
Posted by op
Rajasthan
28-08-2019 06:35 PM
कृपया आप इसके लेबल की साफ़ फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by mangilal selkar
Madhya Pradesh
28-08-2019 06:25 PM
mangilal ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by afsarshaikh
Maharashtra
28-08-2019 06:22 PM
Afsarshaikh जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Afsarshaikh जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lakheshwar patel
Chattisgarh
28-08-2019 06:22 PM
Lakheshwar patel ji kirpya aap yeh btaye ke aap kis fasal ki jankari chahte hai chare vali fasal ki, medicinal plants me ta jo aap ko puri jankari di ja sake. Thankyou.
Posted by lakheshwar patel
Chattisgarh
28-08-2019 06:19 PM
lakheshwar ji agar aap fodder ki baat kar rahe hai to aap naphier hybrid ghas ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Naresh kumar meena
Rajasthan
28-08-2019 06:11 PM
Naresh ji yeh kenchue hai inka fasl ko koi nuksaan nahi hai.dhanywd
Posted by T S Rathore
Madhya Pradesh
28-08-2019 06:11 PM
Rathore ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Narayan Jat
Rajasthan
28-08-2019 06:06 PM
Narayan ji kapas me aap sulphur@3 killo prati acre ke hisab se daale . is se yeh fungus ke hamle se bach jayega aur vridhi ke liye aap NPK 130045@2 kilo ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by saurabh kumar
Uttar Pradesh
28-08-2019 06:04 PM
saurabh ji kripya aap iske label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwad

Posted by jaskarn
Haryana
28-08-2019 06:04 PM
jaskarn ji jab dhan nisara karna shuru kar de tab aap haldi rog ki roktham ke liye iska istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by pardeep rao
Haryana
28-08-2019 06:00 PM
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
28-08-2019 05:54 PM
nirmal ji boojhe de layi tuc biovita @8 killo prati acre de hisab nal pao. ate jhone de uper tuc NPK 191919@1 killo di prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Narayan Jat
Rajasthan
28-08-2019 05:50 PM
नारायण जी यह कीट के कारण हो रहा है नरमे में जूं, तेले और थ्रिप्स है, इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें

Posted by ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
28-08-2019 05:49 PM
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਕਿੰਨੀ ਮਾਤਰਾ ਦੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rm Ramkumar Ramkumar rathor
Uttar Pradesh
28-08-2019 05:41 PM
रामकुमार जी अभी आप सब्जियों जैसे * गाजर, शलगम, फूलगोभी, बीन, टमाटर, काली सरसों के बीज, पालक, धनिया, ब्रसल्स स्प्राउट, चौलाई की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Mukesh Yadav
Rajasthan
28-08-2019 05:39 PM
मुकेश जी आप इसकी जड़ों पे carbendazim @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
28-08-2019 05:37 PM
uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate Cargill di Heifer dry feed deni suru kro baki tuci Cafplan powder 100gm rojana deo, iss nal vdia growth ho jawegi.

Posted by navpreet Singh
Punjab
28-08-2019 05:36 PM
ਜੇਕਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 80-100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਨਾ ਨਿਕਲਣ ਜਾਂ ਫੁੱਲ ਘੱਟ ਹੋਣ ਤਾਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ ਖਾਦ 750 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪ੍ਰਤੀ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬੀ.ਟੀ. ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 85, 95 ਅਤੇ 105 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 13:0:45 ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੋਟਾਸ਼ 5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਵਧ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 80-100 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਨੂੰ ਫੁੱਲ ਨਾ ਨਿਕਲਣ ਜਾਂ ਫੁੱਲ ਘੱਟ ਹੋਣ ਤਾਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ ਖਾਦ 750 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪ੍ਰਤੀ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬੀ.ਟੀ. ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 85, 95 ਅਤੇ 105 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 13:0:45 ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਪੋਟਾਸ਼ 5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਵਧੇਰੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ (ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਣ ਤੋਂ ਹਰੇਕ 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ 2-3 ਸਪਰੇਆਂ) ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕਈ ਵਾਰੀ ਵਰਗਾਕਾਰ ਲਾਰਵਾ ਡਿੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਝੜਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪਲੈਨੋਫਿਕਸ (ਐਨ.ਏ.ਏ.) 4 ਮਿ.ਲੀ. ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ 120 ਗ੍ਰਾਮ, ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ 150 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਖਰਾਬ ਮੌਸਮ ਦੇ ਕਾਰਨ ਟੀਂਡੇ ਝੜਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 100 ਗ੍ਰਾਮ 00:52:34 + 30 ਮਿ.ਲੀ. ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (>12%) + 6 ਮਿ.ਲੀ. ਸਟਿੱਕਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਤਿੰਨ ਸਪਰੇਆਂ ਕਰੋ ਅੱਜ-ਕੱਲ ਪੱਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲਾਲੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਿਖ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਖਾਦਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਨਾਲ ਠੀਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ ਦੀ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ 2 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
28-08-2019 05:35 PM
tuci uss nu Flukarid-Ds bolus pett de kiria lai deo ate Agrimin powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal sarir di kami puuri howegi ate heat vich aa jawegi fir tuci usss Murrah nasal da vdia record wala semen bhrwa skde ho..
Posted by Ramesh Mishra
Uttar Pradesh
28-08-2019 05:32 PM
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 म.... (Read More)
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के फासले पर दो बार स्प्रे करें
शुरूआती हमले में 5 प्रतिशत नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें ज्यादा हमला दिखने पर 25 प्रतिशत साइपरमैथरिन 2.4 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें कीटों की गिनती अधिक हो जाने पर स्पाइनोसैड 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल पकने के बाद ट्राइज़ोफॉस या किसी और कीटनाशक की स्प्रे ना करें
Posted by Niranjan lal
Uttar Pradesh
28-08-2019 05:30 PM
nirayan ji it requires 28 degree temperature. if the temperature of your area is near 28 then you can sow it.
Posted by Narayan Jat
Rajasthan
28-08-2019 05:29 PM
नारायण जी यह कीट के कारण हो रहा है नरमे में जूं, तेले और थ्रिप्स है, इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by shaminder maan
Punjab
28-08-2019 05:29 PM
shaminder ji eh dikkat sare khet vich hai ja ik do paudheya uper hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by ramrajramraj52034@gmail.com
Madhya Pradesh
28-08-2019 05:26 PM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की .... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज हरे पीले रंग के होते हैं JS 95-60: यह किस्म 82-88 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना गलन और विभन्न प्रकार के कीटों की प्रतिरोधक किस्म है JS 335: यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधी और तने की मक्खी, कली के झुलस रोग के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो) बिजाई के लिए कतार से कतार का 10-12 इंच और पौधे से पौधे का फासला 4-7 सैं.मी. रखें नमी की उचित मात्रा में बीजों को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें एक एकड़ खेत में 25-30 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें बिजाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद और गाय का गला हुआ गोबर 4 टन और नाइट्रोजन 10 किलो (यूरिया 25 किलो) और फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें इन तत्वों के साथ 8 किलो सलफर प्रति एकड़ में डालें अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए यूरिया 3 किलो को 150 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद 60 वें और 75 वें दिन स्प्रे करें खेत को नदीन मुक्त करने के लिए दो गोडाई की आवश्यकता होती है, पहली गोडाई बिजाई के 15-20 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 30-40 दिन बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को रोकने के लिए बिजाई के बाद दो दिनो में पैंडीमैथालीन 900 मि.ली. को 100-200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें या इमाजेथापर 150&170 मि.ली. को 150-200 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 15 से 20 दिन बाद बूटीनाशक के तौर पर डालें बारानी फसल होने के कारण इसे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की स्थिति के आधार पर सिंचाई का उपयोग करें फली बनने के समय सिंचाई आवश्यक है इस समय पानी की कमी उपज को काफी प्रभावित करती है जब फलियां सूख जाएं और पत्तों का रंग बदल कर पीला हो जाए और पत्ते गिर जाएं, तब फसल कटाई के लिए तैयार होती है कटाई हाथों से या दराती से करें कटाई के बाद पौधों में से बीजों को निकाल ले
Posted by Narayan Jat
Rajasthan
28-08-2019 05:24 PM
आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, बीन, टमाटर, काली सरसों के बीज, पालक, धनिया, ब्रसल्स स्प्राउट, चौलाई की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by bhagwant singh
Punjab
28-08-2019 05:23 PM
Contact deputy director animal husbandry Bathinda or nere de pashuan de hospital naal sampark karo or Krishi vigyan kendar Bathinda ja phir veterinary university Ludhiana 0161 2553364 2414026
Posted by sardar
Rajasthan
28-08-2019 05:20 PM
सरदार जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sidhu
Punjab
28-08-2019 05:20 PM
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਰਿਫੌਰਮਾਂ 7 ਰਾਜਾਂ ਦੇ 28 ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿਚ 1998 ਤੋਂ 2005 ਤਕ ਪਾਇਲਟ ਦੀ ਜਾਂਚ ਵਾਜੋ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਇਹ ਸਫਲ ਪ੍ਰਯੋਗ ਸਾਲ 2005-06 ਵਿਚ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਸੁਧਾਰਾਂ ਲਈ ਸਟੇਟ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਯੋਜਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੇ ਆਧਾਰ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੁਝ ਵਿਚ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ (ਕੇ.ਵੀ.ਕੇ.) ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੇ ਹੁਨਰ ਅਤੇ ਉਹ.... (Read More)
ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਰਿਫੌਰਮਾਂ 7 ਰਾਜਾਂ ਦੇ 28 ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿਚ 1998 ਤੋਂ 2005 ਤਕ ਪਾਇਲਟ ਦੀ ਜਾਂਚ ਵਾਜੋ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਇਹ ਸਫਲ ਪ੍ਰਯੋਗ ਸਾਲ 2005-06 ਵਿਚ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਸੁਧਾਰਾਂ ਲਈ ਸਟੇਟ ਐਕਸਟੈਨਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਯੋਜਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੇ ਆਧਾਰ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕੁਝ ਵਿਚ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ (ਕੇ.ਵੀ.ਕੇ.) ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੇ ਹੁਨਰ ਅਤੇ ਉਹ ਸਟੇਟ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ (ਐਸ.ਏ.ਯੂ.) ਅਤੇ ਐੱਟੀਐਮਏ ਦੇ ਨਾਲ ਕੌਮੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਖੋਜ ਪ੍ਰਣਾਲੀ (ਐਨਆਰਐਸ) ਨੂੰ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਫੀਡ ਬੈਕ ਅਤੇ ਇਕਸਾਰ ਯੋਜਨਾਬੰਦੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨਾ ਇਸ ਸਕੀਮ ਦਾ ਅਸਲ ਕੰਮ ਪੇਂਡੂ ਗਰੀਬਾਂ / ਛੋਟੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਹੈ

Posted by prabhjot singh
Punjab
28-08-2019 05:19 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ, Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.
.... (Read More)
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ, Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.

Posted by veer singh
Madhya Pradesh
28-08-2019 05:17 PM
Veer singh ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sanjiv bhati
Rajasthan
28-08-2019 05:16 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Deepak
Uttar Pradesh
28-08-2019 05:16 PM
deepak ji yeh tatv ki kami ke karn hota hai iske liye aap zinc sulphate@200 gram jo chelated aati hai use prati acre ke hisab se istemal karen.dhanywad
Posted by sanjiv bhati
Rajasthan
28-08-2019 05:13 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by jarman
Punjab
28-08-2019 04:48 PM
jarman ji jhone da rate 1815 rupaye prati quintal hai ate 1835 A grade da rate hai.
Posted by Harshit Kumar
Uttar Pradesh
28-08-2019 04:46 PM
harshit ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Asu Ram jakhar Nand Bar mer
Rajasthan
28-08-2019 04:45 PM
कृप्या आप अपना सवाल दोबारा पूछें आपके द्धारा भेंजी गया सवाल अपलोड नहीं हुआ है कृप्या दोबारा भेंजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
28-08-2019 04:43 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਝੋਨਾ 5 % ਨਿਸਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 000050 @800 -1000 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਦਾਣੇ ਸਾਫ ਬਣਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਝਾੜ ਵਧੀਆ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by manveer
Punjab
28-08-2019 04:35 PM
Shrimaan ji, ap toriye ki kisme jaise ke PBT 37, TL 15, TL 17 ki bijai kar sakte hain, toriye vich urea 55 kg, SSP 50 kg paya janda hai, isda ik kille vich 1.5 kilo beej painda hai, dhanwad

Posted by Pradeep Kumar singb
Uttar Pradesh
28-08-2019 04:24 PM
Pradeep ji yeh mashar ke hamle ke karn hotahai iske liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by vijay
Haryana
28-08-2019 04:20 PM
पत्ते का सुरंगी कीड़ा : यह कीट पत्तों को खाते हैं और पत्ते में टेढी मेढी सुरंगे बना देते हैं यह फल बनने और प्रकाश संश्लेषण क्रिया पर भी असर करता है शुरूआती समय में नीम सीड करनल एक्सट्रैक्ट 5 प्रतिशत 50 ग्राम लीटर पानी की स्प्रे करें इस कीड़े पर नियंत्रण करने के लिए डाईमैथोएट 30 ई सी 250 मि.ली.या स्पीनोसैड 80 मि.ली.में 20.... (Read More)
पत्ते का सुरंगी कीड़ा : यह कीट पत्तों को खाते हैं और पत्ते में टेढी मेढी सुरंगे बना देते हैं यह फल बनने और प्रकाश संश्लेषण क्रिया पर भी असर करता है शुरूआती समय में नीम सीड करनल एक्सट्रैक्ट 5 प्रतिशत 50 ग्राम लीटर पानी की स्प्रे करें इस कीड़े पर नियंत्रण करने के लिए डाईमैथोएट 30 ई सी 250 मि.ली.या स्पीनोसैड 80 मि.ली.में 200 लीटर पानी या ट्राइज़ोफोस 200 मि.ली.प्रति 200 लीटर पानी की स्प्रे करें सफेद मक्खी : यह पत्तों में से रस चूसकर पौधों को कमज़ोर बनाती है यह शहद की बूंद की तरह के पत्तों पर काले धब्बे छोड़ती है यह पत्ता मरोड़ बीमारी का भी कारण बनते हैं नर्सरी में बीजों की बिजाई के बाद, बैड को 400 मैस के नाइलोन जाल के साथ या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह पौधों को कीड़ों के हमले से बचाता है इनके हमले को मापने के लिए पीले फीरोमोन कार्ड प्रयोग करें, जिनमें ग्रीस और चिपकने वाला तेल लगा हों सफेद मक्खी को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित पौधों को जड़ों से उखाड़कर नष्ट कर दें ज्यादा हमला होने पर एसिटामिप्रिड 20 एस पी 80 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी या ट्राइज़ोफोस 250 मि.ली.प्रति 200 लीटर या प्रोफैनोफोस 200 मि.ली.प्रति 200 लीटर पानी की स्प्रे करें यह स्प्रे 15 दिन बाद दोबारा करें थ्रिप्स : यह टमाटरों में आम पाया जाने वाला कीट है यह विशेष कर शुष्क मौसम में पाया जाता है यह पत्तों का रस चूसता है, जिस कारण पत्ते मुड़ जाते हैं पत्तों का आकार कप की तरह हो जाता है और यह ऊपर की ओर मुड़ जाते हैं इससे फूल झड़ने भी शुरू हो जाते हैं
इनकी गिणती देखने के लिए स्टीकी ट्रैप 6-8 प्रति एकड़ में लगाएं इन्हें रोकने के लिए वर्टीसीलियम लिकानी 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें यदि थ्रिप की मात्रा ज्यादा हो तो इमीडाक्लोप्रिड 17.8 एस एल @60 मि.ली या फिप्रोनिल 200 मि.ली.प्रति 200 लीटर पानी या फिप्रोनिल 80 प्रतिशत डब्लयु पी 2.5 मि.ली.प्रति लीटर पानी या एसीफेट 75 प्रतिशत डब्लयु पी 600 ग्राम प्रति 200 लीटर या स्पाइनोसैड 80 मि.ली.प्रति एकड़ को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें फल छेदक : यह टमाटर का मुख्य कीट है यह हेलीकोवेरपा के कारण होता है, जिसे सही समय पर यदि कंटरोल ना किया जाये तो यह 22-37 प्रतिशत तक फसल को नुकसान पहुंचाता है यह पत्ते, फूल और फल खाता है यह फलों पर गोल छेद बनाता है और इसके गुद्दे को खाता है
शुरूआती नुकसान के समय इसके लारवे को हाथों से भी इकट्ठा किया जा सकता है शुरूआती समय में HNPV या नीम के पत्तों का घोल 50 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल बेधक को रोकने के लिए फेरोमोन कार्ड बराबर दूरी पर पनीरी लगाने के 20 दिनों के बाद लगाएं प्रभावित हिस्सों को नष्ट कर दें यदि कीड़ों की गिणती ज्यादा हो तो सपानोसैड 80 मि.ली.+ स्टिकर 400 मि.ली.प्रति 200 लीटर पानी की स्प्रे करें शाख और फल बेधक को रोकने के लिए कोराज़न 60 मि.ली.प्रति 200 लीटर पानी की स्प्रे करें
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
28-08-2019 04:19 PM
Shrimaan ji, dinotefuran 20 percent suking insects ke hamle ke liye iostermal kiya jata hai, iska asar 15-18 din tak rehta hai, dhanywad

Posted by Nirmal Pradhan
Chattisgarh
28-08-2019 04:13 PM
Shrimaan ji, ap isme folicure @ 200 ml ko 150 liter panimein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by vijay
Haryana
28-08-2019 04:08 PM
पत्तों पर सफेद धब्बे: प्रभावित पौधे के मुख्य तने और पत्तों की ऊपरी सतह पर सफेद रंग के धब्बे पड़ जाते हैं इसके कीट पौधे को अपने भोजन के रूप में प्रयोग करते हैं इसके ज्यादा हमले से पत्ते गिरने लगते हैं और फल समय से पहले ही पक जाते हैं यदि इसका हमला दिखाई दें तो पानी में घुलनशील सल्फर 20 ग्राम को 10 लीटर में मिलाकर 10 .... (Read More)
पत्तों पर सफेद धब्बे: प्रभावित पौधे के मुख्य तने और पत्तों की ऊपरी सतह पर सफेद रंग के धब्बे पड़ जाते हैं इसके कीट पौधे को अपने भोजन के रूप में प्रयोग करते हैं इसके ज्यादा हमले से पत्ते गिरने लगते हैं और फल समय से पहले ही पक जाते हैं यदि इसका हमला दिखाई दें तो पानी में घुलनशील सल्फर 20 ग्राम को 10 लीटर में मिलाकर 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार स्प्रे करें पत्तों के निचली सतह पर धब्बे: यह रोग सियुडोपरनोस्पोरा क्यूबेनसिस के कारण होता है इससे पत्तों की निचली सतह पर चितकबरे और जामुनी रंग के धब्बे देखे जा सकते हैं यदि इसका हमला दिखाई दें तो 400 ग्राम डाईथेन एम-45 या डाईथेन Z-78 का प्रयोग इस बीमारी से बचाव के लिए किया जाता है एंथ्राक्नोस: एंथ्राक्नोस से प्रभावित पत्ते झुलसे हुए दिखाई देते हैं इससे बचाव के लिए कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें यदि इसका हमला खेत में दिखाई दें तो मैनकोजेब 2 ग्राम या कार्बेनडाज़िम 3 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें सूखा: इस बीमारी के कारण जड़ गलन होता है यदि इसका हमला दिखाई दें, तो 400ग्राम एम-45 को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें

Posted by vijay
Haryana
28-08-2019 04:05 PM
vijay ji aap lauki ki paidavar bdaane ke liye aap NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanwyad

Posted by vijay
Haryana
28-08-2019 04:03 PM
vijay ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Udham Singh
Haryana
28-08-2019 03:57 PM
Nasa ek growth promotor hai yeh fasl ki growth krane men madad karta hai iski matra 3-5 kilo prati acre ke hisab se istemal ki jati hai. kripya talstar ke label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by ਪ੍ਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
28-08-2019 03:56 PM
ਤੁਸੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਉਸਦਾ ਬੁਖਾਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਓ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਉਸਦਾ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ
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