Posted by Rajendra
Rajasthan
20-08-2019 01:29 PM
Khare paani ko mitha karne ki machine to aati hai lekin boh bohat mehngi padegi. aap ek baar nazdiki fish department se paani check karvao ji aap jhinga palan ka kaam shuru kar sakte ho ji.
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
20-08-2019 01:29 PM
Kewal singh ji tuci katte nu 1 month tak maa da dudh deo, uss ton badd dudh v deo ate holi holi pathe khan nu deo jiwe jiwe ohh apni mrji nal khnda hai, ohh holi holi pathe khane suru kr dewega..

Posted by md yousuf
Punjab
20-08-2019 01:27 PM
Motiyon ki kheti ke bare me jankari ke liye aap Manish Vasudev 9417652857 ji se baat kare yeh moti ki kheti ki traning bhi dethe hai or aapko guide bhi karege ji.
Posted by Lovely Brar
Punjab
20-08-2019 01:24 PM
ਲਵਲੀ ਜੀ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਨੋਮਨੀ ਗੋਲ੍ਡ @100 ml ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by Satnam singh gill
Punjab
20-08-2019 01:23 PM
satnam ji tuc isdi varto kar sakde ho eh sheath blight di roktham kardi hai.dhanwad

Posted by Sunil Kaushal
Punjab
20-08-2019 01:20 PM
Pesticide di shop kholan de lyi B.SC AGRICULTURE di degree kiti hoyi honi chaidi hai ate degree ton baad iss da dwaayian bechan da license bnda hai. iss da license bnaun de lyi tuhanu file kacheria de vicho mil jandi hai ate iss file nu tyaar kr ke chief of agriculture de sign krwa ke jmaa krwauni paindi hai ate ohh baad de vich location check krde hnn ate inquiry krde hnn ate 1 mahine de vich tuhada license bn janda hai. ihh jo chief of agriculture hunda hai ohh KVK de vich hunda hai. jile de vich iss officer di duty hundi hai.
Posted by pooran jat
Rajasthan
20-08-2019 01:16 PM
पूर्ण जी, यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें custodia @ 300 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by akash singh
Punjab
20-08-2019 01:06 PM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਅਸਰ ਲਗਭਗ 48 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੁੰਡੀ ਮਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by varinder singh jammu
Punjab
20-08-2019 12:58 PM
varinder ji eh sundi jhone da hra madha khandi hai jisde nal boota sukna shuru ho janda hai.dhanwad

Posted by Prakash pawar
Maharashtra
20-08-2019 12:58 PM
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिले.... (Read More)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है.

Posted by Chandra mohan singh
Bihar
20-08-2019 12:57 PM
चंद्र मोहन जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Dharminder Singh
Punjab
20-08-2019 12:53 PM
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾ.... (Read More)
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾਨ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲ ਰਹੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਮੈ ਇਸ ਤੇ ਜਲਦੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਤੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਿਹਾਂ ਹਾਂ ਜੀ , ਜਦੋਂ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ.

Posted by khuspal
Punjab
20-08-2019 12:42 PM
ਪੂਸਾ 44: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ 155 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ 90 ਮਣ ਤੱਕ ਚਲਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by Gopi Sarpanch
Punjab
20-08-2019 12:41 PM
ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ 1 ਮਿ.ਲੀ.ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਜਾਂ ਟ੍ਰਾਈਫਲੋਕਸੀਸਟ੍ਰੋਬਿਨ+ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ 0.6 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60ਵੇਂ, 90ਵੇਂ ਅਤੇ 120ਵੇਂ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਬਿਮਾਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਦਿਖੇ ਤਾਂ ਕੋਪਰ ਆਕਸੀਕਲੋਰਾਈਡ ਜਾਂ ਕਪਤਾਨ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜਾਂ ਕਾਰਬੈਂਡਾਜ਼ਿਮ 12%+ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 63% .... (Read More)
ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ 1 ਮਿ.ਲੀ.ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਜਾਂ ਟ੍ਰਾਈਫਲੋਕਸੀਸਟ੍ਰੋਬਿਨ+ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ 0.6 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60ਵੇਂ, 90ਵੇਂ ਅਤੇ 120ਵੇਂ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਬਿਮਾਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਦਿਖੇ ਤਾਂ ਕੋਪਰ ਆਕਸੀਕਲੋਰਾਈਡ ਜਾਂ ਕਪਤਾਨ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜਾਂ ਕਾਰਬੈਂਡਾਜ਼ਿਮ 12%+ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 63% ਡਬਲਿਊ ਪੀ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ

Posted by Jagdeesh prasad
Uttarakhand
20-08-2019 12:34 PM
Layer poultry me agar aapne commercial level par kaam shuru karna hai to venkeys ki BV300 breed besh hai ji agar aapne chote level par kam karna hai to RIR breed thik rahegi ji.

Posted by Iqbaljit Singh
Punjab
20-08-2019 12:32 PM
pashu nu suun ton 2 mahine pehla vitum-h liquid 10-10ml swere sham dena chahida hai..

Posted by Prakash pawar
Maharashtra
20-08-2019 12:28 PM
प्रकाश पवार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण का.... (Read More)
प्रकाश पवार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ramesh saxena
Chattisgarh
20-08-2019 12:27 PM
Ramesh ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap kis bimari ya keet ke hamle ke smadhan ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Babulalsaran
Rajasthan
20-08-2019 12:18 PM
फसल के शुरूआती विकास के दौरान गोडाई और निराई से खेत को नदीन मुक्त रखें इन प्रक्रिया से नदीनों के नियंत्रण के साथ साथ मिट्टी को हवादार बनाने में भी मदद मिलती है नदीनों के नियंत्रण के लिए रोपाई से पहले बसालिन 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें

Posted by Dilpreet Randhawa
Haryana
20-08-2019 12:05 PM
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धा.... (Read More)
धान में सरसों की खल बहुत ही लाभकारी है यह एक ऐसा जैविक तरीका है जिसके साथ आप धान की पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं धान के पौधे की फोट करवाने के लिए इसके परिणाम बहुत ही बढ़िया हैं इसमें 6 मुख्य तत्व हैं जिसमें मुख्य तौर पर नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस के साथ साथ सल्फर जिंक और बोरोन भी पाये जाते हैं सरसों की खल धान में प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं पहला तरीका है कि इसे ड्रम में भिगो लें और 5—6 दिन लगातार इसे हिलाते रहें और इस घोल को पानी देने वाले दिन खेत में डाल दें दूसरा तरीका यह है कि इसे बारीक कूटकर इसका छींटा ज़मीन में दे सकते हैं इसे प्रयोग करने का सही समय जब धान 15—20 दिनों का हो क्योंकि इस समय जड़ों का सबसे अधिक विकास होता है इसकी मात्रा एक एकड़ में सिर्फ 16 किलो का प्रयोग कर सकते हैं रेते वाले और बारानी ज़मीन में हम 20 किलो प्रयोग कर सकते हैं इस से फंगस नहीं फैलती है धन्यवाद
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
20-08-2019 11:58 AM
Sandeep ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai aur isme aapne kon konsi spray ka istemal kiya hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by harkesh
Haryana
20-08-2019 11:56 AM
Harkesh ji pashu ko aap abh maki ka chara khila skte hai iske ilawa chari v de skte hai, baki uski her 3 mahine ke badd deworming jrur kren, usko rojana 35-40kg hara chara dena chahiye aur khurak ke sath sath aap Calcimust gold liquid 50ml, Milkout powder 2-2 chamch subah sham dena suru kren, isse dudh vdhh jayega..

Posted by aditya
Rajasthan
20-08-2019 11:53 AM
Aditya ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap soybean ke bare me kya jankari lena chahte hai.dhanywad

Posted by ajad kumar tiwari
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:49 AM
यदि आप बकरी पालन करने के बारे में पूछ रहे हैं तो बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का.... (Read More)
यदि आप बकरी पालन करने के बारे में पूछ रहे हैं तो बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा

Posted by Shivam Mittal
Punjab
20-08-2019 11:46 AM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होत.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है मतलब की 10,000 लीटर इसमें हम अपना मछली पालन शुरू करके 1100-1300 किलो fish बना सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, shrimp farming मतलब की झींगा इसका culture period -90 दिन का होता है BFT टैंक में आपको C:N ratio की सहायता से आपको बढ़िया बैक्टीरिया maintain करना होता है, और drainage की सहायता से sludge removal किया जाता है अगर आपका मैनेजमेंट एकदम सटीक रहा तो 0 % प्रतिशत पानी अदला-बदली किये बिना culture पूरा किया जा सकता है आपको उचित blower की सहायता से DO (dissolved oxygen ) maintain करने की ज़रूरत पड़ती है C:N ratio मतलब की कार्बन: नाइट्रोजन ratio अनुपात बनाएं रखना पड़ता है कार्बन जिससे की बैक्टीरिया (हेट्रोट्रॉपिक बैक्टीरिया) ठीक से काम करके नाइट्रोजन को कम कर सके क्योंकि नाइट्रोजन का एक हिस्सा जो कि non ionised Ammonia [NH3] जो मछली के लिए जानलेवा होता हैैै अधिक जानकारी के लिए 9096843382 पर फ़ोन कीजिये.

Posted by 8v8ramanpreet singh
Punjab
20-08-2019 11:45 AM
raman ji pusa 44 di height 105.69 cm hundi hai.dhanwad

Posted by sir natha
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:39 AM
Sir natha ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by sandeep
Haryana
20-08-2019 11:39 AM
Gibberellic acid fasl ki growth ke liye istemal ki jati hai iska result badhia hota hai iski matra 200-250 ml ko 150 litre pani men mila kar spray karen,dhanywad

Posted by sandeep
Haryana
20-08-2019 11:34 AM
Hanji yeh futav ka kam bhi karti hai iska result aacha hai aap iska istemal kar sakte hai.dhanywad
Posted by Ramesh Mourya
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:34 AM
रमेश जी आप मच्छर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर इमिडाक्लोप्रिड@1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ਦੀਪ ਉਟਾਲ
Punjab
20-08-2019 11:34 AM
ਤੁਸੀ 1 ਚਮਚ ਮਲੱਠੀ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਗੁੜ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Catcough ਦਵਾਈ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦਾ ਇਕ ਚਮਚ ਰੋਟੀ ਤੇ ਲਗਾ ਕੇ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Lachhma singh Bhullar PWD
Punjab
20-08-2019 11:32 AM
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
20-08-2019 11:32 AM
श्रीमान जी आप इन दोनों में से किसी भी एक फंगीसाइड की स्प्रे कर सकते हैं, इनका रिजल्ट शीथ ब्लाइट के लिए बहुत बढ़िया है
Posted by Ramesh Mourya
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:27 AM
रमेश जी इसके ऊपर मछर का हमला चेक करें और इसमें आप फसली चक्कर अपनाये अगर मछर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Ramesh Mourya
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:25 AM
रमेश जी आप गलन रोग के लिए mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by प्रकाश चन्द्र
Uttar Pradesh
20-08-2019 11:21 AM

Posted by aman sidhu
Haryana
20-08-2019 11:11 AM
श्रीमान जी यह फंगस की बीमारी है, इसकी रोकथाम के लिए Folicur @250 ml प्रति एकड़ या Custodia @200 ml प्रति एकड़ की स्प्रे कर सकते हैं
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