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Posted by Bikramjit singh
Punjab
24-08-2019 07:45 PM
Punjab
08-24-2019 08:04 PM
usko aap pett ke kiro ke liye Flukarid-DS bolus den, yeh gabhin pashu aur dusre pashu ko de skte hai app her 3 mahine ke badd salt change krke bolues den..
Posted by Jivan Jivan
Rajasthan
24-08-2019 07:43 PM

Maharashtra
01-17-2020 11:19 AM
जीवन जी, लट की रोकथाम के लिए आप इसमें quinalphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Surender Gujjar
Haryana
24-08-2019 07:40 PM
Punjab
08-25-2019 09:52 PM
Gujjar ji iske liye aap apne nazdiki kisi doctor se sath jakar Treatment kren jisse apko knowledge milegi aur apki market v bnegi, fir aap apna kam v kr skte hai..
Posted by shanky
Haryana
24-08-2019 07:39 PM
Punjab
08-24-2019 10:03 PM
tuci uss nu Kol liquid 500ml ek varr vich pilao ate Tyral 100 liquid dia 2 botla ek varr vich pilao, iss nal frak paa jawega..
Posted by babulu kumar
Bihar
24-08-2019 07:31 PM

Posted by anuj
Bihar
24-08-2019 07:24 PM

Maharashtra
01-23-2020 02:41 PM
Anuj ji, ap aam ke ped ko kalam kar ke uske upar Beaudeux paste ya copper oxychloride ka istemla kar sakte hain, dhanywad
Posted by kalyan
Uttar Pradesh
24-08-2019 07:23 PM

Maharashtra
01-17-2020 11:27 AM
कल्याण जी, अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है धन्यवाद
Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
24-08-2019 07:22 PM

Maharashtra
01-17-2020 11:54 AM
महेंद्र जी, हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डाला.... (Read More)
महेंद्र जी, हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ravi Shankar Kaushik
Chattisgarh
24-08-2019 07:20 PM
Punjab
08-24-2019 08:05 PM
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिले.... (Read More)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते है तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे
Posted by Kanhaiya Lal Kushwaha Purdil Nagar Hathras UP
Uttar Pradesh
24-08-2019 07:20 PM
Punjab
08-31-2019 07:04 PM
इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंब.... (Read More)
इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
Posted by ਜਸਕਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
24-08-2019 07:06 PM
Punjab
08-24-2019 09:43 PM
Posted by Kamal Yadav
Madhya Pradesh
24-08-2019 06:53 PM

Punjab
08-24-2019 07:20 PM
यादव जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियों में आवाज समझ नहीं आ रही है कृप्या साफ आवाज में ओडियों भेंजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
24-08-2019 06:48 PM
Punjab
08-24-2019 07:22 PM
bakri palan tuci 10 bakria ate 2 bakria de nal suru kr skde ho..
Posted by surjeet singh
Uttar Pradesh
24-08-2019 06:48 PM
Punjab
08-24-2019 09:45 PM
Posted by satpal singh Bhullar
Punjab
24-08-2019 06:48 PM
Punjab
01-17-2020 11:46 AM
Satpal ji, mausam vibhag se anusar aun vale 2 din tak badal rehn di sambhavana hai ate baki ke din mausam saaf rahe ga, dhanwad
Posted by BABURAM
Rajasthan
24-08-2019 06:37 PM
Maharashtra
01-17-2020 11:49 AM
Baburam ji, kripya aap apne pani ka test karwaye agar apka pani 1ya 2 number tak ata hai to ap is pani mein fasal ki bijai kar sakte hain, agar apka pani 3 ya 4 number hai to yeh kharaa pan ihai, is pani mein university kisi fasal ki bijai karne ki sifarish nahi karti hai, dhanywad
Posted by Raghvendra yadav
Madhya Pradesh
24-08-2019 06:34 PM
Maharashtra
08-26-2019 12:24 PM
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/साल.... (Read More)
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/सालको दो हिस्सों में डालना चाहिए पहली डोज़ मार्च-अप्रैल महीने में और दूसरी डोज़ सितम्बर-अक्टूबर में दी जानी चाहिए इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप अरुण खुरमी 9878123123 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by gurwinder chahal
Punjab
24-08-2019 06:33 PM
Punjab
08-24-2019 07:27 PM
ਤੁਸੀ Broton liqued 30ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Halotas bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Bhojpal Singh
Uttar Pradesh
24-08-2019 06:32 PM
Punjab
08-24-2019 09:47 PM
Posted by dinesh
Rajasthan
24-08-2019 06:22 PM
Maharashtra
01-17-2020 11:50 AM
दिनेश जी, अधिक पैदावार के लिए बिजाई अंत अक्तूबर से मध्य नवंबर में पूरी कर लें पिछेती फसल बीजने के लिए पैदावार का नुकसान होता है अगेती मंडीकरन के लिए मटरों को अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में उगाएं धन्यवाद
Posted by Vikram Kumar
Bihar
24-08-2019 06:21 PM
Rajasthan
08-26-2019 10:48 AM
Vikram Kumar जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Vikram Kumar जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by kanu Rana
Rajasthan
24-08-2019 06:17 PM
Maharashtra
01-16-2020 05:12 PM
कनु जी, यह तत्वों की कमी के कारण हो रहा है, आप इसमें NPK 191919 @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Gurmeet Sidhu
Punjab
24-08-2019 06:10 PM
Punjab
08-30-2019 01:10 PM
Gurmeet Sidhu ji same same te kisane di mang te vakh vakh vishe te trainingchaldia hi rehdia han, Abohar vich goat training lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra Abohar Address: Model Town, Abohar, Punjab 152117 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by sandeep
Haryana
24-08-2019 06:08 PM
Punjab
08-24-2019 09:48 PM
Posted by Harmail singh1
Punjab
24-08-2019 06:03 PM
Punjab
01-17-2020 11:52 AM
ਹਰਮੇਲ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਬਰਸੀਮ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ BL 1 , BL 10 , BL 42 , BL 43 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by daud
Madhya Pradesh
24-08-2019 06:01 PM
Punjab
08-26-2019 02:18 PM
जैविक खेती क्या है यह एक तरीका है जिसमें फसलें उगाने के लिए रासायनिक खादों या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता जैविक खेती से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और पैदावार की गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है ​इसमें खेती के लिए पशुओं और फसलों के व्यर्थ और कुछ बायोफर्टिलाइज़र प्रयोग किए जाते हैंं जैविक खेती के .... (Read More)
जैविक खेती क्या है यह एक तरीका है जिसमें फसलें उगाने के लिए रासायनिक खादों या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता जैविक खेती से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और पैदावार की गुणवत्ता में भी वृद्धि होती है ​इसमें खेती के लिए पशुओं और फसलों के व्यर्थ और कुछ बायोफर्टिलाइज़र प्रयोग किए जाते हैंं जैविक खेती के लिए वातावरण अनुकूलन विधि है और प्रदूषण को कम करने में मदद करती है विशेषताएं इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति लंबे समय तक बनी रही है और खेती के लिए मशीनों की कम जरूरत पड़ती है यह अप्रत्यक्ष ढंग से ज़मीन को मित्र सूक्ष्मजीव प्रदान करता है जो घुलनाशील तत्वों को पौधों की वृद्धि के लिए प्रयाग में लाते हैं इस कुदरती तरीके से नाइट्रोजन की कमी पूरी हो जाती है और हमें बार बार खेत में रसायन डालने की जरूरत नहीं पड़ती इससे पशुओं के गोबर और फसलों के बचे कुचे को दोबारा प्रयेाग में लाया जा सकता है जो पशु जैविक ढंग से तैयार की फसलों को खुराक के तौर पर प्रयोग करते हैं उन्हें अधिक संतुलन तत्व मिलते हैं और सेहत भी अच्छी रहती है जैविक खेती करने से जंगली जीवन और कुदरती आवास में सुधार आता है
Posted by Aparjeet singh mahal
Punjab
24-08-2019 05:49 PM
Punjab
08-24-2019 07:28 PM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .
Posted by Madhav kumar
Chattisgarh
24-08-2019 05:48 PM
Maharashtra
01-17-2020 12:07 PM
माधव जी, आप टमाटर की किस्मे जैसे कि hisar arun, hisar lalit, HS-101, HS-102, kashi hemant, kashi vishesh, Pusa 120, pusa ruby, arka abhijit, arka vikas, arka ubha, arka ananya, pusa hybrid 4, arka saurabh की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by rakesh kamboj
Haryana
24-08-2019 05:46 PM
Punjab
08-24-2019 09:49 PM
Posted by Narendra
Haryana
24-08-2019 05:38 PM
Maharashtra
01-17-2020 11:55 AM
नरेंद्र जी, यह फल की मक्खी का हमला हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें fenvalrate @ 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इससे यह सही हो जाता है, धनयवाद
Posted by pardeep
Haryana
24-08-2019 05:37 PM

Haryana
08-31-2019 03:03 PM
Aap jis bhi state se belongs karte ho ush state ke Horticulture Department se sampark Karen. samay samay pe bahut si schemes aati rahti hai. rahi baat subsidy ki to isme aapko plants pe, drip irrigation pe, community tank formation pe aur processing units pe 50 to 85 % Tak anudhan pa sakte hai. per actual subsidy concerned state ka department hi behtar Bta payega. loan sabhi Bank uplabad karwa rahe hai.
Posted by aditya raaj
Madhya Pradesh
24-08-2019 05:36 PM
Maharashtra
08-26-2019 01:31 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
Posted by shorab saini
Uttar Pradesh
24-08-2019 05:35 PM

Maharashtra
01-16-2020 05:14 PM
Shorab ji, macchar ke hamle ki roktham ke liye aap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Tajindersingh
Punjab
24-08-2019 05:30 PM

Punjab
08-24-2019 09:51 PM
Posted by gaurav rana
Haryana
24-08-2019 05:17 PM

Punjab
08-24-2019 07:30 PM
Rana ji pashu ko pett ke kiro ke liye Bendikind bolus bolues den aur Agrimin powder 100gm rojana, Minotas bolus rojana 1 goli den, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
24-08-2019 05:17 PM

Maharashtra
01-17-2020 11:56 AM
महेंद्र जी, हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालाप.... (Read More)
महेंद्र जी, हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Vinay Singh
Uttar Pradesh
24-08-2019 05:17 PM

Punjab
08-24-2019 09:53 PM
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला: • 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें • डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे   • इसके बाद छ.... (Read More)
डॉ. दलाल घोल तैयार करने का फॉर्मूला: • 2.5 किलो यूरिया, 2.5 किलो डी.ए.पी. और आधा किलो जिंक (21 प्रतिशत वाली) लें • डी.ए.पी. को छिड़काव से एक दिन पहले प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन में भिगोकर रख दें और दिन में 2—3 बार इसे डंडे से हिलाते रहें इस प्रक्रिया से डी.ए.पी. खाद में मौजूद पोषक तत्व अच्छी तरह मिल जायेंगे   • इसके बाद छिड़काव के समय यूरिया और जिंक को अलग अलग प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तनों में पानी में घोल लें इसके बाद 100 लीटर पानी में इन्हें घोलकर फसल पर छिड़कें या फिर एक पैमाना तैयार कर लें और हर टैंकी में उस पैमाने के अनुसार घोली हुई खाद डालते रहें और बाकी पानी मिला लें   • इस बात का खास ध्यान रखें कि यह घोल तैयार करने के लिए किसी धातु के बर्तन का प्रयोग ना किया जाये और इस घोल का प्रयोग सिर्फ 100 लीटर पानी में ही किया जाये, ना कम ना ज्यादा   • फसल पर घोल की प्रक्रिया साधारण रखें पौधे पर एक ही जगह ज्यादा घोल का छिड़काव ना करें इससे पौधे के पत्तों को नुकसान पहुंच सकता है इस स्प्रे से पौधों को भरपूर पोषक तत्व मिल जायेंगे
Posted by sunil
Uttar Pradesh
24-08-2019 05:12 PM

Punjab
02-05-2020 06:02 PM
Sunil ji, drip sinchai ke ki chuut ke bare mein jankari lene ke liye ap Parbhat Shirvastav 9414055432 ji ke sath samparak karein, dhanywad
Posted by Ranjan Raj
Bihar
24-08-2019 05:06 PM

Punjab
08-24-2019 07:31 PM
राज जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by jagdeep
Punjab
24-08-2019 04:58 PM
Rajasthan
08-24-2019 07:32 PM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by PRITPAL
Punjab
24-08-2019 04:55 PM
Punjab
01-16-2020 05:15 PM
ਪ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ, ਸੁੰਡੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ fenvalrate @ 2 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ashu
Uttar Pradesh
24-08-2019 04:52 PM

Maharashtra
01-17-2020 12:11 PM
Ashu ji, aap isme khatti lassi ki spray karen, yeh lassi 6 mahine purani honi chahiye or ap iski matra 3 liter parti acre ke hisaab se istemal kar sakte hian, ap apne khet mese nadeen ko bhi nasht karein, dhanywad
Posted by Subodh Kushwaha
Jharkhand
24-08-2019 04:50 PM

Maharashtra
01-17-2020 12:13 PM
Subodh ji, kripya aap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemla kiya hai taki apko iske bare mein jankaridi ja sake, danywad
Posted by kashmir singh
Punjab
24-08-2019 04:50 PM
Punjab
08-28-2019 03:51 PM
Kashmir ji kirpa krke ehh dso tuci spray kehri krni hai, baki spray ton badd 48 hours badd pani lgana chahida hai..
Posted by Toran Verma
Chattisgarh
24-08-2019 04:44 PM

Maharashtra
01-16-2020 05:11 PM
Toran ji, blast rog ki roktham ke liye aap isme folicur @ 200 ml 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by parmvir dhillon
Punjab
24-08-2019 04:35 PM
Punjab
01-17-2020 12:14 PM
Parmvir ji, tusi sundi di roktham layi fame @ 20 ml ya coragen @ 60 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad