
Posted by harvinder singh
Rajasthan
19-08-2019 07:52 PM
Shrimaan g cotton mein NPK 13.O.45 @2 kg per acre ko 200 liter pani mein mila ke spray kro g or eske 3 spray weekly interval per kro g..

Posted by ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-08-2019 07:48 PM
ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ-ਮੁਕਤ ਰੱਖਣ ਲਈ ਥੋੜੇ-ਥੋੜੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਹੀ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਿਨਬਾਰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਮਲਚ ਦੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਸ਼ਕ ਆਕਸੀਫਲੋਰਫੇਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 800 ਮਿ.ਮੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ .... (Read More)
ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ-ਮੁਕਤ ਰੱਖਣ ਲਈ ਥੋੜੇ-ਥੋੜੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਹੀ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਿਨਬਾਰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਮਲਚ ਦੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਸ਼ਕ ਆਕਸੀਫਲੋਰਫੇਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 800 ਮਿ.ਮੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਡੈਲਾਪੋਨ 1.6 ਕਿਲੋ ਜਾਂ ਗਰੈਮੋਕਸੋਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਡਿਊਰੋਨ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੇਰਬੇਸਿਲ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ

Posted by पवन पाटीदार
Madhya Pradesh
19-08-2019 07:42 PM
पवन जी आप अमरुद की किसम जैसे Lucknow Safeda की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Savrup Rathoure
Rajasthan
19-08-2019 07:42 PM
savrup ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke moongfali ko koi bimari ya keet ka hamla hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Qurban BARAD
West Bengal
19-08-2019 07:39 PM
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध कि.... (Read More)
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਵੱਟਸ ਐਪ +919524823000
Punjab
19-08-2019 07:35 PM
tuci uss nu Clinerpet shampo nal nhwao, ehh shampoo tuci usde sarir te changi trah jagh krke 5-7 mint tak lgga rehnn deo fir badd vich pani pao, iss nal frak paa jawega..
Posted by gurpreet singh
Himachal Pradesh
19-08-2019 07:33 PM
गुरप्रीत जी यदि आप इस काम को बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम के बारे में सही जानकारी प्राप्त हो जाएगी और आप छोटी छोटी समस्याओं को खुद अपने फार्म पर इलाज कर सकते है बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें ख.... (Read More)
गुरप्रीत जी यदि आप इस काम को बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम के बारे में सही जानकारी प्राप्त हो जाएगी और आप छोटी छोटी समस्याओं को खुद अपने फार्म पर इलाज कर सकते है बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं..
Posted by Chandan Singh
Haryana
19-08-2019 07:26 PM
चन्दन जी यह बीज के कारण होता है इसका कोई इलाज नहीं है अगर इसकी बालियाँ निकलनी शुरू हो गयी है धन्यवाद
Posted by puja
Madhya Pradesh
19-08-2019 07:20 PM
puja ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Jagseer sidhu
Punjab
19-08-2019 07:18 PM
Jagseer ji tuci uss nu suun ton 1 hafte badd pett de kiria lai goli deo ji..

Posted by Dharminder singh
Punjab
19-08-2019 07:12 PM
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ fame @20 ml ਜਾ coragen @60 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by purnaprakash sahu
Chattisgarh
19-08-2019 07:12 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Amarjeet singh
Haryana
19-08-2019 07:12 PM
Amarjeet singh ji rouni mele te PAU vallo sifarish kite jande kanak diya sariya kisma de seed milange ji. patiala di koe variety nai hai ji ludhiana university wale hi milange ji.

Posted by harpreet singh
Punjab
19-08-2019 07:05 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲਾ 17 ਸਤੰਬਰ 2019 ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ,ਧੰਨਵਾਦ

Posted by kalu
Rajasthan
19-08-2019 06:57 PM
कालू जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के मूंग में दिक्कत क्या आ रही है और इसके इलावा आपने जो फोटो भेजी है वो अँधेरे में है कृपया आप इसकी साफ़ फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by मुनेश राजपूत
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:52 PM
Kripya aap apna swal vistar se pushen ki apko kya samsia aa rehi hai aur aap apne swal ke sath photo v jrur upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee.

Posted by BALKAR SINGH
Punjab
19-08-2019 06:49 PM
ਇਸ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਛਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਕਪਤਾਨ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਫ਼ਲ ਪੈਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਪੱਕਣ ਤੱਕ ਲਗਾਤਾਰ ਕਪਤਾਨ ਦਾ 10 ਤੋਂ 15 ਦਿਨਾ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀ.... (Read More)
ਇਸ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਪੌਦੇ ਦੇ ਹਿੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਛਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਕਪਤਾਨ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਫ਼ਲ ਪੈਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਪੱਕਣ ਤੱਕ ਲਗਾਤਾਰ ਕਪਤਾਨ ਦਾ 10 ਤੋਂ 15 ਦਿਨਾ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਕੋਪਰ ਆਕਸੀਕਲੋਰਾਈਡ ਦਾ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰ ਕੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਬੂਟਿਆਂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ

Posted by Dinesh Patil
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:45 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें

Posted by ਸਰਦਾਰ ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ
Punjab
19-08-2019 06:45 PM
ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sanjeev lodhi
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:43 PM
संजीव जी आप बीटल नसल की बकरी रख सकते है ये मीट और दूध दोंनो कामों के लिए ठीक है इसके इलावा यदि आप मीट के लिए रखना चाहते है तो बरबरी नस्ल रख सकते है
Posted by Udeypunia Kuchrania
Haryana
19-08-2019 06:40 PM
उदयपूणिआ जी कृपया आप इसके लेबल की फोटो भेजे या इसके साल्ट का नाम बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by kuldeep singh rathore
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:34 PM
कुलदीप जी इसके लिए आप इसके ऊपर mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
19-08-2019 06:34 PM
ਕਿਰਨਦੀਪ ਜੀ ਜੇਕਰ ਬੀਜ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਵਹਿ ਗਿਆ ਤਾ ਇਹ ਨਹੀਂ ਉਗੇਗੀ

Posted by sidharath
Himachal Pradesh
19-08-2019 06:28 PM
uss nu tuci 250 gm saro da tel, 100gm haldi, 250gm dahi, 250gm ptase lao ate mix krke swere sham deo, ehh tuci 2-3 din deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Ranjeet singh
Punjab
19-08-2019 06:28 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ, ਇਹ ਇੱਕ fungicide ਹੈ, ਜੋਕੇ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 250 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Mandeep singh
Punjab
19-08-2019 06:26 PM
मनदीप जी, यह फंगस के हमले के कारण होता है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें custodia @ 300 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Ranjeet singh
Punjab
19-08-2019 06:26 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦਵਾਈ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਵਿੱਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ग्राम भकुराई
Uttar Pradesh
19-08-2019 06:23 PM
भकुराई जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by daud
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:17 PM
ये आपके बकरों के खाने पर निर्भर करता है कि वो दाना पानी में खाते है या सूखा खाते है जिस तरह से वो खाते है आप उस हिसाब से दे सकते है बाकि आप उन्हें पेट के कीड़ों के लिए Nilzan 1ml/3kg शरीर के भार के हिसाब से जरूर दें इससे पेट के कीड़े खत्म होते है

Posted by paras ram janwa
Rajasthan
19-08-2019 06:17 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 2 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम .... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 2 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा
Posted by Boota Singh
Punjab
19-08-2019 06:16 PM
Boota singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by vinay
Punjab
19-08-2019 06:13 PM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होत.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है मतलब की 10,000 लीटर इसमें हम अपना मछली पालन शुरू करके 1100-1300 किलो fish बना सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, shrimp farming मतलब की झींगा इसका culture period -90 दिन का होता है BFT टैंक में आपको C:N ratio की सहायता से आपको बढ़िया बैक्टीरिया maintain करना होता है, और drainage की सहायता से sludge removal किया जाता है अगर आपका मैनेजमेंट एकदम सटीक रहा तो 0 % प्रतिशत पानी अदला-बदली किये बिना culture पूरा किया जा सकता है आपको उचित blower की सहायता से DO (dissolved oxygen ) maintain करने की ज़रूरत पड़ती है C:N ratio मतलब की कार्बन: नाइट्रोजन ratio अनुपात बनाएं रखना पड़ता है कार्बन जिससे की बैक्टीरिया (हेट्रोट्रॉपिक बैक्टीरिया) ठीक से काम करके नाइट्रोजन को कम कर सके क्योंकि नाइट्रोजन का एक हिस्सा जो कि non ionised Ammonia [NH3] जो मछली के लिए जानलेवा होता हैैै अधिक जानकारी के लिए 9096843382 पर फ़ोन कीजिये.

Posted by Deepak Kumar goutiya
Madhya Pradesh
19-08-2019 06:08 PM
पोल्ट्री प्रक्षिक्षण शिविर कृषि विज्ञान केंद्र Umaria में होगी जी जिसकी अभी तक कोई तरीक जारी नहीं की गयी है जी , आप इसका पता नोट करे और वह जाकर अपना नाम लिखवाये जी उसके बाद जब ट्रेनिंग शुरू होगा तो आपको कॉल करके बता दिया जायेगा Krishi Vigyan Kendra
New Jwalamukhi colony
Umaria, Distt. Umaria
(M.P.) Pin-484661

Posted by mandip ghuman
Punjab
19-08-2019 06:04 PM
hnji milkout powder gaban pashu nu de sakde ha ji eh 30gm rozana de sakde ha ji.
Posted by ZAKIR
Maharashtra
19-08-2019 06:00 PM
Zakir ji yaddi chicks bimar hai too aap unko nazdiki doctor se janch krwayen unki janch krke sahi ilagg ho skta hai, yadi aap kush aur jankari lena chahte hai too dubara vistar se apna swal push skte hai.
Posted by ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
19-08-2019 05:57 PM
tuci uss nu naxdiki polly clinic hospital vich laa jaoo uthe isda liver Test ate blood test krwao, uss nal tuhanu iss vare sahi jankari millegi ate isda sahi ilagg howega..
Posted by Balram
Uttar Pradesh
19-08-2019 05:55 PM
बलराम जी, यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें copper oxychloride @ 3 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
19-08-2019 05:54 PM
bilkul Pala sakde tohra Gur the tarmira paya sakde
Posted by gurjot bajwa
Punjab
19-08-2019 05:53 PM
tuci uss nu uterotone liquid 100-100ml swere sham deo ya tuci Metra liquid 100-100ml swere sham de skde ho, iss nal frak paa jawega..

Posted by Baljinder Brar
Punjab
19-08-2019 05:47 PM
Posted by Babli singh
Punjab
19-08-2019 05:46 PM
dhalwinder singh ji eh bare sadi team tohanu contact karegi te app di jo v muskil hovegi osda hall karvaeya javega ji. dhanwad.

Posted by Vijay Kumar Yadav
Uttar Pradesh
19-08-2019 05:28 PM
vijay g aap 9646457187 par call kre , aap ko jaankari mil jyegi
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