Posted by Jawahar Tigga
Chattisgarh
27-08-2019 08:11 AM
Jawahar ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by kuldeep singh
Punjab
27-08-2019 07:52 AM
Hanji Kuldeep ji majha nu gulli danda paa skde ho.

Posted by guddu सिंह
Uttar Pradesh
27-08-2019 07:51 AM
इसमें पोषक तत्व की कमी है, इसके ऊपर npk 13 00 45@2kg या npk 191919@1kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by guddu सिंह
Uttar Pradesh
27-08-2019 07:48 AM
इसके ऊपर npk 13 00 45@2kg या npk 191919@1kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यह पोषक तत्व की कमी के कारण हो रहा है

Posted by guddu सिंह
Uttar Pradesh
27-08-2019 07:45 AM
इसके ऊपर npk 13 00 45@2kg या npk 191919@1kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यह पोषक तत्व की कमी के कारण हो रहा है

Posted by Vipan Kamboj
Punjab
27-08-2019 07:43 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਗੋਭ ਦੀ ਸੁੰਡੀ ਅਤੇ ਪੱਤਾ ਲਪੇਟ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਫੇਮ @30 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਕੋਰਾਜਨ @60 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਦਾਮਾ ਦਾ ਬਾਰਾਜਾਈਡ @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Deshraj meena
Rajasthan
27-08-2019 07:39 AM
Deshraj ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by RAJESH Kumar
Haryana
27-08-2019 07:35 AM
Rajesh ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by sarbjeet Singh
Punjab
27-08-2019 07:09 AM
ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Metricef-IU ਦਵਾਈ ਦੋ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ PG care bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ, ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਕੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Receptel injection 5ml IV ਲਗਵਾਓ .

Posted by Reena Patel
Madhya Pradesh
27-08-2019 07:01 AM
Reena ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by umatiya Faiyaz
Gujarat
27-08-2019 07:00 AM
आप उसे पेट के कीड़ों के लिए Nilzan liquid दें ये आप 1 मि.ली. प्रति 3 किलो शरीर के भार के हिसाब से दें इसके साथ आप Groviplex liquid 20ml रोजाना दें इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी

Posted by pawan
Punjab
27-08-2019 06:59 AM
पवन जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by vishal
Uttar Pradesh
27-08-2019 06:28 AM
नदीनों की रोकथाम के लिए नदीननाशक का प्रयोग नदीन उगने से पहले (रोपाई से 2—3 दिन के अंदर) — बूटाक्लोर 1200 मि.ली. या प्रेटीक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. या एनीलोफास 18 ई सी 800 मि.ली. या एनीलोफास 30 ई. सी. 500 मि.ली. या एनीलोफास 50 ई सी 300 मि.ली. या स्टांप 30 ई सी 1000 से 1200 मि.ली. या प्रेटीक्लोर 37 ई डब्लयु या साथी 10 डब्लयु पी 60 ग्राम या टोंपस्टार 80 डब.... (Read More)
नदीनों की रोकथाम के लिए नदीननाशक का प्रयोग नदीन उगने से पहले (रोपाई से 2—3 दिन के अंदर) — बूटाक्लोर 1200 मि.ली. या प्रेटीक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. या एनीलोफास 18 ई सी 800 मि.ली. या एनीलोफास 30 ई. सी. 500 मि.ली. या एनीलोफास 50 ई सी 300 मि.ली. या स्टांप 30 ई सी 1000 से 1200 मि.ली. या प्रेटीक्लोर 37 ई डब्लयु या साथी 10 डब्लयु पी 60 ग्राम या टोंपस्टार 80 डब्लयु पी 45 ग्राम में से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेते प्रति एकड़ के हिसाब से खड़े पानी में छींटा दें जिन खेतों में पानी खड़ा करने की समस्या हो तो धान की रोपाई के बाद 10—12 दिन के अंदर अंदर 40 मि.ली. प्रति एकड़ ग्रेनिट 240 एस सी को 150 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर दें जिससे दीमक, धान के मोथे और चौड़े पत्तों वाले नदीनों की रोकथाम होगी यदि धान की रोपाई के बाद खेत में दीमक और धान के मोथे उग पड़ते हैं तो रोपाई के 20—25 दिनों के अंदर अंदर 100 मि.ली. नोमिनी गोल्ड वॉश आउट माचो तारक 10 एस सी को 150 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें यदि खेत में लैप्टोक्लोआ, घास या कनकी की समस्या हो तो 400 मि.ली. प्रति एकड़ 6.7 ई सी को 150लीटर पानी में घोलकर धान की रोपाई के 20—25 दिन के अंदर अंदर छिड़काव कर दें यदि खेत में चौड़े पत्तों वाले नदीन आदि की समस्या हो तो 30 ग्राम एलग्रिप 20 डब्लयु जी या 16 ग्राम सैगमैट 50 डी एफ या 8 ग्राम एलमिक्स 20 डब्लयु पी या 50 ग्राम सनराइज़ 15 डी जी को रोपाई के 20 दिन बाद 150 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें
Posted by Anil
Rajasthan
27-08-2019 06:26 AM
अनिल जी कृपया बताएं कि आपने गमले में सिर्फ मिटटी डाली है या इसमें आपने कुछ और भी डाला है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by pardeep
Haryana
27-08-2019 06:23 AM
Iske upper npk 13 00 45@2kg ja nok 191919@1kg prati acre ke hisaab se spray krein..yeh nutrients ki kami ke kaarn ho rha hai.

Posted by kuldeep singh
Punjab
27-08-2019 06:00 AM
BhaaG je sasta milda hhai te 1quintal feed ch 5 -7kg anaaj gtaa k usdi badl ch pa lao koi fark ni Lok kehnde ne thora fat wadh jandi ae

Posted by Baljinder singh
Punjab
27-08-2019 05:58 AM
Posted by आशिष कुमार
Bihar
27-08-2019 05:57 AM
आपका सवाल समझ नहीं आया के आप खशी किसको बोल रहे हो किरपा करके अपना सवाल डिटेल में पूछे और खसी किसे बोल रहे है यह भी बताये

Posted by Manish Patidar
Madhya Pradesh
27-08-2019 05:04 AM
हांजी आप इसकी स्प्रे मिर्च पर कर सकते हैं
Posted by प्रमोद कुमार वर्मा
Uttar Pradesh
27-08-2019 04:43 AM
pramod ji agar jad kaali ho rahi hai to yeh fungus ke karn hota hai iske liye aap iske uper saaf@400 gram ko prati acre ke hisab se mitti men mila kar daale.
Posted by Pappu Pandit
Haryana
27-08-2019 12:59 AM
पंडित जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Barun marbel
West Bengal
27-08-2019 12:18 AM
Barun marbel जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Barun marbel जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Barun marbel
West Bengal
27-08-2019 12:15 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by jagavanta Pal
Uttar Pradesh
26-08-2019 11:31 PM
uttar pradesh me aap beetal or sirohi nasal rakh sakte ho ji.

Posted by RAHI
Madhya Pradesh
26-08-2019 11:27 PM
राही जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by KAMLAKAR MUTKURE
Maharashtra
26-08-2019 11:15 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Aman Pratap Singh
Uttar Pradesh
26-08-2019 11:07 PM
अमन जी कृपया बताये के आपने इसमें क्या क्या खाद डाली है और इसमें किसी कीट का हमला है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by nikku
Punjab
26-08-2019 10:59 PM
tuci uss nu Agrimin-i golia denia suru kro , rojana 1 goli deo atte 21 din tak dinde rho , iss nal bachedani strong howegi , fir heet vich auun ton badd uss nu tikka bhrwa ke tuci ehh golia 15 din hor dinde rho , isde nal tikaa bhrwaun tonn badd pregstay gold powder 50 gram deo , iss nal gaban rehnn di ass vaddh jndi hai ..

Posted by paras ram janwa
Rajasthan
26-08-2019 10:58 PM
Galog/ Increlac bolus: 2 गोली प्रति दिन, calcium gel: 100 ml प्रति दिन
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
26-08-2019 10:49 PM
अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
26-08-2019 10:45 PM

Posted by Raja Sidhu
Punjab
26-08-2019 10:32 PM
ਰਾਜਾ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਜਾ ਇਸਦੇ ਲੇਬਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harpreet Singh
Punjab
26-08-2019 10:24 PM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ, ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਬਾਕੀ ਦੀਆਂ ਸਿੰਚਾਈਆਂ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ‘ਤੇ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਦਾ ਆਕਾਰ ਵਧੇਗਾ ਅਤੇ ਫਲ ਉੱਤੇ ਬਾਲਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਹਲਕੀ ਸ.... (Read More)
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ, ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਬਾਕੀ ਦੀਆਂ ਸਿੰਚਾਈਆਂ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ‘ਤੇ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਦਾ ਆਕਾਰ ਵਧੇਗਾ ਅਤੇ ਫਲ ਉੱਤੇ ਬਾਲਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਲ ਤਾਜ਼ਾ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਬਦਬੂ ਘਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸੜ੍ਹੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 55 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 12 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 75 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ
Posted by Amarjit Singh
Punjab
26-08-2019 10:20 PM
tuci uss nu Broton liquid 50ml rojana, Anabolite liquid 100ml rojana deo, ehna nal vdia growth howegi baki uss nu 35-40kg rojana hara chara deo ate suun ton 1 hafte badd uski deworming jrurr kro..

Posted by harjindersingh
Punjab
26-08-2019 10:13 PM
harjinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
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