan nazdiki doctor ton usda ilag krwao jekar bhukar nhi hai tan tuci uss nu Broton liquid 50ml rojana, sharkoferol liquid 50ml-50ml swere sham dena suru kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by udaylaldhaker
Rajasthan
04-08-2019 06:46 AM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह .... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by mithilesh kumar
Uttar Pradesh
04-08-2019 06:44 AM
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित क.... (Read More)
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं, पंक्ति से पंक्ति में फासला 30-40 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-40 सैं.मी. का फासला रखें एक एकड़ खेत में 4-5 किलोग्राम बीज काफी है जड़ों के उचित विकास के लिए बिजाई मेंड़ों पर करें नदीनों की रोकथाम और मिट्टी को हवादार बनाने के लिए हाथों से और कही की सहायता से गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के 2-3 सप्ताह बाद करें गोडाई के बाद, मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं बिजाई के बाद, पहली सिंचाई करें गर्मियों में मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी की सिंचाईयां 6-7 दिनों में करें और सर्दियों में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें ज्यादा सिंचाइयां देने से परहेज़ करें इससे जड़ों का आकार बेढंगा और जड़ों के ऊपर बालों की वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है गर्मियों के मौसम में, कटाई से पहले हल्की सिंचाई करें इससे फल तजव रहते है और दुर्गंध कम हो जाती है फसल की किस्म के अनुसार, मूली बिजाई के 25-60 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है पुटाई हाथों से पौधे को उखाड़कर की जाती है उखाड़ी गई जड़ों को धोएं और इनके आकार के अनुसार छांटे

Posted by gurbx
Punjab
04-08-2019 06:35 AM
ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by krishna sahni
Bihar
04-08-2019 06:31 AM
krishan ji aap kamjor fasl ke uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by jagjeet singh jeet
Punjab
04-08-2019 06:20 AM
ਜੇਕਰ ਮੱਝ ਨੂੰ ਮੂੰਹ ਖੁਰ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਦੂਜੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 gram, Nonavet injection 15ml ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ Goheal ਸਪਰੇ ਮਾਰਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਪਰੇ Goel vet pharma company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
04-08-2019 06:20 AM
Anasari ji kirpya app audio dubara upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee, apke dubara bheji gyi audio upload nhi hui hai..

Posted by imran ahmad ansari
Madhya Pradesh
04-08-2019 06:17 AM
इमरान जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
04-08-2019 06:13 AM
बिवनेश जी नाइट्रोजन की पूर्ती के लिए आपको यूरिया ही डालनी पड़ेगी अगर आप हरी खाद की बिजाई करते है तो आपको खेत में यूरिया डालने की बहुत कम जरूरत होती है धन्यवाद

Posted by धर्मेंद्र कुमार सिंह
Uttar Pradesh
04-08-2019 06:06 AM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
04-08-2019 05:52 AM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ 1815 ਹੈ ਅਤੇ A grade ਦਾ 1835 ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Laddi
Punjab
04-08-2019 05:03 AM
Jhone de vich patta lapet di roktham de lyi tata tukumi@100gm ja coragen@60ml ja fame@20ml ja lambda@200ml nu 150 ltr pani de nal mila ke spray kr skde ho. iss ton ilaava tuc padan@5-7kg ja ferterra@4kg ja regent ultra@4kg prati acre de hisaab nal shitta de skde ho.

Posted by vishal
Uttar Pradesh
04-08-2019 04:56 AM
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Bomby (red col.... (Read More)
इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Bomby (red color): यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह किस्म लम्बी, पौधे मज़बूत और शाखाएं फैलने वाली होती हैं इसके फलों के विकास के लिए पर्याप्त छाया की जरूरत होती है इसके फल गहरे हरे होते है और पकने के समय यह लाल रंग के हो जाते हैं, इसका औसतन भार 130-150 ग्राम होता है इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है Orobelle (yellow color): यह किस्म मुख्यतः ठंडे मौसम में विकसित होती है इसके फल ज्यादातर वर्गाकार, सामान्य और मोटे छिलके वाले होते है इसके फल पकने के समय पीले रंग के होते है, जिनका औसतन भार 150 ग्राम होता है यह किस्म बीमारीयों की रोधक किस्म है जो कि ग्रीन हाउस और खुले खेत में विकसित होती है Indra (green): यह किस्म लम्बी और देखने में झाड़ीदार होती है इसके पत्ते गहरे हरे रंग के और घने गुच्छों में होते है इस किस्म के फल गहरे हरे रंग के होते हैं,जिनका औसतन भार 170 ग्राम होता है फल विकसित होने के बाद 50-55 दिनों में बिजाई के लिए तैयार होते हैं इसके फलों को ज्यादा समय के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है और यह ज्यादा दूरी वाले स्थान पर लेजाने के लिए उचित होते है शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें मिट्टी से होने वाली बीमारीयों से बचाने के लिए बिजाई से पहले थीरम या कप्तान, सिरेसन आदि 2 ग्राम में प्रति किलो बीजों को भिगोएं शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब पौधे के 4-5 पत्ते निकलने शुरू हो जाये तो आरोपण करें मुख्य खेत में आरोपण किया जाता है आरोपण आमतौर पर बरसात के मौसम में किया जाता है आरोपण के लिए मुख्यतः 50-60 दिनों की पौध का प्रयोग किया जाता है आरोपण से पहले नर्सरी बैडों को पानी लगाएं ताकि पौधे को आसानी से उखाड़ा जा सके फसल की बढ़िया पैदावार के लिए, उचित समय के अंतराल पर गोड़ाई करें नए पौधों के रोपण के 2-3 हफ्ते बाद मेंड़ पर मिट्टी चढ़ाएं यह खेत को नदीन मुक्त करने में मदद करती है रोपण के 30 दिनों के बाद पहली गोड़ाई और 60 दिनों के बाद दूसरी गोड़ाई करें
Posted by Danish saudagar
Maharashtra
04-08-2019 02:37 AM
Posted by विकास चौहान
Uttarakhand
04-08-2019 02:09 AM
आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, बीन, टमाटर, काली सरसों के बीज, पालक, धनिया, ब्रसल्स स्प्राउट, चौलाई की बिजाई कर सकते है
Posted by surendra Prasad kushwaha
Jharkhand
04-08-2019 02:00 AM
जी हां आप वहां उन्हें रख सकते है आप वहां पूरी साफ सफाई का ध्यान रखें और वहां लाईट का पूरा प्रबंध रखें और उनकी खुराक का भी पूरा ध्यान रखें और वहां ज्यादा गर्मी नहीं होनी चाहिए
Posted by surendra Prasad kushwaha
Jharkhand
04-08-2019 01:30 AM
जी हां आप बकरी को नमक दे सकते है जो पाकिस्तानी नमक की पेसी होती है उसमें से रोजाना थोडा थोडा दे सकते है
Posted by akshay
Maharashtra
04-08-2019 12:30 AM
Akshay ji jyada egg deni wali nasal aap BV300 rakh skte hai yeh sall mai 300 egg de skti hai.
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