Experts Q&A Search

Posted by Murli Bairagi
Madhya Pradesh
23-08-2019 06:48 PM
Punjab
08-23-2019 07:14 PM
sahib g aapne nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar or bank se sampark karein
Posted by mithalesh
Bihar
23-08-2019 06:46 PM
Maharashtra
01-17-2020 03:37 PM
Mithalesh ji, coragen sundi ke hamle ki roktham ke liye istemal kiya jata hai, agar apke dhaan mein sundi ka hamla hai to ap iska istemla kar skate hian, iski dose @ 60 ml ko 150 liter pani mein mila kr prati acre ke hisaab se spray ki jati hai, dhanwyad
Posted by madhu
Karnataka
23-08-2019 06:40 PM
Maharashtra
02-04-2020 11:12 AM
मधु जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by jitendra Beck
Chattisgarh
23-08-2019 06:37 PM
Maharashtra
01-17-2020 03:38 PM
Jitendra Beck ji, aap isme NPK 130045 @ 10 gram prati liter pani ke hisaab se spray karein, isse isme fal sahi se a jaye ga, dhanywad
Posted by गजेंद्र G चौधरी
Madhya Pradesh
23-08-2019 06:37 PM
Maharashtra
02-04-2020 04:58 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का .... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का चयन करें उच्च नाइट्रोजन युक्त मिट्टी,पर्याप्त फासफोरस और उच्च स्तर की पोटाश वाली मिट्टी में केले की खेती अच्छी होती है जल जमाव, कम हवादार और कम पौष्टिक तत्वों वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें रेतली, नमक वाली, कैल्शियम युक्त और अत्याधिक चिकनी मिट्टी में भी इसकी खेती ना करें गर्मियों में, कम से कम 3 से 4 बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय, 10 टन अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ज़मीन को समतल करने के लिए ब्लेड हैरो या लेज़र लेवलर का प्रयोग करें वे क्षेत्र जहां निमाटोड की समस्या होती है वहां पर रोपाई से पहले निमाटीसाइड और धूमन, गड्ढों में डालें Grand Naine, Red Banana, Safed Velachi, Basarai, Rasthali, Dwarf Cavendish, Robusta, Poovan, Nendran, Ardhapuri, Nyali .केले की रोपाई के लिए मई-जून या सितंबर-अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है टिशू कल्चर से तैयार पौधों को पूरे साल में लगाया जा सकता है, जब तक कि तापमान के बहुत कम या बहुत अधिक होने पर पौधों की रोपाई नहीं की जा सकती केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें बिजाई के लिए, रोपाई ढंग या सीधी बिजाई ढंग का प्रयोग किया जाता है यदि फासला 1.8x1.5 मीटर लिया जाये तो प्रति एकड़ में 1452 पौधे लगाएं यदि फासला 2 मीटर x 2.5 मीटर लिया जाये, तो एक एकड़ में 800 पौधे लगाने की सिफारिश की जाती है रोपाई के लिए, सेहतमंद और संक्रमण रहित जड़ों या राइज़ोम का प्रयोग करें रोपाई से पहले, जड़ों को धोयें और क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 2.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी में डुबोयें फसल को राइज़ोम की भुंडी से बचाने के लिए रोपाई से पहले कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 33 ग्राम में प्रति जड़ों को डुबोयें और उसके बाद 72 घंटों के लिए छांव में सुखाएं गांठों को निमाटोड के हमले से बचाने के लिए कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 50 ग्राम से प्रति जड़ का उपचार करें फुज़ारियम सूखे की रोकथाम के लिए, जड़ों को कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में 15-20 मिनट के लिए डुबोयें पौधा लेने के लिए आप A.k Mani 9431232333 Hecure Agro Plants Prt Lmt जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by rajesh Yadav
Chattisgarh
23-08-2019 06:29 PM
Maharashtra
01-17-2020 03:40 PM
Rajesh Yadav ji, kripya aap phaphud ki phot bhjien taki dekh kar apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by rajkumar
Madhya Pradesh
23-08-2019 06:27 PM
Maharashtra
02-04-2020 11:13 AM
Rajkumar ji, kripya ap visthar se bataye ke rupa ap kis fasal ki kisam ki baat kar rahe hain, taki pako iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Raju Yadav
Madhya Pradesh
23-08-2019 06:26 PM
Maharashtra
01-17-2020 03:41 PM
राजू जी, कृपया आप बताएं कि अपने इसमें किसी नदीन नासाहक की स्प्रे तो नहीं की है यदि की है तो कृपया उसका नाम बताये, क्यों की यह धब्बे किसी नदीन नाशक की स्प्रे से पड़ जाते हैं, धन्यवाद
Posted by Mo.Haseen
Uttar Pradesh
23-08-2019 06:25 PM
Maharashtra
02-04-2020 11:18 AM
हसीन जी, कृपया आप बताये कि आपने अभी तक इसमें कौन सी खाद का प्रयोग किया है ताकि आपको इसके हिसाब से इसके बारे में जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਰਮਨ
Punjab
23-08-2019 06:25 PM
Punjab
02-01-2020 06:01 PM
Raman ji, kirpa kar ke daso ke tusi Potash di spray ki sfasal vich karna chaundey ho tajo tuhanu is de hisaab nal jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
23-08-2019 06:17 PM
Punjab
02-01-2020 05:47 PM
ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ carbendazim @ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ mancozeb @ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Kailash Yadav Nawali
Uttar Pradesh
23-08-2019 06:17 PM
Punjab
08-23-2019 07:47 PM
Yadav ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Mohd Nadeem
Uttar Pradesh
23-08-2019 06:13 PM
Maharashtra
02-01-2020 06:13 PM
नदीम जी, यह फंगस का हमला हो रहा है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 4 ग्राम यां mancozeb @ 4 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला क्र प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Mandeep singh
Punjab
23-08-2019 06:11 PM
Punjab
02-01-2020 06:10 PM
Mandeep singh ji, eh sheath blight de hamle di vajah nal hoya hai, isdi roktham layi tusi is vich folicur @ 200 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Mandeep singh
Punjab
23-08-2019 06:09 PM
Punjab
08-23-2019 06:12 PM
valdamycin 1 ltr 4 acre ch..z78 1 kg 3 acre
Posted by Mandeep singh
Punjab
23-08-2019 06:08 PM
Punjab
02-04-2020 11:23 AM
Mandeep ji, Valdamycin di varto sheath blight di roktham kiti jandi hai, isdi matra 300ml nu prati acre vich paya janda hai, Z 78 dwaayi kille di 400gm paindi hai eh pattya de upperle dhabbe ate jad galan ate pattya de vich jo fungus de kaarn peelapan aunda hai uss nu rokdi hai.dhanwad
Posted by harpeet
Punjab
23-08-2019 06:08 PM
Punjab
08-23-2019 06:13 PM
vdiaa reslt ne 250 gm per acre dose pa skde o
Posted by Buta singh
Punjab
23-08-2019 06:04 PM
Punjab
08-27-2019 12:59 AM
buta ji tela jado prati paudha 5 tele dikhai den ta tuc Glamore di dosage 50gm prati acre hai. chess di dosage 120gm prati acre hai ate dentop di dosage 35gm per acre hai. ihh saria jhone de vich tele di roktham krdia hnn. Chess ate glamore di spray 10-15% tela pain te kro ja iss ton v pehla kro. iss ton ilava ik oswal di black gold de nam te dwaayi aundi hai. Iss di matra 250ml per acre hai. Ihh sasti v hai ate result v wdia hai.
Posted by Buta singh
Punjab
23-08-2019 06:02 PM
Maharashtra
08-27-2019 01:00 AM
buta ji jekar koi rog nahi hai ta tuhanu koi spray karn di lod nahi hai. bina rog to spray karni kharche vich vadha karna hi hai.dhanwad
Posted by Atinderpal singh chahal
Punjab
23-08-2019 06:01 PM
Punjab
09-19-2019 10:27 AM
ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੇਂਦਾਂ , ਗਲਦਾਉਦੀ , ਗੁਲਾਬ ਅਤੇ ਗਲੈਡਿਉਲਸ ਲਾਉਣ ਦਾ ਟਾਇਮ ਹੈ ਹੁਣ ਗੁਲਾਬ ਇੱਕ ਬਾਰ ਲਾਇਆ ਹੋਇਆ 4-5 ਸਾਲ ਫੁੱਲ ਦੇ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਫਸਲ 5-6 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕਿਟਿੰਗ ਆਪ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਤੁਹਾਡੇ ਤੇ ਡਪੈਂਡ ਕਰਦਾ ਵੀ ਤੁਸੀਂ ਫਸਲ ਦਾ ਝਾੜ ਕਿੰਨਾ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤੇ ਵੇਚਦੇ ਕਿਵੇਂ ਹੋ ਐਵਰੇਜ ਗੇਂਦਾ ਤੇ ਗੁਲਦਾਊਦੀ ਲੱਖ ਤ.... (Read More)
ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੇਂਦਾਂ , ਗਲਦਾਉਦੀ , ਗੁਲਾਬ ਅਤੇ ਗਲੈਡਿਉਲਸ ਲਾਉਣ ਦਾ ਟਾਇਮ ਹੈ ਹੁਣ ਗੁਲਾਬ ਇੱਕ ਬਾਰ ਲਾਇਆ ਹੋਇਆ 4-5 ਸਾਲ ਫੁੱਲ ਦੇ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਫਸਲ 5-6 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕਿਟਿੰਗ ਆਪ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਤੁਹਾਡੇ ਤੇ ਡਪੈਂਡ ਕਰਦਾ ਵੀ ਤੁਸੀਂ ਫਸਲ ਦਾ ਝਾੜ ਕਿੰਨਾ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤੇ ਵੇਚਦੇ ਕਿਵੇਂ ਹੋ ਐਵਰੇਜ ਗੇਂਦਾ ਤੇ ਗੁਲਦਾਊਦੀ ਲੱਖ ਤੋਂ ਡੇਢ ਲੱਖ , ਗਲੈਡਿਉਲਸ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਲੱਖ ਤੱਕ ਹੋ ਜਾਂਦਾ
Posted by Kishana Ram Ranwa
Rajasthan
23-08-2019 05:58 PM
Maharashtra
02-04-2020 11:49 AM
Kishana Ram Ranwa ji, kripya ap bataye ke apke chiku ke podhe mein phool ate hain yan abhi phool bhi nahi aye hain, taki apko iske bare mein sahi janakri di ja sake, dhanywad
Posted by दयाराम सुर्यवंशी
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:58 PM

Maharashtra
02-04-2020 11:54 AM
Shrimaan ji, lambda pata lapet sundi ki roktham ke liye istemal kiya jata hai, iski matra 200ml ko 150 ltr pani mein mila kar spray kar sakte ho, dhanywad
Posted by Er Nitin Saxena
Uttar Pradesh
23-08-2019 05:56 PM
Madhya Pradesh
08-25-2019 08:51 AM
खुसखबरी बमोरिया फार्म को अब भारत सरकार का सपोर्ट मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग हेतु प्रशिक्षण में शुल्क में सब्सिड़ी पाए .एक एवं दो दिवशीय प्रशिक्षण साथ ही सरकार की योजनाए से कमाए 1-2 लाख रूपये प्रतिमाह MSME WHH Gram Swaraj Mission Debates free india Swachh bharat Abhiyan Zero waste Management मोती पालन के साथ समस्त योजनाओ की जानकारी अधिक जानकारी के लिए संपर.... (Read More)
खुसखबरी बमोरिया फार्म को अब भारत सरकार का सपोर्ट मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग हेतु प्रशिक्षण में शुल्क में सब्सिड़ी पाए .एक एवं दो दिवशीय प्रशिक्षण साथ ही सरकार की योजनाए से कमाए 1-2 लाख रूपये प्रतिमाह MSME WHH Gram Swaraj Mission Debates free india Swachh bharat Abhiyan Zero waste Management मोती पालन के साथ समस्त योजनाओ की जानकारी अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे अमित बमोरिया 9770085381,9407461361 https://youtu.be/nnzNw41gUIc
Posted by मदन लाल बेनीवाल
Rajasthan
23-08-2019 05:52 PM
Maharashtra
02-04-2020 11:56 AM
मदन लाल बेनीवाल जी, खरपतवार फसल के साथ पौषक तत्वों, नमी, स्थान, धूप आदि के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिसकी वजह से पौधे के विकास एवं बढ़वार पर प्रभाव पड़ता है सही समय पर निराई गुड़ाई करके खरपतवारों को खत्म कर देना चाहिए फसल को बोने के 20 से 25 दिन तक खरपतवारों से पूर्णरूप से नियंत्रित रखें एक से दो बार निराई गुड.... (Read More)
मदन लाल बेनीवाल जी, खरपतवार फसल के साथ पौषक तत्वों, नमी, स्थान, धूप आदि के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिसकी वजह से पौधे के विकास एवं बढ़वार पर प्रभाव पड़ता है सही समय पर निराई गुड़ाई करके खरपतवारों को खत्म कर देना चाहिए फसल को बोने के 20 से 25 दिन तक खरपतवारों से पूर्णरूप से नियंत्रित रखें एक से दो बार निराई गुड़ाई कर खरपतवार निकालना लाभदायक रहता है इससे जड़ों में वायु संचार की आवश्यकता पूरी हो जाती है रासायनिक खरपतवार नियंत्रण के लिए स्टाम्प 3 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई के 2 दिन के अंदर छिड़काव करना चाहिए या लासों की 4 लीटर प्रति हेक्टेयर की मात्रा को 700 से 800 लीटर पानी में मिलाकर बुवाई के तुरंत बाद में छिड़काव करें फसल बोने से पूर्व खेत में 1.0 या 1.5 किलोग्राम बेसालीन या ट्रिफलान क्रमशः 8 से 10 सेंटीमीटर भूमि की गहरी सतह में मिलाकर बीज बोना लाभदायक रहता है धन्यवाद
Posted by sunil
Uttar Pradesh
23-08-2019 05:49 PM

?

Punjab
08-23-2019 07:48 PM
Sunil ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Abhishek Arpan
Uttar Pradesh
23-08-2019 05:44 PM
Maharashtra
02-01-2020 05:31 PM
अभिषेक जी, यह फंगस का हमला हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 4 ml यां mancozeb @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Sanjay
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:43 PM
Maharashtra
02-01-2020 06:06 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है ख.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
23-08-2019 05:43 PM
Punjab
09-27-2019 01:35 PM
SUKHWINDER SINGH ji huskey breed da dog len lai tusi Bhola Shola pet shop 8289088895 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by ranjit
Punjab
23-08-2019 05:39 PM
Punjab
08-26-2019 03:10 PM
BlueCopper+Streptocycline . eh best molecule hai for BLB.
Posted by Yusuf Patel
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:34 PM
Punjab
08-23-2019 07:19 PM
Shib G bina hare chaare ke bina dairy farming mushkil hae aap hare chaare ka silage banao agar aap ke pass zameen nahi hai 40kg hara chaara or 25-30 kg silage dena pao 2-3 kg bhusa or feed khillana
Posted by Sanjay
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:34 PM
Maharashtra
08-23-2019 05:49 PM
जलवायु सुपारी की खेती समुद्र तल से 1,000 मीटर की ऊंचाई पर भूमध्य रेखा के 28 डिग्री उत्तर और 28 डिग्री दक्षिण क्षेत्रों के बीच की जाती है, जहां तापमान 15 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है सुपारी की खेती सफलतापूर्वक की जाती है भूमि सुपारी को कई प्रकार की भूमि में उगाया जा सकता है, लेकिन समुद्र के किनारे की भूमि जिसमें सि.... (Read More)
जलवायु सुपारी की खेती समुद्र तल से 1,000 मीटर की ऊंचाई पर भूमध्य रेखा के 28 डिग्री उत्तर और 28 डिग्री दक्षिण क्षेत्रों के बीच की जाती है, जहां तापमान 15 से 38 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है सुपारी की खेती सफलतापूर्वक की जाती है भूमि सुपारी को कई प्रकार की भूमि में उगाया जा सकता है, लेकिन समुद्र के किनारे की भूमि जिसमें सिंचाई की सुविधा और जल निकासी की व्यवस्था अच्छी है सुपारी प्रजाति उनमें कई नई किस्मों का चयन किया गया है, जिनमें मंगला, सुमंगला, श्री मंगला और मोहित नगर आदि शामिल हैं काली -17, एक स्थानीय किस्म अंडमान द्वीप समूह में स्थित होने के लिए बहुत उपयुक्त पाई गई है पौध रोपण पौधे लगाने के लिए पहले खेत की जुताई करके सिंचाई तथा जल निकास की नालियां बना ली जाती है खेत का रेखांकन वर्गाकार विधि से जिसमें 2.7 मी० पंक्ति से पंक्ति तथा 2.7 मीटर पौधों से पौधे की दूरी पर पौध लगाने के लिए किया जाता है रेखांकन के बाद 90 घन सेमी० के गड्ढे खोदे जाते हैं और उनमें 15 किलोग्राम सङी कम्पोस्ट या गोबर की खाद और ऊपरी सतह की गड्ढे की खुदी मिट्टी को मिलाकर भर दिया जाता है पौधों का रोपण जून-जुलाई में करना चाहिए नर्सरी में तैयार 12 से 18 महीने पुराने पौधे जिनमें पत्तियां अधिक हो तथा ऊंचाई कम हो, लगाने के लिए अच्छे माने जाते हैं सुपारी के पौधों को मिश्रित फसल के रुप में केला, अनन्नास, कोको आदि फसलों के साथ भी लगाया जाता है पौध प्रसारण सुपारी के पौधे बीज से प्रसारित किये जाते है अच्छी किस्म के रोग रहित तथा फलत वाले पौधों से बीज नट जो पुर्णतय परिपक्व हो, छाँटे जाते है बीज नट बालू की क्यारियों में 5 से 6 से.मी. की दूरी पर बोया जाता है बीज नट को बोने के बाद बालू से ढक दिया जाता है सामान्यत: बीज बोने के बाद 40 दिन में उग आते है तीन महीने तक उगे हुए पौधों को नर्सरी में ही रहने दिया जाता है, इसके बाद उन्हें दूसरी नर्सरी तैयार करके 30 X 30 से.मी. की दूरी पर बरसात में लगा दिया जाता है नर्सरी में पौधे 12 से 18 महीने में अंतिम खेत में लगाने के लिये तैयार हो जातें है
Posted by Yusuf Patel
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:33 PM
Punjab
08-23-2019 06:02 PM
bilkul ji aap silage rakhe woh hare chare ji jagah khilaaya ja sakta hai ji.
Posted by Dharmender Dubey
Madhya Pradesh
23-08-2019 05:30 PM
Rajasthan
08-23-2019 07:50 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं कि मट्ठा कैसे तैयार करते हो और कौनसी चीज़ों का प्रयोग करते है इसके बारे में विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by devi singh
Rajasthan
23-08-2019 05:26 PM
Maharashtra
02-01-2020 05:17 PM
Devi Singh ji, ap keet ki roktham ke liye isme quinalphos@ 400 ml ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, isse keet ki roktham ho jaye gi, dhanywad
Posted by harpreet singh
Punjab
23-08-2019 05:14 PM
Punjab
02-26-2020 05:31 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਦੇਖਣ ਵਿਚ ਗੰਡੋਏ ਲੱਗ ਰਹੇ ਹਨ ਜਿਹਨਾਂ ਦਾ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Amit Kumar bhati
Uttar Pradesh
23-08-2019 05:11 PM
Punjab
08-23-2019 07:52 PM
Amit ji usko aap pett ke kiro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur Enerdyna liquid 100ml rojana, Milkout powder 2-2 chamch subah sham den, isse frak padd jayega..
Posted by Shailesh Kumar Mall
Uttar Pradesh
23-08-2019 05:07 PM
Maharashtra
02-05-2020 04:29 PM
Shailesh Kumar Mall ji, kripya ap bataye ke apne apni khet mein papite ka podha ki kis vidhi se bijai ki hai, taki apko iske bare mein janakri di ja sake, dhanywad
Posted by Harjot singh
Punjab
23-08-2019 05:04 PM
Rajasthan
08-23-2019 07:52 PM
Harjot ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci pitbull vare ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by Maninder singh
Punjab
23-08-2019 05:02 PM
Punjab
08-23-2019 05:26 PM
Maninder ji urea ate saro di khal da kam ik hi hai tuc ehna dona vicho kise ik di varto karo.dhanwad
Posted by rahul
Uttar Pradesh
23-08-2019 04:58 PM
Maharashtra
02-05-2020 04:03 PM
राहुल जी, यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो ऐसी मिट्टी में जिंक सल्फेट 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें या जिंक सल्फेट 3 ग्राम + यूरिया 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 45 और 60 दिनों के बाद फोलियर स्प्रे करें बोरोन की कमी होने पर गुच्छों के भार और आकार प्रभावित होते हैं और इस तरह गुच्छे अच्छे तरीके से नह.... (Read More)
राहुल जी, यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो ऐसी मिट्टी में जिंक सल्फेट 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें या जिंक सल्फेट 3 ग्राम + यूरिया 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 45 और 60 दिनों के बाद फोलियर स्प्रे करें बोरोन की कमी होने पर गुच्छों के भार और आकार प्रभावित होते हैं और इस तरह गुच्छे अच्छे तरीके से नहीं बनते बोरोन की कमी होने पर बोरोन एसिड 2 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के बाद चौथे या पांचवे महीने में स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Davinder singh
Punjab
23-08-2019 04:54 PM
Punjab
08-23-2019 07:54 PM
tuci uss nu pett de kiria lyi Fendikind plus bolus deo, isde nal tuci vitum-H liquid 10ml rojana ate Enerboost powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi, baki uss nu rojana 35-40kg hara deo ate vdia feed deo ji..
Posted by raju jogpal
Rajasthan
23-08-2019 04:53 PM
Punjab
08-23-2019 07:56 PM
यदि वो ब्याय चुकी है तो उसे आप बोतल Mifex 450ml लगवायें उस बोतल में Injection Tonofas 20ml, Injection Avil 10ml डालें और इसे IV(slow) लगवायें बाकि उसे Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) लगवायें और तीन दिन तक लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Sukh Deep
Punjab
23-08-2019 04:52 PM
Punjab
08-23-2019 07:59 PM
tuci uss nu pet de kiria lai Flukarid-ds bolus deo ate broton liquid 50ml rojana deo, baki kai varr pashu nawi jgah te aa ke khanna ghat khnda hai ate dhudh v ghta jnda hai, tuci uss nu holi holi khurak deo, jiss nal khan lgg jawegi..
Posted by Rajveer Singh
Punjab
23-08-2019 04:51 PM
Punjab
08-23-2019 04:57 PM
rajveer ji isdi matra 300ml nu prati acre de hisab nal varto kiti jandi hai jisnu 150 litre pani vich mix kita janda hai. is layi 15 litr evali dholi de vich 30 ml di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by Shailesh Kumar Mall
Uttar Pradesh
23-08-2019 04:48 PM
Maharashtra
08-23-2019 04:54 PM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी .... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
Posted by msgill
Uttarakhand
23-08-2019 04:47 PM
Punjab
08-23-2019 04:58 PM
msgill ji isdi growth de layi tuc biovita ja tata ralli gold di varto kar sakde ho isto ilava tuc NPK 191919@1 kilo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.
Posted by Ramnivas
Rajasthan
23-08-2019 04:45 PM
Maharashtra
08-23-2019 04:59 PM
रामनिवास जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करे धन्यवाद