Posted by Aadarsh
Uttar Pradesh
15-08-2019 05:48 AM
WDG are a solid, non-dusty granular formulation which disperses or dissolves quickly when added to water in the spray tank to give a fine particle suspension. normal sulphur takes time to dissolve in water.thank you

Posted by Jagdish Godara Jagdish Godara
Rajasthan
15-08-2019 12:21 AM
उसे पेट के कीड़ों के लिए Albendazole bolus दें, इसके साथ आप Ovumin gold पाउडर 50 ग्राम रोज़ाना और Min21 bolus रोज़ाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें, इससे हीट में आ जाएगी
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
14-08-2019 11:18 PM
Posted by Balaknath
Chattisgarh
14-08-2019 10:20 PM
आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृप्या आप ओडियो दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Balraj Aulakh
Punjab
14-08-2019 10:16 PM
uss nu tuci Broton liquid 50-50ml swere sham, Anabolite liquid 100ml rojana ate Aptifast bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by Laxman singh
Rajasthan
14-08-2019 10:13 PM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन 4-8 किलो (यूरिया 9-18 किलो), फासफोरस 8-16 किलो (एस एस पी 50-100 किलो) और पोटाश 8-16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 13-26 किलो) प्रति एकड़ में डालें
सिंचित क्षेत्रों में बिजाई से एक या दो सप्ताह पहले जिप्सम 100 किलो प्रति एकड़ में डालें और फिर सिंचाई करें जिप्स.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन 4-8 किलो (यूरिया 9-18 किलो), फासफोरस 8-16 किलो (एस एस पी 50-100 किलो) और पोटाश 8-16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 13-26 किलो) प्रति एकड़ में डालें
सिंचित क्षेत्रों में बिजाई से एक या दो सप्ताह पहले जिप्सम 100 किलो प्रति एकड़ में डालें और फिर सिंचाई करें जिप्सम डालने से फलियां बनने में वृद्धि होती है और फलियां अच्छे से भरती है मोटे बीजों वाली किस्मों से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जिप्सम 160 किलो प्रति एकड़ में डालें
पानी में घुलनशील खादें : फलियों के बेहतर भरने के लिए तत्वों के घोल की स्प्रे करना बहुत महत्तवपूर्ण होता है यह घोल DAP 2-5 सुबह इसे छान लिया जाता है और 32 लीटर के लगभग घोल तैयार होता है इसे पतला करने के लिए 234 लीटर पानी मिलाया जाता है जिससे एक एकड़ में स्प्रे करने के लिए 200 लीटर घोल तैयार हो जाता है प्लैनोफिक्स 4 मि.ली को 15 लीटर पानी में मिलाकर भी स्प्रे किया जा सकता है यह स्प्रे बिजाई के बाद 25वें और 35वें दिन करें

Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-08-2019 10:08 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੁਣ ਜੋ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਤੀਜੀ ਟਾਹਣੀ ਨਿਕਲੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਰੱਖੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨੂੰ ਤੀਜੀ ਤੁੜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਫਲ ਲਗਭਗ ਮਾਦਾ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ

Posted by SANJEEVSHARMA
Uttar Pradesh
14-08-2019 09:27 PM
खरीफ की फसल के लिए बिजाई का सही समय जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई का पहला सप्ताह है गर्मियों में खेती करने के लिए इसका सही समय मार्च से अप्रैल महीना है अर्द्ध पहाड़ी क्षेत्रों के लिए इसकी बिजाई 15 से 25 जुलाई तक की जाती है

Posted by मोहनलाल गाडरी
Rajasthan
14-08-2019 09:19 PM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी .... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
Posted by ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ
Punjab
14-08-2019 09:17 PM
Posted by ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ
Punjab
14-08-2019 09:14 PM
Fungus lyi tusi Custodia @300 ml prati acre di vrto kr skde ho. Asli product kharidan lyi hmesha registered dealer toh hi kharido.

Posted by Mani Kandan
Tamil Nadu
14-08-2019 09:02 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें और फोटो भी अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by पवन पाटीदार
Madhya Pradesh
14-08-2019 08:32 PM
यह आपके मित्र कीट है यह फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते उनके द्वारा जमीन को नरम किया जाता है यह मिट्टी में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जमीन में कार्य करते रहते हैं जहां जहां इन को नष्ट किया गया वहीं पर जमीन में पानी न पीने की समस्या खड़ी हो चुकी है इसलिए आप इन को नष्ट करने की बजाय अपने खेत की नूर निराई गुड़ाई समय पर क.... (Read More)
यह आपके मित्र कीट है यह फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते उनके द्वारा जमीन को नरम किया जाता है यह मिट्टी में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जमीन में कार्य करते रहते हैं जहां जहां इन को नष्ट किया गया वहीं पर जमीन में पानी न पीने की समस्या खड़ी हो चुकी है इसलिए आप इन को नष्ट करने की बजाय अपने खेत की नूर निराई गुड़ाई समय पर करें और खेत को पानी टाइम पर दें अगर आपके सामने यह ज्यादा निकल रहे हो तो जहां पर आप पशुओं का गोगा डालते हैं उसमें थोड़े पत्ते पेड़ों के डाल कर इनको वहां पर छोड़ दे वह तो बढ़िया खाद तैयार कर देंगे अशोक वशिष्ठ
Posted by jagadish singh
Rajasthan
14-08-2019 08:23 PM
तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं
Posted by vinod chouhan harwar
Madhya Pradesh
14-08-2019 08:07 PM
आप कलमीशोरा 500 ग्राम, जो खार 250 ग्राम, मीठासोडा 250 ग्राम, नशादार 150 ग्राम, खंड 2 किलो और मीठा तेल 2 किलो लें और पहले खंड की चाशनी बनाएं, फिर उसमे मीठा तेल डालें और उबाले, फिर उसमे बाकि सारा सामान डालें और उबाल कर ठंडा कर पांच भाग कर लें, और एक भाग रोज़ाना रात को दें, और पशु को ओस में ना बांधे और न ही 6 दिन नहलाएं, बाकि आप Buffzon प.... (Read More)
आप कलमीशोरा 500 ग्राम, जो खार 250 ग्राम, मीठासोडा 250 ग्राम, नशादार 150 ग्राम, खंड 2 किलो और मीठा तेल 2 किलो लें और पहले खंड की चाशनी बनाएं, फिर उसमे मीठा तेल डालें और उबाले, फिर उसमे बाकि सारा सामान डालें और उबाल कर ठंडा कर पांच भाग कर लें, और एक भाग रोज़ाना रात को दें, और पशु को ओस में ना बांधे और न ही 6 दिन नहलाएं, बाकि आप Buffzon पाउडर 50 ग्राम रोजाना और Mumidium पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Hanuman Ràm
Rajasthan
14-08-2019 08:03 PM
तुम्हारे प्रत्येक डाई भीगे के हिसाब से जो मैं बताने जा रहा हूं यह सफर करें आप की फसल में बटवारा जाएगी ढाई किलो यूरिया ढाई किलो डीएपी और 300 ग्राम जिंक का अच्छे से गोल मिलाकर उसमें 1 किलो गुड़ का शरबत और 5 लीटर गोमूत्र 100 लीटर पानी में मिलाकर बारिश फुवारे के साथ सब प्ले करें आपके फसल में बढ़वार हो जाएगी.

Posted by Gurshan Singh
Punjab
14-08-2019 07:57 PM
gurshan ji tuc isdi varto kar sakde ho isdi matra 300ml prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad

Posted by Tanu
Punjab
14-08-2019 07:44 PM
tanu ji eh niojai to 80-85 din tak nisar janda hai.dhanwad
Posted by Renu Sharma
Rajasthan
14-08-2019 07:36 PM
आप बकरे की बीटल नस्ल रख सकते है या फिर बरबरी नस्ल का बकरा रख सकते है.

Posted by gurpreet singh
Punjab
14-08-2019 07:34 PM
gurpreet ji tuc apne district de Chief agriculture officer de daftar vich jao.

Posted by paramveer Singh
Punjab
14-08-2019 07:27 PM
Today, a home-remedy is being shared with you that how a balanced feed can also be prepared at home. To make balanced feed of 100 Kg there are some essential ingredients such as 25 kg of grains (Sorghum, Pearl millet (winter), wheat, barley (summer) one of these), Pulses Choker 20 kg (Moong Bean Choker, Beans Choker ( winter), Red Lentils Choker, Pigeon pea lentils (one of them) , 25 kg (paddy straw), fiber covering 15 kg (wheat, choker, Chickpeas coverings, pea coverings one of them), Neem Cake 15 kg (mustard, binola or soya (one of them), 250 gm sweet soda, 1 kg of salt, jaggery 1 kg, 1 kg turmeric (in winter), mix everything well. This feed is very beneficial for the cattles.
Posted by Surinder Atwal
Punjab
14-08-2019 07:11 PM
ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Mainpal Singh
Uttar Pradesh
14-08-2019 07:00 PM
कृप्या आप ये बताएं कि आप रूडी की खाद की बात कर रहें हैं या वर्मीकंपोस्ट की बात कर रहे हैं यदि वमीकंपोस्ट की बात कर रहे हैं तो वह 400—500 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से पड़ती है यदि रूडी खाद की बात कर रहे हैं तो वो 6 टन तक पड़ती है पर वो अलग अलग फसल के हिसाब से डाली जाती है.
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