Posted by bhani ram Suthar
Rajasthan
29-08-2019 09:06 PM
Bhani ji aap isme uplon ke pani ki spray karen jiske liye aap 7-8 uplon ko 50 litre pani men dbo kar 4-5 din ke liye rakhe aur 5 din bad ise aap 90 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gamdoor singh Brar
Punjab
29-08-2019 08:59 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Dettol liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mamidium ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ 3 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Rahul
Haryana
29-08-2019 08:58 PM
राहुल जी यह तत्व की कमी के कारण होता है इसके लिए आप NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by abhishek
Rajasthan
29-08-2019 08:56 PM
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्.... (Read More)
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्च की फसल में समय – समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए काली मिर्च की खेती के लिए लाल लेटेराइट मिटटी और लाल मिटटी उत्तम मानी जाती है जिस भूमि में काली मिर्च की खेती की जाती है उस खेत की मिटटी में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए इस भूमि में रूट सड़ांध जैसी बीमारी को रोकने की क्षमता होनी चाहिए यदि भूमि का पी. एच. मान 5 से 6 के बीच का हो तो अच्छा होता है काली मिर्च के पौधे के विस्तार करने के लिए कलमों का उपयोग किया जाता है इसकी एक या दो कलमों को काटकर सितम्बर के मध्य में रोपित किया जाता है काली मिर्च के कलमों को एक कतार में लगाना चाहिए कलमों को लगाते समय इनके बीच की दुरी का ध्यान रखे एक हेक्टेयर भूमि पर 1666 पौधे होने चाहिए काली मिर्च की बेल चढ़ाई जाती है ऊँचे पेड़ पर ये 30 से 45 मीटर तक की ऊंचाई पर चढ़ जाते है लेकिन इसके फलों को आसानी से लेने के लिए इसकी बेल को केवल 8 से 9 मीटर की ऊंचाई तक ही बढ़ने दिया जाता है काली मिर्च का एक पौधा कम से कम 25 से 30 साल तक फलता – फूलता है इसकी फसल को कोई छाया की जरूरत नही होती
Posted by omprakash gurjar
Rajasthan
29-08-2019 08:49 PM
खरीफ की फसल के लिए बीजों को मई-जून महीने में नर्सरी में बोयें गर्मियों के मौसम में नर्सरी फरवरी-मार्च महीने में तैयार करें

Posted by देवेंद्र सिह
Uttarakhand
29-08-2019 08:48 PM
उत्तराखंड मै मिल्किंग मशीन कहा पर मिलती है और कितने की होती हैं डिलर काैन सी कंपनी के है और कहा पर ?
मिल्किंग मशीन लेने के लिए आप रोविन जी से इस 9910050731 पर संपर्क करे जी
Posted by mandeep singh
Punjab
29-08-2019 08:47 PM
Mandeep ji jekar tuci Problend powder jo Virbac company da powder hai tan ehh powder pashu nu garmi ton bacha ke rkhda hai uss nu energy dinda hai dhudh vich fyada krda hai jekar tuci kisi hor powder di gal kr rehe ho tan tuci usdi photo upload kr skde ho..
Posted by Arjun bana
Madhya Pradesh
29-08-2019 08:46 PM
arjun ji kripya aap iske label ki photo bheje ya iske salt ka nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Anil_ku_
Chattisgarh
29-08-2019 08:45 PM
Anil ji patte ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by आशीष कुमार मीणा
Rajasthan
29-08-2019 08:43 PM
आशीष कुमार जी आप मक्का की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप बरसीम की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by gurdeep singh
Punjab
29-08-2019 08:43 PM
gurdeep ji jekar sundi nahi hai ta tuhanu spray karn di lod nahi hai jekar 5% tak sundi da hamla hunda hai fer tuc fame ja coragen di spray kar sakde ho.jehde boote dig rahe han ohna diyan jdan check karo kite fungus da hamla ta nahi.dhanwad

Posted by raghav
Haryana
29-08-2019 08:43 PM
raghav ji yeh acha tractor hai aap iske kharid sakte hai.dhanywad
Posted by Roop Sidhu
Punjab
29-08-2019 08:42 PM
roop ji treda de layi koi hal nahi hai ji kyuki jhone jado vadhe te hunda hai ta pani jrur suka ke launa chaida par treda nahi paindiyan chaidiyan.dhanwad
Posted by Jasbir Saini
Haryana
29-08-2019 08:39 PM
फूलों की खेती के लिए मिट्टी रेतली होनी चाहिए जिसमें ज्यादा समय पानी खड़ा ना रहे क्योंकि ज्यादा पानी फूलों की जड़ों को खराब करता है, पानी मीठा होना चाहिए इसका खर्चा तथा मुनाफा फूलों की खेती कि कोन सी किस्म कि कर रहे हैं उस पर निर्भर करता है. यदि आपने फूलों कि खेती अभी शुरू ही करनी है तो आप सबसे पहले गेंदे कि खगेती.... (Read More)
फूलों की खेती के लिए मिट्टी रेतली होनी चाहिए जिसमें ज्यादा समय पानी खड़ा ना रहे क्योंकि ज्यादा पानी फूलों की जड़ों को खराब करता है, पानी मीठा होना चाहिए इसका खर्चा तथा मुनाफा फूलों की खेती कि कोन सी किस्म कि कर रहे हैं उस पर निर्भर करता है. यदि आपने फूलों कि खेती अभी शुरू ही करनी है तो आप सबसे पहले गेंदे कि खगेती शुरू करें तथा यह देखें कि आपके नजदीक मार्किट कोन सी है जिसमें आप यह फूल बेच सकते हैं. तथा फूलों की खेती सर्दियों में शुरू करें क्योंकि उस समय शादी का सीजन होता होता तथा फूल अच्छे रेट पर बिक जाते हैं.
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
29-08-2019 08:38 PM
ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur @ 200ml ਜਾ nativo@80gm ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jaswinder singh
Punjab
29-08-2019 08:33 PM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਕੁਛ ਵੀ ਘਬਰਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by pardeep rao
Haryana
29-08-2019 08:31 PM
हांजी 4wd tractor का जयादा खर्चा है और यह ज्यादा अच्छा भी है जी

Posted by Sidhant Tiwari
Uttar Pradesh
29-08-2019 08:25 PM
सिद्धांत जी कृपया आप साफ़ आवाज में भेजें आपके द्वारा भेजी गई ऑडियो में कुछ सुनाई नहीं दे रहा। धन्यवाद
Posted by shubham kahar
Madhya Pradesh
29-08-2019 08:19 PM
Shubham ji aap inke uper quinalphos@400ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Arjun bana
Madhya Pradesh
29-08-2019 07:59 PM
arjun ji kripya aap iske label ki photo bheje ya iske salt ka nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by subhash maan
Haryana
29-08-2019 07:54 PM
सुभाष जी आप इसके ऊपर कीट का हमला चेक करें नरमे में जूं, तेले और थ्रिप्स है, इसकी रोकथाम के लिए prophenofos@500ml याEthion@800ml या oberon@200ml या Bayer की Admire pro@12gm या Flotis@400ml की प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें इसके इलावा आप बताये के अपने इसके ऊपर किसी नदीन नाशक की स्प्रे की है धन्यवाद
Posted by ravi kumar
Rajasthan
29-08-2019 07:49 PM
ravi kumar ji dono kaam alag alag tareeke ke hai ji. pig farm me jeyda fieda hai lekin iske liye investment bhi jeyada chahiye or training bhi achee se aapko lena padega ji , bakri fram me aapki ivestement kam hogi lekin jeyda risk nai hai ji . or income aane me 1 year lag jata hai ji.

Posted by Gajendra singh
Bihar
29-08-2019 07:36 PM
बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है

Posted by m. s. raikwar
Madhya Pradesh
29-08-2019 07:34 PM
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 .... (Read More)
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें
जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें
कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें
ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें
Posted by nilesh
Madhya Pradesh
29-08-2019 07:31 PM
nilesh ji pattiyan safed fungus ke karn pad rahi hai iske liye aap M-45@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.
Posted by somesh purohit
Madhya Pradesh
29-08-2019 07:23 PM
अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है

Posted by veer singh
Madhya Pradesh
29-08-2019 07:21 PM
Veer singh ji aap aisi ad hamari Apni Kheti Buy/sell App par daale waha kisan aapse directly sampark kar lenge.dhanywad
Posted by लोकेशकोली रावत भाटा
Rajasthan
29-08-2019 07:18 PM
आप इनके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Gaurav singh
Uttar Pradesh
29-08-2019 07:12 PM
Gaurav singh ji agar aap kisi companny se contract karte ho to isme kayi baar dhokha ho sakta hai ji. aap apne level par hi poultry farm shuru kare ji.yeh thik rahega.

Posted by raghav
Haryana
29-08-2019 07:05 PM
रहगाव जी आप इसके ऊपर fame @20ml या coragen @60ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Rakesh Sharma
Rajasthan
29-08-2019 07:05 PM
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5..... (Read More)
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें

Posted by nitish kumar
Jharkhand
29-08-2019 07:02 PM

Posted by ravi
Uttar Pradesh
29-08-2019 06:52 PM
रवि जी यह सफ़ेद मक्खी के कारण आती है इसके लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sukhwinder
Punjab
29-08-2019 06:49 PM
Sukhwinder ji PAU Kissan mela 20-21 sep 2019 nu hai, Thankyou.
Posted by राजेश कुमार
Uttar Pradesh
29-08-2019 06:45 PM
Aap iske uper mancozeb@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Vishal Ahire
Maharashtra
29-08-2019 06:36 PM
Vishal Ahire जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Vishal Ahire जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by bablu kumar
Bihar
29-08-2019 06:21 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by VIJAI KUMAR MAURYA
Uttar Pradesh
29-08-2019 06:15 PM
Vijai ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap Radish ke varre mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.
Posted by Sukh Kotbhai
Punjab
29-08-2019 06:09 PM
tuci uss nu Albac @ 100gm/ 100 kg feed vich dena suru kro ate broton liquid 15ml/100birds de hisab nal deo, Iss nal thik ho jawega.
Posted by ghanshyam ghorse
Madhya Pradesh
29-08-2019 06:06 PM
सुंडी की रोकथाम के लिए आप हरी मिर्च 5 किलो, लहसुन 5 किलो, अक्क के पत्ते 5 किलो, सुखचैन के पत्ते 5 किलो, धतूरा 5 किलो, अरिंड 5 किलो को 10 लीटर गौमूत्र में 4 दिनों के लिए भीगोकर रखें 4 दिन के बाद इन पत्तों को गौमूत्र में मसलें और 1 दिन के लिए छाया में रखें इसको ढककर छाया में रखना ज़रूरी होता है इस घोल को किसी कपडे के साथ छान .... (Read More)
सुंडी की रोकथाम के लिए आप हरी मिर्च 5 किलो, लहसुन 5 किलो, अक्क के पत्ते 5 किलो, सुखचैन के पत्ते 5 किलो, धतूरा 5 किलो, अरिंड 5 किलो को 10 लीटर गौमूत्र में 4 दिनों के लिए भीगोकर रखें 4 दिन के बाद इन पत्तों को गौमूत्र में मसलें और 1 दिन के लिए छाया में रखें इसको ढककर छाया में रखना ज़रूरी होता है इस घोल को किसी कपडे के साथ छान लें और 100 लीटर पानी के हिसाब से एक एकड़ में इसका छिड़काव करें, इससे सुंडी की रोकथाम होती है
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image











