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Posted by monu pandey
Madhya Pradesh
19-08-2019 08:46 AM
Punjab
08-20-2019 11:05 AM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है बारानी फसल होने के कारण, यह जलोढ़ मिट्टी, दोमट मिट्टी और काली चिकनी मिट्टी में सबसे अच्छी बढ़ती है सिगार और चिरूट तंबाकू की खेती सलेटी से लाल मिट्टी से लेकर हल्की बजरीयुक्त से रेतली दोमट मिट्टी में की जाती है चबाने वाला तंबाकू हर किस्म की मिट्टी में उगाया जा सकता ह.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है बारानी फसल होने के कारण, यह जलोढ़ मिट्टी, दोमट मिट्टी और काली चिकनी मिट्टी में सबसे अच्छी बढ़ती है सिगार और चिरूट तंबाकू की खेती सलेटी से लाल मिट्टी से लेकर हल्की बजरीयुक्त से रेतली दोमट मिट्टी में की जाती है चबाने वाला तंबाकू हर किस्म की मिट्टी में उगाया जा सकता है जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें सिगार की अच्छी गुणवत्ता के लिए मिट्टी में रेत मिलायें नाइट्रोजन, पोटाशियम, कैलशियम और मैगनीशियम की उच्च मात्रा युक्त मिट्टी ही चुनें प्रसिद्ध किस्में :- Flue-Cured Virginia (FCV), Bidi, Hookah and Chewing, Cigar filler, Cigar Wrapper,Cheroot, Burley मिट्टी की किस्म के आधार पर खेत की मोल्ड बोर्ड और सिंगल हल से 6-10 बार जोताई करें डलियों को तोड़ने और मिट्टी को समतल करने के लिएहैरो से जोताई करें नदीनों को निकाल दें और खेत को नदीन मुक्त रखें मिट्टी की किस्म के आधार पर, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छी तरह से मिलायें यह बिजाई के क्षेत्र और किस्म पर निर्भर करता है विभिन्न किस्मों के लिए नर्सरी की बिजाई और रोपाई का समय अलग अलग होता है, चाहे ये समान जगह पर हो नर्सरी में बिजाई के लिए अप्रैल से मई का महीना उपयुक्त होता है और रोपाई अक्तूबर महीने में की जा सकती है फासला क्षेत्र और किस्म के साथ अलग होता है FCV तंबाकू के लिए 70x50 सैं.मी. या 100x60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीड़ी तंबाकू के लिए 90x60 सैं.मी., 100x75 सैं.मी. या 75x50 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बरली, नाटू और लंका तंबाकू के लिए 90x45 सैं.मी. या 90x90 सैं.मी. या 60x60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें सिगार और चिरूट के लिए 70x50 सैं.मी. या 60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें हुका के लिए 90x90 सैं.मी. या 60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नए पौधों का मुख्य खेत में रोपण किया जाता है रोपाई मेंड़ों पर या समतल बैडों पर की जाती है तंबाकू के बीज छोटे और अंडे के आकार के होने के कारण ये खेत में सीधा बोने के लिए उपयुक्त नहीं होते इसलिए इन्हें पहले नर्सरी में बोया जाता है और बाद में मुख्य खेत में रोपण कर दिया जाता है नर्सरी के लिए रेतली या रेतली दोमट मिट्टी चुनें भारी काली मिट्टी ना लें क्योंकि ये मिट्टियां हल्के निकास वाली होती हैं जिससे नर्सरी में उखेड़ा रोग की बीमारी आ जाती है गहरे धूप और भारी बारिश के दौरान नर्सरी को नुकसान से बचायें मल्च और कवर का प्रयोग करें आवश्यकता के अनुसार नाइट्रोजन का बुरकाव करें जब पौधे 6-8 सप्ताह के हो जायें तब वे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों के नर्सरी में से निकालने से एक सप्ताह पहले सिंचाई देना बंद कर दें तंबाकू की सभी किस्मों के लिए प्रति एकड़ में 1.2 से 2 किलो बीजों की मात्रा उपयुक्त होती है तंबाकू उगाने वाले विभिन्नि क्षेत्रों में खादों की मात्रा भी विभिन्न होती है खेत की तैयारी के समय 10 टन रूड़ी की खाद या अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर या फिल्टर प्रैस केक प्रति एकड़ में डालें फासफोरस 40 किलो (एस एस पी 250 किलो) शुरूआती खुराक के तौर पर डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो) का बुरकाव प्रति एकड़ में करें नर्सरी में, नदीनों की जांच के लिए हाथों से गोडाई करें मुख्य खेत में, रोपाई के बाद शुरूआती 60 दिनों तक खेत को नदीन मुक्त रखें मुख्य खेत में, कतारों में फासला ज्यादा होने के कारण इसमें अंतरफसली संभव है पर रखा जाता है, इनमें अंतर कतारों में खेती संभव है हाथों से 1-2 गोडाई करें इससे नदीनों पर पर्याप्त नियंत्रण होता है तंबाकू की फसल अंकुरन की बाद की नदीनाशकों के प्रति संवेदनशील होती है इसलिए मुख्य खेत में पौधों की रोपाई से पहले नदीनाशक जैसे प्रोनामाइड, फलूक्लोरालिन, इसोप्रोपालिन, इसोक्साबेन डालें काली मिट्टी में तंबाकू सामान्य सिंचित नहीं होता, लेकिन कई हालातों में 40 दिन के पौधों को एक सिंचाई देने की सिफारिश की गई है जब इसकी खेती हल्की मिट्टी में की जाए तो छ: सिंचाइयों की आवश्यकता होती है सिंचाई के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले पानी का प्रयोग करें, इसमें क्लोराइड की मात्रा 50 पी एम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे पत्ते झुलस जाते हैं और पत्तों की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ेगा जब सामान्य हरे रंग के पत्ते पीले हरे से हल्के पीले में बदल जायें तब वे कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं कटाई का समय क्षेत्र और किस्म के आधार पर अलग अलग होता है आंध्र प्रदेश में flue-cured Virginia की कटाई का उपयुक्त समय दिसंबर-मार्च जबकि कर्नाटका में कटाई के लिए जुलाई-सितंबर का महीना उपयुक्त समय होता है बीड़ी तंबाकू की कटाई जनवरी फरवरी में की जाती है सिगार और चेरूट तंबाकू की कटाई का सही समय रोपाई के 90-100 दिनों के बाद पत्तों के नाज़ुक और पीले रंग के हो जाने पर होता है जबकि चबाने वाले तंबाकू की कटाई रोपाई के 110-120 दिनों के बाद की जाती है हुका तंबाकू का सही समय मई जून का महीना होता है कटाई के लिए दो ढंगों का प्रयोग किया जाता है प्राइमिंग और तना काटकर प्राइमिंग : सामान्य तौर पर ऊपरी पत्तों की बजाय निचले पत्ते जल्दी परिपक्व होते हैं पत्तों के पकने पर कटाई करें और कुछ पत्तों को निकाल लें सिगरेट और रैपर तंबाकू के लिए प्राइमिंग ढंग का प्रयोग किया जाता है तना काटकर : सिगार, चेरूट, चबाने वाले, बीड़ी और हुका के लिए तना काटकर ढंग का प्रयोग किया जाता है इस विधि में ज़मीनी स्तर से पौधे का भाग दरांती की सहायता से काटा जाता है और उसे सूखने के लिए पूरी रात खेत में छोड़ दिया जाता है ज्यादा संख्या में पत्तों के परिपक्व होने पर कटाई करें औसतन, flue cured Virginia और नाटू तंबाकू की उपज 312 किलो और 395 किलो प्रति एकड़ प्राप्त होती है बीड़ी तंबाकू की 145-187 किलो प्रति एकड़ उपज प्राप्त होती है सिगार, चेरूट और चबाने वाले तंबाकू की औसतन उपज 520-666 किलो प्रति एकड़ में प्राप्त होती है
Posted by ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ
Punjab
19-08-2019 08:43 AM
Punjab
08-21-2019 07:16 PM
ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਨਵੇ ਪੱਤੇ ਕੱਢ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by prince
Punjab
19-08-2019 08:41 AM
Punjab
08-21-2019 07:10 PM
prince ji jhone de 30 tillers hunde han .dhanwad
Posted by Sarjan Ahirwar
Madhya Pradesh
19-08-2019 08:40 AM
Punjab
08-19-2019 06:53 PM
इसमें कीट का हमला है इसकी रोकथाम के लिए आप quinalphos 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं इसके अलावा आप खेत को नदीन मुक्त रखें, नदीनों के कारण ही खेत में केट हमला होता है
Posted by leeladhar saini
Rajasthan
19-08-2019 08:38 AM
Punjab
08-19-2019 06:53 PM
आप इसके पत्तो के नीचे मच्छर का हमला चेक करें यदि मौजूद है तो आप imidacloprid 1.5ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और जो फल नहीं आता है उसके लिए आप NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Amit
Uttar Pradesh
19-08-2019 08:34 AM
Punjab
08-19-2019 08:38 AM
Amit ji kripya aap btaye ke aap tmatar ki kheti ke bare men Kya jankari Lena chahte hai Taki aapko iske bare me. poori jankari di ja sake.
Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
19-08-2019 08:28 AM
Punjab
08-19-2019 02:23 PM
Gurkirt sandhu ji dita gea no. Assistant Fisheries Development Officer Sh. Sandeep Vashist ji da hai jo ke bilkul sahi hai ate chal vi reha hai, baki kisan veera nu jo vi no. dite jande han ohna di pushtti sadi Apni kheti team valo karan to baad hi dite jande han. Thankyou.
Posted by rishi
Madhya Pradesh
19-08-2019 08:27 AM
Punjab
08-19-2019 02:35 PM
अश्वगंधा को चमत्कारी जड़ी बूटी के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इससे बहुत सारी दवाइयां बनाई जा सकती हैं बढ़िया निकास वाली रेतली दोमट या हल्की लाल मिट्टी, जिसका 7.5-8.0 pH हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है नमी बरकरार रखने वाली और जल सोखने वाली मिट्टी में अश्वगंधा की खेती नहीं की जा सकती है इसके लिए मिट्टी हल्की.... (Read More)
अश्वगंधा को चमत्कारी जड़ी बूटी के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इससे बहुत सारी दवाइयां बनाई जा सकती हैं बढ़िया निकास वाली रेतली दोमट या हल्की लाल मिट्टी, जिसका 7.5-8.0 pH हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है नमी बरकरार रखने वाली और जल सोखने वाली मिट्टी में अश्वगंधा की खेती नहीं की जा सकती है इसके लिए मिट्टी हल्की, गहरी और अच्छे जल निकास वाली होनी चाहिए अच्छे निकास वाली काली और भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती हैं प्रसिद्ध किस्में:- Jawahar Asgand-20 and Jawahar Asgand-134,Raj Vijay Ashwagandha-100,Rakshita and Poshita अश्वगंधा की खेती के लिए भुरभुरी और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें और बारिश से पहले खेत की डिस्क या तवियों से जोताई करें खेत को अप्रैल-मई के महीने में तैयार करें अश्वगंधा की खेती के लिए जून-जुलाई के महीने में नर्सरी तैयार करें अंकुरन प्रतिशतता के आधार पर, पंक्ति में फासला 20-25 सैं.मी. और पौधों में फासला 10 सैं.मी. रखें बीज को बोने के लिए 1-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई पनीरी मुख्य खेत में लगा क्र की जाती है अच्छी किस्मों के लिए 4-5 किलो बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाली बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए, थीरम या डाईथेन एम 45 (इनोफिल एम 45 ) 3 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें उपचार के बाद बीजों को हवा में सुखाएं और बिजाई के लिए प्रयोग करें बिजाई से पहले खेत की हल से एक बार जोताई करें फिर तवियों से मिट्टी के भुरभरा होने तक दो बार जोताई करें और मिट्टी को पोषक बनाने के लिए जैविक तत्व डालें नर्सरी बैड को सतह से ऊपर उठाकर उपचार किए गए बीजों का बोने के लिए प्रयोग करें रोपाई से पहले 10-20 टन रूड़ी की खाद, यूरिया 15 किलो और 15 किलो फासफोरस मिट्टी को पोषित करने के लिए डालें बीज 5-7 दिनों में अंकुरित हो जाते हैं और लगभग 35 दिनों में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई से पहले आवश्यकता अनुसार पानी दें ताकि नए पौधों को आसानी से निकाला जा सके 60 सैं.मी. के फासले पर मौजूद 40 सैं.मी. की चौड़ी मेंड़ों पर रोपाई करें खेत दी तैयारी के समय, लगभग 4-8 टन रूड़ी की खाद प्रति एकड़ डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें फिर सुहागे के साथ खेत को समतल करें इस में किसी भी रासायनिक खाद या कीटनाशक प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह एक चिकित्सिक पौधा है और जैविक खेती के द्वारा उगता है कुछ जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद आदि जरूरत अनुसार प्रयोग की जा सकती है कुछ बायो-कीटनाशक, जोकि नीम, चित्रकमूल, धतूरा, गौ-मूत्र आदि से तैयार होते है, इनको मिट्टी और बीजों से पैदा होने वाली बीमारीयों को रोकने के लिए प्रयोग किया जा सकता है मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन(यूरिया 14 किलो) और फासफोरस 6 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 38 किलो) प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त करने के लिए आमतौर पर दो बार गोडाई की आवश्यकता होती है पहली बिजाई के 20-25 दिनों और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिनों के बाद करें नदीनों को रोकने के लिए बिजाई से पहले इसोप्रोटूरान 200 ग्राम और ग्लाइफोसेट 600 ग्राम प्रति एकड़ में डालें अनावश्यक पानी और बारिश के साथ फसल को नुकसान होता है यदि बारिश वाले दिन हो तो सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, 1-2 बार जीवन रक्षक सिंचाइयां करें सिंचित हालातों में फसल को, 10-15 दिनों में एक बार सिंचाई करें पहली सिंचाई अंकुरन से 30-35 दिनों के बाद और दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 60-70 दिनों के बाद करनी चाहिए पौधा 160-180 दिनों में पैदावार देना है कटाई सूखे मौसम में करें, जब पत्ते सूख रहे हो और फल लाल संतरी रंग के हो जायें कटाई हाथों से जड़ों को उखाड़कर या मशीन द्वारा बिना जड़ों को नुकसान पहुंचाए की जाती है,जैसे कि पावर टिल्लर या कंट्री पलोअ आदि के साथ
Posted by Rajesh Kumar Chandrakar
Chattisgarh
19-08-2019 08:22 AM
Maharashtra
02-11-2020 04:56 PM
Rajesh Kumar Chandrakar ji, metripil mein metribuzin nam ka chemical hota hai, yeh bareek patte vale nadeen ki roktham ke liye istemla kiya jata hai, iski matra Metribuzin 70WP@400gm/acre ke hisaab se istemal kiya jata hai, dhanywad
Posted by akash singh
Punjab
19-08-2019 08:19 AM
Maharashtra
08-21-2019 07:12 PM
ਪੱਤਿਆਂ ਦੀ ਪਰਤ ਉੱਤੇ ਸਲੇਟੀ ਰੰਗ ਦੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੀ ਧਾਰੀ ਵਾਲੇ ਧੱਬੇ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ I ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਧੱਬੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ I ਜਿਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਾਣਾ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ I ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ I ਖੇਤ ਨੂੰ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰਾ ਰੱਖੋ I ਜੇਕਰ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਲੱਛਣ ਆਉਣ ਤਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ ਜਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟ.... (Read More)
ਪੱਤਿਆਂ ਦੀ ਪਰਤ ਉੱਤੇ ਸਲੇਟੀ ਰੰਗ ਦੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੀ ਧਾਰੀ ਵਾਲੇ ਧੱਬੇ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ I ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਧੱਬੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ I ਜਿਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਾਣਾ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ I ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ I ਖੇਤ ਨੂੰ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰਾ ਰੱਖੋ I ਜੇਕਰ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਲੱਛਣ ਆਉਣ ਤਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ ਜਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਟਿਲਟ 25 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ 25% ਕਾਰਬੈਂਡਾਜ਼ਿਮ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਦੌਰਾਨ ਇਸ ਘੋਲ ਦਾ ਫਿਰ ਤੋਂ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I
Posted by akash singh
Punjab
19-08-2019 08:19 AM
Punjab
08-19-2019 05:57 PM
ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀਂ ਹਾੱਪਰ ਦੇ ਲਈ buprofezin 250ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹਾੱਪਰ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Damodar Damodar Kumar
Bihar
19-08-2019 08:15 AM
Punjab
08-19-2019 08:42 AM
Domodar ji kripya aap apna swal vistar se pooche Taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.
Posted by baljit singh
Punjab
19-08-2019 08:14 AM
Punjab
08-19-2019 06:00 PM
Eh jille de hisab nal rate alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega. Example Fat 4.0 *200 =800 Snf 8.0 *=170=1360 800+1360=2160 Rate per kg 21.60 paise Milk 01 litre 21.60 Milk 10 litre 216 rupees
Posted by Damodar Damodar Kumar
Bihar
19-08-2019 08:12 AM
Punjab
08-20-2019 04:25 PM
Damodar ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja ske.
Posted by Sallu Bhai
Rajasthan
19-08-2019 08:01 AM
Punjab
08-19-2019 06:55 PM
अदि इसकी टहनियां ऊपर से नीचे सूख रही है तो यह डाईबैक नाम की बीमारी है, इसके लिए आप सूखी हुई टहनियों को काटकर उसके ऊपर बोर्डो पेस्ट का इस्तेमाल करें या पॉपर ऑक्सीक्लोराइड 3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Narpat Limba
Rajasthan
19-08-2019 07:52 AM
Punjab
08-21-2019 07:13 PM
नरपत जी कृपया बताये के इसमें आपने खाद और स्प्रे कोनसी इस्तेमाल की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Dheeraj kamboj
Punjab
19-08-2019 07:35 AM
Punjab
08-19-2019 07:51 AM
Posted by DHOLOO RAM
Haryana
19-08-2019 07:35 AM
Punjab
08-21-2019 07:15 PM
आप इसके पत्तों के नीचे मछर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Aajad
Uttar Pradesh
19-08-2019 07:32 AM
Punjab
08-21-2019 07:16 PM
ajad ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Raghuveer singh
Rajasthan
19-08-2019 07:31 AM
Posted by Sandeep kumar
Haryana
19-08-2019 07:25 AM
Punjab
08-19-2019 09:57 PM
Usko aap Fortivir injection 15-15ml krke gardan ke dono taraf lgayen, yeh sirf 1 injection lgana hai iske sath aap Durbon plus vet 15ml, Avil 10ml, lgwayen yehh aap 2 din lgwayen, isse fark pad jayega.
Posted by gurpreet singh
Punjab
19-08-2019 07:16 AM
Punjab
08-19-2019 07:53 AM
Posted by Netram sahu
Chattisgarh
19-08-2019 07:08 AM
Punjab
08-19-2019 07:57 AM
Netram ji dhan me tana chedak ki roktham ke liye aap iske uper fame@20 ml ya coragen@60 ml ko 150 litre pani me Mila Kar spray kare.blast ki roktham ke liye aap UPL ki saaf@400 gram ya custodia@300 ml ko 150 litre Pani me Mila Kar spray karen.
Posted by singh dhaliwal
Punjab
19-08-2019 07:05 AM
Punjab
08-21-2019 07:49 PM
ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 191919 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Lyrics Sandhu Gurwinder
Punjab
19-08-2019 06:58 AM
Punjab
08-19-2019 08:19 AM
ਜੇਕਰ ਉਸਦੇ ਲੇਵੇ ਨੂੰ ਸੋਜਿਸ਼ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀਆ ਮਿਰਚਾਂ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਲਿਆ ਕੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀ ਵਾਲਾ ਪੇਠਾ 1 ਕਿਲੋ ਰੋਜਾਨਾ ਖਿਲਾਓ, 5 ਦਿਨ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੇਕਰ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ carpaid injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ carries company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ cotalife injection ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇੱਕ ਲਗਵਾਓ.
Posted by Amit Meel
Haryana
19-08-2019 06:58 AM
Punjab
08-19-2019 08:00 AM
अमित जी नरमे की लम्बाई के लिए आप 13:00:45@2 किलो या hoshi@400 ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Netram sahu
Chattisgarh
19-08-2019 06:58 AM
Punjab
08-19-2019 08:00 AM
netram ji tana chedak ke liye aap fame@20 ml ya coragen@60 ml ko 150 litre Pani men Mila Kar spray karen.
Posted by amit
Rajasthan
19-08-2019 06:53 AM
Punjab
08-19-2019 08:01 AM
अमित जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि कपास में कौन से रोग की रोकथाम के लिए जानकारी लेना चाहते हैं ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
19-08-2019 06:50 AM
Punjab
08-19-2019 08:02 AM
rajwinder ji hexaconazole di matra 250-300 ml prati acre de hisab nal varti jandi hai.
Posted by Rafik mohammad
Rajasthan
19-08-2019 06:48 AM
Punjab
08-19-2019 08:07 AM
Rafik ji yeh kayi karno ke Karn hota hai isme tatv ki kami ke Karn bhi hoti hai aur agar kisi kami ke Karn hota hai kripya aap fasl ka sarvekhn Kare ya aap Iski photo bheje Taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.
Posted by Akash Sharma
Uttar Pradesh
19-08-2019 06:44 AM
Punjab
08-19-2019 06:47 AM
Akash ji dhan me jyada paidavar ke liye aap Iski sahi dekhbhal Karen aur ise bimari ya keet ke hamle se bchaye is se dhan ki paidavar aachi ho jayegi.
Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
19-08-2019 06:26 AM
Punjab
08-19-2019 08:20 AM
आप butox दवा को 2 मि.ली. प्रति एक लीटर पानी में मिलाकर पशुओं के ऊपर स्प्रे कर सकते है बाकि आप उनके आस पास साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
19-08-2019 06:24 AM
Punjab
08-19-2019 06:35 PM
Posted by ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
19-08-2019 06:20 AM
Punjab
08-19-2019 06:42 AM
सुरजीत सिंह जी कृपया आप यह बताएं कि कौन सी फसल पर स्प्रे करना चाहते हैं ताकि आपको इसकी सही जानकारी दी जा सके
Posted by ram prasad kumar
Bihar
19-08-2019 06:00 AM
Punjab
08-19-2019 06:49 AM
Ram Prasad ji aap khet ko pashuon se bchane ke liye khet ki fencing Kar sakte hai iske Ilava koi dawa ki spray sifarish nahi ki jati.
Posted by brajmohan yadav
Uttar Pradesh
19-08-2019 05:27 AM
Punjab
08-19-2019 06:08 PM
Ek bigha me 0.6378 acre hota hai aur ek acre me 1.6 bigha hota hai, yeh area per v depend krta hai.
Posted by akhilesh
Rajasthan
19-08-2019 03:20 AM
Punjab
08-19-2019 05:25 AM
अखिलेश जी धान कितने दिन का है, कृपया यह बताएं
Posted by shagufta
Uttar Pradesh
19-08-2019 01:34 AM
Punjab
08-19-2019 08:23 AM
Shagufta ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap bakri ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.
Posted by shagufta
Uttar Pradesh
19-08-2019 01:17 AM
Punjab
08-19-2019 08:24 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by shagufta
Uttar Pradesh
19-08-2019 01:15 AM
Punjab
08-19-2019 08:25 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा