Posted by harish
Madhya Pradesh
29-08-2019 12:47 PM
हरीश जी यह तत्व की कमी के कारण हो रहा है इसके लिए आप इसके ऊपर NPk 191919 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
29-08-2019 12:37 PM
tuci ehh katte nu de skde ho, isdi rojana 1 goli deo ate 3 din tak deo, ehh pett de kiria lai vdia hai..

Posted by Iqbal Singh randhawa
Punjab
29-08-2019 12:33 PM
Gurdaspur ch kisaan mela 17 september nu ho reha hai ji.

Posted by balwant
Punjab
29-08-2019 12:31 PM
Balwant ji 10 murgia lai jekar khudde vich rakhnia hai tan 15-20 sq.feet jgah bhutt hai jekar 10 khulia rakhnia howe tan 110-120 sq.feet jgah di lood hundi hai, tuci uss hisab nal ohna lai jgah rakh skde ho jinne tuci birds rakhne hai, uss hisab nal tuci farm tyar kr skde ho, tuci apne nazdik de poultry farm vich dekh ke aao, utho tuhanu sahi andaza mill jawega..
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
29-08-2019 12:30 PM
Hanji ehh Energy booster hai iss nal pashu nu energy mildi hai iss nu tuci 100ml rojana de skde ho ehh tuci 2 botla pilaa skde ho.

Posted by Ghaltu Das
West Bengal
29-08-2019 12:30 PM
Ghaltu ji yeh tatv ki kami ke karn ho raha hai iske liye aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
29-08-2019 12:28 PM
iss nal pashu da dhudh vdhh jnda hai, ehh tuci 100ml rojana deo, iss nal pashu nu takat mildi hai jiss nal dhudh vich fyada hunda hai, isdia v tuci suun ton badd 2 botla pilla skde ho.
Posted by ashwanikumar
Chattisgarh
29-08-2019 12:27 PM
अश्वनी जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप इसके ऊपर Thiophanate methyl@300gm या carbendazim@400gm या M-45@400gm या Upl saaf@400gm को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Ghaltu Das
West Bengal
29-08-2019 12:27 PM
आप अक्तूबर* गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, राजमा, मटर, ब्रोकोली, सलाद, बैंगन, हरी प्याज, ब्रसल्स स्प्राउट, लहसुन *नवम्बर* चुकन्दर, शलगम, फूलगोभी, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, मटर, धनिया *दिसम्बर* टमाटर.... (Read More)
आप अक्तूबर* गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, राजमा, मटर, ब्रोकोली, सलाद, बैंगन, हरी प्याज, ब्रसल्स स्प्राउट, लहसुन *नवम्बर* चुकन्दर, शलगम, फूलगोभी, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, मटर, धनिया *दिसम्बर* टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, सलाद, बैंगन, प्याज जैसी सब्जियों की बिजाई कर सकते है कृपया आप बताये के आप इनमे से कोनसी सब्जी के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਮਨਪ੍ੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-08-2019 12:24 PM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ Thiophanate methyl@300gm ਜਾ carbendazim@400gm ਜਾ M-45@400gm ਜਾ Upl saaf@400gm ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਸ੍ .ਗੁਰਪੀ੍ਤ ਚਹਿਲ
Punjab
29-08-2019 12:23 PM
Ehh liver tonic hai iss nal pashu da hajma thik rehnda hai eh tuci 50ml rojana deo, isdi tuci 1 botal pilla skde ho..

Posted by Umar fayyaz
Uttar Pradesh
29-08-2019 12:23 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है
Posted by harjinder singh khehra
Punjab
29-08-2019 12:22 PM
Ehh powder pashu nu mastitis di smasia ton bacha ke rkhda hai, jekar pashu de than vich dhudh ghat awee tan v isdi varto kiti jndi hai iss nu rojana 50gm de skde ho..
Posted by lakhveer singh
Punjab
29-08-2019 12:17 PM
5 to7 din 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer shaam khuao calcium dian 1-2bottle doctor ton khoon wali naarh wich doctor ton luao hara chaara dio
Posted by Aman Bajwa
Punjab
29-08-2019 12:17 PM
ਅਮਨ ਜੀ ਇਹ sheath blight ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur@200ml ਜਾ pulsor@200ml ਜਾ custodia@300ml ਜਾ nativo@80gm ਜਾ amistar top@200ml ਜਾ indofil avtar@400gm ਜਾ hexaconazole@300ml ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harjindersingh
Punjab
29-08-2019 12:14 PM
Harjinder singh mini rotavator, power tiller ja fir hor agriculture equipment lai tusi Raja garg 9815940212 nal samparak kar sakde ho,Thankyou.

Posted by harshit
Uttar Pradesh
29-08-2019 12:06 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by chhina saab
Punjab
29-08-2019 12:05 PM
अगर बछड़ी हीट के सारे लक्षण दिखा रही है तो उसे हीट में आने के 18 - 36 घंटे के बीच में टीका भरवा सकते हो जी

Posted by Umar fayyaz
Uttar Pradesh
29-08-2019 12:04 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है

Posted by monu
Haryana
29-08-2019 12:04 PM
उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें ये उसे शरीर के भार के हिसाब से दें और उसे bovimin-B पाउडर 50 ग्राम रोजाना और Sharkoferol liquid 50 मि.ली. रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by monu
Haryana
29-08-2019 12:03 PM
आप इसे खुराक बढ़िया देनी शुरू करें इसे गर्मी से बचाकर रखें और इसेIntavita-NH liqued देना शुरू करें इसे 10 मि.ली. सुबह और शाम कोे दें और जब गाय को बयाने में 20 दिन रह जाये फिर इसे virbac कंपनी का Metablight देना शुरू करें इसकी 1 पुड़िया रोजाना दें इससे बढ़िया परिणाम मिलेगा

Posted by Harpreet Dhillon
Punjab
29-08-2019 12:02 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Anthiomaline ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ 10 ਮਿਲੀ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਸਾਫ਼ ਕਰਕੇ ਇਸ ਉਪਰ ਗਲਿਸਰੀਨ 500 ਮਿਲੀ, ਜਿੰਕ ਆਕਸਾਈਡ 10 ਡੱਬਿਆਂ, ਬੋਰਿਕ ਐਸਿਡ 10 ਡੱਬਿਆਂ ਅਤੇ iodoform ਦੀਆ 2 ਡੱਬਿਆਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਲਗਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 2-3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by राजेश कुमार
Uttar Pradesh
29-08-2019 12:01 PM
Rajesh ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by rambabu yadav
Madhya Pradesh
29-08-2019 12:01 PM
रामबाबू जी इल्ली की रोकथाम के लिए quinalphos @400 ml को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Dhannaram sangwa
Rajasthan
29-08-2019 12:01 PM
धन्नाराम जी आप मूंगफली के ऊपर 130045 @2 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Ankit Mor
Haryana
29-08-2019 12:00 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें

Posted by sandeep singh
Punjab
29-08-2019 11:58 AM
ਨਰਮੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਅਤੇ ਜੂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ prophenofos@500ml ਜਾ Ethion@800ml ਜਾ oberon@200ml ਜਾ Bayer Admire pro@12gm ਜਾ Flotis@400ml ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-08-2019 11:58 AM
parmjeet ji isde vich sundi check karo is to ilava isde vich tuc folicur @200ml ya nativo@80 gram nu prati acre de hisab nal varto.dhnwad
Posted by Dhannaram sangwa
Rajasthan
29-08-2019 11:58 AM
धन्नाराम जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Jaspreet Singh
Punjab
29-08-2019 11:49 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
29-08-2019 11:47 AM
tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate Agrimin powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi..

Posted by satyaveer singh
Rajasthan
29-08-2019 11:43 AM
सत्यवीर जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Gurdeep Singh virdi
Punjab
29-08-2019 11:42 AM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਹਰਨੀਆ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਨੂੰ ਮੋਟੀ ਕੱਪੜੇ ਦੀ ਤਹਿ ਬਣਾ ਕੇ ਜ਼ੋਰ ਨਾਲ ਬੰਨ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਹ ਤੁਸੀ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਬੰਨ ਕੇ ਰੱਖੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫਰਕ ਨਾ ਪਵੇ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਵੀ ਬੰਨ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Bhajan singh
Punjab
29-08-2019 11:41 AM
Tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao usde anndar koi jakham ho skda hai jaa koi hor smasia ho skdi hai tuci usdi janch krwao, usdi janch krke sahi ilag ho skda hai..

Posted by Mukesh Dadhich
Rajasthan
29-08-2019 11:35 AM
Mukesh ji kripya btaye ke lemon ke plant men konse keet ka hamla hai taki apko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Kumarsaheb Maurya
Uttar Pradesh
29-08-2019 11:32 AM
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित क.... (Read More)
इस फसल को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह भुरभुरी, रेतली दोमट मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी और ठोस मिट्टी में खेती करने से परहेज़ करें, इसकी जड़ें टेढ़ी होती है फसल के बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.8 होना चाहिए ज़मीन की तैयारी के लिए खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं, पंक्ति से पंक्ति में फासला 30-40 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-40 सैं.मी. का फासला रखें एक एकड़ खेत में 4-5 किलोग्राम बीज काफी है जड़ों के उचित विकास के लिए बिजाई मेंड़ों पर करें नदीनों की रोकथाम और मिट्टी को हवादार बनाने के लिए हाथों से और कही की सहायता से गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के 2-3 सप्ताह बाद करें गोडाई के बाद, मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं बिजाई के बाद, पहली सिंचाई करें गर्मियों में मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी की सिंचाईयां 6-7 दिनों में करें और सर्दियों में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें ज्यादा सिंचाइयां देने से परहेज़ करें इससे जड़ों का आकार बेढंगा और जड़ों के ऊपर बालों की वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है गर्मियों के मौसम में, कटाई से पहले हल्की सिंचाई करें इससे फल तजव रहते है और दुर्गंध कम हो जाती है फसल की किस्म के अनुसार, मूली बिजाई के 25-60 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है पुटाई हाथों से पौधे को उखाड़कर की जाती है उखाड़ी गई जड़ों को धोएं और इनके आकार के अनुसार छांटे
Posted by Rampooj Bhanwala
Haryana
29-08-2019 11:19 AM
मक्का की बढ़िया पैदावार के लिए आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by satyaveer singh
Rajasthan
29-08-2019 11:18 AM
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल.... (Read More)
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल ना बोयें अच्छा फसली चक्र अपनायें अनाज वाली फसलों को फसल चक्र में प्रयोग करने से ज़मीन से लगने वाली बीमारियां रोकने में मदद मिलती है आमतौर पर फसल चक्र में खरीफ के सफेद चने, खरीफ के काले चने + गेहूं/जौं/रायाचरी-चने, धान/मक्की-चने आदि फसलें आती हैं चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें बिजाई के लिए, कतार से कतार में 20-25 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 6-8 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीज को सीड ड्रिल या लोकल हल की सहायता से बोयें छोटे दानों के लिए 30-32 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे दानों के लिए 36-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बथुआ, सेंजी, क्रुशन निल, हिंरनखुरी, चटरी मटरी, गाजरी, अकारा अकारी, जंगली गाजर आदि चने के खेत में पाये जाने वाले मुख्य नदीन हैं नदीनों की जांच के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज की बिजाई से पहले खेत में डालें नदीनों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बिजाई से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 3 दिन बाद एक एकड़ में स्प्रे करें कम नुकसान होने पर नदीन नाशक की बजाय हाथों से गोडाई करें या कही से घास निकालें इस से मिट्टी हवादार बनी रहती है सभी किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 9 किलो (यूरिया 20 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 9 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) और सल्फर 8 किलो प्रति एकड़ में डालें बारानी क्षेत्रों के लिए यूरिया 200 ग्राम को 10 लीटर पानी में मिलाकर फूल बनने के समय डालें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के 4-5 सप्ताह बाद डालें बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें जब पौधा सूख जाता है और पत्ते लाल-भूरे दिखते हैं और झड़ने शुरू हो जाते हैं, उस समय पौधा कटाई के लिए तैयार हो जाता है पौधे को द्राती की सहायता से काटें कटाई के बाद फसल को 5-6 दिनों के लिए धूप में सुखाएं फसल को अच्छी तरह सुखाने के बाद पौधों को छड़ियों से पीटें या फिर बैलों के पैरों के नीचे छंटाई के लिए बिछा दें

Posted by khuspal
Punjab
29-08-2019 11:15 AM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by kulwant
Punjab
29-08-2019 11:13 AM
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