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Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
03-09-2019 10:14 AM
Punjab
12-06-2019 03:10 PM
isde lyi tusi fame @20ml prati ekad de hisab nal vart skde ho.
Posted by RAHUL KUMAR
Uttar Pradesh
03-09-2019 10:10 AM
Punjab
12-06-2019 03:30 PM
बिजाई का समय अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है फासला कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई मिट्टी में नमी के आधार पर, बिजाई 5-7.5 गहराई पर करें बिजाई का ढंग बिजाई के लिए मशीन .... (Read More)
बिजाई का समय अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है फासला कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज की गहराई मिट्टी में नमी के आधार पर, बिजाई 5-7.5 गहराई पर करें बिजाई का ढंग बिजाई के लिए मशीन या डिबलिंग विधि का प्रयोग किया जाता है
Posted by Bakhshish Singh
Punjab
03-09-2019 10:06 AM
Maharashtra
09-26-2019 11:27 AM
Bakshish ji tuc rayi ghah di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by sandeep rawat
Uttar Pradesh
03-09-2019 10:05 AM
Punjab
09-03-2019 04:33 PM
एक T-flox दवा है ये हर तरह के इंफेक्शन में ​काम करती है और दूसरी दवा में मिर्नल और विटामिन होते है जो शरीर की कमी को पूरा करते हैं..
Posted by parsh dhillon
Punjab
03-09-2019 09:56 AM
Punjab
10-30-2019 05:22 PM
Parsh ji, ea ik insecticide hai, eh tele di roktham lai vartea janda hai, isda asar 15-18 din tak rehnda hai, dhanwad
Posted by लालु परमार
Rajasthan
03-09-2019 09:54 AM
Punjab
09-03-2019 04:35 PM
लालु जी आप सूखा चारा खिला सकते है इसमें आप फीड मिक्स करके बकरियों को दें जिसे वह आसानी से खा जाएगी बाकि आप कोशिश करें कि उन्हें हरा चारा दिया जाए इससे अच्छी ग्रोथ होती है
Posted by pardeep
Haryana
03-09-2019 09:53 AM
Punjab
09-03-2019 04:38 PM
आप भैंस को milkout पाउडर देना शुरू करें इस पाउडर के 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को देने शुरू करें इसके आप 2 डब्बे दें एक डिब्बे के खत्म होने के बाद इस पाउडर को दिन में एक बार ही 2 चम्मच दें और इसके साथ potasium-iodied दवाई देनी शुरू करें इसकी 20 ग्राम की डिब्बी होती है इसे आप 7 ग्राम एक दिन में देना है और लगातार 3-5 दिन तक दें इससे फर्.... (Read More)
आप भैंस को milkout पाउडर देना शुरू करें इस पाउडर के 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को देने शुरू करें इसके आप 2 डब्बे दें एक डिब्बे के खत्म होने के बाद इस पाउडर को दिन में एक बार ही 2 चम्मच दें और इसके साथ potasium-iodied दवाई देनी शुरू करें इसकी 20 ग्राम की डिब्बी होती है इसे आप 7 ग्राम एक दिन में देना है और लगातार 3-5 दिन तक दें इससे फर्क पड़ जायेगा
Posted by محمد ساہید رضا
Bihar
03-09-2019 09:51 AM
Punjab
12-06-2019 03:35 PM
सीड बैड पर बिजाई की गई फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें बीजों के एकसार अंकुरित होने के लिए बैड नर्म, गीले और समतल होने चाहिए बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर ल.... (Read More)
सीड बैड पर बिजाई की गई फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें बीजों के एकसार अंकुरित होने के लिए बैड नर्म, गीले और समतल होने चाहिए बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए सीड ड्रिल विधि का प्रयोग करें
Posted by Sudheer
Uttar Pradesh
03-09-2019 09:49 AM
Punjab
09-03-2019 04:40 PM
आप अपना सवाल पोस्ट करने के बाद 24 घंटों तक इंतजार करें आपको हमारे माहिरों द्धारा हिन्दी भाषा में जवाब आ जाएगा यदि 24 घंटों में जवाब नहीं आता तो आप हमारे हैल्पलाइन नंबर 97799—77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Anuj Kushwaha
Uttar Pradesh
03-09-2019 09:46 AM
Punjab
12-11-2019 05:30 PM
Posted by Sudheer
Uttar Pradesh
03-09-2019 09:45 AM
Punjab
10-30-2019 05:23 PM
Sudheer ji isme ap NPK 19.19.19 ki spray karein, dhanywad
Posted by Lal Venkat Raman
Uttar Pradesh
03-09-2019 09:42 AM
Punjab
09-03-2019 04:43 PM
लाल जी कृप्या आप ओडियों दोबारा साफ आवाज में अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके क्योंकि आपके द्धारा भेंजी गई ओडियों में कुछ समझ हीं आ रहा है धन्यवाद
Posted by अशोक कुमार
Rajasthan
03-09-2019 09:41 AM
Maharashtra
09-04-2019 01:10 PM
अशोक कुमार जी आप इसके ऊपर Custodia की स्प्रे करने इसकी मात्रा 300 ml को प्रति एकर के हिसाब स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by pradeep
Madhya Pradesh
03-09-2019 09:36 AM
Punjab
12-11-2019 05:19 PM
Shrimaan ji, isme blast, karnal bunt, bhure rang ke dhabbe, haldi rog, jhuls rog jaisi jaisi bimariya ati hai, krpya ap bataye ke ap konse roh ki roktham ke bare mein jankari lena chahte hain,taki apko uske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by vikash
Rajasthan
03-09-2019 09:29 AM
Punjab
09-03-2019 02:23 PM
vikash ji yeh keet ke andr hai jo patton ke neeche deta hai.dhanywad
Posted by ji kamlesh Gurjar
Madhya Pradesh
03-09-2019 09:27 AM
Maharashtra
09-03-2019 01:38 PM
माहू की रोकथाम के लिए आप इसके ऊपर Glamore @50gm को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by gurjot bajwa
Punjab
03-09-2019 09:23 AM
Punjab
09-03-2019 04:44 PM
Tuci uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Anabolite liquid 100ml rojana ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, ehh tuci 8-10 din deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by kartar
Punjab
03-09-2019 09:21 AM
Punjab
09-03-2019 12:08 PM
kartar ji gurdaspur kisan Mela 17 september nu ho reha hai ji.
Posted by Gurlal Singh
Punjab
03-09-2019 09:18 AM
Punjab
09-03-2019 04:45 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 10 ਹਜਾਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 4 ਤੋਂ 5 ਲੱਖ ਦਾ ਇੰਤਜਾਮ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ , ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਡਿਆਂ ਲਈ 500 ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਦੇ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਤੇ ਤੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ 250-300 ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਲਈ 1250 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬ੍ਰਾਇਲਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਮੰਡੀਕਰਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਕਰੀਬਨ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅੰੰਡਿਆ ਦੀ ਉਪਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਾਲਾ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਜਿਆਦਾ ਮਿਹਨਤ ਵੀ ਨਹੀ ਲੱਗਦੀ ਇਹ ਨਾਜੁਕ ਕਿਸਮ ਦੇ ਜਾਨਵਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਕੁ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋੰ ਬਚਣ ਲਈ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੂੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਡਿਟੇਲ ਵਿੱਚ ਦੱਸੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਹੋਰ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਜਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਦੁਬਾਰਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by Dinesh saini
Haryana
03-09-2019 09:18 AM
Maharashtra
09-03-2019 01:03 PM
Dinesh ji kripya aap btaye ke konsa keet hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sandeep upadhyay
Uttar Pradesh
03-09-2019 09:09 AM
Punjab
09-03-2019 04:46 PM
Usko aap Anabolite liquid 100-100ml subah sham , Milkout powder 2-2 chamch subah sham aur FMC powder 50gm rojana den, isse frak padd jayega..
Posted by Deep Singh
Punjab
03-09-2019 09:07 AM
Punjab
09-03-2019 02:30 PM
Moringa de plants lain layi tusi mere nal 9216804444 number te gal karo ji.
Posted by Raja vikram shah
Madhya Pradesh
03-09-2019 09:04 AM
Punjab
09-03-2019 03:53 PM
उनको आप Albendazole साल्ट की गोली पेट के कीड़ो के लिए दे सकते है और हर 3 महीने के बाद डीवार्मिंग जरूर करें अगली बार साल्ट बदल कर डीवार्मिंग करें इसके साथ आप Agrimin super powder 50gm रोजाना देना शुरू करें इससे मिर्नल की कमी पूरी हो जाएगी और हीट में भी आ जाएगी
Posted by Harpal singh
Punjab
03-09-2019 08:59 AM
Punjab
09-03-2019 12:58 PM
ਹਰਪਾਲ ਜੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਫੰਗਸ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Raja vikram shah
Madhya Pradesh
03-09-2019 08:57 AM
Maharashtra
09-03-2019 12:50 PM
अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातो.... (Read More)
अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें
Posted by amrit
Punjab
03-09-2019 08:53 AM
Punjab
09-03-2019 10:10 PM
Amrit ji tuci isde jakham wali jgah te Nille thothe di tukdi laa ke raggar deo ate fir saff krke coolmac tube laao ate iss nu Bovimin-Gl liquid 7ml rojana deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by sukhdeep singh sran
Punjab
03-09-2019 08:51 AM
Punjab
12-11-2019 05:22 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @ 500 gm ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by harjeet singh
Punjab
03-09-2019 08:46 AM
Maharashtra
09-03-2019 12:51 PM
harjeet ji kirpa karke isdi kisam daso kehdi beeji hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by अनिल कुमार स्वदेशी
Uttar Pradesh
03-09-2019 08:41 AM
Punjab
09-03-2019 04:48 PM
अनिल जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by dalwinder gill
Punjab
03-09-2019 08:41 AM
Punjab
09-03-2019 04:56 PM
Dalwinder ji tuci iss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate iss nu Ovumin gold powder 50gm rojana ate Minotas bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal vdia growth howegi ate puuri heat vich v aa jawegi.
Posted by RAVINDRA CHAUBEY
Uttar Pradesh
03-09-2019 08:38 AM
Maharashtra
09-23-2019 04:55 PM
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5..... (Read More)
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें
Posted by harjeet singh
Punjab
03-09-2019 08:37 AM
Punjab
09-30-2019 03:44 PM
1 hectare vich kine 2.4 kile hunde hai ji.
Posted by harjeet singh
Punjab
03-09-2019 08:32 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:54 AM
Narme de upper growth de lyi npk 130045@2kg ja triacontanol@250ml ja gibberellic acid@250ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. ihna di varto krn ton pehla urea di matra saari complete kr lao. kyuki urea paun nal narme di growth chal paindi hai.
Posted by bablu kumar
Bihar
03-09-2019 08:30 AM
Punjab
09-03-2019 12:21 PM
अगर हरा चारा या खानपान में कुछ तब्दीली की है तो थोड़े समय में अपने आप ठीक हो जाएगा इसके लिए आप सुखी चाय पत्ती खिला दे थोड़ी सी, इससे बहुत राहत मिलेगी pawadin और cfolx नाम की दवाई बाज़ार में उपलब्ध है दोनों मिला कर दिन में 2 बार दे शरीर में पानी की कमी न आने दे इसके लिए एल्क्रोलाइट भी दे
Posted by Balwant Singh Jhajj
Punjab
03-09-2019 08:19 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:51 AM
ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਹੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੱਤ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਸਿੱਟਾ ਬਣਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਵੇ ਉਸ ਸਮੇਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ ਜਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪ੍ਰੋਪੀਕੋਨਾਜੋਲ ਦਾ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਇਸ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 15 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਘੋਲ ਦਾ ਫਿਰ ਤੋਂ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
Posted by Nishan Singh
Punjab
03-09-2019 08:11 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:47 AM
ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਹੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੱਤ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਸਿੱਟਾ ਬਣਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਵੇ ਉਸ ਸਮੇਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਟੈਬੂਕੋਨਾਜ਼ੋਲ ਜਾਂ 200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪ੍ਰੋਪੀਕੋਨਾਜੋਲ ਦਾ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਇਸ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 15 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਘੋਲ ਦਾ ਫਿਰ ਤੋਂ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
Posted by Harvinder singh
Uttar Pradesh
03-09-2019 08:09 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:57 AM
Basf di adexar ik fungicide hai jisdi matra 40-60 ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal khet vich spray kiti jandi hai. eh ulli roga to fasl da bcha kardi hai.tuc isda istemal kar sakde ho.par nativo da result jyada vadia hunda hai tuc isdi varto karo. eh jhine vich daane kaale hon to v bcha kardi hai.dhanwad
Posted by vimlesh
Uttar Pradesh
03-09-2019 08:05 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:36 AM
vimlesh ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Anuj Kumar
Bihar
03-09-2019 08:04 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:53 AM
अनुज जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Harvinder singh
Uttar Pradesh
03-09-2019 08:02 AM
Punjab
09-03-2019 03:57 PM
Harvinder singh ji aap ise feed me kya dete ho ji yeh btaye
Posted by Anuj Kumar
Bihar
03-09-2019 08:02 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:35 AM
अनुज जी आप गन्ना के ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ram narayan
Bihar
03-09-2019 07:46 AM
Punjab
12-11-2019 05:25 PM
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं मूंगफली के लिए किस्मे जैसे के Chitra, Kaushal, Prakash, Amber, TG 37 A, Utakarsh, Divya की ब.... (Read More)
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं मूंगफली के लिए किस्मे जैसे के Chitra, Kaushal, Prakash, Amber, TG 37 A, Utakarsh, Divya की बिजाई करें पिछली फसल की कटाई के बाद दो बार जोताई करके खेत को तैयार करो जरूरत पड़ने पर बारानी हालातों में तीसरी जोताई जून या जुलाई के शुरू में करो जोताई के लिए तवियों ओर हलों का प्रयोग किया जा सकता है जब खेत सदाबहार नदीनों से पीड़ित होते हैं उस समय हलों को गहराई से प्रयोग करने की जरूरत होती है सिंचित हालातों में खेत अनुसार क्यारी बनानी चाहिए बारानी हालातों में मूंगफली की बिजाई मॉनसून के शुरू होने पर करें जो कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होती है बिजाई समय से करने से पैदावार पर कम प्रभाव पड़ता है सिंचित हालातों में मूंगफली अप्रैल के आखिर से मई के आखिर में बोयें फसल की किस्म के आधार पर दो बूटों के अनुसार फासला रखें जैसे कि अर्द्ध गुच्छेदार के लिए 30 सें.मी पंक्तियों में, पौधों में फासला 22.5 सें.मी और गुच्छेदार किस्मों के लिए फासला 30x15 सें.मी रखें बीजों को सीड ड्रिल या पोरा विधि से 5 सै.मी. गहराई में बोयें 38-40 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में बोयें खादों का प्रयोग मिट्टी की जांच के आधार पर ही करना चाहिए यूरिया 13 किलो प्रति एकड़, एस एस पी 125 किलो प्रति एकड़ और मिट्टी की जांच के आधार पर यदि पोटाश की कमी दिखे तो म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो प्रति एकड़ में डालें जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय सारी खादें डालें जिप्सम मूंगफली के बनने में और अच्छे प्रकार से विकसित होने में सहायता करता है अच्छे फसल के विकास के लिए मौसमी वर्षा के अनुसार 2 या 3 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है पहला पानी फूल आने के समय लगाएं खरीफ की ऋतु में यदि फसल को लंबे समय के लिए पानी ना दिया गया हो तो फलियों के बनने पर सिंचाई करें यदि पानी उपलब्ध हो (मिट्टी की किस्म के अनुसार फलियों के विकसित होने पर 2-3 सिंचाई करें) इसके इलावा कटाई से कुछ दिन पहले एक सिंचाई और करें धन्यवाद
Posted by Jeetram
Rajasthan
03-09-2019 07:45 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:14 AM
jeetram ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by ram narayan
Bihar
03-09-2019 07:43 AM
Punjab
12-11-2019 05:26 PM
श्रीमान जी, खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकत.... (Read More)
श्रीमान जी, खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai bhadouriya 8882876224 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Rahul Gupta
Uttar Pradesh
03-09-2019 07:33 AM
Maharashtra
09-03-2019 11:22 AM
Rahul ji yeh iski kisam par nirbhar karta hai kripya aap btaye ke aap konsi fasl ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by daluram
Rajasthan
03-09-2019 07:31 AM
Punjab
12-11-2019 05:29 PM
श्रीमान जी, आप इसमें आप NPK 191919 @ 1 kg को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद