
Posted by Vishal kamboj
Punjab
20-08-2019 08:37 AM
ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by PATEL
Madhya Pradesh
20-08-2019 08:30 AM
धान के बढ़िया फुटाव के लिए अब आप यूरिया के साथ biovita @8 किलो या फिर टाटा की ralli gold @4 किलो को प्रति एकड़ में इसका छींटा दें, इससे आपका धान बढ़िया फुटाव कर लेगा
Posted by vinay Kumar
Uttar Pradesh
20-08-2019 08:30 AM
Vinay ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare me poori jankari di ja sake.dhanwyad

Posted by a k
Uttar Pradesh
20-08-2019 08:23 AM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी .... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें

Posted by Shivmangal Singh
Uttar Pradesh
20-08-2019 08:20 AM
Posted by Anil Patel
Madhya Pradesh
20-08-2019 08:15 AM
अच्छे विकास और अच्छी पैदावार के लिए यूरिया 3 किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद 60 वें और 75 वें दिन स्प्रे करें

Posted by Dhanraj patel
Uttar Pradesh
20-08-2019 08:09 AM
धनराज जी कृपया आप बताये के कोनसे कीट का हमला हुआ है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by gurpreet singh
Punjab
20-08-2019 08:02 AM
ਬਰਸੀਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾਂ ਹਫਤਾ ਸਹੀ ਹੈ
Posted by gurpreet singh
Punjab
20-08-2019 08:00 AM
ਬਰਸੀਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾਂ ਹਫਤਾ ਸਹੀ ਹੈ
Posted by Talwinder singh
Punjab
20-08-2019 07:53 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by Dhanraj patel
Uttar Pradesh
20-08-2019 07:50 AM
धनराज जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Šàñðêêp Śàhãňî
Bihar
20-08-2019 07:44 AM
संदीप जी कृपया आप कड़े की फोटो भेजें ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके

Posted by pawan
Punjab
20-08-2019 07:39 AM
पवन जी आप भैंस को ब्याने के बाद Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम दें इसके साथ आप Lactomax bolus 10 गोलियां रोजाना दें इससे दूध बढ़ जाएगा बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और समय समय पर उसे पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर देते रहें

Posted by pawan
Punjab
20-08-2019 07:37 AM
आप भैंस को anabolite liqiud 100 ml रोज़ाना दे और साथ में glactogouge powder 1-1 पाउच सवेरे और शाम को दे और साथ में calcimust gold liqiud 50 ml रोज़ाना दे जी

Posted by कुंवर साहब
Uttar Pradesh
20-08-2019 07:35 AM
कुंवर साहब जी यह बरबरी नसल का बकरा है और पलने में ठीक रहेगा जी

Posted by Mandeep singh
Punjab
20-08-2019 07:33 AM
uss nu lactomood 10-10 drops din ch 3 varr, enerdyna liqiud 100-100 ml swere sham ate milkout powdet 2-2 chmach swre sham deo ji, iss nal frakk paa jawega.

Posted by Annu kushwaha
Madhya Pradesh
20-08-2019 07:31 AM
अन्नू जी आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधे तत्वों को कम सोखते हैं और इससे पौधे के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है इस तरह की स्थितियों में फोलियर स्प्रे पौधे के विकास .... (Read More)
अन्नू जी आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधे तत्वों को कम सोखते हैं और इससे पौधे के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है इस तरह की स्थितियों में फोलियर स्प्रे पौधे के विकास में मदद करती है शाखाएं और टहनियां निकलने के समय 19:19:19 या 12:61:00 की 4-5 ग्राम प्रति लीटर स्प्रे करें पौधे के अच्छे विकास और पैदावार के लिए पनीरी लगाने के 40-50 दिन बाद 10 दिनों के फासले पर ब्रोसिनोलाइड 50 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर दो बार स्प्रे करें
Posted by jagram barupal asop
Rajasthan
20-08-2019 07:30 AM
जगराम जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्वारा भेजी गई ऑडियो में कुछ भी साफ़ सुनाई दे रहा
Posted by Laddi Singh Sarao
Punjab
20-08-2019 07:28 AM
JHONE DE LYI FUNGICIDE: iss de vich fungus de kaarn dhabbe bn jande hn. iss de upper Thiophanate methyl@300gm ja carbendazim@400gm ja M-45@400gm ja Upl di saaf@400gm nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. ihh dhabba rog thik ho jawega. iss ton ilaava ihna nu urea de nal mila ke v shitta de skde ho. iss nal jda di fungus control ho jawegi.Jekar kaale tele di aje shuruaat hai tan iss di roktham de lyi tuc chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr skde ho..ihna spreha di varto tela pain ton pehla kro..iss ton ilaava jekar tela jyaada fail gya hai tan uss di rokthaam de lyi 1 ltr DDVP nu 12 kg sukki ret de nal mila k khet de vich shitta de deo..iss ton bina tuc koram 300ml ja acetamiprid 20EC @60-80gm ja acephate@500gm nu.... (Read More)
JHONE DE LYI FUNGICIDE: iss de vich fungus de kaarn dhabbe bn jande hn. iss de upper Thiophanate methyl@300gm ja carbendazim@400gm ja M-45@400gm ja Upl di saaf@400gm nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. ihh dhabba rog thik ho jawega. iss ton ilaava ihna nu urea de nal mila ke v shitta de skde ho. iss nal jda di fungus control ho jawegi.Jekar kaale tele di aje shuruaat hai tan iss di roktham de lyi tuc chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr skde ho..ihna spreha di varto tela pain ton pehla kro..iss ton ilaava jekar tela jyaada fail gya hai tan uss di rokthaam de lyi 1 ltr DDVP nu 12 kg sukki ret de nal mila k khet de vich shitta de deo..iss ton bina tuc koram 300ml ja acetamiprid 20EC @60-80gm ja acephate@500gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray krdeo..iss ton ilaava tuc jhone de vich actara @80gm ja buprofezin@200ml nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr deo. jekar harra tela hai tan uss de lyi tuc solomon@120 ml prati acre de lyi spray kr skde ho...
Posted by jagram barupal asop
Rajasthan
20-08-2019 07:27 AM
जगराम जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें कि फसल में क्या समस्या आ रही है आपके द्वारा भेजी गई ऑडियो साफ़ सुनाई नहीं दे रही

Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
20-08-2019 07:24 AM
ਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਾਰ ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਇਹ ਦੋਨੋ ਹੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by सुरेश
Haryana
20-08-2019 07:15 AM
सुरेश जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by सुरेश
Haryana
20-08-2019 07:10 AM
सुरेश जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by kyamudeen mansuri
Rajasthan
20-08-2019 07:06 AM
Kyamudeen ji aap iske uper quinalphos@4 ml ko prati liter pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Ajeet Singh
Uttar Pradesh
20-08-2019 06:56 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Rahul
Haryana
20-08-2019 06:50 AM
Rahul ji kirpya btaye ke aapne iske uper koi spray ka istemal kiya hai ta ki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Rahul
Haryana
20-08-2019 06:48 AM
Sonu ji Cow byane mai 9 month 9 din ka sme letti hai, isme kush din uppar ja pehle v byaa skti hai isme darne wali baat nhi hai, yaddi usko kisi trah ki koi smasia ho rehi hai too aap usko nazdiki doctor se janch krwa skte hai..

Posted by irshad
Bihar
20-08-2019 06:44 AM
Irshad ji bihar me goat training ke liye aap Subash Kumar/Raj Kumar 9504617933, 9504097570 RS Goat Farm se samparak kar sakte hai, Thank you.
Posted by Amrit Sandhu
Punjab
20-08-2019 06:26 AM
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ ਇਹ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ferrous sulphate ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Ravish Kumar
Bihar
20-08-2019 06:26 AM
रविश जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Shubh Kang
Punjab
20-08-2019 06:14 AM
Shubhjeet kang ji isde lai tuci mere nal sampark 97815 89637 kr skde ho.
Posted by Krishna Mohan Kumar yadav
Bihar
20-08-2019 06:10 AM
कृष्णा मोहन जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप खार किसे बोल रहे हैं ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Rakesh
Uttar Pradesh
20-08-2019 06:08 AM
राकेश जी आप इसे 3 से 4 किलो वर्मीकम्पोस्ट प्रति पौधा डाले इस से पौधे की ग्रोथ हो जाती है धन्यवाद

Posted by kaushal verma
Uttar Pradesh
20-08-2019 06:02 AM
कौशल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by jitender kumar
Haryana
20-08-2019 05:52 AM
जीतेन्द्र जी कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Manpreet singh
Punjab
20-08-2019 05:35 AM
tuci uss nu Cargill di Transition mix feed deni suru kro, isde nal tuci Anabolite liquid 100ml rojana ate Vitum-H liquid 10ml rojana deo ji..

Posted by Sanjay sahu
Chattisgarh
20-08-2019 04:29 AM

Posted by shagufta
Uttar Pradesh
20-08-2019 02:14 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा

Posted by Gagandeep singh
Punjab
20-08-2019 12:52 AM
uss nu tuci Ifer-H injection 5ml lgwao ate FMC powder 50gm rojana dena suru kro, tuci 3 injection lgwaa skde ho ate 3-3 dina de frak nal lgwao iss nal frak paa jawega.
Posted by Arif Ahammed
West Bengal
20-08-2019 12:38 AM
आरिफ अहमद जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Dhiranjan kumar
Bihar
20-08-2019 12:36 AM
Dhiranjan ji aap iske uper quinalphos@4 ml ko prtai liter pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by sumit kataria
Rajasthan
20-08-2019 12:06 AM
असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें
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