
Posted by रामेश्वर लाल जाट
Rajasthan
18-08-2019 03:33 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
18-08-2019 03:32 PM
किरणदीप जी, अगर बारिश बहुत तेज है तो यह नहीं जमे गी, अगर बारिश काम है तोह यह उग जाएगी, धन्यवाद

Posted by Dipak
Maharashtra
18-08-2019 03:29 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,माध्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रशिक्षण में भारत सरकार की और सब्सिड़ी इसलिए प्रशिक्षण शुल्क केवल 3000/- ही देना होगा ( पहले 10000/- और 6000/- शुल्क थी ) भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वा.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,माध्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रशिक्षण में भारत सरकार की और सब्सिड़ी इसलिए प्रशिक्षण शुल्क केवल 3000/- ही देना होगा ( पहले 10000/- और 6000/- शुल्क थी ) भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 14-15 सितम्बर 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म इसके अलावा बमोरिया फार्म और भारत सरकार की योजनाओ के साथ प्रतिमाह 2-3 लाख रूपये कैसे कमाए स्वस्थ एवं समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम स्वराज महिला स्वस्थ एवं हाईजीन मधुमेह मुक्त भारत आदि योजनाओ को जानकारी भी दी जायगी जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ तो रहेगा ही साथ ही आप हमारे साथ काम करके लाखो रूपये भी कमा सकते है प्रशिक्षिण शुल्क 3000/person # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9893232938 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद ट्रेनिंग सेण्टर मकान नंबर 22 श्रीरंग कॉलोनी बुधवारा रोड होशंगाबाद 461001
Posted by varinder singh jammu
Punjab
18-08-2019 03:24 PM
varinder singh jammu ji moringa plant len lai tusi Dr Balwinder Singh Lakhewali 9814239041 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Mudassir Ahamed
Uttar Pradesh
18-08-2019 03:19 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा. आप बकरी लेने के लिए Firoz Alam 9616009911 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by kapil kumar
Rajasthan
18-08-2019 03:08 PM
सिंघाड़ा तालाबों में पैदा होने वाली एक नगदी फसल है मध्यप्रदेश में सिंघाड़े का उत्पादन लगभग 6000 हेक्टेयर में किया जाता है सिंघाड़े के कच्चे व ताजे फलों का ही उपयोग मुख्यत: किया जाता है इसके अलावा पके फलों को सुखाकर उसकी गोटी से आटा बनाया जाता है जिससे बने व्यंजनों का उपयोग उपवास में किया जाता है सिंघाड़े में .... (Read More)
सिंघाड़ा तालाबों में पैदा होने वाली एक नगदी फसल है मध्यप्रदेश में सिंघाड़े का उत्पादन लगभग 6000 हेक्टेयर में किया जाता है सिंघाड़े के कच्चे व ताजे फलों का ही उपयोग मुख्यत: किया जाता है इसके अलावा पके फलों को सुखाकर उसकी गोटी से आटा बनाया जाता है जिससे बने व्यंजनों का उपयोग उपवास में किया जाता है सिंघाड़े में मुख्य पोषक तत्व प्रोटीन 4.7 प्रतिशत एवं शर्करा 23.3 प्रतिशत होते हैं इसके अलावा इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, पोटेशियम, तांबा, मैगनीज, जिंक एवं विटामिन सी भी सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध होते हैं सामान्यत: तालाबों में होने वाले सिंघाड़े की फसल की खेती उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर निचले खेतों जिनमें पानी का भराव जुलाई से नवम्बर – दिसम्बर माह तक लगभग एक से दो फीट तक होता है आसानी से की जा सकती है इस तकनीक को अपनाकर खासकर धान के क्षेत्र जैसे बालाघाट, सिवनी आदि के कृषक निचले खेतों में अपनी उपज में प्रति एकड़ डेढ़ गुना वृद्धि कर सकते हैं सिंघाड़े की खेती उष्ण कटिबन्धीय जलवायु वाले क्षेत्रों में की जाती है इसकी खेती के लिए खेत में एक से दो फीट पानी की आवश्यकता होती है इसकी खेती स्थिर जल वाले खेतों में की जाती है साथ ही साथ खेतों में ह्युमस की मात्रा अच्छी होनी चाहिये सिंघाड़ा उत्पादन हेतु दोमट या बलुई दोमट मिट्टी जिसका पी. एच. 6.0 से 7.5 तक होता है अधिक उपयुक्त होती है सिंघाड़े मेंं कोई उन्नत जाति विकसित नहीं की गई हैं परन्तु जो किस्म प्रचलित है उनमें जल्द पकने वाली जातियां हरीरा गठुआ, लाल गठुआ, कटीला, लाल चिकनी गुलरी, किस्मों की पहली तुड़ाई रोपाई के 120 – 130 दिन में होती है इसी प्रकार देर से पकने वाली किस्में – करिया हरीरा, गुलरा हरीरा, गपाचा में पहली तुड़ाई 150 से 160 दिनों में होती है जिस खेत में रोपाई करनी हो उसमें जुलाई के प्रथम सप्ताह में कीचड़ मचा लिया जाता है रोपाई के पूर्व या एक सप्ताह के अंदर 300 किलोग्राम सुपर फॅास्फेट 60 किलोग्राम पोटाश व 20 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर मिलाएं साथ ही गोबर की सड़ी खाद का उपयोग अवश्य करें इसके उपरांत रोपाई के पूर्व रोपणी को इमीडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एस. एल. के घोल में 15 मिनट तक डुबोकर उपचारित किया जाता है उपचारित बेल एक मीटर लंबी 2-3 बेलों की गठान लगाकर 131 मीटर के अन्तराल पर अंगूठे की सहायता से कीचड़ में गड़ाकर किया जाता है रोपाई का कार्य जुलाई के प्रथम सप्ताह से 15 अगस्त के पहले तक किया जा सकता है खरपतवार नियंत्रण रोपाई पूर्व व मुख्य फसल में समय – समय पर करते रहना चाहिये कीट एवं रोगों पर सतत निगरानी रखें, प्रारंभिक अवस्था में प्रकोपित पत्तियों को तोड़कर नष्ट करें ताकि कीट एवं रोग नाशियों का उपयोग न करना पड़े यदि आवश्यकता हो तो उचित दवा का उपयोग करें सिंघाड़ा फल जो अच्छी तरह से सूखे हो उनको सरोते या सिंघाड़ा छिलाई मशीन द्वारा छिला जाता है इसके उपरांत एक से दो दिनों तक सूर्य की रोशनी में सुखाकर मोटी पॉलीथिन बैग में रखकर पैक कर दिया जाता है

Posted by sarbjeet singh
Punjab
18-08-2019 03:05 PM
tuci iss nu Bovmin-Gl liquid 5ml rojana ate Vetscuco bolus 2-2 swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Gamdoor singh Brar
Punjab
18-08-2019 03:03 PM
ਝੋਟੀ ਨੂੰ Vitum-h liquid 10-10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਪੁੜੀਆਂ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਲੇਵਾ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by priyanka
Punjab
18-08-2019 03:00 PM
Priyankaji, podhe pille padne ke baoht se kaaran hai jaise ke pani jayda yan kam lag jana, kisi tatv ki kami hona, kisi bimnari ka hamla hona ya fir kisi keet ka hamle ke kaaran bhi yeh pile pad jate hain, dhanywad

Posted by priyanka
Punjab
18-08-2019 02:54 PM
bhains bacha dene ke, baad, uske dhud mein badhotri kese kre or yeh km charti hai iska kiya karein ?
Aap bhains ko Enerdyna liquid 100-100ml subah sham, Broton liquid 50ml rojana aur Glactogouge powder rojana 1 pouch dena suru kren, isse dudh v vadd jayega aur bhukh v achi trah lgegi, baki aap rojana 35-40kg hara chara den aur her 3 mahine ke badd deworming jrur kren.

Posted by Kartik Anil patil
Maharashtra
18-08-2019 02:46 PM
कार्तिक अनिल पाटिल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशि.... (Read More)
कार्तिक अनिल पाटिल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Kartik Anil patil
Maharashtra
18-08-2019 02:46 PM
कार्तिक अनिल पाटिल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशि.... (Read More)
कार्तिक अनिल पाटिल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
18-08-2019 02:44 PM
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨ.... (Read More)
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ ਟ੍ਰੇਨਿਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Krishi Vigyan Kendra
Moga, Village Budh Singhwala, Charik Road, Moga-140001, Punjab – India ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by pooja
Haryana
18-08-2019 02:44 PM
अपनी खेती टीम की तरफ से कोई भी फोटो नहीं मंगवाई गई, आपकी किश्त की जानकारी आपको नज़दीकी सहकारी सोसाइटी से ही पता करनी पड़ेगी जो मैसेज आपको आये हैं यह अपनी खेती नाम पर एक धोखा है, अपनी खेती एक मोबाइल ऐप है जो किसानों को जानकरी देती है और किसी भी तरह की जानकारी आपसे नहीं पूछती, ज़्यादा जानकारी के लिए आप हमारे हेल्.... (Read More)
अपनी खेती टीम की तरफ से कोई भी फोटो नहीं मंगवाई गई, आपकी किश्त की जानकारी आपको नज़दीकी सहकारी सोसाइटी से ही पता करनी पड़ेगी जो मैसेज आपको आये हैं यह अपनी खेती नाम पर एक धोखा है, अपनी खेती एक मोबाइल ऐप है जो किसानों को जानकरी देती है और किसी भी तरह की जानकारी आपसे नहीं पूछती, ज़्यादा जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 9779977641 पर कॉल कर सकते
Posted by Devendra Singh Nayal
Uttarakhand
18-08-2019 02:39 PM
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध कि.... (Read More)
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद

Posted by Shivam Thakur
Uttar Pradesh
18-08-2019 02:38 PM
शिवम् जी, कृपया आप सब्जी और फसल का नाम बताये जिसका आप जनम अस्थान जानना चाहते हैं, क्यों की ऐसे बहुत सब्जियां और फसलें है, जिनका जनम अस्थान भी अलग अलग है, धन्यवाद
Posted by Sanjay Sandeep
Jharkhand
18-08-2019 02:23 PM
संजय जी यदि आप मछली पालन करना चाहते है तो पहले आप इस काम ट्रेनिंग अपने जिले में बने FFDA विभाग से प्राप्त करें जिसमें आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी

Posted by ram
Punjab
18-08-2019 02:18 PM
Goat farming di training GADVASU to len lai tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Address: 20, Ludhiana Road, A Block, Aggar Nagar, Ludhiana, Punjab 141012, Phone: 0161 2553364/ 2414026 nal samparak kar sakde ho. is di trainig lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra (KVK) , nal vi samparak kar sakde ho. Thank you.

Posted by Harmeet
Punjab
18-08-2019 02:07 PM
Goat farming vich rick ghat hai ji te profit thoda late milda hai te markeet banon vich time lagda hai baki poultry vich bimari da risk hunda hai te baki depend karda hai ke tusi shuru kis level to karde ho te johani kehde kamm di janakri jeyada hai . baki tusi traning le ke dona vicho koe kamm v shurku kar sakde ho. shuru karan to pehla kuch safal kissana de farm te jarur ja ke aayo ji.

Posted by Ranu
Bihar
18-08-2019 02:03 PM
Nahi ji aap abh usko achi khurak deni shuru kren, uski dekhbhal ache trike se kren uske rehne ka pura dian rakhen, baki aap byane ke badd kanak da dalia achi trah rin ke 5-7 din den aur byane se ek hafte ke badd deworming kren.
Posted by Samrath Sharma
Madhya Pradesh
18-08-2019 02:03 PM
समरथ जी आप इसकी रोकथाम के लिए क्वीनलफास@400 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by merajuddin
Uttar Pradesh
18-08-2019 01:58 PM
Aap pashu ke chare ke liye makki sorghum lgaa skte hai..
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
18-08-2019 01:49 PM
Bhullar ji isde lai tuci mere nal 9781589637 sampark kr skde ho.
Posted by Gyan singh
Punjab
18-08-2019 01:43 PM
Gyan ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.

Posted by Dharam Singh
Rajasthan
18-08-2019 01:41 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.
Posted by Satwinder Dhaliwal
Punjab
18-08-2019 01:38 PM
ਸਤਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਇਸ ਵਿੱਚ carbendazim @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ mancozeb @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by parvinder
Rajasthan
18-08-2019 01:25 PM
परविंदर जी, इसमें पानी अधिक लगने की वजह से ऐसा हो रहा है, कृपया आप बताये कि आप इसका सिंचाई प्रबंधन कैसे करते हैं, धन्यवाद

Posted by Laxman singh
Rajasthan
18-08-2019 01:21 PM
लक्ष्मण जी, आप गोजा लट की रोकथाम के लिए इसमें chlorpyriphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by sanjay porwal
Uttar Pradesh
18-08-2019 01:21 PM
Posted by Vipul rai
Uttar Pradesh
18-08-2019 01:19 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा. आप बकरी लेने के लिए Firoz Alam 9616009911 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Dalip Kamboj
Punjab
18-08-2019 01:14 PM
दलीप जी, यह फंगस की वजह हो होता है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 400 ग्राम यां mancozeb @ 400 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by baljinder singh Dhillon
Punjab
18-08-2019 12:58 PM
tuci uss nu Pregstay gold powder 50gm rojana ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro, jekar ohh 3 month vich heat ch nahi aundi hai tan tuci uss nu nazdiki doctor ton 3 month badd gaban check krwa skde ho.

Posted by ashwin
Maharashtra
18-08-2019 12:58 PM
Aap 20-25 gm mitha soda rojana de skte hai iske sath aap Mumidium powder 50gm rojana dena suru kren aur 5-7 din tak dete rehen, isse frak padd jayega.
Posted by Jasvir singh
Punjab
18-08-2019 12:57 PM
jekar tuci desi bache rakhe hai tan 80-90 rakh skde ho, jekar badde rakhne hai tan 50-60 tak rakh skde ho, baki jekar bhar khule shadan nu jgah hai tan jyada v rakh skde ho..

Posted by Sandeep Singh
Punjab
18-08-2019 12:47 PM
Agrifound Dark Red: ਇਹ ਕਿਸਮ 95-110 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 120 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
ਹੋਰ ਰਾਜਾਂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ
N 53: ਇਹ ਕਿਸਮ 100-110 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਵੱਡੇ ਆਕਾਰ ਦੀਆਂ ਅਤੇ ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 60-80 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Bhima Shakti
Bhima Shakti
Bhima Dark red
Posted by navdeep singh
Punjab
18-08-2019 12:44 PM
Navdeep ji kirpa krke ehh dso tuci Poultry farm vare ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee, tuci training leni hai, isda kam suru krna hai ya kam kr rehe ho ya koi bimari vare jankari leni hai kirpa vistar nal pusho ji.

Posted by prabhjot singh
Punjab
18-08-2019 12:44 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਫਿਰ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਦਾਣਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤੁਸੀ 3 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ..

Posted by prabhjot singh
Punjab
18-08-2019 12:40 PM
tuci uss nu Mifex botal 450ml lgwao, uss vich Tonophas injection 20ml, Avil 10ml mix krke IV slow lgwao, baaki uss nu Injection AMC forte 4.5gm ate Milonex injection 20ml, Micovet injection 20ml lgwao fir agle din uss nu Tinacal injection 30ml lgwao ate mifex botal nu shdd ke bakki sare injection lgwao ji, iss nal frak paa jawega..

Posted by Tarlochan singh
Punjab
18-08-2019 12:35 PM
Gurtej singh ji batihinda de kvk te mansa de krishi vigyan kendra vich traning di koe date aje jari nahi kiti gayi hai ji. tusi othe ja ke ana goat farming di traning layi apna name likhwa deo ji. baki pashu palan vibag patiala de rouni farm te goat farming traning 27-28 aug nu ho rahi hai ji. tusi othe ja ke admission layi pata kar sakde ho.
Posted by Amit Kumar Bamoriya
Madhya Pradesh
18-08-2019 12:31 PM
अमित जी, यह फंगस के हमले की वजह से हो रहा है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमे carbendazim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
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