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Posted by Hardeep Brar
Punjab
06-08-2019 06:00 PM
Punjab
08-07-2019 02:45 PM
tuci uss nu Kol-L liquid 100ml rojana 5 din tak deo ate Biotrim-Ds bolus 1-1 swere sham deo, tuci ehh treatment krke dekho, jekar iss nal frak nhi penda tan tuci ussdi tazi mokk apne nazdiki polly clinic vich laa jao ate uthe Egg test, worm test krwao, jiss nal usdi mokk da karan ptta lgg jawega.
Posted by kawal
Punjab
06-08-2019 05:57 PM
Maharashtra
08-28-2019 01:18 AM
ਕੰਵਲ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 191919 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amandeep Singh
Punjab
06-08-2019 05:55 PM
Punjab
08-07-2019 02:46 PM
uss nu 250gm saro da tel, 100ml haldi, 250gm dahi uss vich mix krke dena suru kro ate nazdiki doctor ton injection v lgwao..
Posted by Ashwani Rai
Uttar Pradesh
06-08-2019 05:54 PM
Maharashtra
08-28-2019 01:22 AM
अश्वनी जी कृपया आप अपने खेत की मिटटी की किसम बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by gurshminder singh
Punjab
06-08-2019 05:41 PM
Punjab
08-06-2019 05:58 PM
Gurshminder singh iss di bijaayi end october ton lai ke november mahine de vich kiti jandi hai. Par punjab de vich iss nu ugaun di sifarish nahi kiti jandi hai. iss nu gair kanooni fasal mannya janda hai.
Posted by Lovedeep Singh
Punjab
06-08-2019 05:38 PM
Punjab
08-07-2019 05:56 PM
lovedeep ji isdi growth de layi tuc NPK 191919@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by gill
Chandigarh
06-08-2019 05:32 PM
Punjab
08-06-2019 06:10 PM
Gill ji jhone da smarthan mul (MSP 2019-20) Rs. 1815, Grade A - 1835 hai, Thank you.
Posted by rakesh kumar
Himachal Pradesh
06-08-2019 05:25 PM
Punjab
08-07-2019 02:50 PM
UseLixen palatab bolus 1-1 subh sham de ate 6 din tak dete rahein, baki use Nutrich bolus 1-1 subeh sham 15 din tak ate Vitum-h liquid 5ml rojana de, isse farak pad jayega.
Posted by sukhraj gill
Punjab
06-08-2019 05:15 PM
Punjab
08-06-2019 05:53 PM
ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਅਗਲੀ 4 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 13-08-2019 ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਅਗਲੀ 4 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 13-08-2019 ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by धर्मपाल सिंह
Uttar Pradesh
06-08-2019 05:09 PM

?

Punjab
08-06-2019 05:39 PM
धर्मपाल जी कृप्या आप ओडियों दोबारा अपलोड करें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियों अपलोड नहीं हुई है कृप्या दोबारा भेंजे ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by gill
Chandigarh
06-08-2019 05:02 PM
Punjab
08-06-2019 06:22 PM
गिल जी 2018-19 धान का MSP 1750, ग्रेड A 1770 था, धन्यवाद
Posted by sukhjinder singh
Punjab
06-08-2019 04:47 PM
Punjab
08-06-2019 05:00 PM
ਸੋਲਰ ਸਿਸਟਮ ਕਿੱਲੋਵਾਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 1 ਕਿਲੋਵਾਟ ਦਾ ਲੱਗਭੱਗ 60000 ਰੁਪਏ ਦਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਹਾਡੇ ਘਰ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਪਤਾ ਚੱਲੇਗਾ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਲੋਡ ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਹੈ ਤੇ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਦੀ ਜਗਾਂ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਲਗਾਉਣਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਾਰਾ ਦੇਖ ਕੇ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ ਅਜੇ ਕੋਈ ਆ ਰਹੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ 9216804444 ਨੰਬਰ ਤੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਸੋਲਰ ਸਿਸਟਮ ਕਿੱਲੋਵਾਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 1 ਕਿਲੋਵਾਟ ਦਾ ਲੱਗਭੱਗ 60000 ਰੁਪਏ ਦਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਹਾਡੇ ਘਰ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਪਤਾ ਚੱਲੇਗਾ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਲੋਡ ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਹੈ ਤੇ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਦੀ ਜਗਾਂ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਲਗਾਉਣਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਾਰਾ ਦੇਖ ਕੇ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ ਅਜੇ ਕੋਈ ਆ ਰਹੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ 9216804444 ਨੰਬਰ ਤੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Govind nagar
Madhya Pradesh
06-08-2019 04:47 PM
Punjab
08-06-2019 04:58 PM
यदि आप मुर्गी पालन करना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना .... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन करना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है ,उस ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन भी मिल जाएगा इसकी पूरी जानकारी आपको ट्रेनिंग में मिल जाएगी बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी, इस तरह आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है. बच्चे लेने से के लिए आप 8006000291, 7906547529 सुमित कुमार Poultry Farm All Desi & Farmi Chicks से संपर्क कर सकते है
Posted by virpal singh
Punjab
06-08-2019 04:46 PM
Punjab
12-03-2019 09:32 AM
virpal ji kirpa karke kisam da poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Ysahu
Chattisgarh
06-08-2019 04:42 PM
Maharashtra
12-03-2019 09:36 AM
आमतौर पर पाम की कुछ किस्में ही उगाई जाती हैं- कॉर्डिलाइन, ऑस्ट्रेलियाज (कैबिज ट्री) और चाइनीज विंडमिल पाम इन किस्मों के पाम के लिए तेज धूप, रोशनी और पानी की जरूरत होती है कुछ मरुस्थली पाम भी होते हैं, इनके लिए ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती इसकी कुछ किस्में छायादार, नमी वाले वातावरण में भी पनप जाती हैं पाम के.... (Read More)
आमतौर पर पाम की कुछ किस्में ही उगाई जाती हैं- कॉर्डिलाइन, ऑस्ट्रेलियाज (कैबिज ट्री) और चाइनीज विंडमिल पाम इन किस्मों के पाम के लिए तेज धूप, रोशनी और पानी की जरूरत होती है कुछ मरुस्थली पाम भी होते हैं, इनके लिए ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती इसकी कुछ किस्में छायादार, नमी वाले वातावरण में भी पनप जाती हैं पाम के बारे में यह माना जाता है कि इसे ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती लेकिन इसे नियमित खाद-पानी के जरिए लंबे समय तक हरा-भरा रखा जा सकता है कैंटिया पाम, पाम की एक ऐसी किस्म है, जो घर के भीतर लगाई जा सकती है, लेकिन ग्रो करने पर यह बड़ा पेड़ बन जाता है अगर इसके साइज को छोटा रखना हो तो इसकी कटिंग करते रहना चाहिए पाम की कई ऐसी किस्में हैं, जो अच्छी देखभाल से, कुछ सालों में बढ़कर बड़ा पेड़ बन जाती हैं इस पेड़ की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसे ऊपर से ट्रिम नहीं करना पड़ता है सभी पाम बीच के हिस्से बढ़ते हैं, ऊपर से काट देने पर इनका बढ़ना रुक जाता है पाम प्लांट लगाने से पहले मिट्टी को तैयार करें अगर इसे गमले में लगाना है तो पहले जमीन की मिट्टी में लगाकर फिर गमले में लगाएं लगाते समय इसके तने को जमीन के भीतर गहरा गड्ढा खोदकर लगाएं अगर इसे एक जगह से दूसरी जगह लगाना है तो पहले की तुलना में गड्ढा ज्यादा गहरा खोदें अगर इसे नर्सरी से खरीद रही हैं तो यह डेढ़ मीटर यानी 5 फीट की ऊंचाई का ही लें, इसकी दो से तीन शाखाएं मिट्टी से ऊपर होनी चाहिए पाम लगाने के बाद इसमें रोज पानी देना जरूरी है पर्लर और कैंटिया पाम तेज धूप में खराब हो जाते हैं लेकिन पिगमी डेट और वाशिंगटन पाम धूप बर्दाश्त कर लेते हैं इन्हें एक बार गमले में लगाकर बार-बार दूसरी जगह नहीं लगाना चाहिए इससे इनकी ग्रोथ रुक जाती है यह गर्म स्थान का पौधा है, इसलिए इसके गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए, इससे इसकी जड़ें सड़ सकती हैं इसके अलावा इस पौधे में पाम फर्टिलाइजर इस्तेमाल करना चाहिए, जो पोटैशियम, मैगनींज और दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर होती है ऐसा न करने पर पोटैशियम की कमी के कारण पत्तियां पीली हो सकती हैं पाम की ज्यादा कटाई-छंटाई नहीं करनी चाहिए पत्तियां पीली हों तो ही उन्हें हटाना चाहिए इनकी कटिंग, इसके साइज लोकेशन पर डिपेंड करती है अगर इसे घर के भीतर लगाकर रखना चाहती हैं तो ध्यान रहे इसमें फूल कम आते हैं लेकिन इसकी कई किस्में सालों-साल हरी-भरी रहती हैं
Posted by gurjot bajwa
Punjab
06-08-2019 04:39 PM
Punjab
08-06-2019 05:41 PM
Gurjot ji mineral mixture nal pashu nu mineral ate vitamin milde hai jiss nal sarir di kami puri hundi rehndi hai ate pashu jldi nawe dudh ho jnda hai, tuci apne pashua nu rojana 50gm de skde ho ehh tuci gaban nu v de skde ho, iss nal vdia growth hundi hai.
Posted by prince
Punjab
06-08-2019 04:37 PM
Punjab
08-06-2019 05:43 PM
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਲਕੋਰੀਏ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਉਸ ਨੂੰ Powder Mac-sure-L 1kg 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਉ ਨਾਲ ਹੀ 250ਗ੍ਰਾਮ ਜੋੰ-ਖਾਰ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ, 250ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਤੇ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਫੜਕੜੀ ਲਉ ਤੇ ਖਿਲ ਕਰੋ ਫਿਰ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਰਗੜ ਕੇ ਪੋਡਰ ਬਣਾਉ ਤੇ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਖਾਲੀ ਪੇਟ ਦਿਉ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਜਲਦੀ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
06-08-2019 04:20 PM
Maharashtra
08-28-2019 01:37 AM
प्रकाश चन्द्र जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप ऊसर किसे कह रहे है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Rajesh khanna
Uttar Pradesh
06-08-2019 04:18 PM
Punjab
08-06-2019 07:33 PM
Dhan mein NPK ki spray ka benefit nisare ke time jyada milega..
Posted by प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
06-08-2019 04:16 PM
Maharashtra
12-03-2019 09:38 AM
तोरिया की बिजाई के लिए सितंबर का पहले पखवाड़े का समय उपयुक्त होता है Bhavani किस्म के लिए, बिजाई सितंबर के दूसरे पखवाड़े में पूरी कर लें
Posted by Rahul
Haryana
06-08-2019 04:13 PM
Punjab
08-06-2019 07:34 PM
Rahul g dhan mein Nomniee gold @100 ml per ke hisab se spray kr skte ho g..
Posted by Happy Bajwa
Punjab
06-08-2019 04:10 PM
Punjab
08-06-2019 05:10 PM
ਹੈਪੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ round up ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
06-08-2019 04:08 PM
Maharashtra
12-03-2019 09:39 AM
बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई के पहले पखवाड़े का समय अनुकूल होता है
Posted by Raghbir
Punjab
06-08-2019 04:08 PM
Punjab
08-06-2019 05:46 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ , Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ.
Posted by Satveer Singh Brar
Punjab
06-08-2019 04:05 PM
Punjab
12-03-2019 09:42 AM
ਸਤਵੀਰ ਜੀ ਅਮਰੂਦ ਨੂੰ ਫ਼ਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 3 -4 ਸਾਲ ਤਕ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਇਸਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸਨੂੰ ਫ਼ਲ ਨਹੀਂ ਲਗੇਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ritik
Uttar Pradesh
06-08-2019 03:43 PM
Maharashtra
12-03-2019 11:33 AM
ritik ji kripya btaye ke aap konse karpatvar ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sarwan Kumar bishnoi
Rajasthan
06-08-2019 03:36 PM
Punjab
08-06-2019 05:02 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by taranjit singh
Punjab
06-08-2019 03:35 PM
Rajasthan
08-06-2019 06:04 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਹੈ ਸੈੱਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੂਰਬ-ਪੱਛਮ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਹੈ ਸੈੱਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੂਰਬ-ਪੱਛਮ ਵੱਲ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਸ਼ੈੱਡ 70x26 ਦਾ ਬਣਾ ਲਓ ਸ਼ੈਡ ਦੇ ਦੋਨਾ ਸਾਈਡ ਤੇ 10-10 ਪਸ਼ੂ ਬੰਨ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਸ਼ੈਡ ਦੋਨਾ ਖੁਰਲੀਆਂ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਫੁੱਟ ਨੀਵਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਚਕਾਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਮਲਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੋਵੇ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ.
Posted by sikandar kumar majhi
Bihar
06-08-2019 03:32 PM
Punjab
08-07-2019 01:10 PM
सिकंदर जी आप अगस्त में सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, बीन, टमाटर, काली सरसों के बीज, पालक, धनिया, ब्रसल्स स्प्राउट, चौलाई की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Raja Brar Kamrani
Rajasthan
06-08-2019 03:21 PM
Posted by Amrit Sandhu
Punjab
06-08-2019 03:17 PM
Punjab
08-06-2019 07:43 PM
Posted by bhagwansingh
Rajasthan
06-08-2019 02:59 PM
Punjab
08-06-2019 05:15 PM
Bhagwan singh ji desi Chuje lene ke liye aap Man Singh 9649050050 Shree Karni group se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by Ankit Pawar
Madhya Pradesh
06-08-2019 02:49 PM
Punjab
08-07-2019 01:16 PM
अंकित जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Amritunjay kumar
Bihar
06-08-2019 02:47 PM
Maharashtra
12-03-2019 11:35 AM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by Iqbal singh
Punjab
06-08-2019 02:47 PM
Punjab
08-07-2019 02:54 PM
Iqbal ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci app vich apne swala de jwab dekh skde ho.
Posted by Usman Ali
Uttar Pradesh
06-08-2019 02:44 PM
Punjab
08-06-2019 05:16 PM
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धा.... (Read More)
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धान में प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं पहला तरीका है कि इसे ड्रम में भिगो लें और 5—6 दिन लगातार इसे हिलाते रहें और इस घोल को पानी देने वाले दिन खेत में डाल दें दूसरा तरीका यह है कि इसे बारीक कूटकर इसका छींटा ज़मीन में दे सकते हैं इसे प्रयोग करने का सही समय जब धान 15—20 दिनों का हो क्योंकि इस समय जड़ों का सबसे अधिक विकास होता है इसकी मात्रा एक एकड़ में सिर्फ 16 किलो का प्रयोग कर सकते हैं रेते वाले और बारानी ज़मीन में हम 20 किलो प्रयोग कर सकते हैं
Posted by ईश्वर वास्कले
Madhya Pradesh
06-08-2019 02:41 PM
Punjab
08-06-2019 06:11 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by कृष्ण गोपाल चौधरी
Uttar Pradesh
06-08-2019 02:40 PM
Maharashtra
12-03-2019 11:54 AM
कृष्ण जी यह मचार के हमले के कारण हो रहा है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by jassa
Punjab
06-08-2019 02:39 PM
Punjab
08-06-2019 05:18 PM
ਜੱਸਾ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ J1006 ਜਾ African tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ