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Posted by Kamlesh ghoslya
Rajasthan
31-08-2019 10:08 AM
Punjab
08-31-2019 04:34 PM
कमलेश जी यह फंगस के कारण हो रहे है इसके लिए आप म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Kuljeet Bazigar
Rajasthan
31-08-2019 10:08 AM
Punjab
08-31-2019 10:29 AM
गाभिन बकरी की यह निशानी है कि गाभिन होने के बाद वो दूध कम कर जाती है मान लीजिए यदि चार किलो दूध दे रही है तो धीरे धीरे आधा किलो पर आ जाएगी तो वो गाभिन है सिर्फ यही निशानी है
Posted by Rajinder Singh
Punjab
31-08-2019 10:06 AM
Punjab
08-31-2019 04:33 PM
rajinder ji eh fungus de karn sukk rahe han isde layi tuc M_45@4 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by akash sahu
Uttar Pradesh
31-08-2019 10:04 AM
Maharashtra
01-16-2020 10:14 AM
Akash ji , mango ki kalam lagane ke liye podha kam se kam 4-7 mahine ka hona chahye abhi ap iski kalam nahi lga sakte hain, dhanywad
Posted by Rajinder Singh
Punjab
31-08-2019 10:02 AM
Punjab
08-31-2019 11:05 AM
Tuci uss nu pett de kiria lai Piperazine liquid 30ml deo ate uss nu hara chara, feed usde khann de hisab nal deo, bakki uss nu Calf plan powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi.
Posted by Buta Singh
Punjab
31-08-2019 09:59 AM
Punjab
09-04-2019 06:21 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿਖੇ ਸੰਂਪਰਕ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਵੀ ਚਾਹੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣੀ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਪ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿਖੇ ਸੰਂਪਰਕ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਜਦੋ ਵੀ ਚਾਹੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਜਦੋ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣੀ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮਾਂ ਜੋ, ਨਾਭਾ, ਮੱਲਵਾਲ (ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ), ਖਰੜ, ਮੱਤੇਵਾੜਾ ਅਤੇ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਚ ਹਨ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਦੇ ਸਬੰਧਿਤ ਸਫਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਖੇ ਸੂਰ ਪਾਲਕਾ ਦੀ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 9915632577 ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਹਨ ਜੀ
Posted by jagjeet singh
Punjab
31-08-2019 09:59 AM
Punjab
08-31-2019 04:35 PM
jagjeet ji jekar patta lapet da hamla jyada hai ta tuc fame@20ml ja coragen@60ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by pramod
Rajasthan
31-08-2019 09:58 AM
Punjab
08-31-2019 04:37 PM
pramod ji aap iska alag alag istemal karen inki ikathe spray nahi ki ja sakti.
Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
31-08-2019 09:56 AM
Punjab
08-31-2019 11:06 AM
आप नज़दीकी डॉक्टर से इसका बुखार जांच करवायें इसके जांच करके इसका सही इलाज हो सकता है आप नज़दीकी किसी अच्छे डॉक्टर से इसका इलाज करवायें
Posted by jagjeet singh
Punjab
31-08-2019 09:45 AM
Punjab
08-31-2019 11:08 AM
Tuci uss nu pett de kiria lai FLukarid-Ds bolus deo ate uss nu Vitum-H liquid 10ml rojana, Enerboost powder 50-50gm swere sham deo, iss nal usde sarir di vdia growth howegi, baki tuci uss nu 35-40kg rojana hara chara deo ate her 3 mahine badd usdi deworming jrur kro ji..
Posted by jagjeet singh
Punjab
31-08-2019 09:43 AM
Punjab
08-31-2019 11:09 AM
Tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Calcimust gold liquid 50ml rojana deo, iss nal dhudh vich frak paa jawega baki tuci usdi khurak, feed da purra dian rkho ji..
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
31-08-2019 09:42 AM
Rajasthan
08-31-2019 11:14 AM
Tuci pashua nu vasse he taramera rojana 50gm chtta skde ho, ehh tuci feed vich mix krke jaa vase he de skde ho..
Posted by lakhi
Punjab
31-08-2019 09:36 AM
Punjab
08-31-2019 11:16 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ..
Posted by khuspal
Punjab
31-08-2019 09:35 AM
Punjab
08-31-2019 04:36 PM
iss de vich sheath blight pai gyi hai. iss di roktham de lyi folicur@200ml ja pulsor@200ml ja custodia@300ml ja nativo@80gm ja amistar top@200ml ja indofil di avtar@400gm ja hexaconazole@300ml prati acre de hisaab nal 150ltr pani de nal mila ke spray kro.
Posted by arman khan
Punjab
31-08-2019 09:34 AM
Maharashtra
08-31-2019 01:27 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by narendra Bairagi
Madhya Pradesh
31-08-2019 09:34 AM
Punjab
08-31-2019 11:18 AM
आप अपनी भैंस को पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसके साथ उसे अच्छी कंपनी की फीड डालें इसके साथ आप Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gouge पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा..
Posted by arman khan
Punjab
31-08-2019 09:32 AM
Maharashtra
08-31-2019 01:27 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by saran
Uttar Pradesh
31-08-2019 09:29 AM
Punjab
08-31-2019 01:25 PM
Sarso ki khali dhan men growth ke liye istemal ki jati hai.iski matra 15 killo ko prati acre ke hisab se istemal kiya jata hai.dhanywad
Posted by sudhir mali
Madhya Pradesh
31-08-2019 09:27 AM
Maharashtra
08-31-2019 01:18 PM
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनोबाल 1, पूसा सन.... (Read More)
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनोबाल 1, पूसा सनोबाल के-1 , पंत शुभ्रा खेत को अच्छी तरह जोतकर नर्म करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद आखिरी जोताई के समय डालें अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें अगेते मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम, जबकि पिछेते और मुख्य मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है बिजाई से पहले गर्म पानी (30 मिनट के लिए 50 डिगरी सैल्सियस) या स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 0.01 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 2 घंटे के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें उपचार के बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर उन्हें बैड पर बो दें रबी के मौसम में काली फंगस का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए मरकरी क्लोराइड से बीजों का उपचार करना जरूरी होता है इसके लिए मरकरी क्लोराइड 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30 मिनट के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें और फिर छांव में सुखाएं रेतली मिट्टी में ये फसल उगाने से तना गलन का खतरा रहता है इसके लिए कार्बेनडाज़िम 50 प्रतिशत डब्लयु पी 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत में 40 टन पूरी तरह गली हुई रूड़ी की खाद डालें और साथ ही 50 किलो नाइट्रोजन, 25 किलो फासफोरस और 25 किलो पोटाश (110 किलो यूरिया, 155 किलो सुपरफासफेट और 40 किलो म्यूरेटे ऑफ पोटाश) सारी रूड़ी की खाद, सुपरफासफेट और म्यूरेटे ऑफ पोटाश और आधा यूरिया फसल रोपाई से पहले डालें बाकी बचा यूरिया बीजने के चार सप्ताह बाद डाल देना चाहिए अच्छी पैदावार लेने के लिए और अधिक फूलों के लिए 5-7 ग्राम घुलनशील खादें (19:19:19) प्रति लि. का प्रयोग करें रोपाई के 40 दिनों के बाद 4-5 ग्राम 12:16:0, नाइट्रोजन और फासफोरस, 2.5-3 ग्राम लघु तत्व और 1 ग्राम बोरोन प्रति लि. का छिड़काव करें फूल की अच्छी गुणवत्ता के लिए 8-10 ग्राम घुलनशील खादें (13:00:45) प्रति लि. पानी में मिलाएं मिट्टी का परीक्षण करवाएं बीजने के 30-35 दिनों के बाद मैगनीश्यिम की कमी को पूरा करने के लिए 5 ग्राम मैगनीश्यिम सलफेट प्रति लि. प्रयोग करें कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30-35 दिनों के बाद डालें कभी कभी बेरंग तने देखे जा सकते हैं फूल भी भूरे रंग के हो जाते हैं और पत्ते मुड़ने लग जाते हैं यह बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरैक्स 250-400 ग्राम प्रति एकड़ में डालें नदीनों को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन(बसालिन) @800 मि.ली. को 150 लि. पानी में मिलाकर छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें फसल को खेत में लगाने से 1 दिन पहले पैंडीमैथलीन 1 लि. प्रति एकड़ का छिड़काव करें रोपाई के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें मिट्टी, जलवायु, के आधार पर गर्मियों में 7-8 दिनों के अंतराल पर और सर्दियों में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फूलों की कटाई की जा सकती है और कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए कटाई के बाद फूलों को आकार के अनुसार छांट लें
Posted by gurdeep singh
Punjab
31-08-2019 09:27 AM
Punjab
08-31-2019 11:27 AM
Gurdeep ji apna sujaw denn lai bhut bhut dhanwad ji tuhade swala de jwab ditte gye hai tuci App vich dekh skde ho, Assi kosish krange agge ton tuhade swala de jwab audio vich ditte jawwe.dhanwad ji.
Posted by navreet randhawa
Punjab
31-08-2019 09:23 AM
Punjab
09-04-2019 11:52 AM
Seems like Costus pictus, please check the images attached with answer, Thankyou.
Posted by sukhi grewal
Punjab
31-08-2019 09:21 AM
Maharashtra
08-31-2019 01:15 PM
sukhi ji isdi matra 400-600ml nu prtai acre de hisab nal vartya janda hai.dhanwad
Posted by Hanumat Yadav
Madhya Pradesh
31-08-2019 09:18 AM
Maharashtra
08-31-2019 01:33 PM
धान में शीथ ब्लाइट की रोकथाम के लिए folicur@200ml या pulsor@200ml या custodia@300ml या nativo@80gm या amistar top@200ml या indofil की avtar@400gm या hexaconazole@300ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
31-08-2019 09:16 AM
Punjab
08-31-2019 09:30 AM
BhaaG pa k dekh lao university di koi sifarish nahi tuci rajwa hara chaara dio har 3kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by Hanumat Yadav
Madhya Pradesh
31-08-2019 09:15 AM
Punjab
08-31-2019 01:31 PM
hanumant ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Karan Deep
Punjab
31-08-2019 09:12 AM
Punjab
08-31-2019 09:59 PM
Tuci uss nu Monocef injection 1gm, Avil injection 2ml, Neoprofin injection 3ml, Gentamicin injection 5ml lgatar 3 din lgwao ate tuci powder dinde rho, iss nal frak paa jawega..
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
31-08-2019 09:01 AM
Punjab
08-31-2019 04:41 PM
Neeraj ji kripya aap iske label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by pintu pargi
Madhya Pradesh
31-08-2019 08:55 AM
Punjab
08-31-2019 04:42 PM
पिंटू जी यह फंगस के कारण होता है इसके ऊपर mancozeb @400 ग्राम को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Rajat
Punjab
31-08-2019 08:53 AM
Punjab
08-31-2019 09:33 AM
BhaaG majh jhoti nu rajwa wadhya hara chaara pao majh nu har 3kg dudh lai 1kg feed pao jhoti nu 1kg feed rozana pao pashuan nu har 3 mahine baad malap rehat karde raho
Posted by harichand Kushwah
Madhya Pradesh
31-08-2019 08:52 AM
Punjab
08-31-2019 04:52 PM
हरिचंद जी आप इसके ऊपर planofix @4 ml को प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Nadeem
Uttar Pradesh
31-08-2019 08:51 AM
Punjab
08-31-2019 11:32 AM
उसे आप Broton liquid 10 मि.ली. रोजाना दें इससे भूख लगने लगेगी और इसके साथ आप Groviplex liquid 20ml रोजाना दें इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी..
Posted by harichand Kushwah
Madhya Pradesh
31-08-2019 08:49 AM
Punjab
08-31-2019 04:43 PM
हरिचंद जी आप इसके ऊपर quinalphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Shivpoojanrajput
Uttar Pradesh
31-08-2019 08:49 AM
Punjab
08-31-2019 04:45 PM
Shivpoojan ji aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanwyad
Posted by khuspal
Punjab
31-08-2019 08:40 AM
Maharashtra
08-31-2019 04:51 PM
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ .... (Read More)
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਰਸਤਿਆਂ ਅਤੇ ਨੁਕਸਾਨ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਵਿੱਚ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਅਨਾਜ ਨੂੰ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਮੂੰਹ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਰੱਖੋ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਗਿਝਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਜਰੇ ਅੰਦਰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਉੱਤੇ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾਣੇ ਅਤੇ ਨਾਲੀਦਾਰ ਦਾਖ਼ਲੇ ਤੇ ਚੁਟਕੀ ਭਰ ਦਾਣੇ ਰੱਖ ਕੇ ਮੂੰਹ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਜਿਹਾ ਕਰ ਕੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤਕ ਚੂਹੇ ਅਤੇ ਫੜੇ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁਬੋ ਕੇ ਮਾਰੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਦੁਬਾਰਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਲਈ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 30-35 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਵਕਫ਼ਾ ਜ਼ਰੂਰ ਰੱਖੋ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ: ਚੂਹਿਆਂ ਦੀ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਵਰਤਣ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਾਵਧਾਨੀ ਅਤੇ ਸਹੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤਣ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਚੂਹਿਆਂ ਦਾ ਇਸ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਖਾਣਾ, ਵਰਤੇ ਗਏ ਦਾਣਿਆਂ ਦਾ ਮਿਆਰੀਪਣ, ਸੁਆਦ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਹਿਕ ’ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਬਣਾਉਣਾ ਜਿੰਕ ਫਾਸਫਾਈਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਬਾਜਰਾ, ਕਣਕ, ਜਵਾਰ ਦਾ ਦਲੀਆ ਜਾਂ ਇਨਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ ਲੈ ਕੇ ਇਸ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਜੇ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਜਿੰਕਫਾਸਫਾਈਡ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾਓ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੀਆਂ ਪੁੜੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਗੇਝ ਵਾਲੀਆਂ ਜਗ੍ਹਾ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ 0 005 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 40 ਕੁ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਰੈਕੁਮਿਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੈਕੁਮਿਨ 0 0375 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਮੂੰਗਫਲੀ ਜਾਂ ਸੂਰਜਮੁਖੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਇਹ ਵੀ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਕਾਰਗਰ ਤਰੀਕਾ ਹੈ
Posted by Sukh Kotbhai
Punjab
31-08-2019 08:37 AM
Punjab
09-01-2019 05:00 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਮੁਰਗੀ ਨੂੰ ਦੂਜੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਕਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ, ਇਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋਵੇਗਾ
Posted by khuspal
Punjab
31-08-2019 08:36 AM
Maharashtra
08-31-2019 12:15 PM
Melsa ji eh ik nadeen nashak hai eh kanak vich gulli dande di roktham de layi varti jandi hai.isdi matra 800-900 ml nu prati acre de hisab nal varteya janda hai. eh kanak vich vartya janda hai.dhanwad
Posted by preetam lodhi
Madhya Pradesh
31-08-2019 08:36 AM
Maharashtra
01-16-2020 10:39 AM
प्रीतम जी, आप गन्ने के साथ गेहूं की बिजाई कर सकते हैं, चने के साथ धनिया की बीजिअ कर सकते हियँ, मिर्च के साथ जड़ वाली फसलें जैसे के गाजर, मूली, शलगम की बीजिअ कर सकते हैं, भिंडी के साथ आप खीरे की खेती कर सकते हियँ, टमाटर के साथ आप जड़ वाली फसलें , lettuce और पालक की खेती कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Gurii sidhu
Punjab
31-08-2019 08:32 AM
Maharashtra
08-31-2019 11:10 AM
ਇਹ sheath blight ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur@200ml ਜਾ pulsor@200ml ਜਾ custodia@300ml ਜਾ nativo@80gm ਜਾ amistar top@200ml ਜਾ indofil avtar@400gm ਜਾ hexaconazole@300ml ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by लालु परमार
Rajasthan
31-08-2019 08:31 AM
Punjab
08-31-2019 10:58 AM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है
Posted by laxman
Rajasthan
31-08-2019 08:23 AM
Maharashtra
08-31-2019 11:00 AM
laxman ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Rajat
Punjab
31-08-2019 08:22 AM
Punjab
08-31-2019 04:49 PM
ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ
Posted by सूरज सिंह
Uttar Pradesh
31-08-2019 08:18 AM
Punjab
08-31-2019 06:45 PM
सूरज सिंह जी साहीवाल गाय लेने के लिए आप अजय चोपड़ा 7009645902 Chopra Dairy Farm से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Omprakash Bagda
Rajasthan
31-08-2019 08:18 AM
Punjab
08-31-2019 05:29 PM
ओमप्रकाश जी आप इसकी जड़ में दीमक का हमला चेक करे अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर chlorpyriphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा जो फसल गाल रही है वो फंगस एक कारण गल रही है इसके लिए आप mancozeb @400 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Karanpreet Singh
Punjab
31-08-2019 08:17 AM
Punjab
08-31-2019 01:52 PM
Sir it s snake head fish.
Posted by Shibu Kumar
Bihar
31-08-2019 08:16 AM
Maharashtra
08-31-2019 10:44 AM
धान की अच्छी पैदावार के लिए आप इसे बीमारी या कीट के हमले से बचाये और जब धान 5 % तक निसार जाता है तब 130045 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
31-08-2019 08:15 AM
Punjab
08-31-2019 05:32 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮ.... (Read More)
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ   • ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ   • ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ   • ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ
Posted by Shibu Kumar
Bihar
31-08-2019 08:11 AM
Punjab
08-31-2019 05:33 PM
Shibhu ji aap iske uper mancozeb@4 gram ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by lakhwinder singh
Punjab
31-08-2019 07:49 AM
Punjab
08-31-2019 09:36 AM
BhaaG taaran culture kise v laboratory cho karwa k dasi pashuan wali dwaee doctor ton bachedani ch bharwao Jine din taaran kare une din asli doctor ton garbdaan de teeke lagaoo