Posted by Halinder Singh
Punjab
21-08-2019 12:46 PM
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨ.... (Read More)
ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ..

Posted by satwinder
Punjab
21-08-2019 12:33 PM
Satwinder ji tuhade walo bheji gyi audio upload nhi hoi ha kirpa krke dubara audio upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.

Posted by Anand kumar
Uttar Pradesh
21-08-2019 12:30 PM
Anand g kirpa krke apna swaal visthaar se pucho g.ta jo aapko proper jaankari mil ske g.

Posted by sunil
Haryana
21-08-2019 12:20 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
21-08-2019 12:17 PM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਤੁਸੀ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਵੀ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਦੀ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by komal singh
Uttar Pradesh
21-08-2019 12:13 PM
वर्मीकम्पोस्ट केंचुए से बनी हुई खाद को बोलते है
Posted by Dilip Gosai
Rajasthan
21-08-2019 12:11 PM
Dilip Gosai ji agar aap bakri palan ka kamm shuru karna chahte hai sabh se pehle aap ke pas is ki training hona sabh se jruri hai, training ke aap ko bakri palan ke bare me sab visthar se jankari mil jaegi Dr Anil 9660669992 nal samparak kar sakde ha. Thankyou.
Posted by jaspreet singh
Punjab
21-08-2019 12:11 PM
pashu di sahi growth naa hona kai karan hai jiwe khurak vich kisi chij di kami, usdi sahi time ke deworming na krna, mineral di kami ja hor v kai karan ho skde hai, tuci uss nu hun Anabolite liquid 100ml rojana ate Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo, ehh tuci suun ton badd v de skde ho..
Posted by Adarsh yadav
Uttar Pradesh
21-08-2019 11:58 AM
Adarsh ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Devraj gurjar
Rajasthan
21-08-2019 11:48 AM
Devraj g roots ki photo bhejo ta jo aapko proper jaankari mil ske g..
Posted by mangal dass
Punjab
21-08-2019 11:46 AM
ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਦੀਆਂ ਕਈ ਕਿਸਮਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਭੁਰਭੁਰੀ, ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਨਤੀਜਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਭਾਰੀ ਅਤੇ ਠੋਸ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ(ਫਲ) ਟੇਢੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਫਸਲ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 5.5-6.8 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਹਲ ਨਾਲ ਜੋਤੋ ਅਤੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨਾਂ ਅਤੇ ਢੇਲਿਆਂ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਕਰੋ ਹਰ ਵ.... (Read More)
ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਦੀਆਂ ਕਈ ਕਿਸਮਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਭੁਰਭੁਰੀ, ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਨਤੀਜਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਭਾਰੀ ਅਤੇ ਠੋਸ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ(ਫਲ) ਟੇਢੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਫਸਲ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 5.5-6.8 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਹਲ ਨਾਲ ਜੋਤੋ ਅਤੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨਾਂ ਅਤੇ ਢੇਲਿਆਂ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਕਰੋ ਹਰ ਵਾਰ ਵਾਹੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 5-10 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਨੂੰ ਖੇਤ ਚ ਨਾ ਪਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੋ-ਮੂੰਹੀਆਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 4-5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 55 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 12 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 30-40 ਮੀਟਰ ਦਾ ਰੱਖੋ ਚੰਗੇ ਝਾੜ ਲਈ, ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 1.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
Posted by Ramesh Mourya
Uttar Pradesh
21-08-2019 11:44 AM
रमेश जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसी फसल में दवा का इस्तेमाल करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by shergill
Punjab
21-08-2019 11:39 AM
uss nu tuci pett de kiria lai Flukarid-ds bolus deo, isde nal Broton liquid 50-50ml swere sham ate Halotas bolus 2-2 golia swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
21-08-2019 11:38 AM
ਜੇਕਰ ਕੱਟੇ ਨੂੰ ਕਬਜ਼ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 200 ਮਿਲੀ ਲੱਸੀ, 50 ਮਿਲੀ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ, ਅੱਧਾ ਚਮਚ ਹਲਦੀ, ਅੱਧਾ ਚਮਚ ਨਮਕ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਪਿਲਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by sumit singh
Uttar Pradesh
21-08-2019 11:36 AM
Sumit ji ek achi beetal nasal ki bakri apko 20-25000 tak mill skti hai..
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
21-08-2019 11:29 AM
इस दवा में Dinotefuran नाम का सॉल्ट मौजूद होता है यह तेले और होपर की रोकथाम के लिए इस्तेमाल की जाती है इसकी मात्रा एक एकड़ के लिए 80 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे की जाती है

Posted by Vinay Singh
Uttar Pradesh
21-08-2019 11:27 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे.
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
21-08-2019 11:24 AM
नरमे में आवश्यक यूरिया और डी ए पी का प्रयोग करने के बाद इस पर ग्रोथ के लिए npk 130045@2kg या triacontanol@250ml या gibberellic acid@250ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें इनके प्रयोग से पहले यूरिया की मात्रा सारी पूरी कर दें क्योंकि यूरिया डालने से नरमे की ग्रोथ चल पड़ती है

Posted by AKHILESH SINGH
Chattisgarh
21-08-2019 11:17 AM

Posted by satbir singh
Haryana
21-08-2019 11:16 AM
Satbir ji aap iske uper NPK 191919@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad

Posted by Rahul
Haryana
21-08-2019 11:13 AM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Shashank Shekhar Rajput
Bihar
21-08-2019 11:08 AM
बत्तख चूज़े खरीदने के लिए आप 7909071457 नेहाल अहमद जी से संपर्क करे जी

Posted by satbir singh
Haryana
21-08-2019 11:08 AM
Satbir ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Babli singh
Punjab
21-08-2019 11:01 AM
dhalwinder ji tata tukumi@100gm , bayer nativo80 gram ate tebuconazole 25%wgdi matra 200-300 ml di prati acre de hisab nal spray kiti jandi hai.dhanwad

Posted by ajad kumar tiwari
Uttar Pradesh
21-08-2019 11:00 AM
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच.... (Read More)
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं हैक्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Rajasthan
21-08-2019 10:59 AM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਘਾਹ ਦੀਆ ਸਾਰੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਇਕ ਜਿਹੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਇਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਵਿਚ ਅੰਤਰ ਦੱਸਣਾ ਬਹੁਤ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਜਿਹੜੇ source ਤੋਂ ਘਾਹ ਖਰੀਦਣਾ ਹੈ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੀ ਕਿਸਮ ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਚਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਾਰਕ ਵਿਚ ਲਾਉਣ ਦੇ ਲਈ selection no 1 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਗੋਡੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Jaspreet Singh
Punjab
21-08-2019 10:47 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260

Posted by vikas singh
Uttar Pradesh
21-08-2019 10:34 AM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता हैकतारों में 2..... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता हैकतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 20-25 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 28 किलो (यूरिया 60 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) की पहली मात्रा को बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) को पहली तुड़ाई के समय प्रति एकड़ में डालें इस फसल को तुरंत सिंचाई की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें गर्मियों में फसल को 6—7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और बारिश के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी लगाएं इस फसल को कुल 9 सिंचाइयों की जरूरत होती है नदीनों की रोकथाम के लिए, पौधे की वृद्धि के शुरूआती समय में 2-3 गोडाई करें गोडाई खाद डालने के समय करें बरसात के मौसम में नदीनों की रोकथाम के लिए मिट्टी चढ़ाना भी प्रभावी तरीका है किस्म और मौसम के आधार पर, फसल 60-70 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है मार्किट की आवश्यकतानुसार, मध्यम और नर्म फलों की तुड़ाई करें बीज उत्पादन के लिए ज्यादातर पके फलों को स्टोर किया जाता है तीखे चाकू की मदद से फलों को बेलों से काटें मांग ज्यादा होने पर फल की तुड़ाई प्रत्येक 3-4 दिन में करनी चाहिए लौकी की अन्य किस्मों से 800 मीटर का फासला रखें खेत में से बीमार पौधों को निकाल दें बीज उत्पादन के लिए, फल की तुड़ाई पूरी तरह पकने पर करें सही बीज लेने के लिए खेत की तीन बार जांच आवश्यक है तुड़ाई के बाद, फलों के सूखाएं और फिर बीज निकाल लें

Posted by Raman Walia
Punjab
21-08-2019 10:32 AM
raman ji 21% vali zinc di matra 25 killo di prati acre de hisab nal varti jandi hai.ate jekar eni matra tuc ik var vich varto karde ho ta tuhanu 2 to 3 saal tak dubara zinc di varto karn di lod nahi hundi hai.dhanwad

Posted by Manish Patidar
Madhya Pradesh
21-08-2019 10:31 AM
मनीष जी सितम्बर में शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, सलाद, ब्रोकोली की बिजाई की जा सकती है धन्यवाद

Posted by Rajendra Barfa
Madhya Pradesh
21-08-2019 10:30 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Vivesh Sharma 9826556880 (Grow Further) से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by इब्राहिम
Rajasthan
21-08-2019 10:22 AM
इब्राहिम जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Raj S Hemane
Maharashtra
21-08-2019 10:11 AM
Raj S Hemane जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Raj S Hemane जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by gurpreet singh brar
Punjab
21-08-2019 10:10 AM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by somesh Chauhan
Uttar Pradesh
21-08-2019 10:09 AM
shriman g Isme NPK 19.19.19 @1 kg per acre ko 100 liter pani mein mila ke spray kro g.
Posted by Lakhan Singh
Rajasthan
21-08-2019 10:09 AM
लखन सिंह जी सागवान के पौधे लेने के लिए और इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए विवेक 97922 10555 से सम्पर्क करें, धन्यवाद
Posted by ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ
Punjab
21-08-2019 09:58 AM
jhona 65 din da ho gaya hai fngs lai custodia ate tata takumi dal rahe hain tele ke liye kya dalen ?
jekar jhone de vich kala tela pai gya hai tan iss di roktham de lyi Glamore di dosage 50gm prati acre hai. chess di dosage 120gm prati acre hai ate dentop di dosage 35gm per acre hai. ihh saria jhone de vich tele di roktham krdia hnn. Chess ate glamore di spray 10-15% tela pain te kro ja iss ton v pehla kro. iss ton ilava ik oswal di black gold de nam te dwaayi aundi hai. Iss di matra 250ml per acre hai. Ihh sasti v hai ate result v wdia hai.

Posted by Ajit singh
Haryana
21-08-2019 09:55 AM
Ajit ji kripya patto ke neeche mashar ka hamla check karen. agar maujood hai to aap prophenofos@500ml ya Ethion@800ml ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad

Posted by rakeshkumar
Rajasthan
21-08-2019 09:54 AM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा. बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें

Posted by Ajit singh
Haryana
21-08-2019 09:53 AM
Ajit ji kripya btaye ke fasl men kya dikkat aa rahi hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
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