
Posted by Pargat MAAN
Punjab
08-09-2019 07:54 PM
tci Apne nere de forist gard ja office NL saparik kro Puri jnkri mil u gi
Posted by Lyrics Sandhu Gurwinder
Punjab
08-09-2019 07:48 PM
pet de keria Di medisan alomer 30 ml de do
Posted by gurpreet singh
Punjab
08-09-2019 07:48 PM
Gurpreet singh ji 1121 da majuda rate 3300-3600/q de lagbhag chal reha hai, eh fasal di quality de hisab na vadh ja ghatt vi ho sakda hai, Thankyou.
Posted by yogendra singh
Uttar Pradesh
08-09-2019 07:47 PM
नरसिंघ जी -इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेज.... (Read More)
नरसिंघ जी -इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Punjab Chhuhara: इसके फल बीज रहित, नाशपाति के आकार के, लाल और बाहरी मोटी परत के होते हैं इसकी गुणवत्ता कटाई के बाद 7 दिनों तक मंडी लायक होती है इसलिए इस किस्म को लंबी दूरी वाले स्थानों और नए उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है
Pusa 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे, नर्म, आकर्षित और तना पीले रंग का होता है यह किस्म निमाटोड के प्रतिरोधी किस्म है
Roma Selection 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी किस्म है
Rashmi: यह व्यापक रूप से अपनाई गई हाइब्रिड है इसके फल मध्यम, गोल और आकर्षित होते हैं यह किस्म सूखा बीमारी के प्रतिरोधी किस्म है
Karnataka Hybrid: इस किस्म की फसल रोपाई के 80 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल लंबे और अंडाकार होते हैं यह किस्म सूखा और निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है
Marglobe: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा जारी की गई है इसके फल बड़े, गोल, नर्म और रसदार होते हैं
HS 101: यह उत्तरी भारत में सर्दियों के समय लगाई जाने वाली किस्म है इसके पौधे छोटे होते हैं इस किस्म के टमाटर गोल और दरमियाने आकार के और रसीले होते हैं यह गुच्छों के रूप में लगते हैं यह पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक किस्म है
HS 102: यह किस्म जल्दी पक जाती है इस किस्म के टमाटर छोटे और दरमियाने आकार के गोल और रसीले होते हैं
Sonali: इस किस्म की औसतन पैदावार 300-320 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Hybrid 1: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 128 क्विंटल प्रति एकड़ होती है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें
पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें
बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें
फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें
फसल को मिट्टी से होने वाली बीमारियों और कीड़े मकौड़ों से बचाने के लिए बीजों को बिजाई से पहले थीरम 3 ग्राम या कार्बेनडाज़िम 1 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें इसके बाद टराइकोडरमा 5 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीज को छांव में रख दें और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधे तत्वों को कम सोखते हैं और इससे पौधे के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है इस तरह की स्थितियों में फोलियर स्प्रे पौधे के विकास में मदद करती है शाखाएं और टहनियां निकलने के समय 19:19:19 या 12:61:00 की 3-5 ग्राम प्रति लीटर स्प्रे करें पौधे के अच्छे विकास और पैदावार के लिए पनीरी लगाने के 40-50 दिन बाद 10 दिनों के फासले पर ब्रोसिनोलाइड 50 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर दो बार स्प्रे करें
अच्छी क्वालिटी और पैदावार प्राप्त करने के लिए फूल निकलने से पहले 12:61:00 मोनो अमोनियम फासफेट 10 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें जब फूल निकलने शुरू हो जाएं तो शुरूआती दिनों में बोरेन 25 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें यह फूल और टमाटर के झड़ने को रोकेगा कईं बार टमाटरों पर काले धब्बे देखे जा सकते हैं जो कैल्शियम की कमी से होते हैं इसको रोकने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 2 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें अधिक तापमान में फूल गिरते दिखें तो एन ए ए 50 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे फूल निकलने पर करें टमाटर के विकास के समय पोटाश और सलफेट (00:00:50+18S) की 3-5 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें यह टमाटर के विकास और बढ़िया रंग के लिए उपयोगी होती है टमाटर में दरार आने से इसकी क्वालिटी कम हो जाती है और मूल्य भी 20 प्रतिशत कम हो जाता है इसे रोकने के लिए चिलेटड बोरेन 200 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 200 लीटर पानी की स्प्रे फल पकने के समय करें पौधे के विकास, फूल और फल को बढ़िया बनाने के लिए बायोज़ाइम धनज़ाइम 3-4 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे महीने में दो बार करें मिट्टी में नमी बनाई रखें रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें

Posted by farsaram balach
Rajasthan
08-09-2019 07:42 PM
श्रीमान जी, इसमें मछर का हमला हुआ है, कृपया आप इसमें imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पनि के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Harjinder singh
Punjab
08-09-2019 07:38 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਗਰਦਨ ਮਰੋੜ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur @200 ml ਜਾਂ pulsor @ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Pushpak Das
Chattisgarh
08-09-2019 07:38 PM
श्रीमान जी, आप इसमें folicur @ 200 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by rakesh raghuwanshi
Madhya Pradesh
08-09-2019 07:34 PM
Posted by shani maurya
Uttar Pradesh
08-09-2019 07:32 PM
Bhai sahib rajwa hara chaara dio har 3kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by rakesh raghuwanshi
Madhya Pradesh
08-09-2019 07:31 PM

Posted by Jasvir Singh
Punjab
08-09-2019 07:25 PM
40 kg hara chara 3 4 kg feed 50 minralmix agrimin ford deo parak pay u ga
Posted by ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
08-09-2019 07:20 PM
sarkari seman nabha,HLDB hisar,nddb ,sag hor v ne gadvasu Ludhiana tci app ja k lay sakde ja Kisi disstibyoter NL saparik kr sakde

Posted by Jasvir Singh
Punjab
08-09-2019 07:14 PM
pet de keria Di medisan fantas 3,3,4 kg feed 50 minralmix agrimin ford deo 100gm saro oil te 250 GM tarmera deo

Posted by Sukh Deep
Punjab
08-09-2019 07:09 PM
Shrimaan ji, tuc basmati ute pathiyan di spray kar sakde ho, eh basmati di growth vadhon vich madad kardi hai, dhanwad
Posted by ritik
Uttar Pradesh
08-09-2019 07:07 PM
bht sohta operations hunda ik nad hundi oh cut ditti
Posted by राजेश कुमार
Uttar Pradesh
08-09-2019 06:56 PM
श्रीमान जी, कृपया आप परवल की फोटो भेजें ताकि आपको देख कर उसका उच्चित समाधान दिया जा सके, धन्यवाद

Posted by Malkit Bains
Punjab
08-09-2019 06:51 PM
ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਸੀਥ ਬਲਾਈਟ ਦਾ ਰੋਗ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ nativo @80 ਗ੍ਰਾਮ,custodia @300 ml ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰੋ

Posted by Parwinder Singh
Punjab
08-09-2019 06:45 PM
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਇਹ fungus ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ tilt @ 200 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by MANEESH KHAN
Rajasthan
08-09-2019 06:15 PM
Shrimaan ji, kripya ap iski ik photo bejein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhnaywad

Posted by farsaram balach
Rajasthan
08-09-2019 06:10 PM
फरसाराम जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके के इसमें क्या रोग है धन्यवाद

Posted by Nonelal Patel
Madhya Pradesh
08-09-2019 05:56 PM
Nonilal ji, yeh sundi ki roktham ke liy ap quinalphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Johal Saab
Punjab
08-09-2019 05:56 PM
ਬਰਾਨੀ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੇ ਜੂਨ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਜਾਂ ਜੁਲਾਈ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਕਰੋ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਹੋ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਦਿਓ, ਕਿਉਂਕਿ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਚ ਕਮੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਜਦਕਿ ਸਿੰਚਿਤ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅੰਤ ਤੋਂ ਮਈ-ਅੰਤ ਤੱਕ ਕਰੋ
ਫਾਸਲਾ ਫਸਲ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਰੱਖੋ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਦ.... (Read More)
ਬਰਾਨੀ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੇ ਜੂਨ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਜਾਂ ਜੁਲਾਈ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਕਰੋ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਹੋ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਦਿਓ, ਕਿਉਂਕਿ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਚ ਕਮੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਜਦਕਿ ਸਿੰਚਿਤ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅੰਤ ਤੋਂ ਮਈ-ਅੰਤ ਤੱਕ ਕਰੋ
ਫਾਸਲਾ ਫਸਲ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਰੱਖੋ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਦਰਮਿਆਨੀ ਫੈਲਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ(M 522) ਲਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 22.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਗੁੱਛੇਦਾਰ ਕਿਸਮਾਂ(SG 99, SG84) ਫਾਸਲਾ 30x15 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤਕਰੀਬਨ 15 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਿਕਸਿਤ ਅਤੇ ਤੰਦਰੁਸਤ ਫਲੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਗਿਰੀਆਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੱਢੋ ਸੀਡ ਡਰਿੱਲ ਨਾਲ 8-10 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ 38-40 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੋ
ਬਿਜਾਈ ਸੀਡ ਡਰਿੱਲ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by manpreet
Punjab
08-09-2019 05:53 PM
Manpreet singh ji is bare visthar vich jankari lai tuhanu Answer nal pdf file bheji gai hai, jis vich is scheme bare puri jankari diti gai hai, Thankyou.

Posted by मधुकर पवार
Madhya Pradesh
08-09-2019 05:51 PM
अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि.... (Read More)
अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते हो जीl
Posted by Tarun
Punjab
08-09-2019 05:40 PM
Tarun ji nahi lakkar de bure wich mushroom farming nai kiti ja sakdi ji.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
08-09-2019 05:34 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate suun ton 1 mahina pehla metabolite powder di rojana 1 pudi deo, ehna nal lewa ate dhudh vdia ho jawega.

Posted by Subhash Chandra
Delhi
08-09-2019 05:28 PM
श्रीमान जी, मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य.... (Read More)
श्रीमान जी, मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sanjeev Kumar
Punjab
08-09-2019 05:27 PM
sanjeev kumar -Accurate planting time is necessary for obtaining good yield. Best time of planting is when maximum and minimum temperature is from 30-32 °C and 18-20 °C respectively. For early season crop complete sowing from 25th September to 10th October. For medium duration crop, sowing should be done in first week of October to third week of October. While for late duration crop, complete sowing from third week of October to first week of November.
For spring season, second fortnight of January is best time planting.
Posted by Babbu Dhilwan
Punjab
08-09-2019 05:25 PM
BhaaG lewa te nasal naal hi hai tuci isdi dab k sambhaal karo rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo pehlan isda sarir te bharo isde had te na disan
Posted by satyapal singh chauhan
Uttar Pradesh
08-09-2019 05:22 PM
Satpal ji iske liye ap NPk 13.00.45 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਸੁਖਪਾਲ ਬਰਾੜ
Punjab
08-09-2019 05:22 PM
ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲੇ ਦੀ ਤਰੀਕ ਅਜੇ ਨਹੀ ਜਾਰੀ ਹੋਈ ਜੀ, ਤੁਸੀ 17 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਹੋ ਰਹੇ ਕਿਸਾਨ ਮੇਲੇ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image













