Posted by Shivam tiwari
Uttar Pradesh
24-08-2019 11:05 AM
shivam ji kripya aap iski photo poori bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by harry
Punjab
24-08-2019 11:03 AM
ਹੈਰੀ ਜੀ, ਚਰੀ ਦੇ ਚੰਗੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਇਸ ਵਿੱਚ hoshi @ 400 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
24-08-2019 11:01 AM
gurminder ji sat sri akal ji. sab to pehla ta sujav den layi tohada dhanwad ji. baki sadi team es te amm kar rahi hai ke har plant bare detail vich jinni v information vad to vad e sahi reasearch karke upload kiti jave . kuch jankri diti v hoe hai ji. baki hor v es tarah di jankari upload karage ji. dhanwad ji.

Posted by Kuldeep
Rajasthan
24-08-2019 10:59 AM
कुलदीप जी, आप चने की किस्में जैसे कि RSG-44, KPG 59, Pusa 372 (BG 372), Pusa 329, Vardan (GNG-663), GPF 2, Pusa-362, Alok (KGD 1168), Samrat (GNG 469), Karnal Chana-1, DCP-92-3, Pusa Chamatkar (G 1053) Kabuli, Asha (RSG 945), PGC-1 (Pratap Channa 1), Arpita (RSG-963), Aadhar (RSG-963), Abha (RSG-973), Abha (RSG-807), Rajas, GNG 421 (Gauri), GNG 1488 (Sangam), RSG 991 (Aparna), RSG 896 (Arpan), RSG 902 (Aruna), RSG 974 (Abhilasha), GNG 1958 की बिजाई कर सकते हैं, बीज की मात्रा देसी चनों के लिए 12-13 किलोग्राम प्रति बीघा और काबुली चनों के लिए 22-25 किलोग्राम प्रत.... (Read More)
कुलदीप जी, आप चने की किस्में जैसे कि RSG-44, KPG 59, Pusa 372 (BG 372), Pusa 329, Vardan (GNG-663), GPF 2, Pusa-362, Alok (KGD 1168), Samrat (GNG 469), Karnal Chana-1, DCP-92-3, Pusa Chamatkar (G 1053) Kabuli, Asha (RSG 945), PGC-1 (Pratap Channa 1), Arpita (RSG-963), Aadhar (RSG-963), Abha (RSG-973), Abha (RSG-807), Rajas, GNG 421 (Gauri), GNG 1488 (Sangam), RSG 991 (Aparna), RSG 896 (Arpan), RSG 902 (Aruna), RSG 974 (Abhilasha), GNG 1958 की बिजाई कर सकते हैं, बीज की मात्रा देसी चनों के लिए 12-13 किलोग्राम प्रति बीघा और काबुली चनों के लिए 22-25 किलोग्राम प्रति बीघा रखें आप सरसों की किस्में जैसे के Aashiचना और सरसो की बीजाई के लिए वैरायटी quantity भी बताए पर बीघा के हिसाब से rwad (RK 01-03), Swarn Jyoti (RH 9801), RGN 73, Lakshmi (RH 881चना और सरसो की बीजाई के लिए वैरायटी quantity भी बताए पर बीघा के हिसाब से 2), VSL 5, Aravali (RN 393), Vansudhara (RH 9304), Maya (RK 9902), Pusa Jaykisan, Pusa Bold, T 59(Varuna), RH 30 की बिजाई कर सकते चना और सरसो की बीजाई के लिए वैरायटी quantity भी बताए पर बीघा के हिसाब से हैं, सूखे असिंचित क्षेत्रों के लिए 1.25 किलो बीजों का प्रयोग प्रति बीघा में करें और सिंचित क्षेत्रों के लिए 800-900 gram बीजों का प्रयोग प्रति बीघा में करें धन्यवाद
Posted by Gursewak singh
Punjab
24-08-2019 10:53 AM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਾਂ ਤਾਂ ਤੁਾਹਨੂੰ ਤੁਹਾਡੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚੋ ਮਿਲੇਗੀ ਜੋ ਕਿ ਗੋਨੇਆਣਾ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਲਿਖਵਾ ਕੇ ਆਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਮੁਕਤਸਰ ਵਿੱਚ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਜੀ
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
24-08-2019 10:50 AM
BhaaG sunh ton pehlan 2 mahine dab ke sewa karni si Hun usnu rajwa hara vhaara te 2-3 kg feed pao 1-2bottle doctor ton cacium lagwa lao 5-7 din 1 kg kanak da 500g gur ch rinh ke dalia khuo
Posted by Sandeep Anjana
Madhya Pradesh
24-08-2019 10:47 AM
Sandeep ji, fasal mein pila pan boht se kaarno ke vajah se a jata hai jaise ke taapman mein badlaw, kisi bimari ka hamla ya fir pani ka khet mein ruk jana , kripya ap apni fasal ki photo bhjin taki apko uske hisaab se iske bare mein jankri di ja sake, dhanywad

Posted by Harpreet Singh
Punjab
24-08-2019 10:40 AM
tuci kadaknath chicks lenn lai mere nal 9781589637 sampark kr skde ho.
Posted by Narinder
Punjab
24-08-2019 10:39 AM

Posted by akash kumar
Haryana
24-08-2019 10:34 AM
आकाश जी आप मुझे 95307 72137 नंबर पर कॉल करें, आपको पूरा गाइड किया जायेगा
Posted by Karan Deep
Punjab
24-08-2019 10:33 AM
tuci uss nu umar de hisab nal dudh deo fir khurak deo, khurak tuci ghar vich v tyar krke de skde ho, baki tuci ohna nu pett de kiria lai liquid deo ate her 3 mahine badd deworming kr skde ho..
Posted by Karan Deep
Punjab
24-08-2019 10:30 AM
tuci uss nu Teramycin injection 5ml, Milonex injection 3ml lgwao ate Broton liquid 10-10ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Saghr Kumawat
Rajasthan
24-08-2019 10:30 AM
किसानो के साथ जानकारी सांझी करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

Posted by kawal
Punjab
24-08-2019 10:26 AM
ਕੰਵਲ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਰ ਕੇ ਭਿੰਡੀ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰੋ, ਜੇਕਰ ਹਮਲਾ ਮੌਜੂਦ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿਚ quinalphos @ 4 ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by RAMESH Kumar ROY
Bihar
24-08-2019 10:18 AM
RAmesh ji yeh fngus ke hamle ke kaaran ho raha hai ap iski roktham ke liye carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gram prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Kanhaiya
Bihar
24-08-2019 10:13 AM
कन्हैया जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप किस किसान मेले के बारे में पूछ रहे है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Bharpoor Singh
Punjab
24-08-2019 10:05 AM
Bharpoor ji, eh nirtrogen di kami di vaja nal ho reha hai, tusi daso ke tusi is vich kehri khaad da istemal kita ha taki tuhnu is bare jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by Rajbir singh
Punjab
24-08-2019 09:59 AM
Rajbir singh ji, 1601 nam di koi variety nahi hai, jekar tusi 1401 di gal kar rahe ho tan 1401 da rate 1900-2300 rupay prati quintal de hisaab nal reha hai, dhanwad

Posted by ASHOK Kumar yadav
Bihar
24-08-2019 09:56 AM
अशोक जी, सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्.... (Read More)
अशोक जी, सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें धन्यवाद

Posted by ASHOK Kumar yadav
Bihar
24-08-2019 09:51 AM
अशोक जी, सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्.... (Read More)
अशोक जी, सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें धन्यवाद
Posted by Saghr Kumawat
Rajasthan
24-08-2019 09:50 AM
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्.... (Read More)
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Lucknow Early: इसके फल लंबे और चमकदार होते हैं यह किस्म लखनऊ और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है स्थानीय किस्में Nasdar, Sikkim Kakadi आदि Pant sankar khira 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Khira – 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार और सफेद धारीदार होते हैं इसके फल 50-60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये 30 सैं.मी. चौड़े और आवश्यक लंबाई के बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 1.5 से 2 मीटर का फासला रखें उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 0.8-1.2 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं खेत की तैयारी के समय, 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल फास्फेट 150 किलो) और पोटाशियम 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) शुरुआत में खाद के रूप में डालें बिजाई के 32-3सप्ताह पहले गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली बिजाई के 25-30 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 45-50 दिनों के बाद डालें बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती है और गर्मी के मौसम में इसको बार-बार सिंचाई की जरूरत होती है 4 से 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तुड़ाई के दो दिन पहले सिंचाई करें, इससे फल ताजे, चमकदार और आकर्षित रहेंगे

Posted by gaurav
Uttar Pradesh
24-08-2019 09:50 AM
Iske upar nominee gold hi ho skti hai 100gm ke hisab se kyuki abh dhan bde ho chuke hain.

Posted by gurbhej singh
Punjab
24-08-2019 09:48 AM
BhaaG rajwa hara chaara te 2 kg feed pao sunh ton 1 mahina pehlan malap rehat karn di dwaee dio

Posted by lakshay
Rajasthan
24-08-2019 09:47 AM
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, ताम.... (Read More)
राजमांह को इसके लाल रंग की वजह से और किडनी के आकार जैसा होने पर किडनी बीन्स भी कहा जाता है यह प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है और मोलीबडेनम तत्व भी देता है इसमें कोलैस्ट्रोल को कम करने वाले तत्व भी हैं उत्तरी भारत में इसकी दाल भी बनाई जाती है भारत में, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, तामिलनाडू, केरल, कर्नाटक मुख्य राजमांह उत्पादक राज्य हैं मिट्टी इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे हल्की रेतली से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है जल निकास वाली दोमट ज़मीनों में इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है यह नमक वाली मिट्टी के प्रति बहुत संवेदनशील है लगभग 5.5-6 पी एच वाली ज़मीनों में इसकी पैदावार अधिक होती है VL Rajma 125: यह किस्म उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में समय से बोयी जाती है इसकी फली में 4-5 बीज होते हैं और 100 बीज का भार लगभग 41.38 ग्राम होता है RBL 6: यह किस्म पंजाब में बोयी जाती है इसके बीज हल्के हरे रंग के होते हैं और फली में 6-8 बीज होते हैं दूसरे राज्यों की किस्में इसके इलावा भारत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्में: HUR 15, HUR-137, Amber, Arun, Arka Komal, Arka Suvidha, Pusa Parvathi, Pusa Himalatha, VL Boni 1, Ooty 1आदि ज़मीन की तैयारी मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें, खेत को समतल रखें ताकि उसमें पानी ना खड़ा रहे यह फसल जल जमाव के प्रति काफी संवेदनशील होती है आखिरी जोताई के समय, 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें ताकि अच्छी पैदावार मिल सके बिजाई का समय बसंत की ऋतु में राजमांह की बिजाई फरवरी से मार्च और खरीफ की ऋतु में इसकी बिजाई मई से जून के महीने की जाती है पंजाब में कुछ किसान राजमांह की बिजाई जनवरी के आखिरी सप्ताह करते हैं फासला अगेती किस्मों के लिए कतारों में 45-60 सैं.मी. और पौधों में फासला 10-15 सैं.मी. रखें पॉल जैसी किस्मों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में पौधे का फासला 3-4 मीटर प्रति पहाड़ी होना चाहिए बीज की गहराई बीज को 6-7 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई की विधि इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है समतल क्षेत्रों में बीज पंक्तियों में बोयें जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी खेती बैड बनाकर की जाती है अगेती किस्मों के लिए 30-35 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ का प्रयोग करें पॉल किस्मों की बिजाई पहाड़ी क्षेत्रों में 1 मीटर के फासले पर 3-4 पौधे प्रति पहाड़ी पर लगाए जाते हैं बीज की मात्रा 10-12 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है बीज का उपचार बिजाई से पहले थीरम 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीजों का छांव में सुखाएं और तुरंत बो दें खरपतवार नियंत्रण फसल के शुरू में नदीनों की रोकथाम जरूरी है इस अवस्था में नदीनों का हमला ना होने दें खादें डालने और सिंचाई करने के साथ ही गोडाई कर दें नदीनों के अंकुरन से पहले फ्लूक्लोरालिन 800 मि.ली. प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग करें सिंचाई बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें फसल की वृद्धि के दौरान 6-7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के बाद 25वें दिन सिंचाई करें और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए 25 दिनों के अंतराल पर 3 सिंचाइयां जरूरी होती हैं फसल के खिलने, फूल निकलने के दौरान और फलियां विकसित होने की अवस्था में सिंचाई करें इन अवस्थाओं पर पानी की कमी ना होने दें फसल की कटाई जब इसकी फलियां पूरी तरह पक जायें और रंग पीला हो जाये तो इसकी तुड़ाई की जा सकती है इसके पत्ते पीले पड़ने के बाद गिरने शुरू हो जाते हैं किस्म के आधार पर इसकी फलियां 7-12 दिनों में पककर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं पूरी फसल 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं कटाई समय से करें काटी हुई फसल 3-4 दिनों के लिए धूप में रखें अच्छी तरह सूखने के बाद बैलों या छड़ों की मदद से छंटाई की जा सकती हैं कटाई के बाद राजमांह को कटाई के बाद कईं कामों के लिए प्रयोग किया जाता है सांभ संभाल के समय इसकी देखभाल जरूरी है राजमांह को स्टोर करने से पहले आकार और क्वालिटी के आधार पर बांटा जाता है गले हुए राजमांह धूप में हल्की गर्मी में रख दिए जाते हैं ताकि उनमें से नमी की मात्रा कम हो जाये इसके लिए हमेशा ठंडी, अंधेरे और सूखी जगह पर रख दिया जाता है
Posted by ajay kumar
Uttar Pradesh
24-08-2019 09:45 AM
Ajay ji, isme ap NPK 130045 @ 10 gram prati liter pani ke hisaab se spray karein, isse isme acchi faliyan banni shuru ho jaye gi, dhanywad

Posted by khuspal
Punjab
24-08-2019 09:40 AM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ 3G cutting ਕਰੋ ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੁਣ ਜੋ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਤੀਜੀ ਟਾਹਣੀ ਨਿਕਲੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਰੱਖੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨੂੰ ਤੀਜੀ ਤੁੜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਫਲ ਲਗਭਗ ਮਾਦਾ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Posted by ajay kumar
Uttar Pradesh
24-08-2019 09:30 AM
Ajay Kumar ji, fasal boht se kaarno ki vajah se pili pad jati hai jaise ke kisi bimari ka hamla ya pani ka jayda lag jana, kripya ap fasal ki photo bhejein taki apko dekh kar iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Manpreet Singh
Punjab
24-08-2019 09:30 AM
manpreet ji jhone de nisare de same tuc NPK 130045 10 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Susil Meena
Rajasthan
24-08-2019 09:30 AM
सुसील जी, monocrotophos इक कीट नाशक है, यह सुंडी की रोकथाम के लिए इस्तेमला किया जाता है, यह कपास, गन्ना, मूंगफली और सजावटी पौधों में की जाती है, इसकी मात्रा 250 से 300 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे किया जाता है, धन्यवाद

Posted by Kamlash gurjar
Rajasthan
24-08-2019 09:29 AM
Gurjar ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap Tomato ke vare mai kya jankari lena chahte ha tan jo apko sahi jankari di jaa skee..

Posted by nitin Barod
Madhya Pradesh
24-08-2019 09:26 AM
नितिन जी, यह तत्वों की कमी के कारण हो रहा है, आप इसकी कमी पूरी करने के लिए इसमें NPK 191919 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by ram kumar
Rajasthan
24-08-2019 09:15 AM
Ram kumar ji, jab amrud ke ped mein phool ate hain us samay par aap isme NPK 130045 @ 10 gram prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by sk
Rajasthan
24-08-2019 09:02 AM
श्रीमान जी, कृपया आप बताएं कि आपने इसमें कौन सी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके हिसाब से जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by sukhjinder Singh
Punjab
24-08-2019 08:59 AM
Sukhjinder ji tuci kadaknath chicks lenn lai mere nal 9781589637 sampark kr skde ho.
Posted by Arun kumar
Uttar Pradesh
24-08-2019 08:56 AM
अरुण जी आप दीमक की रोकथाम के लिए clorpirifos एक लीटर को 60 किलो रेत में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा दें इससे दीमक की रोकथाम हो जाएगी

Posted by Arun pal
Uttar Pradesh
24-08-2019 08:51 AM
उसे आप Nilzan liquid 1ml प्रति 3 किलो शरीर के भार के हिसाब से दें और Broton liquid 20ml रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Deepak Damar
Madhya Pradesh
24-08-2019 08:39 AM
दीपक जी, यह मच्छर के हमले के कारण हो रहा है आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें profenophos @ 500 ml जो 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Deepu kudhwaha
Uttar Pradesh
24-08-2019 08:39 AM
Deepu ji kripya aap iss App mai khetibadi aur pashupalan se sambadit apna swal push skte hai, yaddi aap inse sambadit koi jankari lena chahte hai too aap apna swal push skte hai dhnawad..
Posted by surender chahar
Haryana
24-08-2019 08:38 AM
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