Posted by आ
Madhya Pradesh
13-08-2019 11:34 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by sunil
Haryana
13-08-2019 11:26 PM
Isme actara@80gm ja tata mida @60gm ja rogor@400ml ki prati acre ke hisaab se spray krein.

Posted by Suraj Rana
Uttarakhand
13-08-2019 10:33 PM

Posted by om prakash
Jharkhand
13-08-2019 10:22 PM
Om prakash जी सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता ह.... (Read More)
Om prakash जी सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by mandip ghuman
Punjab
13-08-2019 10:15 PM
tuci uss nu piperazine liquid pet de kiria lai deo, isde nal broton liquid 30ml rojana deo ate Halotas bolus 1-1 swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Inderpreet Singh
Punjab
13-08-2019 10:00 PM
ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੁਖਜਿੰਦਰਾ ਕਾਲਜ ਰੋਡ ਤੇ ਹਾਇਤਨਗਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪੁੰਗ ਫਾਰਮ ਜੋ ਬਣਿਆ ਹੈ ਉੱਥੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ ਤੇ ਇਹ 19 ਤਰੀਕ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਹੈ ਜੀ ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀ 19 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 10 ਵਜ਼ੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਆਪਣਾ ਆਧਾਰ ਕਾਰਡ ਨਾਲ ਲਿਜਾ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Chandrashekhar Janghela
Chattisgarh
13-08-2019 09:53 PM
आर्टीमीसिया एक सुगंधित जड़ी बूटी है जो कि दुनिया के ठंडे शीताष्ण और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापक रूप में पायी जाती है इसे पौधे का मूल स्थान चीन है भारत में कश्मीर की घाटियों और देश के अन्य भागों में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है इसकी खेती मिट्टी की विभिन्न किस्मों जैसे जल जमाव से रहित रेतली दोमट से .... (Read More)
आर्टीमीसिया एक सुगंधित जड़ी बूटी है जो कि दुनिया के ठंडे शीताष्ण और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापक रूप में पायी जाती है इसे पौधे का मूल स्थान चीन है भारत में कश्मीर की घाटियों और देश के अन्य भागों में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है इसकी खेती मिट्टी की विभिन्न किस्मों जैसे जल जमाव से रहित रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में की जाती है अच्छे जल निकास वाली जैविक सामग्री से भरपूर दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए उत्तम रहती है मिट्टी की पी एच 4.5 से 8.5 होनी चाहिए प्रजनन — इसका प्रजनन मुख्यत बीजों के द्वारा किया जाता है अच्छी गुणवत्ता वाले बीज हमेशा भरे हुए और एक आकार वाले होते हैं इसके बीजों को औसतन 4 महीने के समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है यदि नमी की मात्रा 13 प्रतिशत से कम हो छोटे आकार के बीजों को मुख्य खेत में सीधे बोने के कारण वे अच्छा परिणाम नहीं देते इसलिए सबसे पहले नर्सरी बैडों पर नए पौधे तैयार किए जाते हैं और फिर उन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है नए पौधों की नर्सरी में तैयारी — उचित आकार के नर्सरी बैड तैयार करें और प्रत्येक बैड पर 10 किलो गाय का गला हुआ गोबर डालें उसके बाद 250—500 ग्राम बीजों को मिट्टी में मिलाकर नर्सरी बैडों पर एक समान डालें और बैडों को मिट्टी या रेत की पतली परत से ढक देंं बैडों को स्प्रिंक्लर की सहायता से पानी देते रहें बीज 5—8 दिनों में अंकुरित हो जाते हैं जाते बीज जल्दी अंकुरित हो जाते हैं और उनकी अंकुरन प्रतिशतता भी ज्यादा होती है नए पौधे 6—8 सप्ताह में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं खेत की तैयारी — नए पौधों की रोपाई से पहले मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2—3 बार जोताई करें बिजाई का समय — पहली फसल पिछेती बारिश के मौसम और दूसरी गर्मियों के दौरान बोयी जाती है बीजों को नर्सरी में सितंबर से अक्तूबर महीने में बोया जाता है और गर्मियों की फसल के लिए बीजों को नवंबर से दिसंबर महीने में बोया जाता है रोपाई — रोपाई से पहले बैडों को सिंचित किया जाता है 6—8 सप्ताह के, सेहतमंद और एक समान आकार वाले बीजों को कतारों में 30—60 सैं.मी. और पौधों में 45—60 सै.मी. फासले में रोपित किया जाता है रोपाई के बाद हल्की सिंचाई की जाती है खादें — अच्छी उपज के लिए मिट्टी की स्थिति के आधार पर 60—80 किलो नाइट्रोजन, 40—60 किलो फासफोरस और 60 किलो पोटाश डालें फासफोरस ओर पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा को खेत की तैयारी के समय डालें बाकी की नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 60वें दिन बाद डालें यह फसल बोरोन ओर आयकरन की कमी के अधिक संवेदनशील होती है इसलिए इसके लिए शुरूआती खुराक के तौर पर बोरेक्स 8 किलो प्रति हेक्टेयर पर डालें सिंचाई — फसल को अच्छे से स्थापित करने के लिए खेत को रोपाई के बाद लगातार सिंचित करते रहना चाहिए स्थापित होने के बाद कटाई तक केवल 3—4 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मलच का प्रयोग करें खरपतवार नियंत्रण— फसल को 2—3 गोडाई की आवश्यकता होती है रोपाई के बाद 20 दिनों तक गोडाई की जानी चाहिए कटाई — फसल रोपाई के बाद 4.5—5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है फूलों के पूरी तरह खिलने पर कटाई की जाती है ज़मीनी स्तर से 15—30 सैं.मी. की ऊंचाई तक सिक्कल की सहायता से पौधों की कटाई की जाती है फसल की कटाई सूखे मौसम में करें बारिश के समय, सुबह के समय कटाई ना करें
Posted by harjinder singh khehra
Punjab
13-08-2019 09:53 PM
harjinder ji eh fungicide hai eh jhone vich fungus de hamle di rokthm kardi hai isdi matra 200ml nu prati acre de hisab nal varto karo.dhanwad

Posted by Mani Kandan
Tamil Nadu
13-08-2019 09:52 PM
कृप्या आप उसकी फोटोअपलोड करें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sapna choudhary
Rajasthan
13-08-2019 09:50 PM
sapna choudhary जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर.... (Read More)
sapna choudhary जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by sukhdeep singh
Punjab
13-08-2019 09:47 PM
Iss de upper hoshi@400ml prati acre de hisaab nal spray kr skde ho.

Posted by Khush
Punjab
13-08-2019 09:42 PM
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਨਸਲ ਵਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ..
Posted by Sunil Rolan
Haryana
13-08-2019 09:12 PM
Sunil g ess mein fungicide Shamir @300 ml per acre ka spray kr skte ho g..

Posted by Amar jeet
Rajasthan
13-08-2019 09:07 PM
यदि उसके थन से छिद्दी आती है तो आप 200 ग्राम चीनी की चाशनी, 200 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर फिर उसमें 200 ग्राम नींबू निचौड कर 3 से 5 दिन तक दें बाकि आप उसे FMC पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Sandeep Singh
Punjab
13-08-2019 09:04 PM
Chicks lene ke lia aap Dr Dubey 9888802905, Dr Sukhminder singh 6280340082 (Guru Angad Dev Veterinary And Animal Sciences University Ludhiana) nal samparak kare. inse apko sari jankari mill jayegi.

Posted by Harmeet
Punjab
13-08-2019 08:58 PM
Goat farming di training GADVASU to len lai tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: 20, Ludhiana Road, A Block, Aggar Nagar, Ludhiana, Punjab 141012, Phone: 0161 255 3394 nal samparak kar sakde ho. is di trainig lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra (KVK) , Nagkalan-Jahangir, Amritsar nal vi samparak kar sakde ho. Thankyou.

Posted by PURUSHOTTAM KUMAR
Bihar
13-08-2019 08:48 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं,

Posted by Bhola singh
Punjab
13-08-2019 08:45 PM
hnji ehh murah nasal hai tuci iss nu ghr rkh skde ho jekar isdi maa de dudh da record vdia hai tan isda record v vdia howega.

Posted by ram
Punjab
13-08-2019 08:41 PM
Ram ji tuci apni majhh di AD sadi dusri App apni kheti buy/sell te upload kr skde ho, uthe tuhanu iss nu khridan wale kai kisan mill jange..
Posted by Ranjeet singh
Punjab
13-08-2019 08:32 PM
tusi eh kise v normal lab to v karva sakde ho ji. jo human layi lab baniya hundia hun ji.
Posted by ABHAY KUMAR YADAV
Bihar
13-08-2019 08:30 PM
महोदय मेरा गाय पहली बार बच्चे को जन्म दिया है और वह शाशरीक रूप से बहुत कमजोर है इसके लिए क्या करें ?
उसे आप anabolite liquid 100—100 मि.ली. सुबह शाम दें इसके साथ आप calcimust gold liquid 50 मि.ली रोजाना दें और उसे कारगिल की Fresher फीड डालें इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी बाकि आप उसे पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें .

Posted by Gursevak singh
Punjab
13-08-2019 08:18 PM
kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuahde walo bheji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
13-08-2019 08:17 PM
Galactagogue powder pashu da dudh vdaun vich help krda hai, pashu de dudh nu usde peek point tak la ke aunda hai ate pashu da dudh puraa kr dinda hai, iss nal dudh di quality v vdia hundi hai, isda vdia result hai tuci isdi varto kr skde ho.

Posted by a r Sheikh
Madhya Pradesh
13-08-2019 08:15 PM
aap fish farming ki training ki jankari ke liye Fisheries Development Department Government of Madhya Pradesh Office Address: Directorate of Fisheries , Fish Farm , Bhadhbhada Road , Bhopal -462003 Telephone number: 0755-2771951 se sampark kr skte hai.

Posted by Kanhaiya Lal
Uttar Pradesh
13-08-2019 08:14 PM
Kanhaiya ji aap tulsi ke mandi karn ke liye Rashid Khan 9039693757 se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by Brijesh
Uttar Pradesh
13-08-2019 08:12 PM
Ganne men Pokkah Boeng ki roktham ke liye aap isme Carbendazim@4gm/Ltr ja Copper Oxychloride@3gm/Ltr ja Mancozeb@3gm/Ltr pani ke hisab se spray karen.
Posted by Happy kamboj
Punjab
13-08-2019 08:10 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ , Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ.
Posted by Avtar Singh
Haryana
13-08-2019 08:04 PM
अवतार जी आप इसके लिए NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by gaurav rana
Haryana
13-08-2019 07:44 PM
NPK fertilizer hota hai jiss mein urea phosphorous and potash ka mixture hota hai.yeh concentration ke hisab se jaise NPK 13.O.45,19.19.19,00.52.34 and 00.00.50 etc..

Posted by Momin Aijaz
Maharashtra
13-08-2019 07:44 PM
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो .... (Read More)
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है.
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image












