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Posted by Bappu Gawate
Maharashtra
02-09-2019 07:02 PM
Maharashtra
09-04-2019 12:08 PM
बप्पू गवाते जी .,. खेती के लिए -इसकी खेती अलग-अलग तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली दोमट, चिकनी, गार और भरी मिट्टी में की जा सकती है यह फसल गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता,जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नह.... (Read More)
बप्पू गवाते जी .,. खेती के लिए -इसकी खेती अलग-अलग तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली दोमट, चिकनी, गार और भरी मिट्टी में की जा सकती है यह फसल गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता,जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव और कम उपजाऊ-पन के कारण इस में गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Bhima Kiran: यह रबी के मौसम में उगानेयोग्य किस्म है इसके प्याज़ हल्के लाल रंग के और गोल से अंडाकार होते है यह किस्म 145 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है इसके प्याज़ों को ज्यादा समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है इसकी औसतन पैदावार 165 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ और रबी दोनों मौसम में उगानेयोग्य किस्म है यह किस्म पनीरी लगाने से 130 दिनों तक तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bhima Shweta: यह रबी के मौसम में उगानेयोग्य किस्म है इसके प्याज़ सफेद और गोल होते है यह किस्म पनीरी लगाने से110-115 दिनों तक तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early Grano: यह किस्म आई ऐ आर आई, नई दिल्ली द्वारा तैयार की गई है इसके प्याज़ पीले रंग के होते है यह खरीफ और रबी दोनों मौसम में उगानेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 200 क्विंटल प्रति एकड़ होती है.मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें ज्यादा पैदावार लेने के लिए, रोपाई के समय पंक्तियों के बीच फासला 15 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 7.5 सैं.मी.रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपाई विधि का प्रयोग करें एक एकड़ खेत की पनीरी तारे करने के लिए 4-5 किलो बीजों की जरूरत होती है उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बेनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो-एजेंट ट्राईकोडरमा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है ऐसा करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते हैं बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकि बची हीउ नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग (मिट्टी में मिलाना) के तौर पर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें पानी में घुलनशील खादें: रोपण से 10-15 दिन बाद सूक्ष्म-तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ 19:19:19 की स्प्रे करें मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता अनुसार 10-15 दिनों के फासले पर सिंचाई करें.
Posted by bhawna Kanwar
Rajasthan
02-09-2019 07:00 PM
Maharashtra
09-04-2019 11:51 AM
Bhawna kanwar ji aap isme mancozeb 3 gram parti litre ke hisaab se kar sakte hain.
Posted by sandip yuvraj malche
Maharashtra
02-09-2019 06:54 PM
Maharashtra
09-04-2019 01:25 PM
संदीप युवराज मिलके आप -इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित.... (Read More)
संदीप युवराज मिलके आप -इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित है उसकी लगभग 150 प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें से barbedensis, A. chinensis, A. perfoliata, A. vulgaris, A indica, A. littoralis और A abyssinica हैं ये आमतौर पर उगायी जाती हैं और इनका औषधीय मूल्य होता है नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280, IC111273, IC111279 और IC111267 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में एलोइन तत्व पाया जाता है नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा जारी की गई किस्में IC111267, IC1112666, IC111280, IC111280, IC111272 और IC111277 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में जैल तत्व पाया जाता है AL-1:- यह किस्म सैंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल एंड एरोमैटिक प्लांट्स, लखनऊ द्वारा जारी की गई है घीकवार की जड़ें 20-30 सैं.मी. तक ही जाती हैं इसके लिए खेत को जोत कर नर्म करें आखिरी जोताई के बाद 6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें मेंड़ और खालियां बना कर 45-60 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करें और अगर जरूरत पड़े तो सिंचाई करें गांठों को 40 या 30 सैं.मी. के फासले पर लगाएं गांठों के विकास के लिए इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त महीने में करनी चाहिए सिंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी बिजाई सर्दियों के महीने में भी की जाती आमतौर पर फासला 45 सैं.मी.x40 सैं.मी. या 60 सैं.मी.x30 सैं.मी. रखा जाता है ये गांठें चार से पांच महीने पुरानी और 15 सैं.मी. की गहराई पर गड्ढों में लगानी चाहिए पौधे के प्रयोग किए जाने वाले भाग जब इसका निचला भाग पीला हो जाता है तो इसके पत्तों को काटकर एलोवीरा का जूस प्राप्त कर लिया जाता है इसका पानी या रस गर्मी के कारण वाष्पीकरण हो जाता है और फलस्वरूप् इसका रंग हल्के से गहरा भूरा हो जाता है बिजाई के लिए आम तौर पर एक एकड़ के लिए 22000 गांठों की जरूरत होती है बिजाई के लिए सेहतमंद गांठों का ही प्रयोग करें बिजाई के लिए 3-4 महीने पुरानी गांठो का प्रयोग करें, जिसके चार से पांच पत्ते हों ज़मीन की तैयारी के समय 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 20 किलो (44 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो एस.एस. पी.) और पोटाश 20 किलो (34 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें गर्मियों और शुष्क हालातों में 2 सप्ताह के अंतराल पर सिंचाई करें बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती और सर्दियों के मौसम में पौधा ज्यादा पानी नहीं लेता इसलिए कम सिंचाई करनी चाहिए पौधे के गांठे बनने के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें खेत में ज्यादा पानी ना लगाएं इससे फसल को नुकसान होता है याद रखें कि फसल को दोबारा पानी लगाने से पहले, खेत को सूखने दें सिंचाई खेत में अच्छी तरह दे देनी चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाये बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है.
Posted by akash singh
Punjab
02-09-2019 06:48 PM
Maharashtra
09-04-2019 10:50 AM
ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ imidacloprid@60 ਮਿਲਿ ਲੀਟਰ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Balak Ram
Himachal Pradesh
02-09-2019 06:46 PM
Punjab
10-30-2019 03:56 PM
बालक जी, इसमें तत्वों की कमी नजर आ रही है, इसके लिए आप NPK 19.19.19 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Gurwinder sidhu
Punjab
02-09-2019 06:36 PM
Maharashtra
09-04-2019 12:27 PM
Gurwinder singh ji tussi mushroom di kheti di training Talwandi Sabo de KVK wich le sakde ho. Krishi Vigyan Kendra,Dabwali Road, Near Kheti Bhawan,Distt. Bathinda.
Posted by tejinder dhindsa
Punjab
02-09-2019 06:35 PM
Maharashtra
09-04-2019 01:45 PM
ਤਜਿੰਦਰ ਢੀਂਡਸਾ ਜੀ -ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿੰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਅਤੇ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਜਿਆਦਾ ਹੋਵੇ , ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਜਿਆਦਾ ਗਹਿਰੀ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਭਾਰੀ ਚੀਕਣੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਰੋਕਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਵਧੀਆ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਇਸ ਫਸਲ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ PGG 101: ਇਹ ਕਿਸਮ .... (Read More)
ਤਜਿੰਦਰ ਢੀਂਡਸਾ ਜੀ -ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿੰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਅਤੇ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਜਿਆਦਾ ਹੋਵੇ , ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਜਿਆਦਾ ਗਹਿਰੀ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਭਾਰੀ ਚੀਕਣੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਰੋਕਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਵਧੀਆ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਇਸ ਫਸਲ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ PGG 101: ਇਹ ਕਿਸਮ 1991 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੀਜ ਗਹਿਰੇ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਮਈ-ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਫੁੱਲ ਆਉਣ ਤੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 675 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ 5-7 ਵਾਰ ਕਟਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PGG 518: ਇਹ ਕਿਸਮ 1998 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਆਕਾਰ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੂਰੀ ਤਰਾਂ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋਣ ਤੇ ਇਸਦੀ ਕਟਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 750 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ 5-7 ਵਾਰ ਕਟਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PGG 19: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਉਗਾਉਣ ਲਈ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 450-500 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਗਿੰਨੀ ਘਾਹ ਦੀ ਰੁਪਾਈ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਹਲ ਨਾਲ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਪੱਧਰਾ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਦੋ ਵਾਰ ਤਵੀਆਂ ਮਾਰ ਕੇ ਸੁਹਾਗੇ ਨੂੰ 2 ਵਾਰ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪੱਧਰਾ ਕਰੋ ਗਿੰਨੀ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਬੈੱਡ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਜਰੂਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਮਾਰਚ ਤੋਂ ਅੱਧ ਮਈ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਫਸਲ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਵਾਧੇ ਲਈ ਫਾਸਲਾ 50x30 ਸੈ:ਮੀ:ਅਤੇ 90x45 ਸੈ:ਮੀ: ਰੱਖੋ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕੇਰਾ ਢੰਗ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟੇ ਨਾਲ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ 6-8 ਕਿੱਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੋ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸਲਫਿਊਰਿਕ ਐਸਿਡ ਨਾਲ 10 ਮਿੰਟ ਤੱਕ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਸੋਧ ਕਰੋ ਰਸਾਇਣਾ ਨਾਲ ਸੋਧਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੋ ਬੀਜ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਬਿੱਲਕੁੱਲ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਉ ਸਹੀ ਲੰਬਾਈ ਅਤੇ ਚੌੜਾਈ ਦੇ ਬੈੱਡ ਤੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ 1-2 ਸੈ:ਮੀ: ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਪਤਲੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਬੈੱਡ ਨੂੰ ਢੱਕ ਦਿਓ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 35-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰ ਕੇ 3-4 ਪੱਤੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੁਪਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਦੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਉਸ ਵੇਲੇ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਜਦੋਂ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨ ਮੌਜੂਦ ਹੋਣ ਰੁਪਾਈ ਤੋਂ 24 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਬੈੱਡਾਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਰੁਪਾਈ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪੁੱਟਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦ 20-25 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 20 ਕਿੱਲੋ (ਯੂਰੀਆ 44 ਕਿੱਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਦੂਜੀ ਮਾਤਰਾ 10 ਕਿੱਲੋ ( ਯੂਰੀਆ 23 ਕਿੱਲੋ) ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 35 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਹਰ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਅਦ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 30 ਕਿੱਲੋ ( 66 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਗਰਮੀਆਂ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਜਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਸਤੰਬਰ-ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋਂ 4-6 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਮੀਹ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਨਾ ਲਗਾਉ ਕਿਉਕਿ ਗਿੰਨੀ ਘਾਹ ਦੀ ਫਸਲ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਸਹਾਰਣਯੋਗ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Arjit Mahto
Jharkhand
02-09-2019 06:29 PM
Punjab
09-14-2019 05:07 PM
Arjit Mahto ji goat ke lia shed banvane ke lia puri jankari ke lia aap Moh. Emran 7793851486 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sandeep Singh
Punjab
02-09-2019 06:29 PM
Punjab
09-02-2019 07:36 PM
BhaaG rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo 1 quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg Istran feed aap banao
Posted by jaswindersidhu6047@gmail.com
Chandigarh
02-09-2019 06:26 PM
Punjab
09-04-2019 04:51 PM
ਇਸਦੇ ਵਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 9781589637 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by vijay kumar
Punjab
02-09-2019 06:21 PM
Rajasthan
09-03-2019 05:15 PM
विजय जी इसे आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि इसके थन की जांच करके इसके बंद होने का सही कारण पता लग सकता है और इसका सही इलाज हो सकता है
Posted by manjit singh
Punjab
02-09-2019 06:21 PM
Maharashtra
09-04-2019 12:38 PM
Manjit singh ji tussi es wich tilt 200ml prati acre de hisaab naal istemaal kar sakde ho.
Posted by Ratinder Nijjar
Punjab
02-09-2019 06:14 PM
Punjab
09-02-2019 07:39 PM
Height naalo Bhaar dekho 250 se 300 kg hona chahida Photo vekh k lagda aas karwa lao JADON taaran kare iss nu aas kraun da parbandh karo
Posted by Ratinder Nijjar
Punjab
02-09-2019 06:10 PM
Punjab
09-27-2019 08:00 PM
fruite and vegetable diya shilla tusi pa sakde ho. koe non veg vaste na payi jave ji. baki load to jeyda na pao. tusi jarurat anusar hi pao. fruit te vegetable waste pa sakde ho ji. jive kele de shilke, apple shilke, jo pashu asani nal hazam kar sake oh khva sakde ho ji.
Posted by Rajendra
Rajasthan
02-09-2019 06:06 PM
Punjab
12-03-2019 02:32 PM
Shrimaan ji , khare pani ko mitha karne ke li ye abhi tak koi machine nahi banai gai hai, dhanywad
Posted by vimal
Madhya Pradesh
02-09-2019 06:06 PM
Punjab
09-03-2019 05:16 PM
Hanji aap unki gehu ka busha khila skte hai isme aap hara chara mila ker de skte hai..
Posted by Er Sidhart Marskole
Madhya Pradesh
02-09-2019 06:04 PM
Maharashtra
09-04-2019 01:59 PM
सिद्धार्थ मर्स्कोले आप इसमें गोभ की सुंडी देखें और आप इसमें फेम 20मिली लीटर और करेगें 60 मिली लीटर का स्प्रे कर सकते हैं.
Posted by navvinder singh
Punjab
02-09-2019 06:03 PM
Punjab
09-02-2019 09:50 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Dettol liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਇਕ ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mamidium ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ 3 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
02-09-2019 05:58 PM
Maharashtra
09-04-2019 11:42 AM
Neeraj Rathi ji figo fundicide blast jaisi beemariyon ke liye istemaal hota hai aur aap iska patton par spray kar sakte hain,Kargil Gold ek growth regulator hai aur ap iska patton par spray kar ke istemaal kar sakte hain ye dhaan ki vanaspatik badhautri ke liye istemaal hota hai.
Posted by veekesh kumar
Uttar Pradesh
02-09-2019 05:52 PM
Maharashtra
09-04-2019 11:10 AM
Veekesh kumar ji aap iski photo bhej dijiye taaki hum aapko iske baare main sahi se jaankari de payen.
Posted by manjinder singh
Punjab
02-09-2019 05:48 PM
Punjab
09-27-2019 01:29 PM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Amistar Top @200ml ਜਾਂ Nativo @80gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
02-09-2019 05:45 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:17 PM
अशोक कुमार जी आप इसमें NPK 19 :19 :19 का स्प्रे करें.
Posted by S Patidar
Madhya Pradesh
02-09-2019 05:42 PM
Punjab
09-27-2019 01:26 PM
Poori jaankari ke liye kripya podhe kii photo bheje.
Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
02-09-2019 05:37 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:04 PM
अशोक कुमार जी आप इसमें कस्टोडिआ 300 मिली लीटर प्रति एकर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
Posted by Sukh Bal
Punjab
02-09-2019 05:26 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:02 PM
sukh Bal ji tussi es de waste tilt 200 ml prati acre da istemaal kar sakde ho.
Posted by Rajat
Punjab
02-09-2019 05:23 PM
Maharashtra
09-04-2019 12:30 PM
Rajat ji tussi es di changi tarah photo bhejo taanjo assi tuhanu poori jaankari de sakiye.
Posted by Sukh Bal
Punjab
02-09-2019 05:23 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:14 PM
ਸੁਖ ਬਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ ਗਲੋਮੋਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲੇ ਅਤੇ tilt 200 ਮਿਲਿ ਲੀਟਰ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਦੇ ਲਈ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Manjeet Singh
Uttar Pradesh
02-09-2019 05:17 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:08 PM
मंजीत सिंह जी आप गेहूँ में सरसों की खली को बुआई के बाद ही दाल सकते हैं.
Posted by Aroor singh Bhullar
Punjab
02-09-2019 05:13 PM
Punjab
10-30-2019 03:58 PM
ਅਰੂਰ ਜੀ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ Folicur @ 200 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Deepak Patel
Madhya Pradesh
02-09-2019 05:12 PM
Maharashtra
09-05-2019 01:40 PM
Deepak Patel ji kripya aap is khaad ka naam ache se bateyen taaki hum aapko iske baare main ache se jankari de saken.
Posted by Garsevak Garsevaksingh
Punjab
02-09-2019 05:11 PM
Punjab
09-02-2019 05:22 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਲੈ ਜਾਓ, ਉਥੇ ਇਸਦਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 10000 ਤਕ ਖਰਚ ਆ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Daljit Singh
Punjab
02-09-2019 05:09 PM
Maharashtra
09-05-2019 05:00 PM
Daljit singh ji tussi is wich zinc di spray karo ate tussi khedi khaad da istemaal kita hai saanu dasso deyo taki assin tuhanu poori jaankar de sakiye.Tussi es wich quinolphos 800 ml da spray kar sakde ho
Posted by Harmeet
Punjab
02-09-2019 05:01 PM
Punjab
09-02-2019 05:13 PM
BhaaG tuci krishi vigyan kendar NAAGKALAN or deputy director animal husbandry Amritsar naal sampark karo
Posted by Garsevak Garsevaksingh
Punjab
02-09-2019 04:53 PM
Punjab
09-02-2019 04:57 PM
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦਸੋ ਮੱਝ ਦਾ ਕਿਸ ਚੀਜ ਦਾ ਆਪਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by gagandeep singh
Punjab
02-09-2019 04:50 PM
Maharashtra
09-04-2019 11:24 AM
ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ trichoderma indiaMart ਤੋਂ ਜਾਂ ਫੇਰ Amazon.in ਤੋਂ ਮੰਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Jevansh raj
Uttar Pradesh
02-09-2019 04:46 PM
Punjab
12-20-2019 02:38 PM
वृक्षों में फासला : पौधों में भूमिगत फासले की भी बहुत अहमियत होती है और दरमियाने आकार के पौधों के लिए कम से कम फासला 4 मीटर होना चाहिए, बढ़े आकार वाले पौधों में फासला 8 मीटर होना चाहिए इसके अलावा इमारतों से फासला 5 मीटर का रखें पौधे लगाने की दिशा : खासतौर पर पौधे इमारत की दक्षिण और दक्षिण-पच्छमी दिशा में लगाने च.... (Read More)
वृक्षों में फासला : पौधों में भूमिगत फासले की भी बहुत अहमियत होती है और दरमियाने आकार के पौधों के लिए कम से कम फासला 4 मीटर होना चाहिए, बढ़े आकार वाले पौधों में फासला 8 मीटर होना चाहिए इसके अलावा इमारतों से फासला 5 मीटर का रखें पौधे लगाने की दिशा : खासतौर पर पौधे इमारत की दक्षिण और दक्षिण-पच्छमी दिशा में लगाने चाहिए ऐसा करने से गर्मियों के दिनों में छांव आती रहेगी बढ़े पौधों वाली प्रजातियों को इमारत की पिछली तरफ लगाने की सिफारिश की जाती है बिजाई का समय : इसकी बिजाई का समय प्रजाति, क्षेत्र, सिंचाई की उपलब्धता, वर्षा आदि पर निर्भर करती है गहरे छांव वाले पौधे उगाने के लिए सर्दियों का मौसम उचित होता है मध्य छांव वाले पौधों के लिए बरसात का मौसम बिजाई के लिए उचित होता है जनवरी और फरवरी महीने का समय सभी स्तिथियों (खासतौर पर मौसम) के हिसाब से नए पौधे लगाने के लिए अनुकूल होता है कई क्षेत्रों में अधिकतर प्रजातियां मानसून के दौरान लगाई जाती है, यह सलाह भी दी जाती है कि बारिश के बाद जब मिट्टी में नमी अच्छी मात्रा में बीज की गहराई तक हो, तो बिजाई शुरू कर देनी चाहिए
Posted by SHUBHAM KASAUDHAN
Uttar Pradesh
02-09-2019 04:31 PM
Maharashtra
09-04-2019 02:25 PM
शुभम कसौधन जी आप इसकी फोटो भेजिए ताकि हम इसके बारे में आपको पूरी जानकारी दे सकें .
Posted by Sandeep Kumar
Haryana
02-09-2019 04:28 PM
Maharashtra
09-04-2019 03:56 PM
Sandeep kumar ji aap isme carbendazim 200 ml ka istemaal kar sakte hain.
Posted by Choudhary ji
Rajasthan
02-09-2019 04:28 PM
Maharashtra
09-05-2019 04:08 PM
Choudhary ji aap iske liye NPK 13:00:45 ka istemaal kar sakte hain.
Posted by nishant
Himachal Pradesh
02-09-2019 04:20 PM
Maharashtra
09-04-2019 03:40 PM
निशांत जी आप इसमें M45 400 ग्राम का उपयोग कर सकते हैं.
Posted by Harjit gill
Punjab
02-09-2019 04:20 PM
Maharashtra
09-02-2019 04:23 PM
Harjit ji iss de upper Thiophanate methyl@300gm ja carbendazim@400gm ja M-45@400gm ja Upl di saaf@400gm nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. ihh dhabba rog thik ho jawega. iss ton ilaava ihna nu urea de nal mila ke v shitta de skde ho. iss nal jda di fungus control ho jawegi.
Posted by sukhdev Singh
Uttar Pradesh
02-09-2019 04:15 PM
Maharashtra
09-02-2019 04:20 PM
Sukhdev ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by surendra suman
Rajasthan
02-09-2019 04:12 PM
Punjab
09-25-2019 03:00 PM
Surendra suman ji cordyceps militaris ke bare me visthar se jankari ke lia aap Rameshwar 9829976310 (Jony Mushroom Garden) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Ruahikesh Thakre
Madhya Pradesh
02-09-2019 04:11 PM
Maharashtra
09-02-2019 04:16 PM