Experts Q&A Search

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
22-08-2019 06:38 PM
Punjab
08-23-2019 02:28 PM
Shivam ji aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Davinder Kumar
Punjab
22-08-2019 06:34 PM
Punjab
02-05-2020 05:19 PM
Davinder Kumar ji, eh fungus de hamle di vajah nal hunda hai, tusi is di roktham layi is vich copper oxychloride @ 3 gram prati liter pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by Mohammad Yunus
Uttar Pradesh
22-08-2019 06:32 PM
Maharashtra
02-05-2020 05:21 PM
Mohammad Yunus ji, yeh illi (sundi) ka hamla hua hai, ap iski roktham ke liye isme quinalphos @ 4 ml prati litre pani hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Mohammad Yunus
Uttar Pradesh
22-08-2019 06:27 PM
Maharashtra
02-05-2020 05:23 PM
Mohammad Yunus ji, yeh kisi keet ka hamla nahi hua hai, yeh fungus ke hamle ke kaaran ese ho rahe hai, ap iski roktham ke liye isme mancozeb @ 4 gram yan carbendazim @ 4 gram prati liter pani ke hisaab se spray kar sakte hain, dhanywad
Posted by Rajveer Singh
Punjab
22-08-2019 06:17 PM
Maharashtra
08-23-2019 02:57 PM
rajveer ehna dona da kam same hi hai dono fungus nashi han ehna di matra 300 ml nu 150 litre pani vich mila ke spray kiti jandi hai. 15 litre vali dholi de vich 30ml dwayi di varto kiti jandi hai.do acre vich 600ml dwayi di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by kamlesh
Madhya Pradesh
22-08-2019 06:10 PM
Maharashtra
08-23-2019 12:01 PM
कमलेश जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by karan
Haryana
22-08-2019 06:06 PM
Maharashtra
08-23-2019 11:48 AM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by PARAMJIT SINGH
Punjab
22-08-2019 06:04 PM
Maharashtra
08-23-2019 11:47 AM
eh fungus de karn ho rahe han isde layi tuc Adama company da Custodia @200 ml per acre ja Validamycin @300 ml ja Folicur @200 ml per acre da spray kr skde ho g
Posted by harpreet singh
Punjab
22-08-2019 06:03 PM
Punjab
08-23-2019 12:21 PM
harpreet ji isde vich mancozeb di spray karo ate sinchai sahi same ate sahi matra vich karo.dhanwad
Posted by Baldeep mann
Punjab
22-08-2019 06:00 PM
Maharashtra
08-23-2019 11:39 AM
ਬਲਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਦੇ ਬਾਰੇ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by msgill
Uttarakhand
22-08-2019 05:59 PM
Punjab
08-22-2019 06:12 PM
Isko aap pett ke kiro ke liye Flukarid-Ds bolus den, iske sath aap Enerdyna liquid 100ml rojana den aur Milkout powder 2-2 chamch subah sham dene suru kren, isko aap Calcimust strong liquid 50ml rojana dena suru kren, isse farak padd jayega..
Posted by शीशराम गुर्जर मामौला
Rajasthan
22-08-2019 05:58 PM
Maharashtra
08-23-2019 11:35 AM
शीशराम गुर्जर मामौला जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Baldeep mann
Punjab
22-08-2019 05:58 PM
Maharashtra
08-22-2019 06:00 PM
ਬਲਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਇਸਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Baldeep mann
Punjab
22-08-2019 05:56 PM
Maharashtra
08-22-2019 06:00 PM
ਬਲਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਇਸਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by lovepreet singh
Punjab
22-08-2019 05:53 PM
Punjab
08-22-2019 05:56 PM
lovepreet ji kisan mele di tareek ate jgah tuc nal diti photo vich dekh sakde ho.dhanwad
Posted by sahil rana
Punjab
22-08-2019 05:35 PM
Punjab
08-22-2019 05:46 PM
Sahil ji kripya aap btaye ke aapne isme foolgobhi ki bijai kar di hai ya abhi karni hai.dhanywad
Posted by jassa
Punjab
22-08-2019 05:35 PM
Punjab
08-22-2019 09:08 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ੱਕਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਓ ਕੇ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by muzu
Uttar Pradesh
22-08-2019 05:30 PM
Punjab
08-22-2019 05:38 PM
Posted by inderpal
Punjab
22-08-2019 05:29 PM
Punjab
08-22-2019 05:38 PM
Posted by sahil rana
Punjab
22-08-2019 05:27 PM

?

Maharashtra
08-23-2019 11:31 AM
साहिल जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਅਨਮੋਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
22-08-2019 05:19 PM
Maharashtra
08-22-2019 05:41 PM
anmol ji ik acre vich ik killa hunda hai ji.dhanwad
Posted by ਅਨਮੋਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
22-08-2019 05:17 PM
Punjab
08-22-2019 05:43 PM
Posted by Arun gehlod
Madhya Pradesh
22-08-2019 05:15 PM
Punjab
08-23-2019 11:25 AM
Arun ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Mandeep Singh Kang.
Punjab
22-08-2019 05:06 PM
Punjab
08-22-2019 06:22 PM
ਤੁਸੀ ਤੁਰੰਤ ਕੁੱਤੇ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਵੈਟਨਰੀ ਡਾਕਟਰ ਨੂੰ ਬੁਲਾ ਕੇ ਚੈਕ ਕਰਵਾੳ ਜੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਪਤਾ ਨਹੀ ਲੱਗਣਾ ਤੇ ਕੁੱਤੇ ਲਈ ਦੇਰੀ ਖਤਰਨਾਕ ਸਿੱਧ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by Dhillon Saab
Punjab
22-08-2019 04:49 PM
Rajasthan
08-22-2019 05:45 PM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਉਚਿੱਤ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਦੇਣਾ ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਜਰੂਰਤ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗਰਮ ਚੀਜਾਂ ਦੇਣਾ, ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਸਹੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਨਾ ਮਿਲਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਵਿਚ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਭਾਰ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by Harjot singh
Punjab
22-08-2019 04:40 PM
Punjab
08-22-2019 05:47 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਆਪਣਾ ਦੁੱਧ ਆਪ ਪੀਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਦੇ ਨੱਕ ਵਿੱਚ ਰਿੰਗ (ਕੜ੍ਹਾ) ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਜਦੋ ਉਹ ਅਪਣਾ ਦੁੱਧ ਪੀਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੇਗੀ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਖਿੱਚ ਪਵੇਗੀ ਅਤੇ ਉਹ ਆਪਣਾ ਦੁੱਧ ਆਪ ਨਹੀ ਪੀਵੇਗੀ (ਨਾਲ ਦਿੱਤੀ ਫੋਟੋ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ).
Posted by ashish kumar
Bihar
22-08-2019 04:37 PM
Punjab
08-22-2019 05:48 PM
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिले.... (Read More)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है.
Posted by gurwinder singh
Punjab
22-08-2019 04:32 PM
Punjab
08-22-2019 05:58 PM
gurwinder ji eh fungus de karn ho rahi hai isde layi tuc mancozeb@4 gram nu prtai litre pani de hisab nal spray kar sakde ho.dhanwad
Posted by bhasin
Punjab
22-08-2019 04:31 PM
Punjab
08-22-2019 05:57 PM
bhaisin ji aap dono me se kisi ka bhi istemal kar sakte hai.dhanywad
Posted by विनोद सोनी डीडवाना अग्रवाल भवन कै
Rajasthan
22-08-2019 04:26 PM
Maharashtra
08-22-2019 05:54 PM
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित क.... (Read More)
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं, पंक्ति से पंक्ति में फासला 30-40 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-40 सैं.मी. का फासला रखें एक एकड़ खेत में 4-5 किलोग्राम बीज काफी है जड़ों के उचित विकास के लिए बिजाई मेंड़ों पर करें नदीनों की रोकथाम और मिट्टी को हवादार बनाने के लिए हाथों से और कही की सहायता से गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के 2-3 सप्ताह बाद करें गोडाई के बाद, मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं बिजाई के बाद, पहली सिंचाई करें गर्मियों में मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी की सिंचाईयां 6-7 दिनों में करें और सर्दियों में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें ज्यादा सिंचाइयां देने से परहेज़ करें इससे जड़ों का आकार बेढंगा और जड़ों के ऊपर बालों की वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है गर्मियों के मौसम में, कटाई से पहले हल्की सिंचाई करें इससे फल तजव रहते है और दुर्गंध कम हो जाती है फसल की किस्म के अनुसार, मूली बिजाई के 25-60 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है पुटाई हाथों से पौधे को उखाड़कर की जाती है उखाड़ी गई जड़ों को धोएं और इनके आकार के अनुसार छांटे
Posted by Harmeet
Punjab
22-08-2019 04:23 PM
Punjab
03-20-2020 03:17 PM
Harmeet ji isde lai tuci National goat farm 9356978000, 9357978000 National goat farm nal sampark kr skde ho.
Posted by ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ
Punjab
22-08-2019 04:22 PM
Punjab
08-22-2019 05:37 PM
inderjeet ji isde vich gobh di sundi da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc isde vich fame@20ml ja coragen@60ml nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by Atinderpal singh chahal
Punjab
22-08-2019 04:13 PM
Punjab
08-22-2019 06:50 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿਖੇ ਸੰਂਪਰਕ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਵੀ ਚਾਹੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣੀ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ .... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿਖੇ ਸੰਂਪਰਕ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਵੀ ਚਾਹੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣੀ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮਾਂ ਜੋ, ਨਾਭਾ, ਮੱਲਵਾਲ (ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ), ਖਰੜ, ਮੱਤੇਵਾੜਾ ਅਤੇ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਚ ਹਨ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਦੇ ਸਬੰਧਿਤ ਸਫਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਖੇ ਸੂਰ ਪਾਲਕਾ ਦੀ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 9915632577 ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਰੌਣੀ ਫਾਰਮ ਵਿੱਖੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 2-6 ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by gurpreet singh
Punjab
22-08-2019 04:05 PM
Punjab
08-22-2019 05:51 PM
Gurpreet ji jekar usda fever hun thik hai tan tuci uss nu Enerdyna liquid 100-100ml swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calcimust gold liquid 50ml rojana deo ji, iss nal frak paa jawega..
Posted by Anuj Kushwaha
Uttar Pradesh
22-08-2019 04:05 PM
Maharashtra
08-26-2019 02:17 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
22-08-2019 03:57 PM
Punjab
08-22-2019 04:01 PM
Posted by Rajveer Singh
Punjab
22-08-2019 03:47 PM
Punjab
08-22-2019 03:58 PM
rajveer ji eh Bifenthrin 10% EC naam da salt hai jo jhone vich soondi di roktham lyi spray kr skde ho g.isdi matra @300 ml per acre da spray kr skde ho g.
Posted by Mandeep Singh Rayia
Punjab
22-08-2019 03:34 PM
Punjab
08-22-2019 03:38 PM