Posted by Manpreet Singh brar
Punjab
11-08-2019 09:00 PM
manpreet ji isde uper keetan da hamla check karo jehde eh patte mud rahe han.
Posted by Gurjeet singh
Punjab
11-08-2019 08:56 PM
Gurjeet ji apke sabhi swalo ke jwab diye ja chuke hai aap App mai apne swalo ke jwab dekh skte hai.

Posted by wasimshekh
Maharashtra
11-08-2019 08:53 PM
कृप्या आप ये बताएं कि आप कितनी बकरियों के साथ शुरू करना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by satbir
Delhi
11-08-2019 08:48 PM
satvir ji kirpa karke isde label di photo bhejo ja isde salt da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by jassa
Punjab
11-08-2019 08:26 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਵੜੇਮੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ liquid E Booster 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Powder Hyporid 90gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by sumit Kumar
Bihar
11-08-2019 08:26 PM
सुमित जी आप गाय और गाय के बच्चे को एक सप्ताह के बाद पेट के कीड़ों की गोली दे सकते हैं गाय को आप Fendikind plus गोली दें और बच्चे को Albomar liquid 10ml करके तीन दिन दें इससे पेट के कीड़े खत्म हो जाएगे
Posted by vicky
Punjab
11-08-2019 08:24 PM
Sir, rabbit farming is done on contract basis only and the company doing contract will only deal with its sale. Till now there is no loan availability by Punjab Government for rabbit farming. Thank you
Posted by Kaushlendra Yadav
Uttar Pradesh
11-08-2019 08:21 PM
कौशलेन्द्र जी आप इसमें 36 किलो यूरिया बिजाई के तीन और 6 हफ़्तों के बाद डाले धन्यवाद
Posted by AK Guddu
Uttar Pradesh
11-08-2019 08:18 PM
AK ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by sanjiv kumar
Haryana
11-08-2019 08:15 PM
कटड़े की अच्छी ग्रोथ के लिए एक महीने तक मां का दूध पिलायें जिसे आसानी से हजम कर सके, उसे खुला रखें जिससे वह चल फिर कर कसरत कर सके एक महीने का होने के बाद आप कारगिल का Calf starter देना शुरू करें इसे दूध में मिक्स करके दे सकते है 3 महीने का होने के बाद CAlf grower देना शुरू करं 8 महीने की उम्र के बाद Hifer dry फीड देनी शुरू करें इसके साथ .... (Read More)
कटड़े की अच्छी ग्रोथ के लिए एक महीने तक मां का दूध पिलायें जिसे आसानी से हजम कर सके, उसे खुला रखें जिससे वह चल फिर कर कसरत कर सके एक महीने का होने के बाद आप कारगिल का Calf starter देना शुरू करें इसे दूध में मिक्स करके दे सकते है 3 महीने का होने के बाद CAlf grower देना शुरू करं 8 महीने की उम्र के बाद Hifer dry फीड देनी शुरू करें इसके साथ साथ आप ग्रोथ के लिए Growth Mantra पाउडर देना शुरू करें या आप puber-aid पाउडर भी दे सकते हैं इन्हें 2 महीनों की उम्र के बाद देना शुरू करना चाहिए यदि उम्र 2 महीने से ज्यादा है तो 20 ग्राम पाउडर देना है 4 महीनों से ज्यादा होने पर 25 ग्राम दें इस तरह उम्र के हिसाब से 5—5 ग्राम बढ़ा देंं बाकि उसकी डीवॉर्मिंग का पूरा ध्यान रखें
Posted by Deepu yadav
Uttar Pradesh
11-08-2019 08:13 PM
दीपू जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप सरसो की कटाई के बाद फसल को गलाने के लिए दवा के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by waraich
Punjab
11-08-2019 08:09 PM
Hanji tuci ehna di varto kr skde ho, ehna nal v frak paa jawega ate anndar ton infection, sojish v khtam ho jawegi.

Posted by Abdul rahman
Uttar Pradesh
11-08-2019 08:03 PM
अब्दुल रहमान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण क.... (Read More)
अब्दुल रहमान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by prem
Jharkhand
11-08-2019 08:01 PM
प्रेम जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर.... (Read More)
प्रेम जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Rahul kushwah
Madhya Pradesh
11-08-2019 07:51 PM
राहुल जी यह कीट का हमला है इसके लिए आप quinalphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा पत्ते पीले हो रहे है वो तत्व की कमी के कारण होते है इसके लिए आप NPK 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ
Punjab
11-08-2019 07:49 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ DAP ਦੀ ਸਪਰੇ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹ.... (Read More)
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ DAP ਦੀ ਸਪਰੇ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ
• 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ
• ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
• ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ
• ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ
• ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
Posted by Rajkumar Rathore
Madhya Pradesh
11-08-2019 07:42 PM
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में .... (Read More)
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है तुलसी की पत्तियों में एक चमकीला पीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़े और बैक्टीरिया के खिलाफ उपयोगी होता है काली तुलसी की खेती (Black Tulsi farming in hindi) हेतु यह सूरज की रोशनी में बहुत अधिक पनपता है तुलसी स्वाभाविक रूप से समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊचाँई तक पाई जाती है यह प्रारंभिक स्थिति में अच्छी तरह नहीं बढ़ती है और इसे धूप की आवश्यकता होती है इसे अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है पौधे को विशेष रूप से घर के अंदर गर्म मिट्टी में रखने पर तेजी से बढ़ता है यह पौधा नम मिट्टी में स्वाभाविक रूप से बढ़ता है इसकी बुबाई वर्षा आधारित क्षेत्रों में बारिश के मौसम में और सिंचित क्षेत्रों अक्टूबर – नवंबर माह में की जाती है सिंचित क्षेत्रों में 6 से 10 से.मी. लंबे अंकुरित पौधो को जुलाई या अक्टूबर – नवंबर माह में खेतों में लगाया जाता है अंकुरित पौधो को कतार में 40 से.मी. की दूरी पर लगाया जाता है रोपण के तुंरत बाद खेत की सिंचाई की जाती है गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया जाता है बीज नर्सरी में बोये जाते है एक हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 20-30 कि.ग्रा. बीजों की आवश्यकता होती है बुवाई के बाद FYM और मिट्टी के मिश्रण की पतली परत को बीजों के ऊपर फैलाया जाता है स्पिंक्लर द्दारा सिंचाई की जाती है बीज अंकुरण के लिए 8-12 दिन का समय लेते है और लगभग 6 सप्ताह के बाद पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते है काली तुलसी हेतु रोपण के बाद विशेष रूप से मानसून के अंत के बाद खेत की सिंचाई की जाती है दूसरी सिंचाई के बाद पौधे अच्छी तरह जम जाते है अंतराल को भरने और कमजोर पौधो को अलग करने का यह सही समय होता है ताकि खेत में एक समान पौधे रहें गार्मियो में 3-4 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है जबकि शेष अवधि के दौरान आवश्यकता के अनुसार सिंचाई की जाती है लगभग 20-25 बार सिंचाई देना पर्याप्त होता है

Posted by Suraj Rana
Uttarakhand
11-08-2019 07:40 PM
suraj ji aap vermicompost ka istemal khet ki tyari ke same kar sakte hai.dhanywad
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
11-08-2019 07:24 PM
Neeraj Apke swalo ka jaldi se jaldi answer dene ki poori koshish ki jaati hai ..agar apka kyi baar koi swaal miss ho jaata hai toh kirpa apna swal dubaara daal skte ho...apko answer 24 ghante ke ander dene ki koshish ki jaati hai..

Posted by ashok
Haryana
11-08-2019 07:23 PM
yeh sefina nam ki spray ho jo ki tele chepe ko control krti hai...yeh cotton ke liye bdyia kaam krti hai.iss ki dosage@400ml prati acre hai..iss ki spray aap tele chepe ki shuraat hone par kr skte ho aur jab eggs bn rhe hote hai tab bhi kr skte ho. yeh white fly ko bhi rokti hai..

Posted by Aman deep Singh
Punjab
11-08-2019 07:15 PM
ਤੁਸੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Terramycin 3ml ਸਵੇਰੇ ਤੇ 3ml ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਕੰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਜੀ ਤੇ ਨਾਲ Amoxi CV 625mg ਦੀ ਇੱਕ ਗੋਲੀ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 3
ਦਿਨ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by अनोखीलाल परमार
Madhya Pradesh
11-08-2019 07:11 PM
अनोखीलाल जी उल्ली की रोकथाम के लिए आप carbendazim @400 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते है इसके इलावा अगर आप इल्ली की रोकथाम के लिए आप quinalphos @400ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Vijay Jatt
Rajasthan
11-08-2019 07:09 PM
विजय जट जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य क.... (Read More)
विजय जट जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Harmeet
Punjab
11-08-2019 07:05 PM
Harmeet ji iss kam vich fyada uddo hunda hai jddo tuci isdi suruat training laa ke purri trah iss kam nu samjj ke krde ho, iss nal tuhanu iss kam nu krnn ate uss vich labh kamun varre ptaa lgda hai ate tuci suruat vich 10 bakria ate 2 bakria ton suru kro, ekk varr ekathe janwar naa rkho, jiwe jiwe kam di smjj aunn lggegi tuci iss kam nu vdha skde ho, baki tuci Beetal nasal rakh skde ho, eh nasal duudh ate meat dona kama lai thik hundi hai ate Training tuci apne nazdiki KVK ton laa skde ho tuci uthe jaa ke apna Training form bhar aao jddo v training howegi ohh tuhanu phne krke dss denge, baki tuci iss kam nu karn wale kisana de farm te v jaa ke iss kam nu dekho jiss nal tuhanu isss kam di smjj lgegi..

Posted by NAQI HAIDER
Delhi
11-08-2019 06:54 PM
देसी मुर्गी पालन को हम कम पूँजी थोड़ी जमीन और थोड़ी सी मेहनत से आसानी से किया जा सकता है , मुर्गी पालन का चलन भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है चीन और अमेरिका के बाद भारत अंडा उत्पादन में तीसरे स्थान पर और मांस उत्पादन में 5 स्थान पर है यह 3 देसी मुर्गी की प्रजातियां ज्यादा प्रचलित हैं ग्रामप्रिया श्रीनिधि वनराजा कुक्क.... (Read More)
देसी मुर्गी पालन को हम कम पूँजी थोड़ी जमीन और थोड़ी सी मेहनत से आसानी से किया जा सकता है , मुर्गी पालन का चलन भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है चीन और अमेरिका के बाद भारत अंडा उत्पादन में तीसरे स्थान पर और मांस उत्पादन में 5 स्थान पर है यह 3 देसी मुर्गी की प्रजातियां ज्यादा प्रचलित हैं ग्रामप्रिया श्रीनिधि वनराजा कुक्कुट पालन परियोजना हैदराबाद के द्वारा यह तीनो प्रजातियां विकसित की गयीं हैं यह मुर्गियां अण्डों और मांस दोनों के लिए बहुत लाभदायक हैं देखा जाता है के जो हमारे किसान भाई ग्रामीण प्रजाति के मुर्गी पालन करते हैं उसके अपेक्षा में यह संकर नस्ल की प्रजाति अंडे और मांस में ज्यादा मुनाफा देता हैं आइये हम विस्तार से इन तीन प्रजाति के बारे में बात करें ग्रामप्रिया – ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाति की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है , 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है श्रीनिधि प्रजाति की मुर्गी – यह प्रजाति ग्रामीण प्रजाति की मुर्गी के अपेक्षा में 230-250 अंडे तक देती है , श्रीनिधि मुर्गियों का वजन 2.5kg से लेकर 5 kg तक का होता है जो की ग्रामीण प्रजाति के मुर्गियों से बहुत ज्यादा है इसीलिए यह दोहरी उपयोगिता प्रजाति में गिनी जाती है इसके मांस और अंडे दोनों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है ,इन प्रजातियों की मुर्गियां तेजी से बढ़ती हैं वनराजा – वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए यह 3 विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है
Posted by Mukesh chaudhary
Rajasthan
11-08-2019 06:47 PM
मुकेश जी कैल्शियम की कमी के कारण पशुओं को लकोरिया की समस्या हो जाती है जिससे पशु गाभिन नहीं ठहरता, बार बार रिपीट होता है, उसका शरीर कमजोर हो जाता है, अच्छी ग्रोथ नहीं होती कुछ पशु ब्याने के बाद कैल्शियम की कमी से बैठ जाते है और खड़े नहीं हो पाते इसलिए जब तक पशु दूध देता है उसे अच्छी कंपनी का कैल्शियम देते रहें .... (Read More)
मुकेश जी कैल्शियम की कमी के कारण पशुओं को लकोरिया की समस्या हो जाती है जिससे पशु गाभिन नहीं ठहरता, बार बार रिपीट होता है, उसका शरीर कमजोर हो जाता है, अच्छी ग्रोथ नहीं होती कुछ पशु ब्याने के बाद कैल्शियम की कमी से बैठ जाते है और खड़े नहीं हो पाते इसलिए जब तक पशु दूध देता है उसे अच्छी कंपनी का कैल्शियम देते रहें
Posted by surendra Prasad kushwaha
Jharkhand
11-08-2019 06:40 PM
जी हां आप ब्लैक बंगाल बकरी को बीटल नस्ल से क्रॉस करवा सकते है पर आप कोशिश करें कि आप उसी नस्ल के बकरे से उसी नस्ल की बकरी से क्रॉस करवायें जिससे आप अच्छी नस्ल पैदा कर सकते है
Posted by Golu Dawar
Madhya Pradesh
11-08-2019 06:38 PM
यदि आप मुर्गी पालन करना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना .... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन करना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी , आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा,इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को शुरू करें ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है ,उस ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन भी मिल जाएगा इसकी पूरी जानकारी आपको ट्रेनिंग में मिल जाएगी बाकि आप किसी सफल पोल्ट्री फार्म के फार्म पर खुद जाकर इस काम को देंखे जिससे आपको इस काम के बारे में ओर भी से जानकारी प्राप्त होगी, इस तरह आप अपने बजट के हिसाब से मुर्गी पालन कर सकते है

Posted by somdutt
Uttar Pradesh
11-08-2019 05:50 PM
Somdutt ji ABS ka semen lene ke lia aap ProGen A.I.Solutions, Address: 349, Sikendra, Sector 7, Sector 6, Avas Vikas Colony, Lohamandi, Agra, Uttar Pradesh 282007, Phone: 075201 99802 se samparak kare, Thankyou.

Posted by ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
11-08-2019 05:30 PM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸ.... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 2 ਬੱਚੇ ਦੇਨਾ ਆਮ ਗੱਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਕਰੀਆਂ 8-10 ਸਾਲ ਤਕ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਾਧਾ ਕਰ ਲੈਂਦਿਆਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਬਰਬਰੀ, ਬਲੈਕ ਬੰਗਾਲ, ਸਿਰੋਹੀ ਆਦਿ ਨਸਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ, ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ 7009579091 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by harjinder singh
Punjab
11-08-2019 05:26 PM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਤਾਪਮਾਨ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੇ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Prince singh
Uttar Pradesh
11-08-2019 05:22 PM
Prince ji usko aap Mumidium powder 50gm rojana aur Buffzone powder 50gm rojana dena suru kren, isse frak padd jayega.
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