
Posted by manjit singh
Himachal Pradesh
19-08-2019 12:55 AM
Manjit singh ji Himachal me Beetal goat lene ke liye aap Kamal 7347229772 Kamal goat Farm se samparak kar sakte hai, Thank you.

Posted by parvesh
Haryana
19-08-2019 12:05 AM
Soondi ko roktham ke liye fame@20ml ja coragen@60ml prati acre ke hisaab se spray krein..soondi control ho jayegi.
Posted by baljit singh
Punjab
18-08-2019 11:36 PM
ਤੁਸੀ Enerdyna liquid 100 ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਨ ਵਿਚ ਕਿਸੀ ਵੀ ਟਾਈਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ Calcimust gold liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਟੀ ਤੇ ਜਾ ਫਿਰ ਦਾਣੇ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਵੇਂ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਖਾਂਦੇ ਹੋ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by baljit singh
Punjab
18-08-2019 11:35 PM
बलजीत जी अब आप मूली की बिजाई कर सकते हैं, अब पंजाब पसंद किस्म की बिजाई हो जाती है
Posted by baljit singh
Punjab
18-08-2019 11:33 PM
Baljit ji uss nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo, isde nal tuci Minfa gold powder 100gm rojana, Minotas bolus rojana 1 goli ate enerdyna liquid 50-50ml swere sham deo, iss nal heat vich aa jawegi ate kamjori v door howegi..
Posted by pankaj tiwari
Madhya Pradesh
18-08-2019 11:25 PM
Pankaj g yeh aap apni society se le skte ho ja fir market se le skte ho.
Posted by Md. Akbar
Bihar
18-08-2019 11:14 PM
कोटा बकरी को आम तौर पर करोली नाम से भी जाना जाता है यह नस्ल ज्यादातर राजस्थान और गुजरात राज्य में पायी जाती है कोटा नस्ल दूध, मीट और चमड़ी उत्पादन के लिए पाली जाती है हालांकि इस नस्ल को डेयरी नस्ल माना जाता है कोटा नस्ल अपने सींगों के लिए प्रसिद्ध है

Posted by mandeep singh
Punjab
18-08-2019 11:11 PM
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾ.... (Read More)
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾਨ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲ ਰਹੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਮੈ ਇਸ ਤੇ ਜਲਦੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਤੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਿਹਾਂ ਹਾਂ ਜੀ , ਜਦੋਂ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ.
Posted by Ajay Kalwa
Rajasthan
18-08-2019 11:03 PM
नरमे की ग्रोथ के लिए npk 13 00 45@2kg या hoshi@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by hardeep Singh Saggi
Punjab
18-08-2019 10:25 PM
Hardeep Singh Saggi ji kadaknath di contact farming ke lia aap Sumit Jandar 8275592788 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by rakesh vishvakarma
Uttar Pradesh
18-08-2019 10:22 PM
राकेश जी कीवी का पौधा himachal जैसे ठन्डे इलाके में उगाया जाता है धन्यवाद

Posted by Arpit Thakur
Madhya Pradesh
18-08-2019 10:08 PM
मक्की में यूरिया ग्रोथ के लिए डाला जाता है ताकि इसकी ग्रोथ सही हो सके और नाइट्रोजन की कमी के कारण पीलापन ना आये

Posted by Ravaji Dewasi
Rajasthan
18-08-2019 09:57 PM
अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें मूंगफली का अं.... (Read More)
अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें मूंगफली का अंतरफसली अनाज की फसलों के साथ करें बिजाई से पहले खेत को साफ करें और पिछली फसल के बचे कुचे को निकाल दें 15-20 सैं.मी. की गहराई तक ज़मीन की जोताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए अच्छी तरह जोताई करें खेती करने के लिए हैरो और हल का प्रयोग करें बीज बोने के समय 4-4.8 टन और 200 किलोग्राम नीम केक प्रति एकड़ में डालें बारानी हालातों में मूंगफली की बिजाई मॉनसून के शुरू होने, जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू करें बिजाई जितनी जल्दी हो सके पूरी कर लें, क्योंकि देरी से बिजाई करने पर पैदावार में कमी आती है खरीफ मौसम के लिए अर्द्ध फैलने वाली किस्मों का प्रयोग करें, कतारों में 40-45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें ना फैलने वाली किस्मों के लिए कतारों में 30 सैं.मी. और पौधों में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें सीड ड्रिल की सहायता से 5 सैं.मी. की गहराई में फलियों को बोयें बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोया जाता है किस्म के आधार पर बिजाई के लिए एक एकड़ खेत में 38-40 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें अच्छी पैदावार लेने के लिए पहले 45 दिन फसल को नदीनों से बचाना बहुत जरूरी होता है दो बार फसल में गोडाई करनी चाहिए पहली बीजने के तीन सप्ताह बाद और दूसरी पहली गोडाई के तीन सप्ताह बाद फलूकोरालिन 600&800 एम एल प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ नदीनों के पैदा होने से पहले स्प्रे करें मिट्टी चढ़ाना : यह एक जरूरी प्रक्रिया है, जो कि बीजने के 40-45 दिनों के बाद की जाती है इसकी मदद से पौधे आसानी से मिट्टी में चले जाते हैं जिससे फलियों के विकास में वृद्धि होती है मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन 4-8 किलो (यूरिया 9-18 किलो), फासफोरस 8-16 किलो (एस एस पी 50-100 किलो) और पोटाश 8-16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 13-26 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई से एक या दो सप्ताह पहले जिप्सम 100 किलो प्रति एकड़ में डालें और फिर सिंचाई करें जिप्सम डालने से फलियां बनने में वृद्धि होती है और फलियां अच्छे से भरती है मोटे बीजों वाली किस्मों से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जिप्सम 160 किलो प्रति एकड़ में डालें
Posted by T s sandhu
Punjab
18-08-2019 09:56 PM
ਸਰਕਾਰੀ ਕਾਗਜਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿੱਤੇ ਵੀ ਇਸ ਚੋੜਾਈ ਦਾ ਮਾਪ ਨਹੀ ਲਿ਼ਖਿਆ ਹੁੰਦਾ ਜੀ
Posted by Bhupendra Kumar
Uttarakhand
18-08-2019 09:38 PM
Bhupendra ji yeh keet ke Karn hota hai aur keet nadeeno ke Karn aata hai iske liye aap iske uper quinalphos@4 ml ko prati litre Pani ke hisab se spray karen.aur khet ko Nadeen mukt rakhe.

Posted by द
Rajasthan
18-08-2019 09:24 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by bhola singh
Punjab
18-08-2019 09:22 PM
भोला जी कृपया बताएं कि आपने इसे कौन-कौन से खादें डाली हैं ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके

Posted by श्रवण कुमार शास्त्री
Rajasthan
18-08-2019 09:08 PM
पानी की गहराई कितनी है जी पहले यह बताये जी

Posted by Praful Thakare
Maharashtra
18-08-2019 09:03 PM
Praful ji, gulab ke podhon ke acche vikas ke liye isme vermicompost @ 4-5 kilo prati podhe ke hisaab se dalein, dhanywad
Posted by Nishan singh
Punjab
18-08-2019 09:03 PM
Nishan ji jddo pashu da dudh lena bndd kita jnda hai uddo Dry feed paa skde ho..
Posted by Vikas Yadav
Madhya Pradesh
18-08-2019 09:00 PM
विकास जी, मछर के हमले से रोकथाम के लिए profenofos @ 500 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Mahesh patidar
Madhya Pradesh
18-08-2019 08:59 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by jagjeet singh
Uttar Pradesh
18-08-2019 08:54 PM
Jagjeet ji kirpa karke daso ke tuc Hale Tak kehdi kehdi khaad payi hai ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
Posted by gurpreet singh
Punjab
18-08-2019 08:54 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-ds ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Ramyash maurya
Uttar Pradesh
18-08-2019 08:50 PM
Ramyash ji yeh fungus aur tatv ki kami ke Karn hota hai iske liye aap iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre Pani ke hisab se spray karen.iske 3-4 din bad aap M-45@4 gram ko prati litre Pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Japinder bains
Punjab
18-08-2019 08:45 PM
Os nu homeopathic Liquid Udder Pox 15ml 10 bunda din vich 3 varr deo ji es nall Injection Avil 10ml Injection Enthimelon 15ml lao ehh 1-1 din shad ke lgwao..

Posted by sukhraj singh
Punjab
18-08-2019 08:43 PM
ehh thleris bimari nu rokan lai kam krda hai iss bimari vich pashu nu ganda bnn jndia hai ehh gandha nahi bannan dinda..

Posted by Sandeep Singh
Punjab
18-08-2019 08:38 PM

Posted by kamlesh kumar patel
Uttar Pradesh
18-08-2019 08:27 PM
इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंब.... (Read More)
इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by akash singh
Punjab
18-08-2019 08:18 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨਾ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 35-40 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਪਦਾਨ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
18-08-2019 08:17 PM
Gurkirt sandhu ji Kpurthla vich fish farming di training lai tusi Govt Fish Feed Farm Kanjli Road, Near Kanjli Road, Kanjali Road,
Kapurthala nal samparak kar sakde ho.vese ta 19AUG to training start c par tusi kall vi ja sakde ho, Thankyou.
Posted by Devinder singh
Punjab
18-08-2019 08:17 PM
Devinder ji iss injection nu thnda tika v bolde hai, Ai ton badd lgaun nal pashu de gaban rehn di ass vdh jndi hai, isdi varto jo pashu bacha sutde hai ohna vich v kiti jndi hai ...
Posted by Devinder singh
Punjab
18-08-2019 08:14 PM
pashu nu gaban krwaun ton 5 mint de andar andar 125 gm rasond deni chahidi hai, rasond nal anndar ton inection khtam hunda hai jiss nal pashu de gaban hoo di ass vdhh jndi hai..

Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
18-08-2019 08:12 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Rajveer
Uttar Pradesh
18-08-2019 08:11 PM
जैविक खेती क्या है यह एक तरीका है जिसमें फसलें उगाने के लिए रासायनिक खादों या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता जैविक खेती से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और पैदावार की गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है इसमें खेती के लिए पशुओं और फसलों के व्यर्थ और कुछ बायोफर्टिलाइज़र प्रयोग किए जाते हैंं जैविक खेती के .... (Read More)
जैविक खेती क्या है यह एक तरीका है जिसमें फसलें उगाने के लिए रासायनिक खादों या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता जैविक खेती से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और पैदावार की गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है इसमें खेती के लिए पशुओं और फसलों के व्यर्थ और कुछ बायोफर्टिलाइज़र प्रयोग किए जाते हैंं जैविक खेती के लिए वातावरण अनुकूलन विधि है और प्रदूषण को कम करने में मदद करती है
विशेषताएं इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति लंबे समय तक बनी रही है और खेती के लिए मशीनों की कम जरूरत पड़ती है यह अप्रत्यक्ष ढंग से ज़मीन को मित्र सूक्ष्मजीव प्रदान करता है जो घुलनाशील तत्वों को पौधों की वृद्धि के लिए प्रयाग में लाते हैं इस कुदरती तरीके से नाइट्रोजन की कमी पूरी हो जाती है और हमें बार बार खेत में रसायन डालने की जरूरत नहीं पड़ती इससे पशुओं के गोबर और फसलों के बचे कुचे को दोबारा प्रयेाग में लाया जा सकता है जो पशु जैविक ढंग से तैयार की फसलों को खुराक के तौर पर प्रयोग करते हैं उन्हें अधिक संतुलन तत्व मिलते हैं और सेहत भी अच्छी रहती है जैविक खेती करने से जंगली जीवन और कुदरती आवास में सुधार आता है

Posted by kamal
Punjab
18-08-2019 08:07 PM
tuci uss nu Enerdyna liquid 100-100ml swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Lactin bolus 1-1 swere sham deo, bakii uss nu Lactomood homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by kamal
Punjab
18-08-2019 08:04 PM
tuci uss nu Enerdyna liquid 100-100ml swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Lactin bolus 1-1 swere sham deo, bakii uss nu Lactomood homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Ashish
Madhya Pradesh
18-08-2019 07:57 PM
Ashish ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke apka dusri dhaan se kya matlb hai taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by harjinder singh khehra
Punjab
18-08-2019 07:42 PM
Harjinder ji ehh Hf nasal da semen hai, isda vdia record hai ji. isdi DOB: 11-10-2014
Dams Yield: 9160
Sire Daughter Yield: 8991

Posted by Arbaj Khan
Haryana
18-08-2019 07:41 PM
उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसके साथ उसे अच्छी कंपनी की फीड डालें जिसे वो आसानी से हज़म कर जाए इसे आप पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-ds गोली दें इसके साथ आप Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gog पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by harjinder singh khehra
Punjab
18-08-2019 07:35 PM
ehh ABS walia da Hf nasal da semen hai isda bhut vdia record hai. Fats (%) 4.0
Fats (kg) 479
Parents average yield (kg) 12878
Dam s Yield (kg) 11968
Sire Dams Yield (kg) 13787
Avg. of half sibs/Daughters milking in the U.S(kg) 10478

Posted by Jagseer sidhu
Punjab
18-08-2019 07:31 PM
hnji isda bhut vdia result hai tuci iss nu tazi sui majh nu de skde ho, ehh 1-1 goli swere sham kutt ke roti vich de skde ho, iss nal dudh vdhh jawega.
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