
Posted by ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-09-2019 07:17 PM
ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ tilt 200 ਮਿਲੀ ਲੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by champa mahtvaen
Jharkhand
04-09-2019 07:17 PM
Shrimaanji, kripya ap apna sawal visthar se puchein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad

Posted by REEKESH LODHI
Madhya Pradesh
04-09-2019 07:09 PM
रिकेश जी, चने का MSP (2020-2021) 4875 रूपए प्रति क्विंटल है, धन्यवाद
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
04-09-2019 07:03 PM
Sandeep kumar ji Es wich salt da hi difference jiven ke avtar wich azoxystrobin 200g/litre+difenoconazole 125 g/litre hai ate amistar wich zineb+hexaconazole hai.Eh dono hi fafoondinashak han jiven ke sheath blight,brown leaf spot lai istemaal kita jaanda hai.avtar di dose 200ml 150 litre paani wich ,amistar di dose 200-250 ml 150 litre paani wich istemaal kar sakde ho.

Posted by vikram singh
Punjab
04-09-2019 07:01 PM
HF-40116, HF-Imported Denmark DAM S Milk Yield (Kg) 18162 Fat% 4.97, tuci bull di photo dekh skde ho.
Posted by Rajveer Singh
Punjab
04-09-2019 06:59 PM
rajveer ji jhone vich 130045 jado nisara shuru hunda hai odo karo. makki te kirpa karke daso ke kehdi spray di varto karna chahunde ho ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by स्वरूप सिंह
Rajasthan
04-09-2019 06:51 PM
सवरूप सिंह जी आप इसके लिए NPK 19 :19 :19 @1 किलो 150 लीटर पानी मैं डाल कर प्रति एकर के हिसाब से इस्तेमाल करें. .
Posted by Suraj Joshi
Uttarakhand
04-09-2019 06:51 PM
इस एप में आप फसलों और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते है इसके इलावा आप इस एप में ईनाम भी जीत सकते है आप अपनी खेती एप पर होम स्कीन पर नीचे स्क्रॉल करके अपना रेफरेंस कोड देख सकते हैं यदि आप अपने रेफरेंस कोड से किसी और फोन पर एप डाउनलोड करवाते हैं तो आपको हर एप डाउनलोड पर 10 प्वांइट्स मिलेंगे आपके प्वांइ.... (Read More)
इस एप में आप फसलों और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते है इसके इलावा आप इस एप में ईनाम भी जीत सकते है आप अपनी खेती एप पर होम स्कीन पर नीचे स्क्रॉल करके अपना रेफरेंस कोड देख सकते हैं यदि आप अपने रेफरेंस कोड से किसी और फोन पर एप डाउनलोड करवाते हैं तो आपको हर एप डाउनलोड पर 10 प्वांइट्स मिलेंगे आपके प्वांइट्स के मुताबिक आप अपनी खेती एप के मर्चेन्डाइज़ सैंक्शन में जाकर कुछ भी खरीद सकते हैं यदि फिर भी कोई समस्या आती है तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 97799-77641 पर संपर्क कर सकते है

Posted by vikram gahlley
Punjab
04-09-2019 06:50 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ, ਬੋਤਲ ਵਿਚ Injection Tonofas 20ml, Injection Avil 10ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ IV(slow) ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Suraj Joshi
Uttarakhand
04-09-2019 06:50 PM
इस एप में आप फसलों और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते है इसके इलावा आप इस एप में ईनाम भी जीत सकते है आप अपनी खेती एप पर होम स्कीन पर नीचे स्क्रॉल करके अपना रेफरेंस कोड देख सकते हैं यदि आप अपने रेफरेंस कोड से किसी और फोन पर एप डाउनलोड करवाते हैं तो आपको हर एप डाउनलोड पर 10 प्वांइट्स मिलेंगे आपके प्वांइ.... (Read More)
इस एप में आप फसलों और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते है इसके इलावा आप इस एप में ईनाम भी जीत सकते है आप अपनी खेती एप पर होम स्कीन पर नीचे स्क्रॉल करके अपना रेफरेंस कोड देख सकते हैं यदि आप अपने रेफरेंस कोड से किसी और फोन पर एप डाउनलोड करवाते हैं तो आपको हर एप डाउनलोड पर 10 प्वांइट्स मिलेंगे आपके प्वांइट्स के मुताबिक आप अपनी खेती एप के मर्चेन्डाइज़ सैंक्शन में जाकर कुछ भी खरीद सकते हैं यदि फिर भी कोई समस्या आती है तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 97799-77641 पर संपर्क कर सकते है
Posted by ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-09-2019 06:47 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਫੂਲਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਗੇਂਦਾ, ਗੁਲਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਫੁੱਲ ਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ, ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾ ਫਿਰ polyhouse ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਹੁਤ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by upendra kumar chaudhary
Jharkhand
04-09-2019 06:44 PM
उपेंद्र कुमार चौधरी जी -इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए.... (Read More)
उपेंद्र कुमार चौधरी जी -इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं
French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं
Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं
Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है
जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है

Posted by Dileep Kumar
Uttar Pradesh
04-09-2019 06:43 PM
दिलीप कुमार जी आप इसमें मच्छर चेक करें और तेला के लिए इमिडाक्लोप्रिड डेढ़ मिली लीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
Posted by akash singh
Punjab
04-09-2019 06:35 PM
Amrik ji eh ik growth promotor hai isdi matra 1 ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by gurvinder singh
Punjab
04-09-2019 06:33 PM
Gurvinder singh ji jadon jhona 5% tak nissar jaye tussi es utte 130045 di 2kg prati acre de hisaab naal spray kar sakde ho.
Posted by Sunny Sarao
Punjab
04-09-2019 06:26 PM
Sunny srao ji tussi es wich hexaconazole 300 ml prati acre de hisaab naal istemaal kar sakde ho.

Posted by chandan saini
Uttar Pradesh
04-09-2019 06:23 PM
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध कि.... (Read More)
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है धन्यवाद

Posted by Dileep Kumar
Uttar Pradesh
04-09-2019 06:20 PM
दिलीप कुमार जी आप इसमें मच्छर चेक करें और तेला के लिए इमिडाक्लोप्रिड डेढ़ मिली लीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Posted by KHAN
Uttar Pradesh
04-09-2019 06:14 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे

Posted by Dileep Kumar
Uttar Pradesh
04-09-2019 06:10 PM
दिलीप कुमार जी आप इसमें मच्छर चेक करें और तेला के लिए इमिडाक्लोप्रिड डेढ़ मिली लीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
Posted by arif abbas
Rajasthan
04-09-2019 06:03 PM
बिजाई से 10 दिन पहले 15-20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 40 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 75 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन छींटा देकर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें
पा.... (Read More)
बिजाई से 10 दिन पहले 15-20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 40 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 75 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन छींटा देकर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें
पानी में घुलनशील खादें: रोपाई के 10-15 दिन बाद सूक्ष्म-तत्व @2.5-3 ग्राम or NPK 19:19:19 @10 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ स्प्रे करें

Posted by Sndhu
Punjab
04-09-2019 06:02 PM
Posted by G@ggi
Punjab
04-09-2019 05:47 PM
BhaaG rajwa hara chaara te 1kg feed rozana pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by satish
Haryana
04-09-2019 05:46 PM
आप इस समय सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, सलाद, ब्रोकोली की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
04-09-2019 05:43 PM
Sandeep ji, corostar vich Azoxystrobin 18.2% w/w + difenoconazole 11.4 w/w SC nam da chemical hunda hai, eh jhone vich blast di roktham layi vartea janda hai, isdi dose 200 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal istemal kiti jandi hai, tusi trump di ate anucin di label di photo bhjeo taki tuhnu ohna bare jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by Aman Pratap Singh
Uttar Pradesh
04-09-2019 05:41 PM
अमन जी आप sheath blight की रोकथाम के लिए folicur@200ml या pulsor@200ml या custodia@300ml या nativo@80gm या amistar top@200ml या indofil avtar@400gm या hexaconazole@300ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Shamsher singh
Punjab
04-09-2019 05:38 PM
ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਜੀ pdaan sheath blight ਨੂੰ ਕੰਟਰੋਲ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਇਕ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਲਈ zineb ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਜਾਂ hexaconazol 300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰੋ streptocycline ਇਕ ਰੋਗਾਣੂਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਇਸ ਕਰ ਕੇ ਇਸ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਤੁਸੀ sheath blight ਦੇ ਲਈ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ

Posted by Avinash Rathod
Maharashtra
04-09-2019 05:35 PM
Sir, for protection from fungal infection please give application carbendazim@ 4 gm or mancozeb @ 4 gm per litre of water, for control of bugs please give application of imidacloprid @ 1.5 ml per litre of water, thank you
Posted by satish
Haryana
04-09-2019 05:33 PM
satish ji aap apna sawaal spasht karen ke aapne abhi tak kis dawai ka spray kiya hai taki hum aapko iska jawaab de saken.

Posted by Harmeet
Punjab
04-09-2019 05:32 PM
Goat farming krn da fieda hai ji. jarur fieda hai but merkeet bnon te kuch time jarur lagda hai ji. baki tusi progressive goat farm association nal judo tohanu succesfull goat farmer nu milan da mka milega . tusi eh number te 9023441504 te jugraj singh ji call karke sari jankari lai sakde ho ji.

Posted by Akhil Maurya
Uttar Pradesh
04-09-2019 05:32 PM
Akhil ji kripya aap apna swal pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..

Posted by Harmeet
Punjab
04-09-2019 05:31 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ, ਇਹ ਕੰਧਾਂ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ, ਫਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਤੇ ਵੀ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਚਾਰੇ, ਫੀਡ ਉਤੇ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ, ਇਹ ਕੰਧਾਂ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ, ਫਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਤੇ ਵੀ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਚਾਰੇ, ਫੀਡ ਉਤੇ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਇਕ ਵਾਰ ਖਤਮ ਹੋਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਤਰੇੜਾਂ, ਕੰਧਾਂ ਵਿੱਚੋ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਹ ਉਥੇ ਲੁੱਕ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਅਸਰ ਖਤਮ ਹੋਣ ਤੇ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਸ ਪਾਸ ਦੀ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਰੱਖੋ .

Posted by Avinash Rathod
Maharashtra
04-09-2019 05:31 PM
Sir, for protection from fungal infection please give application carbendazim@ 4 gm or mancozeb @ 4 gm per litre of water, for control of bugs please give application of imidacloprid @ 1.5 ml per litre of water, thank you

Posted by Akhil Maurya
Uttar Pradesh
04-09-2019 05:29 PM
Akhil Maurya जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्.... (Read More)
Akhil Maurya जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by DHARA Singh
Rajasthan
04-09-2019 05:29 PM
धारा सिंह जी-इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित है उसकी ल.... (Read More)
धारा सिंह जी-इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित है उसकी लगभग 150 प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें से barbedensis, A. chinensis, A. perfoliata, A. vulgaris, A indica, A. littoralis और A abyssinica हैं ये आमतौर पर उगायी जाती हैं और इनका औषधीय मूल्य होता है.
नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280, IC111273, IC111279 और IC111267 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में एलोइन तत्व पाया जाता है
नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा जारी की गई किस्में IC111267, IC1112666, IC111280, IC111280, IC111272 और IC111277 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में जैल तत्व पाया जाता है
AL-1:- यह किस्म सैंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल एंड एरोमैटिक प्लांट्स, लखनऊ द्वारा जारी की गई है घीकवार की जड़ें 20-30 सैं.मी. तक ही जाती हैं इसके लिए खेत को जोत कर नर्म करें आखिरी जोताई के बाद 6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें मेंड़ और खालियां बना कर 45-60 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करें और अगर जरूरत पड़े तो सिंचाई करें गांठों को 40 या 30 सैं.मी. के फासले पर लगाएं गांठों के विकास के लिए इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त महीने में करनी चाहिए सिंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी बिजाई सर्दियों के महीने में भी की जाती है आमतौर पर फासला 45 सैं.मी.x40 सैं.मी. या 60 सैं.मी.x30 सैं.मी. रखा जाता है ये गांठें चार से पांच महीने पुरानी और 15 सैं.मी. की गहराई पर गड्ढों में लगानी चाहिए पौधे के प्रयोग किए जाने वाले भाग
जब इसका निचला भाग पीला हो जाता है तो इसके पत्तों को काटकर एलोवीरा का जूस प्राप्त कर लिया जाता है इसका पानी या रस गर्मी के कारण वाष्पीकरण हो जाता है और फलस्वरूप् इसका रंग हल्के से गहरा भूरा हो जाता है बिजाई के लिए आम तौर पर एक एकड़ के लिए 22000 गांठों की जरूरत होती है बिजाई के लिए सेहतमंद गांठों का ही प्रयोग करें बिजाई के लिए 3-4 महीने पुरानी गांठो का प्रयोग करें, जिसके चार से पांच पत्ते हों ज़मीन की तैयारी के समय 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 20 किलो (44 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो एस.एस. पी.) और पोटाश 20 किलो (34 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें खेत को साफ सुथरा और नदीन रहित रखें उचित अंतराल पर गोडाई करें एक वर्ष में मुख्यत: दो बार गोडाई करें.गर्मियों और शुष्क हालातों में 2 सप्ताह के अंतराल पर सिंचाई करें बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती और सर्दियों के मौसम में पौधा ज्यादा पानी नहीं लेता इसलिए कम सिंचाई करनी चाहिए पौधे के गांठे बनने के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें खेत में ज्यादा पानी ना लगाएं इससे फसल को नुकसान होता है याद रखें कि फसल को दोबारा पानी लगाने से पहले, खेत को सूखने दें सिंचाई खेत में अच्छी तरह दे देनी चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाये

Posted by ਰਮਨ
Punjab
04-09-2019 05:22 PM
ਰਮਨ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ fame @20 ml ਜਾ coragen @60 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਫੰਗਸ ਤੋਂ ਬਚਾ ਦੇ ਲਈ Thiophanate methyl@300gm ਜਾ carbendazim@400gm ਜਾ M-45@400gm ਜਾ Upl saaf@400gm ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by PARAMJEET Singh
Uttar Pradesh
04-09-2019 05:21 PM
Mineral mixture ka rate company ke hisab se alag alag hota hai iska sahi rate apko medical store se ptaa lgg skta hai aur Khal ka aap khal sale krne wale dealer se pta kr skte hai jo feed ka kam krta hai..
Posted by Md ishu
Bihar
04-09-2019 05:18 PM
Md ishu ji -रबी के मौसम में खेती के लिए बिजाई 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक पूरी कर लें मेंड़ों पर बिजाई करना ज्यादा लाभदायक रहता है क्योंकि इससे फसल को जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है और फसल ठंड से भी बची रहती है
Posted by karansingh
Madhya Pradesh
04-09-2019 05:13 PM
यदि आप छोटे स्तर पर मुर्गी पालन करना चाहते है तो आप Kuroiler या क्रॉस नस्ल की मुर्गी को रखें इसके इलावा आप कड़कनाथ नस्ल भी रख सकते है
Posted by malshang Thakor
Gujarat
04-09-2019 05:10 PM
मालशोंग टकोर जी आप इसके लिए प्लानोफिक्स 4 मिली लीटर और मिनसेल्फ़ 120 ग्राम,मैग्नीशियम सल्फेट 120 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें.

Posted by Arjun badal
Madhya Pradesh
04-09-2019 05:07 PM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो
Posted by Balwinder bangi
Punjab
04-09-2019 05:02 PM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਬੰਗੀ ਜੀ ਘੰਡੀ ਰੋਗ ਦੇ ਲਈ tilt 200 ਮਿਲ਼ੀ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰੋ
Posted by yuvraj janwa
Rajasthan
04-09-2019 04:59 PM
इसे आप Broton liquid 3oml रोजाना और Calcimust gold liquid 50ml रोजाना देना शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Gurpreet Maan
Punjab
04-09-2019 04:59 PM
Gurpreet maan ji tusi saanu eh dasso ke tussi es wich pehlan kehdi dawaiyan di spray kiti hai taaki tuhanu asi poori jaankari de sakiye ke tussi es wich ki warat sakde ho.
Posted by Gurmukh Singh Garry
Punjab
04-09-2019 04:54 PM
BhaaG isnu 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer shaam khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image










