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Posted by vikas patidar
Rajasthan
09-08-2019 10:51 AM
Punjab
08-09-2019 02:03 PM
Vikas ji iske liye aap apne nazdiki doctor se sampark kren, woh apko iske vare mai sari jankari dee denge..
Posted by ladi
Punjab
09-08-2019 10:47 AM
Punjab
08-09-2019 02:06 PM
ਲਾਡੀ ਜੀ ਇਹ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਕ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Ovumin advance bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਣਗੇ
Posted by veeru
Punjab
09-08-2019 10:47 AM
Punjab
08-09-2019 11:06 AM
veeru ji hale boron di spray karn di lod jhone vich nahi paindi
Posted by ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
09-08-2019 10:41 AM
Punjab
08-09-2019 02:07 PM
Hanji tuci iss nu deworming lai hitek bolus de skde ho, ehh isde sarir de bhar de hisab nal deo, baki isdi rasoli nazdiki doctor ton check krwao usdi janch krke he sahi ilagg ho skda hai.
Posted by jajbir sibgh
Punjab
09-08-2019 10:38 AM
Punjab
12-04-2019 04:27 PM
ਜਜਬੀਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by vikas patidar
Rajasthan
09-08-2019 10:37 AM
Punjab
08-09-2019 02:09 PM
Vikas ji iske liye aap apne nazdiki doctor se sampark kren, woh apko iske vare mai sari jankari dee denge.
Posted by Gurjant Gill
Punjab
09-08-2019 10:31 AM
Punjab
12-04-2019 03:57 PM
ਗੁਰਜੰਟ ਜੀ ਜਦੋ ਫੁੱਲ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 130045 @10 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jarnail gujjar
Punjab
09-08-2019 10:29 AM
Punjab
08-09-2019 02:12 PM
ਤੁਸੀ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ Lactin bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Prabhjeet Singh Pabhi Bawa
Punjab
09-08-2019 10:20 AM
Punjab
12-04-2019 03:53 PM
Pusa Himani: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜਨਵਰੀ-ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਪੱਖਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ Japanese white: ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਵੰਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ
Posted by virendra Singh
Uttar Pradesh
09-08-2019 10:11 AM
Punjab
08-12-2019 04:43 PM
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनो.... (Read More)
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें
Posted by Arundeep Singh
Punjab
09-08-2019 10:03 AM

Punjab
08-09-2019 02:14 PM
Posted by Er. Harjinder Singh
Punjab
09-08-2019 10:02 AM
Punjab
12-04-2019 03:53 PM
Posted by guri singh
Punjab
09-08-2019 09:59 AM
Punjab
08-09-2019 05:09 PM
ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Er. Harjinder Singh
Punjab
09-08-2019 09:58 AM
Punjab
08-09-2019 04:59 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by sagar chandekat
Maharashtra
09-08-2019 09:58 AM
Rajasthan
08-12-2019 10:07 AM
Sagar chandekat जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर.... (Read More)
Sagar chandekat जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sagar chandekat
Maharashtra
09-08-2019 09:57 AM
Rajasthan
08-12-2019 10:06 AM
Sagar chandekat जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर.... (Read More)
Sagar chandekat जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sampat
Bihar
09-08-2019 09:55 AM
Maharashtra
08-09-2019 04:34 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी .... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डींगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुछ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुम्ब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तह लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तह उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तह में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तह लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by sunil kumar
Rajasthan
09-08-2019 09:51 AM
Punjab
08-09-2019 03:56 PM
Sunil ji agar is par keet ka hamla hai to aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Rajkumar Godara
Punjab
09-08-2019 09:50 AM
Punjab
08-09-2019 03:51 PM
ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
09-08-2019 09:43 AM
Punjab
08-09-2019 02:15 PM
Usko aap Vitum-h liquid 10-10ml subah sham dena shuru kren aur Bovimin-gl liquid 7ml rojana dena shuru kro, isse frak padd jayega.
Posted by sukhveer singh
Punjab
09-08-2019 09:34 AM
Punjab
08-09-2019 02:19 PM
Sukhveer ji tuci uss nu Milkout powder 2-2 chamach swere sham, FMC powder 50gm rojana deo ate uss nu Calcimust gold liquid 50ml rojana deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Amar jeet
Rajasthan
09-08-2019 09:33 AM
Punjab
08-09-2019 03:07 PM
Posted by s r shinde
Maharashtra
09-08-2019 09:26 AM
Punjab
08-09-2019 05:27 PM
आप बकरी पालन में 2000 sq फीट में 70—80 बड़ी बकरियों को रख सकते है यदि आप सभी जानवरों को मिक्स रखना चाहते है तो ओर भी ज्यादा रख सकते है पर आप बड़े फार्म को बनाने से पहले इसकी ट्रेनिंग जरूर लें ताकि आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी मिल सके
Posted by manjeet singh
Punjab
09-08-2019 09:20 AM
Rajasthan
08-09-2019 02:20 PM
Manjeet ji ehh cross nasal di cow hai.
Posted by Sunil jhorar
Punjab
09-08-2019 09:16 AM
Maharashtra
08-09-2019 02:56 PM
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनो.... (Read More)
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें
Posted by manjeet singh
Punjab
09-08-2019 09:10 AM
Punjab
08-31-2019 06:38 PM
ਜੇਕਰ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਬੈਕ ਨੂੰ ਲੋਨ ਕੇਸ ਡਿਫਾਲਟਰ ਹੋਣ ਦਾ ਡਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਬੈਂਕ ਗਰੰਟੀ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਕਾਗਜਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by Gurtaj
Uttar Pradesh
09-08-2019 09:06 AM

Punjab
08-09-2019 02:40 PM
Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
09-08-2019 09:05 AM
Maharashtra
08-09-2019 12:31 PM
शुरूआती विकास के समय कईं बार तापमान के कारण पौधे सूक्ष्म तत्व नहीं ले पाते, जिस के कारण पौधा पीला पड़ जाता है और कमज़ोर दिखता है ऐसी स्थिति में 19:19:19 या 12:61:0 की 5-7 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें आवश्यकतानुसार 10-15 दिन के बाद दोबारा स्प्रे करें पनीरी खेत में लगाने के 40-45 दिनों के बाद 20 प्रतिशत बोरोन 1 ग्राम में सूक्ष्म .... (Read More)
शुरूआती विकास के समय कईं बार तापमान के कारण पौधे सूक्ष्म तत्व नहीं ले पाते, जिस के कारण पौधा पीला पड़ जाता है और कमज़ोर दिखता है ऐसी स्थिति में 19:19:19 या 12:61:0 की 5-7 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें आवश्यकतानुसार 10-15 दिन के बाद दोबारा स्प्रे करें पनीरी खेत में लगाने के 40-45 दिनों के बाद 20 प्रतिशत बोरोन 1 ग्राम में सूक्ष्म तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी से स्प्रे करें फसल में तत्वों की पूर्ति और पैदावार 10-15 प्रतिशत बढ़ाने के लिए 13:00:45 की 10 ग्राम प्रति लीटर पानी की दो स्प्रे करें पहली स्प्रे 50 दिनों के बाद और दूसरी स्प्रे पहली स्प्रे के 10 दिन बाद करें जब फूल या फल निकलने का समय हो तो 0:52:34 या 13:0:45 की 5-7 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें
Posted by Sony Maan
Punjab
09-08-2019 09:03 AM
Punjab
08-09-2019 12:23 PM
ਸੋਨੀ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurwinder Sran Zaildar
Punjab
09-08-2019 08:56 AM
Punjab
08-09-2019 02:41 PM
ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Grobiplex 15ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Broton 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਭੁੱਖ ਵੀ ਲਗੇਗੀ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਹਾਜਮਾ ਵੀ ਠੀਕ ਰਹੇਗਾ .
Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
09-08-2019 08:56 AM
Punjab
08-09-2019 12:16 PM
अमरजीत जी आप कीटनाशक के साथ तत्व वाली दवा का इस्तेमाल ना करें धन्यवाद
Posted by ranjit singh
Punjab
09-08-2019 08:49 AM
Punjab
08-09-2019 02:45 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ Calcimust gold liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਜਦੋ ਤਕ ਪਸ਼ੂ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਉਦੋਂ ਤਕ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਜਗਾਹ Vitum-h 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ 10-12 ਦਿਨ ਬਾਦ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by gopal Dighore
Maharashtra
09-08-2019 08:49 AM
Punjab
08-09-2019 12:12 PM
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 .... (Read More)
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें
Posted by Sony Maan
Punjab
09-08-2019 08:40 AM
Punjab
08-14-2019 05:58 PM
sony ji isde result di wait karo ate kirpa karke daso ke isdi kinni matra khet vich varti hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
09-08-2019 08:38 AM
Punjab
08-09-2019 11:49 AM
अमरजीत जी आप expire mancozeb का इस्तेमाल ना करे यह फसल को नुक्सान पहुँचा सकती है धन्यवाद
Posted by balwinder singh
Punjab
09-08-2019 08:34 AM
Maharashtra
08-09-2019 11:45 AM
ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Shashi Prakash Singh Tekam
Madhya Pradesh
09-08-2019 08:33 AM
Punjab
08-09-2019 11:44 AM
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनो.... (Read More)
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें
Posted by Gurchet singh Chahal
Punjab
09-08-2019 08:28 AM
Punjab
08-09-2019 02:46 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਦੇਖਭਾਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ ..
Posted by Arun begana
Uttar Pradesh
09-08-2019 08:27 AM
Punjab
08-09-2019 11:44 AM
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के.... (Read More)
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के फासले पर दो बार स्प्रे करें शुरूआती हमले में 5 प्रतिशत नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें ज्यादा हमला दिखने पर 25 प्रतिशत साइपरमैथरिन 2.4 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें कीटों की गिनती अधिक हो जाने पर स्पाइनोसैड 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल पकने के बाद ट्राइज़ोफॉस या किसी और कीटनाशक की स्प्रे ना करें
Posted by jajbir sibgh
Punjab
09-08-2019 08:23 AM
Punjab
08-09-2019 08:27 AM
Posted by Jasbir
Madhya Pradesh
09-08-2019 08:18 AM
Punjab
08-09-2019 08:25 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by GurSewak turka
Punjab
09-08-2019 08:08 AM
Punjab
08-09-2019 11:42 AM
ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਛੋਲਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਰਾਨੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ, 10 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਪੂਰੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਸਿੰਚਿਤ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 10 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਦੇਸੀ ਅਤੇ ਕਾਬੁਲੀ ਛੋਲਿਆਂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਅਗੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਨਾਲ ਬੇਲੋੜੇ .... (Read More)
ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਛੋਲਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਰਾਨੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ, 10 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਪੂਰੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਸਿੰਚਿਤ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 10 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਦੇਸੀ ਅਤੇ ਕਾਬੁਲੀ ਛੋਲਿਆਂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਅਗੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਨਾਲ ਬੇਲੋੜੇ ਵਿਕਾਸ ਦਾ ਖਤਰਾ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਿਛੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਨਾਲ, ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸੋਕਾ ਰੋਗ ਦਾ ਖਤਰਾ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ, ਪੌਦੇ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਮਾੜਾ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਵੀ ਉਚਿੱਤ ਢੰਗ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਵਧਦੀਆਂ ਹਨ
Posted by Kanwaljit singh Bhan
Punjab
09-08-2019 08:06 AM
Punjab
08-09-2019 08:26 AM
Growth de lyi tuc npk 13 00 45@2kg prati acre de hisaab nal spray kro. jo petha gal reha hai uss de lyi M-45@400gm ja copper oxychloride@400gm di prati acre de hisaab nal spray kro.
Posted by Sukhdev singh
Uttar Pradesh
09-08-2019 08:04 AM
Punjab
08-09-2019 08:06 AM
Jhone di growth de lyi tuc TATA da RALLI GOLD@4KG prati acre de hisaab nal vart skde ho ja fir PI da BIOVITA@8kg jo ki granual de vich aunda hai uss di varto kr skde ho. Iss to ilaava OSWAL company da granual de vich TRIACONTANOL GR 0.05% aunda hai. Iss di maatra 8-10kg prati acre hundi hai. Tuc iss da v khet de vich shitta de skde ho. Coromandel da RUTOZ@6-8kg prati acre da v growth de lyi shitta de skde ho.
Posted by GurSewak turka
Punjab
09-08-2019 08:04 AM
Rajasthan
08-09-2019 02:48 PM
Nhi ji pashu nu dane vich chunna mix krke naa deo, jithe pashu pani pinde hai uss tanki vich tuci hafte vich ek varr kali krke pashua nu uthe pani pilla skde ho, iss nal pashu nu calcium milda rehnda hai chunne da koi v tukda pashu de anndar nahi jana chahida nhi tan pashu nu nuksan hoo skda hai..